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आश्रम पर कब्जे का विरोध, साधुओं को मारने की धमकी

फर्रुखाबाद: बहुजन समाज पार्टी समर्थक दुकानदारों ने घटियाघाट स्थित आश्रम को खाली कराने के प्रयास में साधुओं के साथ बदसलूकी कर उन्हें मार डालने तक की धमकी दी है| जिससे साधू समाज में रोष व्याप्त हो गया है|

गंगा तट घटियाघाट पुलिस चौकी के निकट स्थित संकटमोचन हनुमान आश्रम के महंत काशीपुरी, चेला बाबा गोमती पुरी ने आज अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्र से भेंटकर जान-माल की सुरक्षा किये जाने की गुहार लगाई| पुलिस को अवगत कराया गया कि पूर्व महंत ने आश्रम के बाहर की दुकाने सुभाष कुशवाह को बेंच दी थी जो अब आश्रम की जमीन पर भी कब्जा करना चाहते हैं|

साधुओं ने आरोप लगाया कि बीते दिन सुभाष अपने बेटे अनिल व अरविन्द के साथ आश्रम में आये और उन लोगों को आश्रम खाली करने को कहा| विरोध किये जाने पर उन लोगों ने साधुओं के साथ बदसलूकी की, जाते समय धमकी दे गए कि एक सप्ताह में आश्रम खाली कर दो नहीं तो जान से मार देंगे|

अपर पुलिस अधीक्षक ने प्रभारी निरीक्षक को कार्रवाई करने का आदेश दिया है|

मौत का मुआबजा १० हजार: मेडिकल कालेज से गिरकर मरीज की मौत

फर्रुखाबाद: नगर के मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज की छत से गिरकर वृद्ध मरीज रामऔतार शर्मा की मौत हो गई| आँखों की रोशनी के लिए मेडिकल गया वृद्ध दुनिया से ही चला गया| रिपोर्ट दर्ज होने की नौबत आने पर पीड़ितों को १० हजार रुपये देकर उनका मुंह बंद कर दिया गया| कोई भी कांग्रेसी नेता पीड़ितों के आंसू पोंछने नहीं गया|

थाना मऊदरवाजा के मोहल्ला बजरिया निहालचंद निवासी ६० वर्षीय रामऔतार शर्मा ने ७ दिसंबर को मेडिकल कालेज में मोतियाबिंद का आपरेशन कराया| आज सुबह ८ बजे रामऔतार डाक्टर को दिखाने के लिए दो मंजिले भवन पर लाइन में लगे थे उनका पर्चा बेड पर रखा था| पुत्रवधू पर्चे को लेने गई उसी दौरान रामऔतार बाथरूम जाने लगा आँखों में पट्टी बंधी होने के कारण वह नीचे गिर पड़े और उन्होंने दम तोड़ दिया|

बेटा किशन मोहन आदि परिवार की महिलायें बुरी तरह रोने लगीं| लोगों ने घटना पर रोष व्यक्त करते हुए कालेज प्रशासन को दोषी ठहराया कि ऐसी जगह खासकर मोतियाबिंद के मरीजों की लाइन नहीं लगवानी चाहिए जहां कोई रेलिंग व दीवार नहीं थी| पीड़ित परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही तो उनको रुपये देकर खामोश कर दिया गया|

मृतक के दामाद ब्रम्हानंद शर्मा ने बताया कि मुआवजा बतौर मात्र १० हजार रुपये दिए गए कोई भी कांग्रेसी नेता आदि मदद के लिए नहीं पहुंचा| उन्होंने बताया कि लिफ्ट लगाने के लिए छोड़े गए स्थान से गिरकर ससुर की मौत हुई है शव को घर ले आये| रामऔतार का बेटा किशन मेलों में खिलौना बेंचकर तथा दूसरा बेटा राजू टैम्पो चलाकर गुजारा करता है|

केंद्र सरकार के मंत्री सलमान खुर्शीद ने जीवन रेखा एक्सप्रेस ट्रेन को यहाँ लाकर मरीजों का उपचार कराया है| आज आपरेशन का अंतिम दिन था| मरीजों के रजिस्ट्रेशन एवं पैरवी के नाम पर दर्जनों कांग्रेसी नेताओं के अलावा मेडिकल कालेज के डाक्टर जितेन्द्र यादव ने वाहवाही लूटी| व्यवस्था देखने वाले अनिल मिश्रा एडवोकेट सलमान खुर्शीद के प्रतिनिधि ने बताया कि उन्हें इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है| उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि डॉ जितेन्द्र यादव ने भी उनको जानकारी नहीं दी है|

दवा के पंगे में आसाराम बापू फिर क़ानून के शिकंजे में

गोधरा|| विवाद आसाराम बापू का पीछा ही नहीं छोड़ रहे हैं। पहले आश्रम में बच्चों की मौत, फिर जमीन का विवाद और अब दवा का पंगा।

दरअसल आसाराम बापू फिर से कानून के शिकंजे में फंस गए हैं। इस बार गोधरा में बने उनके आश्रम में बिना अनुमति बनाई जा रही दवा को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले की सुनवाई 13 जनवरी को होगी।आसाराम बापू क आश्रम में आंखों में डालने वाली दवा बनाई जाती है। जिसके लिए उन्होंने अनुमती नहीं ली थी। इस मामले दो साल पहले ही कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका था। इस मामले में आसाराम बापू समेत उनकी पत्नी और 14 चेलों के फंसे होने की बात बताई जा रही है।

मामला कोर्ट में दर्ज कराने वाले भी बापू के ही भक्त पंकज यादव हैं। इनका कहना है कि यह दवा आंखों में डालते ही जलन होने लगती थी। भक्त की शिकायत पर फूड एंड ड्रग्स डिपार्टमेंट ने आश्रम पर छापा मारा और 36 नमूने जब्त कर लिए। जांच में पता चला कि इस दवा को बनाने का आसाराम बापू के पास लाइसेंस ही नहीं है। इसी आधार पर यह याचिका दाखिल की गई थी।

15 लाख के लिए बहू को फांसी पर लटकाया

कानपुर|| कलक्टरगंज थाना क्षेत्र में एक सर्राफ व्यापारी की पत्नी कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटकी मिली। युवती के मायके वालों का कहना है कि बेटी को मारने के बाद फांसी पर लटकाया गया है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। कलक्टरगंज थाना एसओ दिनेश त्रिपाठी का कहना है कि युवती के मायके वालों ने ससुरालीजनों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की जांच की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक कलक्टरगंज बिरहाना रोड में जाखोदिया धर्मशाला के पास उमेश चंद्र का निवास है। वह एक सर्राफ व्यापारी हैं। उमेश का तीन वर्ष पहले सीतापुर जिला के मिश्रिक निवासी विदुशी (24) के साथ विवाह हुया था। इनके ढाई वर्ष का बेटा कृष्णा भी है। उमेश के साथ परिवार में उनकी मां राजकुमारी, भाई दिनेश व तीन बहने भी रहती हैं। मृतका के भाई सागर का आरोप है कि शादी के बाद से ही बहनोई उमेश अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न कर पाने पर ससुराल वाले विदुशी को प्रताड़ित कर रहे थे। सागर ने बताया कि अभी कुछ दिनों पहले ही उमेश ने बहन पर मायके से 15 लाख रुपए लाने का दबाव बनाया था।

जब बहन ने मांगने से मना कर दिया तो सभी ने मिल कर उसकी जम कर पिटाई की। बुधवार को भी इसी बात को लेकर विदुषी के साथ मार-पीट हुयी थी। इस बात की जानकारी विदुषी ने फिरोजाबाद में ब्याही बड़ी बहन को फोन पर दी थी। इसके बाद शाम को सूचना दी गयी की विदुशी ने फांसी लगा कर आत्म हत्या कर ली। आज सुबह मृतका विदुशी के मायके वाले भाई सागर के साथ न्याय की गुहार लगाने जिलाधिकारी के दरबार में पहुंचे। जिलाधिकारी ने सारी बात जानने के बाद डीआईजी मुथा अशोक जैन से मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना स्थल से सभी सबूतों को एकत्र करवा आरोपियों के खिलाफ जांच कराने को कहा है।

दुल्हन का घर छोड़ क्रिकेट देखने पहुंच गए दूल्हे राजा

जयपुर|| क्रिकेट की खुमारी ग्राउंड के पास से गुजर रहे बारातियों पर इस कदर हावी हुई कि वे दुल्हन के घर जाना भूलकर क्रिकेट ग्राउंड में पहुंच गए।

ग्राउंड के पास से गुजर रही बारात को इंडियन टीम के जीतने की खबर मिलते ही दूल्हा घोड़ी से उतरकर बारातियों के साथ नाचना शुरू कर देता है। ये नजारा था वर्ल्ड कप प्रमोशन एड का, जो कि गुरुवार को जंतर-मंतर और हवामहल पर फिल्माया गया। क्रिकेट के साथ शाही लवाजमे और मॉन्यूमेंट को फिल्माने की वजह वर्ल्ड कप के दौरान जयपुर की ब्रांडिंग करना है। आईसीसी और बड़ौदा की रॉयल लोकेशन के बैनर तले फिल्माए गए शॉट वर्ल्ड कप के प्रमोशन एड पर आने वाले महीनों में स्क्रीन पर दिखाए जाएंगे।

हम लाएंगे वर्ल्डकप: जलेब चौक पर फिल्माए गए शॉट के दौरान आईसीसी के तुषार और उनकी टीम प्रशंसकों के कमेंट्स भी जुटा रहे थे। उनका सबसे एक ही सवाल था कि धोनी की टीम वर्ल्ड कप लाएगी या ऑस्ट्रेलिया बाजी मारेगा? तब सभी प्रशंसक एक आवाज में इंडिया और धोनी ब्रिगेड चिल्लाकर इरादों को शॉट में जाहिर कर देते हैं।

सब पर हावी रहा तिरंगा: जंतर-मंतर में फिल्माए गए शॉट के दौरान सभी टीमों के झंडों को प्रशंसकों के हाथों में लहराते दिखाया गया। जब वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के प्लेयर रस्सी पर दौड़ते गिरे, तो इंडियन टीम के प्रशंसकों ने तुरंत इंडियन फ्लैग हवा में लहराकर ‘इंडिया लाएगा वर्ल्ड कप’ चिल्लाना शुरू कर दिया।

धोनी ब्रिगेड प्रबल दावेदार: आमेर, हवामहल, जलेब चौक और विश्व धरोहर जंतर-मंतर पर फिल्माए शॉट में जो एक समानता दिखी, वह थी वल्र्ड कप में शामिल विभिन्न टीमों के कप्तानों का मास्क पहने कलाकारों का रस्सी पर दौड़ लगाना। इस दौड़ में टीम इंडिया के कप्तान धोनी गिरकर तेजी से उठकर दूसरे खिलाड़ियों से आगे निकल जाते हैं। धोनी के इस करतब को देख राहगीर और क्रिकेट प्रशंसक तालियों के साथ चिल्लाकर उनका अभिवादन करते हैं। यही शोर सुनकर ग्राउंड के बाहर से गुजर रही बारात भी स्टेडियम पहुंच जाती है।

सर्वे: भारत भ्रष्टतम देशों में शुमार

वाशिंगटन|| दुनिया में भ्रष्टाचार के हालात बदतर होते जा रहे हैं और भारत इसमें शीर्ष देशों में शुमार किया गया है।

यह नतीजा ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की एक सर्वे रिपोर्ट में सामने आया है, जो संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के अवसर पर जारी की गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाने वाली इस इंटरनेशनल संस्था ने 86 देशों में नब्बे हजार लोगों के बीच किए सर्वेक्षण में पाया कि 60 फीसदी लोग मानते हैं कि रिश्वतखोरी अब आम होती जा रही है। इसमें अफगानिस्तान, नाइजीरिया, इराक और भारत सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों की श्रेणी में शुमार किए गए हैं। इन देशों में आधे से ज्यादा लोगों का मानना है कि उन्हें अपने काम कराने के लिए रिश्वत देनी प़डी है। चीन, रूस और मध्यपूर्व में एक तिहाई लोगों ने कहा कि उन्हें अपना काम करवाने के लिए घूस देने के मजबूर होना प़डा।

सर्वे के मुताबिक एके चौथाई लोगों ने कहा कि उन्होंने पिछले 12 महीनों के दौरान घूस दी है, इसमें घूस लेने वालों में सबसे ज्यादा संख्या पुलिसवालों की है। पर्वेक्षण में शामिल अधिकतर लोगों का कहना था कि यह समस्या पिछले तीन सालों में ज्यादा बढ़ी है। संस्था के वरिष्ठ अधिकारी रॉबिन होंडेस का कहना है कि घूसखोरी के मामलों में पुलिसकर्मी सबसे ज्यादा लिप्त हैं। ये संख्या पिछले कुछ सालों में बढ़ी है और 2006 की तुलना में तो दोगुनी हो गई है। दुनिया में पुलिस के संपर्क में आनेवाले एक तिहाई लोगों को रिश्वत देनी प़डी।

सर्वेक्षण में एक खास तथ्य यह सामने आया है कि धनी और उत्तरी अमरीकी देशों में छोटे-मोटे मामलों में रिश्वत देने के मामले इने-गिने ही सामने आए हैं। इस सबके बावजूद इन देशों के आम नागरिकों में भ्रष्टाचार को लेकर चिंता बढ़ी है।

संस्था का कहना है कि संभवत: आर्थिक मंदी ने सरकारों, बैंकों और आर्थिक संस्थाओं के प्रति लोगों के विश्वास को डिगा दिया है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र की ओर से घोषित अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के मौके पर जारी हुई है।

भारत में भ्रष्टाचार: पिछले छह महीनों में आदर्श हाउसिंग घोटाला (सैनिकों और उनकी विधवाओं के लिए मकानों पर सेना के उच्च पदाधिकारियों और नेताओं का कब्जा), कॉमनवेल्थ खेलों में धांधली (70 हजार करोड़ रुपए), 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में घोटाला (1.76 लाख करोड़ रुपए) प्रमुख हैं।

प्रतापगढ़ में पकड़ा गया सेक्स रैकेट

प्रतापगढ़|| आमतौर पर माना जाता है कि देह व्यापार जैसे बिजनेस बड़े शहरों की देन है। लेकिन ‘चकला’ जैसे विषैले धुएं ने अब छोटे शहरों की आवो-हवा को बिगाड़ना शुरू कर दिया है। आपको जानकर हैरत होगी कि यूपी के छोटे शहर प्रतापगढ़ में इन दिनों ये व्यापार खुले आम पनप रहा है। क्योंकि इस धंधे को संचालित करने वाली शहर और राज्य की कुछ बड़ी मछलियां है।

लोगों की शिकायत पर पुलिस ने शहर के व्यस्त इलाके पल्टन बाजार के एक प्रचलित ब्यूटी पार्लर पर छापा मारा तो पता चला कि वहां ब्यूटी पार्लर की आड़ में एक सेक्स रैकेट चलाया जा रहा है।

पुलिस ने मौके से करीब 20 महिलाओं और 11 पुरूषों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गये लोगों से पता चला कि ये कारोबार शहर से लेकर गांव तक फैला है। सारी डील फोन पर होती है । फोन पर सौदा तय होने के बाद ग्राहक को जिले में कहीं भी सुरक्षित स्थान मुहैया करा दिया जाता है।

इस गोरखधंधे में शहर की करीब दर्जन भर जानी-मानी हस्तियां शामिल है, इस ब्यूटी पार्लर को एक महिला संचालन करती हैं। उसके पास मध्यम आय वर्ग के लोग आते हैं और दो सौ रुपये से एक हजार रुपये में सौदा तय करते हैं।

सूत्रों के अनुसार तय रकम में धंधा करने वाली युवती व संचालिका बराबर का हिस्सा लेती हैं। बताते हैं कि इस कारोबार में लिप्त युवतियों की संख्या सौ के पार है। पुलिस के मुताबिक इस में एक राजनैतिक पार्टी के नेता के बेटे का हाथ है लेकिन अभी वो उस के नाम का खुलासा नहीं कर रही है। पुलिस को शक है जैसा ब्यूटी पार्लर पल्टन बाजार में चल रहा था वैसे शहर में कई और भी हो सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में 5 हजार डॉक्टरों की कमी: स्वास्थ्य मंत्री

फर्रुखाबाद: भारत के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्रा के मुताबिक प्रदेश में पांच हजार डॉक्टरों की कमी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों व छोटे नगरों में डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो पा रही है। मंत्री का दावा है कि इसके बावजूद सरकारी क्षेत्र की चिकित्सा सेवाओं में विस्तार हुआ है और प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में करीब 50 हजार ऑपरेशन हुए।

गुरूवार 9 दिसम्बर 2010 को अनंत मिश्र अपने चुनावी क्षेत्र फर्रुखाबाद जनपद के एक कस्बे कायमगंज में अपनी पार्टी बसपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी के लिए समर्थन जुटाने के लिए पहुचे थे| पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकारा कि डॉक्टरों की कमी से ग्रामीण क्षेत्रों को पर्याप्त सेवाएं नहीं मिल पा रहीं। प्रदेश में 13 हजार डॉक्टरों की जगह 8 हजार ही है, 5 हजार की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए लोक सेवा आयोग को लिखा भी गया है। यथोचित मानदेय देने के बावजूद संविदा पर भी डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। नक्सल प्रभावित जिलों में 2 हजार रुपये दैनिक मानदेय पर भी चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ग्रामस्तर पर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। बाढ़ के दिनों में भी स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में संतोषजनक चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 71 जिलों में डेगू परीक्षण व उपचार की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय कार्यकर्ताओं की मांग पर उन्होंने कायमगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए एक अतिरिक्त एम्बुलेंस देने की घोषणा की। साथ ही आश्वासन दिया कि उपलब्ध होने पर कायमगंज में वरीयता के आधार पर चिकित्सकों की नियुक्ति की जायेगी। इस दौरान विधायक कुलदीप गंगवार, ताहिर सिद्दीकी, एमएलसी डॉ. अशोक सिद्धार्थ, मनोज अग्रवाल, प्रतिनिधि जितेन्द्र्र ओझा, डॉ. शरद गंगवार, डॉ. प्रवीन रस्तोगी, जिला पंचायत सदस्य अभय प्र्रदीप गंगवार, अनुपम अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

रायफल क्लब पर ताला, निशानेवाज भटक रहे

फर्रुखाबाद: निशानेवाज खिलाड़ियों ने रायफल क्लब पुनः चालू कराने की मांग जिलाधिकारी मिनिस्ती एस से की|

फर्रुखाबाद के गोल्ड पदक विजेता निशानेवाज खिलाड़ी अभ्यास के लिए उचित व्यवस्था न होने के कारण दर-दर भटक रहे हैं| मालूम हो कि फर्रुखाबाद मुख्यालय पर निशानेवाजी के अभ्यास के लिए रायफल क्लब है लेकिन कई वर्षों से चालू न होने के कारण उसकी दशा किसी दीन-हीन से कम नहीं है| क्लब की दुर्दशा के कारण हमारे सूबे के शूटर वाराणसी, आगरा, बागपत आदि दूसरे जिलों में जाकर अभ्यास करने को मजबूर हैं|

निशानेवाजों को दूसरे जिलों में असुबिधा के साथ रहने व खाने- पीने की उचित व्यवस्था भी नहीं हो पाती| इसके अलावा शूटिंग के लिए कारतूसों की वयवस्था अपने जेब से ही करते हैं| कहने को तो क्लब बंद है लेकिन रिश्वतखोरी यहाँ भी पीछे नहीं है हर साल क्लब के लिए अभ्यास शुल्क रसीद भी काटी जाती है|

हमारे होनहार खिलाड़ी की सूची जो अपने सूबे में क्लब के चालू न होने के बाबजूद ढेरों मेडल जीत कर अपने जिले का नाम रोशन किया है|

आनंद विक्रम सिंह ( नॅशनल लेविल शूटर)- जिन्होंने गोल्ड, रजद व कांस्य पदक जीते|
विमलेश कुमार ( स्टेट लेविल शूटर)
सतेन्द्र कुमार सत्यार्थी ( स्टेट लेविल शूटर)
कुमारी हिमानी राघव ( नॅशनल लेविल शूटर) २ गोल्ड मेडल जीते|
पूनम यादव ( नॅशनल लेविल शूटर) नॅशनल लेविल पर पहुंचे|

अगर अपने सूबे में मौजूद रायफल क्लब खुल जाए तो इन शूटरों के सपनो को भी पंख लग सकते हैं| आनद विक्रम, पूनम यादव ने बताया कि यदि हम लोगों को अभ्यास के लिए अन्य जिलों में न जाकर अपने ही जिले में अभ्यास करने को मिले तो हम भी अंजली भागवत व अभिनव बिंद्रा बनकर दिखा देंगें|

निशानेवाज खिलाड़ियों की बातों को सुनकर जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट को शीघ्र जांच कराने का आदेश दिया और खिलाड़ियों को शीघ्र ही रायफल क्लब चालू कराने का आश्वाशन दिया|

प्रेक्षक करायेंगें जिला पंचायत अध्यक्ष की मतगणना

फर्रुखाबाद: जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की मतगणना निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त प्रेक्षकों की मौजूदगी में ही करायी जायेगी। जनप्रतिनिधियों और विशेष सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों को मतगणना कक्ष में जाने की अनुमति नहीं होगी। जिला पंचायत सदस्यों को इस अवसर पर मौजूद रहने से रोका नहीं जायेगा, पूरी मतगणना की वीडियोग्राफी करायी जायेगी।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की मतगणना के संबंध में जारी दिशा निर्देशों के अनुसार मतगणना, आयोग की ओर से नियुक्त प्रेक्षकों की मौजूदगी में ही की जायेगी। जनपद के लिए अभी किसी प्रेक्षक की नियुक्ति की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

मतगणना स्थल पर किसी जनप्रतिनिधि को प्रवेश नहीं देने के भी निर्देश दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त किसी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को भी मतगणना स्थल तक जाने की अनुमति नहीं रहेगी परंतु किसी जिला पंचायत सदस्य को मतगणना के दौरान मौजूद रहने से रोका नहीं जायेगा।