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ट्रैफिक नियमों को दिखाते ठेंगा

सड़कों पर अधिकतर वाहन यातायात नियमों को ठेंगा दिखा कर सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन इस पर शिकंजा कसने में नाकाम साबित हो रहा है।

ओवर लोडिंग बदस्तूर जारी

हालत यह है कि सरकारी व निजी बसों पर ओवर लोडिंग बददस्तूर जारी है। ओवर लोडिंग को लेकर इतने हादसे हो रहे हैं, लेकिन चालक व परिचालक इनसे सबक नहीं ले रहे हैं। निजी बसों में लगे प्रेशर हॉरन समस्या को और बढ़ा दे रहे हैं। ओवर लोडिड बसें इतनी तेज रफ्तार से दौड़ती हैं कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

नाबालिग चला रहे वाहन

सही नहीं दोपहिया वाहनों पर दो सवारियां बिठाना अधिकृत है, लेकिन यहां तीन-तीन सवारियां बिठा कर दोपहिया वाहन दौड़ रहे हैं और वह भी बिना हैल्मेट के।

ज्यादातर दोपहिया वाहन नाबालिग बच्चे चलाते हैं। उनके पास न तो हैल्मेट होता है और न ही ड्राइविंग लाइसेंस। कई बार छुटपुट दुर्घटनाएं भी हुई, लेकिन अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों की गलती देख उन्हें दबा देते हैं। यदि इस पर शिकंजा न कसा तो कोई भी बड़ी घटना घट सकती है।

गंगा में पानी बढ़ने से पतित पावनी हुई अपवित्र

फर्रुखाबाद: गंगा का जलस्तर 45 सेंटीमीटर और बढ़ गया। केंद्रीय जल आयोग के स्थानीय कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को जलस्तर 135.47 मीटर रिकार्ड किया गया। पानी बढ़ने से गंगा और शहर का गंदा नाला एक हो गया है।

गंगा में पानी कम होने के कारण पिछले कई महीनों से गंदा नाला पुरानी घटिया के घाटों के किनारे से बह रहा था। जलस्तर बढ़ने से पानी घाटों तक पहुंच गया है और नाले का पानी भी इसी में संयुक्त हो गया है।

पानी बढ़ने से गंगा पुत्रों के ठिकाने भी पानी में बह गए। कई लोग नावों से अपना सामान किनारे लाते दिखे। पश्चिमी बंधा पर पानी किनारे तक पहुंच गया है। बंधा के उस पार खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है।

उधर, जलस्तर बढ़ने के बावजूद कोई प्रशासनिक तैयारियां होती नहीं दिखतीं। पिछले काफी समय से यहां बंधा स्टीमर खराब पड़ा है। इसकी मरम्मत भी नहीं करायी गयी है। दो अन्य नावें भी बुरी हालत में यहीं किनारे पड़ी हैं।

देर तक बैठना मतलब स्वास्थ्य से खिलबाड़

ज्यादा तर लोग ऑफिस या अन्य दफ्तरों में टेबल-कुर्सी पर एक जगह एक ही पोजीसन में बैठे हुए काम करते हैं, भले ही आपको सुहाता है, लेकिन यह आपके स्वास्थ के लिए सही नहीं है। बेहतर हो कि आप काम के बीच-बीच में छोटे ‘ब्रेक’ लें। विश्वास कीजिए, ऐसा न करने पर आप बड़े खतरे को निमंत्रण दे रहे हैं। एक अध्ययन में यह दावा किया गया है। इसकी मानें, तो बहुत देर तक एक की मुद्रा में बैठने का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।

जो लोग दिन का ज्यादातर समय कुर्सी पर बैठे-बैठे काम में बिताते हैं, उनके दीर्घायु लोगों के मुकाबले कम उम्र में मरने की आशंका ज्यादा होती है। भले ही वे कितना भी व्यायाम करें।

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के शोध में कहा गया है कि जो महिलाएं एक दिन में छह घंटे से ज्यादा का समय बैठे-बैठे बिताती हैं, उनमें उन महिलाओं की अपेक्षा जल्दी मरने की आशंका 37 फीसदी ज्यादा होती है, जो तीन घंटे से भी कम समय एक ही स्थान पर बैठी रहती हैं। पुरूषों में यह आशंका लगभग 18 फीसदी होती है।

शोध के मुताबिक घंटों बैठ कर काम करने से पैदा होने वाले शारीरिक नुकसान की इस बात से क्षतिपूर्ति नहीं होती कि बाकी समय में कितना व्यायाम किया गया। मुख्य शोधकर्ता डॉ. अल्फा पटेल ने कहा कि जो लोग अपना ज्यादातर समय बैठ कर काम करने में बिताते हैं, उन्हें थोड़े-थोड़े अंतराल में पैदल चलने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश में 51921 ग्राम सभा के चुनाव की उलटी गिनती शुरू

दुनिया के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश की सबसे छोटी लोकतान्त्रिक पद्धिक प्रणाली ‘ग्राम सभा’ का उत्तर प्रदेश में इस साल सितम्बर में वर्तमान कार्यकाल समाप्त हो जायेगा| नियमानुसार नयी चुनी हुई ग्राम सभाएं सितम्बर में कार्यभार ग्रहण करेंगी| इसके लिए त्रिस्तरीय चुनाव प्रणाली के तहत लगभग 12 करोड़ ग्रामीण मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे|

दुनिया में भारत इस तरह का प्रयोग करने वाला पहला देश है|


त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत और जिला पंचायत का गठन होगा| इसमें निचले स्तर पर ग्राम पंचायत और उपरी स्तर पर जिला पंचायत का गठन महत्वपूर्ण होता है| ग्राम पंचायत के गठन में ग्राम सभा का प्रधान और ग्राम सभा के सदस्य जनता द्वारा चुने जायेंगे| देश की लोकतान्त्रिक प्रणाली में आम जनता द्वारा सीधे चुने गए ये प्रथम प्रतिनिधि होते है| पांच साल के कार्यकाल वाली ग्राम सभा में प्रधान और ग्राम सभा के अन्य सदस्य देश की सबसे बड़े लोक्तान्तिक सदन (लोकसभा और राज्य सभा) की तरह ही गाँव के विकास के लिए ग्राम सभा/पंचायत चलाते है| बृहत स्तर पर दुनिया में भारत इस तरह का प्रयोग करने वाला पहला देश है|

उत्तर प्रदेश में 22 जुलाई 2010 को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही वर्तमान में पंचायत संभाले वर्तमान ग्राम सभाओं के प्रधानो द्वारा दुबारा पंचायत पर कब्ज़ा ज़माने और पिछले पांच साल तक उन्हें पानी पी पी कर कोसने वाले विरोधी अपनी अपनी चुनावी तलवारों में धार पैनी करने में लग गए हैं| इस चुनाव में 51921 प्रधान/सरपंच, 2622 जिला पंचायत सदस्य के लिए उत्तर प्रदेश की ग्रामीण जनता वोट करेगी| कुल 72560 मतदान केन्द्रों पर लगभग 12 करोड़ मतदाता एक बार फिर अपना पहला प्रतिनिधि चुनेगे|

बीएसएनएल की बोलती बंद

फर्रुखाबाद: जब चाहे आपके बीएसएनएल युक्त सिम वाले मोबाइल फ़ोनों की बोलती बंद हो जाती है| बरसात होते ही बेसिक फ़ोन सेवा में घर्र घर्र शुरू हो जाता है, मानो सैकड़ो मेडक बरसात में अपनी प्रेमिका को आकर्षित कर रहे हो| ब्राडबेंड और इन्टरनेट का पता नहीं कब उसका हलक सूखने लगे और आप कम्पूटर के निचले दाये हाथ के कोने में जलती बुझती दो छोटी टीवी नुमा आइटम को घंटो ताकते रहें कि अब जली की तब जली| आपकी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं| ज्यादा से ज्यादा आप सही जगह पहुच भी गए अपना दर्द सुनाने तो एक ही बात मिलेगी- ऊपर से ख़राब है यहाँ सब ठीक है| अपना माथा पीटने के सिवाय कुछ नहीं कर सकते| शर्मा जी बोले दुनिया में फ़ोन और इन्टरनेट की चौथी पीड़ी की बात चल रही है और ये बीएसएनएल वाले हमें हातिमताई की कहानी सुना रहे है|

अर्थ कर रहा अनर्थ

अब अगर आपकी जान पहचान है तो उम्मीद करिए दो चार दिन में कोई आएगा| शिकायत करने पर लाइनमेन आता है और बड़े ही करीने से आपको समझाता है-
लाइनमेन- पहले आपसे पूछेगा क्या क्या ख़राब है| अब अगर आप ने कहा बेसिक फ़ोन काम नहीं कर रहा है तो लाइनमेन समझाएगा -आपका ब्राडबेंड चल रहा है फ़ोन तो अब कोई बेसिक से करता नहीं है| लाइनों में फाल्ट है अर्थ कर रही है चिंता मत करो जैसे ही पानी बंद होगा और जमीन सूख जाएगी फ़ोन अपने आप चालू हो जायेगा| लाइन अर्थ कर रही और लाइनमेन अनर्थ|
मान लो आपने कहा ब्राडबेंड या इन्टरनेट ख़राब है तो लाइनमेन समझाएगा- भाई लाइन तो आपकी चकाचक है देखो डायलटोन सही है, ब्राडबेंड वाले पता नहीं क्या करते रहते है अक्सर कहते है ऊपर से ख़राब है| सुननी हमें पड़ती है|

बोलती बंद रखने में फायदा दामाद का घाटा कम्पनी का

अब बीएसएनएल वाले तो ठहरे सरकारी दामाद- जिलें में जो बीएसएनएल के टावर लगें है ज्यादातर इन्ही दामादो के हैं| किसी की बीबी या उसके भाई के नाम जगह में लगा है तो किसी के अपने भाई या उसकी बीबी के नाम पर तो किसी ने सास ससुर के नाम पर लगा रखा है| अब टावर पर कब्ज़ा है तो बिजली जाने पर जरनेटर बंद रखने में जो डीजल बचेगा उसका हिस्सा किसकी जेब में जायेगा- इन्ही दामादो की जेब में- अब समझे उत्तर प्रदेश में अक्सर बीएसएनएल की बोलती क्यूँ बंद हो जाती है| और उत्तर प्रदेश में बिजली के क्या हालत है इस पर लिखने की अब जरूरत नहीं| ये मामला अब ख़बरों के दायरे से बाहर का हो गया है|

यूपी में दलित रसोइये की अनिवार्यता समाप्त

उत्तर प्रदेश में मिड डे मील बनाने के लिए नए सिरे से रसोइयों के चयन में आरक्षण व्यवस्था पर अपने कदम वापस खींच लिए हैं| प्रदेश सरकार ने पिछले आदेशो को संशोधित करते हुए शासनादेश जारी कर दिया है| अब रसोइयों के चयन में विधवा,निराश्रित और तलाकशुदा महिला को प्राथमिकता दी जाएगी| यूपी सरकार के शिक्षा सचिव जीतेन्द्र कुमार ने कार्मिक विभाग के शासनादेश संख्या 4/1/2001-कार्मिक-2- दिनांक 25-6-2002 द्वारा निर्धारित जातिगत आरंक्षण रोस्टर व्यवस्था को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है|
नए शिक्षा सत्र के शुरू होते ही पूरे राज्य के विभिन्न जनपदों से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चो द्वारा मिड डे मील के बहिष्कार की खबरे पिछले पखवाड़े से मीडिया की सुर्खियाँ बनने लगी थी| बच्चो ने दलित रसोइये के हाथो बना खाना खाने से इंकार करने के बाद कई जनपदों में शिक्षको/प्रधानो और ग्रामीणों पर जातिगत भेदभाव फैलाने के मुकदमे भी कायम हुए| मगर सरकार का जोर जबरदस्ती खाना खिलाने का ये फंदा कामयाब होते नहीं दिखा| सरकारी स्कूलों में बच्चो की उपस्थिति बढ़ने की जगह लगातार कम हो रही थी और बैठे बिठाये नया सिरदर्द शासन और प्रशासन के लिए बढ़ रहा था|
फिलहाल नए आदेश से अब कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, रसोइयों के चयन में जातीय आरक्षण व्यवस्था की वरीयता समाप्त करने पर चिंतको ने देर आये दुरुस्त आये की संज्ञा दी है|

ससुर ने विधवा को किया गायब

फर्रुखाबाद|23july: रहस्यमय ढंग से विधवा मिथिलेश के गायब होने के मामले में उसके ससुर पर ही अपहरण करने का आरोप लगाया गया है.

४५ वर्षीय मिथिलेश थाना कमलागंज के मोहल्ला आजाद नगर गंगा गली निवासी स्व० आशाराम तिवारी की पत्नी है. वह बीते एक दशक से किराए पर रहती थी. उनके बेटे श्रवण व् करुणाशंकर दिल्ली में प्राईवेट नौकरी करते हैं. २ जून को मिथिलेश रहस्यमय ढंग से गायब हो गयी.

बेटा श्रवण व् भाई मंगेश चन्द्र मिथिलेश को तलाश करते-करते हताश हो चुके हैं. काफी प्रयास करने के बाबजूद पुलिस ने मिथिलेश की गुम्सुदगी तक दर्ज नहीं की है. जब कि श्रवण का कहना है कि थाना जहानगंज के ग्राम भुडिया निवासी बाबा महेश ने माँ का अपहरण करवाया है. माँ की उन्ही से रंजिश चल रही थी.

गाय ने चेयर मैन की फजीहत की

फर्रुखाबाद|23july: नगर की क्षतिग्रस्त पुलिया के नाले में गाय गिर जाने पर नगर पालिका की पोल खुल गयी. गुस्साए लोगों ने नगर पालिका के चेयर मैन मनोज अग्रवाल के विरुद्ध नारेवाजी कर भड़ास निकली.

मोहल्ला पुल्खाम उत्तर हनुमान मंदिर के पास क्षतिग्रस्त पुलिया में बीती रात २ बजे गाय गिर पडी. सुबह ७ बजे सैकड़ों लोग एकत्र हो गए. चेयर मनोज अग्रवाल का फोन बंद होने तथा नगर पालिका के किसी भी कर्मचारी के न पहुँचने से लोगों का गुस्सा भड़क गया.

वहां पहुंचे इन्स्पेक्टर केके सिंह की सूचना पर नगर मजिस्ट्रेट हरिशंकर व् फायर बिग्रेड कर्मचारी क्रेन लेकर पहुंचे. सफाई निरीक्षक आशुतोष ने हाँथ खड़े कर दिए और कहा कि यह अपर अभियंता राम सक्सेना की जिम्मेदारी है.

नगर मैज्स्त्रेट राम सक्सेना को आवश्यक निर्देश देकर चले गए. क्रेन गाय के वजन को नहीं उठा सकी. तब राम सक्सेना ने जेसीवी मशीन मंगवाईं. आधा सैकड़ा लोगों ने रस्सा खींचकर गाय निकलवाने में मदद की.

१०:४५ बजे गाय निकल सकी. बीते दिनों ट्राला निकालने पर पुलिया क्षतिग्रस्त हो गयी थी. बीते दिनों इसी नाले में गिरकर रिक्सा चालक घायल हो गया था.

मनचलों को छेड़खानी पर करंट मारेगी जींस-टीशर्ट

लखनऊ: दिल्ली-मुंबई सहित देश के सभी महानगरों और शहरों के शरारती और मनचले लोगों को इस न्यूज से थोड़ा झटका लग सकता है।

वैज्ञानिक श्याम चौरसिया का दावा है कि उन्होंने ऐसी टी-शर्ट और जींस की पैंट बनाई है, जो शोहदों को छेड़खानी के दौरान ही छठी का दूध याद दिला देगी। उनका दावा है कि यह जींस और टीशर्ट पहनकर कोई भी महिला या लड़की सुरक्षित रह सकती है। इन दोनों कपड़ों को छूते ही मनचलों को 220 वॉल्ट का करंट लगेगा।

ऐसे में यदि कोई मनचला राह चलती युवती को छेड़ता है तो टी-शर्ट और जींस से निकलने वाला करंट उसे उसी समय धरती पर ला देगा। श्याम चौरसिया बनारस के रहने वाले हैं। उन्होंने एनबीटी को बताया कि टी-शर्ट एवं जींस में ऐसे सर्किट की व्यवस्था रखी गई है, जिससे युवतियों को किसी भी तरह प्रकार का करंट नहीं लगेगा, मगर छेड़ने वाला तुरंत झटका खाकर गिर पड़ेगा।

चौरसिया का कहना है कि इस तरह के कपड़ों का बड़े पैमाने पर प्रॉडक्शन करने से र्गल्स को सोशल सिक्युरिटी मिलेगी। इसकी लागत भी काफी कम हो जाएगी। इस यंग साइंटिस्ट ने कम दाम वाली टी-शर्ट बनाकर वर्ल्ड के टेक्सटाइल डिजाइनरों को तो मात दी ही है, और साथ ही उसने मनचलों को पतली गली में जाने का रास्ता दिखा दिया है। उसके सामने कई मल्टीनेशनल कंपनियों ने अपनी इलेक्ट्रिक डिजाइन बेचने का प्रस्ताव भी रखा है। किंतु वह चाहता है कि यह काम केंद्र सरकार खुद करे। ऐसा होने से बड़े शहरों से लेकर गांवों में छेड़खानी पर लगाम लगेगी।

डांटे जाने पर छात्रा ने जहर पिया

फर्रुखाबाद|23july: प्रेमी के साथ देख लिए जाने पर डांटे जाने पर छात्रा दीपा ने जहर पीकर जान देने की कोशिश की.

हालत बिगड़ने पर दीपा को बीती रात लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया. थाना कमालगंज के ग्राम कंकौली के बेन्चेलाल की पुत्री दीपा आरपी डिग्री कालेज में बीए की छात्रा है. उसको बीते दिन प्रेमी से बातचीत करते देखा गया था.

इसी बात पर डांटे जाने पर उसने घर में रखा कीटनाशक जहर पी लिया.