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तिरंगे का अपमानः सपा नेताओं ने केक बनाकर काट दिया राष्ट्रध्वज

कानपुर: समाजवादी पार्टी के वयोवृद्ध नेता और सपा सत्ता काल में मिनी मुख्यमंत्री के रुप में पहचान बनाने वाले चौधरी हरमोहन सिंह यादव के जन्म दिवस समारोह में आज राष्ट्रध्वज का अपमान किया गया।

जिस तिरंगे की हिफाजत के लिए हिस्दुतानी अपना सिर कटा देते हैं आज उसी तिरंगे को केक बनाकर सपाईयों द्वारा चौ.हरमोहन सिंह से कटवाया गया। उस समय वहां विधान सभा में सपा के नेता प्रतिपक्ष शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद थे।

खुद हरमोहन सिंह भी जीवन के 42 साल तक देश किसी ने किसी सदन के सदस्य रहे हैं और तिरंगे के सम्मान से भली भांति परिचित हैं। साथ ही श्री हमोहन यादव को 1984 में सिक्ख परिवरों की जान बचाने पर राष्ट्रपति द्वारा शौर्य चक्र से भी सम्मानित किया गया था।

जब पत्रकारों ने वरिष्ठ सपा नेता चौ. हरमोहन सिंह से केक के रुप में तिरंगा का अपमान करने की बात कहीं तो उन्होंने कहा कि मैंने तिरंगा का कोई अपमान नहीं किया है। तिरंगा हमारा राष्ट्रीय ध्वज है हम सब उसका सम्मान करते हैं।

जो लोग अपमान करने की बातें कर रहे वह बेकार की बात करते हैं। श्री यादव ने कहा कि उन्होंने केक का सिर्फ किनारे का हिस्सा काटा है जिससे तिरंगे का अपमान नहीं हुआ है। जबकि केक कटने के बाद मदमस्त सपाईयों में केक खाने की ऐसी होड़ मची की तिरंगा रुपी केक का पूरा स्वरूप ही बिगड़ गया।

सपाई केक के लिए आपस में छिना-छपटी करने लगे। जिससे उसका कुछ हिस्सा जमीन पर भी गिरा। वहीं इस सवाल पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि तिरंगे का हम सब सम्मान कते हैं। हम राष्ट्र ध्वज का अपमान नहीं कर सकते है। तिरंगे के रुप में केक बना कर उसका अपमान नहीं हुआ हैं। जानकारी के मुताबिक सपा नेता सचिन तांगड़ी द्वारा तिरंगे के रुप में केक को बनवा कर सभागार में लाया गया था।

डाक्टर ने कान की बजाय पेट का किया आपरेशन

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद के एक बच्चे का गलत आपरेशन करने वाले एक डॉक्टर के खिलाफ सोमवार को मामला दर्ज किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर.के सक्सेना ने जांच के आदेश दे दिए हैं और डाक्टर को फिलहाल काम करने से रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर डॉक्टर का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।

तीन दिन पूर्व प्लास्टिक सर्जन डाक्टर पी.एम. त्यागी ने एक बच्चे का कान के बजाय पेट का आपरेशन कर दिया। बच्चे के मां बाप कान से खून बहने के कारण उसे दिखाने लाए थे। डॉक्टर ने उसका पेट का आपरेशन कर दिया। परिवार वाले जब उसे दूसरे डॉक्टर के पास ले गए तब गलत आपरेशन का पता चला।

कोर्स पूरा हुआ नहीं, नवंबर में होंगी परीक्षाएं

बदायूं: माध्यमिक विद्यालयों की गृह परीक्षाएं नवंबर माह में शुरू होने जा रही हैं। इस परीक्षा में कुल कोर्स के ५० फीसदी हिस्से में से प्रश्न पूछे जाते हैं। उसी के अनुसार नंबर दिए जाते हैं। लेकिन विद्यालयों में अभी तक २५ फीसदी ही कोर्स पूरा हुआ है। इससे विद्यार्थी हलकान हैं। विद्यालय प्रशासन का तर्क है कि वह चुनाव में जुटे हैं।

विद्यालयों का शैक्षिक सत्र जुलाई माह से शुरू होता है। इस बार जुलाई और अगस्त माह का समय विद्यार्थियों के प्रवेश में ही चला गया। उसके बाद पढ़ाई कक्षाओं में शुरू हुई। धीरे-धीरे विद्यालय प्रशासन ने हर विषय के छात्रों की पढ़ाई का २० प्रतिशत हिस्सा ही पूरा हो पाया। विद्यालय प्रशासन का तर्क है कि चुनाव के कारण सभी स्टाफ की ड्यूटी एक माह से लगी हुई है। बच्चों को पढ़ाया नहीं जा रहा।

परीक्षाएं नवंबर माह में शुरू होने जा रही है। इस परीक्षा में किताबों के ५० फीसदी चेप्टर में से प्रश्न पूछे जाएंगे। जिनका जवाब विद्यार्थियों को देना है। बिना कोर्स पढ़ाए विद्यार्थी अब कहां से जवाब दें। ये उनके सामने समस्याएं मुंह बाएं खड़ी है। डीआईओएस एससी रस्तोगी कहते हैं होम एग्जामिनेशन तक कोर्स सभी विद्यार्थियों को पूरा हो जाएगा। उन्होंने कालेज प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं। जैसे-जैसे समय मिले वह कोर्स पूरा करें।

मोटा जेबखर्च मिले तो मधुशाला को रुख करते हैं किशोर

बच्चों को मोटा जेबखर्च देना अभिभावकों को महंगा पड़ रहा है। एक अध्ययन में पाया गया कि बड़े शहरों में 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों में 45 प्रतिशत किशोरों को जेबखर्च के चलते शराब की लत लगने लगी है। उद्योग मंडल एसोचैम द्वारा दिल्ली, मुंबई, गोवा, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, चंडीगढ़ और देहरादून जैसे प्रमुख शहरों में 2,000 से अधिक लड़के-लड़कियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि इन शहरों में 12वीं कक्षा के 45 प्रतिशत विद्यार्थियों ने महीने में कम से कम पांच से छह बार शराब का सेवन किया। सर्वेक्षण के नतीजों से संकेत मिलता है कि पिछले 10 वर्ष में किशोरों में मदिरा सेवन की आदत में करीब 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। माता-पिता से आसानी से पैसा मिलने के चलते स्कूली बच्चों में शराब पीने की आदत बढ़ रही है।

सर्वेक्षण में पाया गया कि शराब के आयातित ब्रांडों की आसान उपलब्धता और माता पिता द्वारा बच्चों पर कम ध्यान दिए जाने के अलावा बच्चों की जेब-खर्च में बढ़ोतरी से बच्चों में शराब के प्रति आकर्षण बढ़ा है। अध्ययन के मुताबिक, बच्चों में शराब पीने की आदत दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में सबसे अधिक बढ़ी जिसके बाद चंडीगढ़ और हैदराबाद का स्थान आता है। एसोचैम ने कहा कि हर साल विद्यार्थी 3,500 से 4,500 रुपये शराब पर खर्च करते हैं जो साफ्ट ड्रिंक, चाय, दूध, जूस, काफी, फिल्म या किताबों पर खर्च के मुकाबले काफी अधिक है। करीब 70 प्रतिशत किशोर विदाई समारोह, नववर्ष एवं क्रिसमस की पार्टी, वैलेंटाइन डे और बर्थडे जैसे अवसरों पर शराब का सेवन करते हैं।

राजेपुर व् नवाबगंज में २२ को मतदान की अधिसूचना जारी

फर्रुखाबाद: पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में ब्लाक राजेपुर व् नवाबगंज में २० अक्टूबर को होने वाला मतदान २२ अक्टूबर को होगा.

जिला मजिस्ट्रेट, जिला निर्वाचन अधिकारी के धन लक्ष्मी ने जारी संशोधित अधिसूचना में कहा कि तृतीय चरण का मतदान २० अक्टूबर के स्थान पर २२ अक्टूबर कराया जाएगा. निर्वाचन का शेष कार्यक्रम यथावत रहेगा.

क़साब की सुनवाई आज से शुरू

मौत की सज़ा को चुनौती देने वाली अजमल आमिर क़साब की याचिका पर सुनवाई सोमवार से बॉम्बे हाईकोर्ट में शुरु होगी. क़साब वर्ष 2008 में मुंबई पर हुए चरमपंथी हमलों का एक मात्र जीवित हमलावर है.

गत मई में एक विशेष अदालत ने विभिन्न आरोपों में दोषी पाए जाने के बाद क़साब को मौत की सज़ा सुनाई थी.

क़साब ने इस सज़ा को चुनौती दी है. हालांकि हाईकोर्ट ने क़साब की यह अर्ज़ी नामंज़ूर कर दी है कि इस सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से या फिर जेल प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौजूद न रहें.

सुरक्षा की चिंता जब हाईकोर्ट में सुनवाई शुरु होगी तो क़साब ख़ुद अदालत में मौजूद नहीं रहेंगे बल्कि वे वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए इस मुक़दमे में भाग लेंगे.

क़साब को अदालत में न लाने का फ़ैसला सुरक्षा की वजह से लिया गया है. माना जा रहा है कि यह सुनवाई तीन महीनों में पूरी हो जाएगी. इसके दौरान वरिष्ठ न्यायाधीशों की एक पीठ विशेष अदालत में क़साब के ख़िलाफ़ पेश किए गए सबूतों को फिर से परखेगा.

अभियोजन पक्ष के वकील उज्जवल निकम ने बीबीसी से ख़ास बातचीच में दावा किया है कि क़साब के ख़िलाफ़ सरकार के पास पुख्ता सबूत हैं और हाईकोर्ट में उनकी दावेदारी मज़बूत है. उन्होंने कहा, ”चश्मदीदों की गवाही, दस्तावेज़ी सबूत और वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर हमलोग अपना केस तैयार कर रहे हैं जो बहुत मज़बूत प्रमाण हैं.”

लेकिन हाईकोर्ट में हो रही सुनवाई क़साब का अंतिम क़ानूनी अधिकार नहीं है.

यदि हाईकोर्ट में भी अजमल क़साब की हार होती है तो उसे सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अधिकार होगा और इसके बाद राष्ट्रपति के सामने सज़ा माफ़ करने करने के लिए अपील भी की जा सकती है.

उल्लेखनीय है कि नवंबर, 2008 में क़साब सहित दस लोगों ने भारत की व्यावसायिक राजधानी में अंधाधुँध गोलियाँ बरसाई थीं और हथगोले फेंके थे.

इसमें कम से कम 170 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे.

देखते ही आँखों से आंसू निकल पड़े

फर्रुखाबाद:१८अक्टूबर2010 जब-भाई-भाई मिलेगें तो देखते ही आंखों से आंसू छलक पड़ेंगे…। यह सोमवार को लीलाओं में उस समय होगा, जब श्री राम-भरत मिलाप होगा और इसे देखते ही दर्शक भावुक होंगे। लीला में श्री राम लंका पर विजय पाकर अपने भाई लक्ष्मण, सीता और प्रमुख विश्वास पात्रों के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या लौटेंगे। बड़े भाई के वनवास से लौटने पर भरत की आंखें भी भर आऐंगी। इस तरह लीला भरत मिलाप और राम के राज तिलक के साथ सम्पन्न हो जाऐगी।
श्री राम लीला कमेटी की ओर से रामलीला मैदान में श्रीराम के अयोध्या लौटने पर राज तिलक के समय आकाश मार्ग से पुष्प वर्षा की जाएगी। जबकि लव-कुश रामलीला कमेटी की ओर से भगवान राम का विजय पाताका फहरा कर लीला का श्री गणेश किया जाएगा। नव श्री धार्मिक लीला कमेटी की लीला में भगवान राम,लक्ष्मण और सीता के साथ पुष्पक विमान में बैठकर वायु मार्ग से अयोध्या आगमन की हनुमान द्वारा भरत को नंदीग्राम में सूचना दी जाएगी। इसके बाद भरत की अगुआई में अयोध्यावासियों द्वारा स्वागत की तैयारी होगी। लीला में श्री राम और भरत का अभूतपूर्व मिलन होगा। भगवान राम राजसी वस्त्र धारण करेंगे। इस बीच गुरु वशिष्ठ भगवान राम का राज तिलक करेंगे और भगवान राम राज सिंहासन पर विराजमान होंगे।

आज तय करेंगे हड़ताल की रणनीति

फर्रुखाबाद: सदर नगरपालिका के सफाईकर्मी सफाई मजदूर संघ के बैनर तले १७ अक्तूबर को एक बैठक कर हड़ताल की रणनीति तय करेंगे। शाखा अध्यक्ष हरिओम बाल्मीक, दिलीप कुमार, नीरज कुमार, विमल कुमार, हरीशंकर, अजय कुमार, राजेन्द्र कुमार ने बताया कि हड़ताल को लेकर १७ अक्तूबर को एक बैठक पूर्वाहन ११ बजे पालिका पार्क में होगी। इसमें १८ अक्तूबर से प्रस्तावित हड़ताल को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। संघ के नेताओं ने कहा कि प्रदेश पदाधिकारी बगैर आमंत्रित इसमें हस्तक्षेप न करें।

नोट ही नहीं, जल्द देश में एटीएम से निकलेगा सोना

अभी तक एटीएम से सिर्फ नोट ही निकलते थे। पर अब भारतीयों को जल्द एटीएम से सोना खरीदने का भी मौका मिल सकता है। जर्मनी की कंपनी एक्स ओरियंट लक्स एजी की कई भारतीय इकाइयों के साथ ऐसी आटोमेटिड टेलर मशीन (एटीएम) लगाने के लिए बातचीत चल रही है। जर्मनी की यह कंपनी इस पीली धातु के लिए ऑनलाइन शापिंग भी मुहैया कराती है। ओरियंट लक्स गोल्ड वेंडिंग मशीन बनाने वाली कंपनी है। कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि भारत में गोल्ड एटीएम लगाने के लिए उसकी कई इकाइयों से बातचीत चल रही है।

एक्स ओरियंट लक्स एजी के निदेशक जोए डे्रइक्सलर ने बताया कि फिलहाल हमारी भारत सहित दुनिया की कई कंपनियों से बातचीत चल रही है। और आवेदनों के लिए दरवाजा अभी भी खुला है। हालांकि, अधिकारी ने यह नहीं बताया कि उनकी किन कंपनियों से बातचीत चल रही है। गोल्ड एटीएम को ‘गोल्ड टू गो’ के नाम से जाना जाता है। इसकी शुरुआत इसी साल अबू धाबी से हुई थी. इस एटीएम से एक समय में दस तरह के उत्पाद खरीदे जा सकते हैं। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, इन उत्पादों की कीमतों में प्रत्येक दस मिनट में संशोधन होता है।

इसके तहत उपभोक्ताओं को यह सुविधा भी होती है कि वे किसी उत्पाद को खरीदने से पहले उसे देख सकते हैं। फिलहाल इस तरह के एटीएम चार देशों संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, इटली और स्पेन में लगे हैं। इस तरह की ज्यादातर मशीनें जर्मनी में हैं। डे्रइक्सलर ने कहा कि फिलहाल इस तरह की हमारी नौ मशीनें काम कर रही हैं। अन्य स्थानों पर भी इन्हें जल्द शुरू किया जाएगा।

कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, गोल्ड टू गो वित्तीय संकट के दौर में एक अवसर के रूप में शुरू हुई थी। 2008-09 में वैश्विक वित्तीय संकट शुरू होने के बाद से सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ज्यादा से ज्यादा निवेशक इस सुरक्षित विकल्प में निवेश करना चाहते हैं। अधिकारी ने कहा कि इन एटीएम को लेकर अच्छा उत्साह देखने को मिला है। डे्रइक्सलर ने कहा कि एक्स ओरियंट लक्स के सीईओ थामस गेसलर ने दुनिया की पहली गोल्ड वेंडिंग मशीन बनाई है। इसके पीछे सोच यही है कि एक सामान्य उपभोक्ता को यह कीमती धातु सुरक्षित और उचित मूल्य पर खरीदने में किसी तरह की दिक्कत न आए।

यूपी में एमएलसी की 5 सीटों के लिए घमासान

लखनऊ: यूपी में एक बार फिर से सियासी पारा चढ़ने लगा है। एमएलसी की पांच सीटों को लेकर होने वाले चुनाव में गवर्नमेंट

एवं विपक्षी दलों के बीच रस्साकसी शुरु हो गई है। इस इलेक्शन के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 22 अक्टूबर है। जबकि नाम वापसी की तिथि 25 अक्टूबर तय की गई है। 10 नवंबर को होने वाले स्नातक/शिक्षक निर्वाचन चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।

पांच एमएलसी सीटों पर हो रहे इलेक्शन में तीन सीटें स्नातक और दो सीट शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की हैं। हालांकि यह चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं होंगे, पर पांच सीटों के लिए बीजेपी-कांग्रेस ने अपने कैंडिडेट्स की घोषणा कर दी है। जबकि बीएसपी और एसपी ने अभी तक इस ओर कोई पहल नहीं की है। इन सीटों के लिए 38 लाख टीचर-ग्रेजुएट वोटर अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे।

अगर इन पांचों सीटों पर बीएसपी के कैंडिडेट विजयी होते हैं तो यह सत्तारूढ़ दलों एक बड़ी कामयाबी मानी जाएगी। साथ ही अभिजात्य वर्ग का रुझान यूपी गवर्नमेंट की ओर झुका माना जाएगा। अभी तक यह तबका बीजेपी और कांग्रेस के पक्ष में माना जाता है। जिन पांच एमएलसी सीटों पर इलेक्शन हो रहे हैं उनका कार्यकाल 16 अक्टूबर शनिवार को समाप्त हो गया है। इनमें गोरखपुर/फैजाबाद, कानपुर एवं मुरादाबाद खंड स्नातक क्षेत्र एवं इलाहाबाद-झांसी व कानपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।