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मुन्ना बजरंगी की खातिर भारी पड़ी

बुलंदशहर: भाजपा विधायक कृष्णानंद राय के हत्यारोपी मुन्ना बजरंगी के सोमवार रात नगर के एक होटल पर कुछ राजनीतिज्ञों से मुलाकात करने से जनपद में हड़कंप मचा है। बुलंदशहर, नोएडा और अलीगढ़ के कई माननीय अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उधर, एसएसपी की रिपोर्ट पर आईजी ने बजरंगी के साथ चल रही गारद पुलिस को निलंबित करने की सिफारिश की है।

शातिर मुन्ना बजरंगी की नगर के एक होटल में हुई खातिरदारी की खबर के बाद पुलिस प्रशासन चौकन्ना हो गया है तो कई जनप्रतिनिधि चिंतित हो उठे हैं। मुन्ना बजरंगी पर एक अभियोग दिल्ली की अदालत में विचाराधीन है। उसे फर्रूखाबाद की सेंट्रल जेल से दिल्ली पेशी पर ले जाया गया था। सोमवार वापस लौटते वक्त पुलिस गारद के साथ मुन्ना बजरंगी ने नगर के बाईपास स्थित एक होटल पर शराब पी और लजीज भोजन किया। वह करीब दो घंटे तक होटल पर रुका और स्थानीय पुलिस-प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी।

तीन नेताओं ने की मुलाकात

बजरंगी से होटल पर बुलंदशहर के दो और नोएडा के एक नेता ने उससे मुलाकात की। मुन्ना बजरंगी के साथ करीब डेढ़ दर्जन लोग प्राइवेट हथियार लिए हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मुन्ना बजरंगी ने तीनों राजनेताओं को अलग-अलग समय पर बुलाया और उनसे एकांत में बातचीत की। मुन्ना बजरंगी द्वारा कई लोगों से फोन पर बातचीत की गई और कई को धमकाने की भी बात कही जा रही है। अब उसके चले जाने के बाद कई निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। राजनीतिज्ञों से मुलाकात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। इससे कई माननीयों के होश उड़ गए हैं। साथ ही नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़ और बुलंदशहर की कानून व्यवस्था की चुनौती से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस बीच मुन्ना बजरंगी को लेकर जा रहे पुलिस वाहन यूपी 76 जी 9003 को रास्ते में रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस की पकड़ से पहले ही वह जनपद की सीमा से बाहर हो गया। एसएसपी ने देर रात इसकी पूरी जानकारी आईजी मेरठ मंडल को भेज दी, जिसे उन्होंने लखनऊ भेज दिया है। इसमें आईजी ने मुन्ना बजरंगी के साथ आई पुलिस गारद को सस्पेंड करने संस्तुति की है। मुन्ना बजरंगी से मिलने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

पहले भी दो बार हुई खातिर

होटल स्वामी द्वारा जान बूझकर मुन्ना बजरंगी के ठहरने और खाना खाने की सूचना अधिकारियों को नहीं दी गई। इतना ही नहीं, शराब का इंतजाम भी होटल स्वामी ने ही कराया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुन्ना यहां पहले भी दो बार रुक चुका है। कई चिंतित राजनेताओं ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एसपी सिटी जेके शाही ने कहा कि जांच चल रही है। अभी तक कोई संगीन मामला सामने नहीं आया है।
साभार-जागरण

जिला पंचायत के बाद BDC में सियासी जोर आजमाईश

लखनऊ: जिला पंचायत के बाद अब सूबे के 813 क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष पदों की खातिर सियासी जोर आजमाईश होगी। अधिकांश स्थानों पर बसपा व सपा में ही भिड़ंत होगी, जबकि कांग्रेस ने मुकाबले से बाहर रहने का फैसला लिया है। दूसरी ओर भाजपा व रालोद केवल मजबूत सीटों पर ही उम्मीदवार उतारेगी और शेष स्थानों में बसपा को हारने की लामबंदी करेंगी।

एटा जिले को छोड़ शेष 71 जिलों में 813 ब्लाक प्रमुखों का चुनाव 22 दिसम्बर को होना है। ग्रामीण राजनीति में अहमियत रखने वाले इन चुनावों में भी जिला पंचायत की तरह ही सत्ता, धन बल व बाहुबल का खुला दुरुपयोग होता रहा है।

राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार मंगलवार को जिला मुख्यालयों पर नामांकन पत्रों की बिक्री शुरू होगी। 20 दिसम्बर को सभी ब्लाक मुख्यालयों पर पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक नामांकन पत्र जमा किये जा सकेंगे और इसी दिन तीन बजे के बाद जांच होगी। 21 दिसम्बर को नाम वापसी के बाद मतदान 22 दिसम्बर को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक होगा। तत्काल बाद मतगणना प्रारम्भ कर परिणाम घोषित कर दिए जायेंगे।

सूबे की 55 जिला पंचायतों पर परचम फहराने के बाद बसपा की निगाहें ब्लाक प्रमुख पदों पर भी लगी है। इस बार ज्येष्ठ व कनिष्ठ प्रमुखों के चुनाव नहीं होंगे। इसलिए पूरी ताकत प्रमुख पदों पर ही लगी हैं। बसपा की कमान क्षेत्र प्रभारी, मंडल कोर्डिनेटर और जिलाध्यक्ष संभाले रहे हैं। दावा है कि आधे से ब्लाक प्रमुख इस बार बसपा के होंगे।

दूसरी ओर बसपा पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए सपा प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी का कहना है कि सबसे अधिक क्षेत्र पंचायत सदस्य समाजवादी पार्टी के हैं, परन्तु सरकारी मशीनरी बसपा को ताकत देने में लगी है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सूर्यप्रताप शाही का कहना है कि बसपा की दबंगई का डटकर मुकाबला होगा, जिन स्थानों पर पार्टी की मजबूत स्थिति रहेगी, वहां उम्मीदवार उतारेंगे तथा शेष जगह बसपा को हराने का काम करेंगे। रालोद विधायक हरपाल सैनी का दावा है कि पउप्र में बसपा की मनमानी रालोद ही लगाम लगायेगा।

कांग्रेस ने क्षेत्र पंचायत प्रमुख का चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। पार्टी ने राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन देकर चुनाव की तारीख कम से कम एक सप्ताह आगे बढ़ाने की मांग की है। तारीख बढ़ाने के पीछे कांग्रेस का तर्क है कि 19 एवं 20 दिसम्बर को कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली में होने जा रहा है और 20 दिसम्बर को आयोग ने क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों के चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने तथा 22 दिसम्बर को मतदान की तारीख तय की है। हालांकि आयोग ने कांग्रेस की इस मांग को खारिज कर दिया है। आयोग का कहना है कि चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है इसलिए इसमें फेर-बदल किया जाना संभव नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने पत्रकारों को बताया कि जिला पंचायत अध्यक्षों की भांति क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष के पदों पर भी कब्जा करने के लिए बसपा सरकार के दबाव में यह चुनाव जल्दबाजी में कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी दो दिन पहले जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव हुए हैं। धनबल, बाहुबल और सत्ताबल के दम पर बसपा ने जिला पंचायतों पर कब्जा कर लिया है। अब क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के चुनाव को हाईजैक करना चाहती है। विरोध स्वरूप कांग्रेस ने न तो जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव लड़ा था और न ही क्षेत्र पंचायत का चुनाव लड़ेगी, किन्तु कांग्रेस समर्थित जो उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे उनका समर्थन जरूर करेंगे।

यूपी का विधायक बना डॉन का गुर्गा

अंडरवर्ल्ड डॉन बंटी पांडे के लिए जो लोग काम करते थे, उनमें यूपी के एक विधायक का भी नाम सामने आया है।

क्राइम ब्रांच सूत्रों का दावा है कि इस विधायक का नाम पिछले साल छोटा शकील के साथी आरिफ मिर्जा बेग से हुई पूछताछ में भी उजागर हुआ था। बंटी पांडे को भारत से जब अपने लोगों को विदेश बुलवाना होता था, तो वह इस विधायक से वियतनाम से फोन करके संपर्क करता था। यह विधायक फिर बंटी पांडे को अपने किसी कर्मचारी का नंबर देता था। बंटी यह नंबर फिर विदेश में उससे मिलने के इच्छुक अपने आदमी को देता था। यह आदमी फिर यूपी के विधायक के कर्मचारी को फोन करता था और फिर उसकी मदद से नेपाल बॉर्डर क्रास हो जाता था। कोई दिक्कत न हो, इसके लिए यूपी का विधायक अपनी राजनीतिक पहुंच का भी इस्तेमाल करता था।

क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने एनबीटी को बताया कि नेपाल में यूपी के रास्ते गए बंटी पांडे के लोगों को बंटी के एक खास आदमी जॉन के पास भेजा जाता था। यदि बंटी नेपाल में हुआ, तो जॉन यूपी सहित भारत के अन्य शहरों से आए लोगों को बंटी से नेपाल में मिलवाता था। यदि बंटी वियतनाम में हुआ, तो जॉन इन लोगों को नेपाल से वियतनाम भिजवाने की व्यवस्था करता था।

बंटी भारत से मजदूरों को वियतनाम बुलवाने का काम अर्से से करता रहा है, जिस पर उसे बतौर कमीशन पांच सौ डॉलर मिलते थे। पिछले महीने मुंबई के रास्ते जो मजदूर वियतनाम भेजे गए थे, वे सब डिपोर्ट होकर वापस मुंबई आ गए, पर जो मजदूर नेपाल के रास्ते वियतनाम व अन्य देशों में गए, वे क्या अभी भी विदेश में हैं, इसके बारे में पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है।

क्राइम ब्रांच सूत्रों का कहना है कि यूपी के जिस विधायक की मदद से बंटी ने कई आदमी विदेश में बुलवाए, उस विधायक का मुंबई में एक घर भी है। चूंकि बंटी पांडे के खिलाफ यूपी व उत्तराखंड में भी कई मामले दर्ज हैं, इसलिए जब यूपी पुलिस बंटी को मुंबई पुलिस से अपनी कस्टडी में लेगी, तो संभव है इस विधायक से वहां पूछताछ हो।

जॉन के बारे में पता चला है कि वह बंटी पांडे के साथ तब से है, जब बंटी राजन गैंग में था। बंटी को जो हफ्ते की रकम भारत में मिलती थी, वह नेपाल में पहले जॉन तक पहुंचाई जाती थी और फिर जॉन इस रकम को हवाला के रास्ते वियतनाम पहुंचाता था।

आलू 70 रुपये सस्ता, 301 रुपये कुंटल में बिका

फर्रुखाबाद: एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडी सातनपुर में आज आलू अचानक ७० रुपये गिरकर ३०१ रुपये प्रति कुंटल के भाव में बिका| आलू के भाव में काफी गिरावट होने से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई|

सातनपुर मंडी में आज आलू का भाव ३०१ रुपये प्रति कुंटल खोले जाने की जानकारी होने पर व्यापारियों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई| व्यापारियों के अलावा छुट भैये दुकानदारों ने जमकर आलू की खरीददारी की| किसानों के चेहरों पर आलू के भाव गिरने की पीड़ा साफ़ दिखाई दी|

बीते दिन आलू ३७१ रुपये प्रति कुंटल तथा १ सप्ताह पूर्व ६०० रुपये के भाव में आलू बिका था| तब किसानो को आलू की फसल में मुनाफ़ा था| अब करीब आधी कीमत रह जाने के कारण मुश्किल से आलू फसल की लागत निकल पा रही है| गेंहूं फसल की बुबाई करने के कारण अब किसानों में जल्द से जल्द आलू खोदने की होड़ लगेगी| ऐसी स्थित में आलू के भाव में और गिरावट आने की उम्मीद की जा रही है|

MDM प्राधिकरण माँ से पूछेगा- खाना मिला या नहीं

उत्तर प्रदेश में लाख कोशिशो के बाबजूद पटरी से उतरी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चल रही सरकारी स्कूलों में दोपहर को पका पकाया भोजन उपलब्ध करने की योजना मिड डे मील को सुधारने के लिए एक और प्रयोग करने का फैसला लिया है| प्राधिकरण अब रोज दोपहर को बच्चो के माँ बाप से फ़ोन पर पूछेगा कि आपके बेटे/बेटी को स्कूल में खाना मिला या नहीं|

आंकड़ो के मुताबिक वास्तविक स्थिति में उत्तर प्रदेश में अभी भी केवल २५-३० प्रतिशत बच्चो को ही मिड डे मील उपलब्ध हो पा रहा है| उत्तर प्रदेश मिड डे मील प्राधिकरण पहले ही दोपहर में हर रोज प्रदेश के हर स्कूल में आईवीआरएस तकनीक के तहत अध्यापकों से मोबाइल फ़ोन पर मिड डे मील की रिपोर्ट प्राप्त करता है, मगर इस रिपोर्ट में भी अध्यापको की बाजीगरी से मिली फर्जी रिपोर्ट के बाद अब प्राधिकरण ने बच्चो के माँ बाप से भी रोजाना रिपोर्ट लेने का फैसला लिया है| इसके लिए प्राधिकरण के अपर निदेशक संतोष कुमार ने जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारिओं को पत्र भेज कर हर स्कूल से कम से कम १० अभिभावकों के मोबाइल नुम्बर उपलब्ध कराने के लिए आदेश किया है|
इस योजना में भी लगेगी सेंध!
सरकार कोई भी योजना चोरो को पकड़ने के लिए बनाये शातिर दिमाग चोर कोई न कोई काट निकाल ही लेते है| ऐसी ही एक योजना का आगाज लगभग ६ माह पहले खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री की पहल पर कोटेदार का राशन गाँव गाँव ग्रामीणों को उपलब्ध कराने के लिए किया गया था| जिलों के अधिकारिओ ने मोबाइल नंबर इकट्ठे करने का काम उन्ही कोटेदारो को दे दिया जिनकी चोरी पर लगाम लगायी जानी थी| नतीजा ये हुआ कि जो सूची मोबाइल नंबर की इकट्ठी हुई उसमे कोटेदारो के सगे सम्बंधियो के ही नम्बर पहुच गए है| हालाँकि अभी खाद्य आपूर्ति विभाग ने इसका प्रयोग ही शुरू नहीं कर पाया है, मगर जब भी शुरू होगा सरकार के पैसे की बर्बादी के सिवा कुछ नहीं होगा| क्यूंकि कोटेदार का सन्देश भेजा जायेगा लन्दन पहुचेगा टोकियो| कुछ ऐसी ही चाल मिड डे मील के आईवीआरएस में हो रही है| यदि अभिभावकों के मोबाइल नम्बर के साथ भी ऐसा ही हुआ तो फिर होगा फर्जी नम्बर पर फर्जी रिपोर्टिंग और पैसे की बर्बादी|

देखकर ऊंचाई, रिक्शे से उतर जा मेरे भाई

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में यदि आप चढ़ाई वाली जगहों पर रिक्शे से नहीं उतरे तो आपकी जेब ढीली हो सकती है। स्थानी
य प्रशासन के एक आदेश के मुताबिक ऊंचाई वाली जगहों पर रिक्शे पर बैठा हुआ पाए जाने पर 500 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा।

अलीगढ़ के डीएम के. रवींद्र नायक ने एक आदेश (सर्कुलर) जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि अगर शहर में फ्लाईओवर, पुलों या चढ़ाई वाले अन्य स्थानों पर किसी व्यक्ति को साइकल रिक्शा पर बैठे हुए पाया गया तो उससे 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। नायक ने कहा कि मानवता के लिहाज से यह आदेश जारी किया गया है।

मुझे लगता है कि रिक्शेवाले को चढ़ाई वाली जगहों पर किसी व्यक्ति को बैठाकर रिक्शा खींचने में बहुत परेशानी होती है। ज्यादातर लोग चढ़ाई पर नहीं उतरते, जो मानवीय दृष्टिकोण से उचित नहीं है। जिला प्रशासन की तरफ से इस संबंध में आदेश इसी महीने के शुरुआत में जारी किया गया जो दो महीने में लागू कर दिया जाएगा।

नायक ने कह कि मैं चाहता हूं कि यह आदेश लागू होने से पहले अधिकारियों द्वारा लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जाए। इस आदेश के बारे में लोगों को परिचित कराने के लिए प्रशासन की तरफ से लोगों के बीच पर्चियां बांटी जा रही हैं। साथ ही शहर के कई इलाकों में आदेश से संबंधित पोस्टर और होर्डिंग भी लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को इसके बारे में पता चल सकेगा।

फर्रुखाबाद युवा महोत्सव की तैयारी शुरू

फर्रुखाबाद: नगर के चर्चित सातवें फर्रुखाबाद युवा महोत्सव की तैयारियां जोरदार तरीके से शुरू कर दी गयी हैं|

युवा महोत्सव समिति के अध्यक्ष डॉ संदीप शर्मा, सयोंजक प्रो० ऍन के एस राठौर, सचिव श्री चन्द्र मिश्र, निदेशक सच्चिदानंद मिश्र आदि ने आज सायं डॉ ओमप्रकाश गुप्ता के सभागार में पत्रकारों को कार्यक्रम की जानकारी दी| नगर पालिकाध्यक्ष एवं एमएलसी मनोज अग्रवाल को समिति का संरक्षक तथा वीरेंद्र त्रिपाठी को मीडिया प्रभारी नामित किया गया|

९ जनवरी से २१ जनवरी तक महोत्सव का आयोजन होगा| प्रत्येक परतियोगिता में कम से कम २ निर्णायक रहेंगें| १६ से २५ की आयु के लोग प्रतियोगिता में भाग लेंगें| ९ जनवरी को मेहंदी लगाओ एवं थाल सजाओ प्रतियोगिता, ११ जनवरी को बालीबुड किवज, १३ को प्रश्न मंच, १६ को प्रातः ७ बजे चौक बाजार से आवास विकास तिराहे तक साइकिल रेस, २१ को प्रातः ९ बजे सांस्क्रतिक कार्यक्रम का उदघाटन, एक डांस, ग्रुप डांस, गायन, डांडिया, माडलिंग, मिस्टर फर्रुखाबाद व मिस फर्रुखाबाद २०११ प्रतियोगिता का आयोजन होगा|

इस वर्ष कार्यक्रमों में पुरष्कार एवं सम्मान की संखा को बढ़ा दिया गया है|कार्यक्रम में यूथ ऑफ़ डी इयर, युवा बीरता पुरष्कार, जीवन उपलव्धि सम्मान, साहित्य रत्न सम्मान, खेल रत्न सम्मान, नारी सशक्तीकरण के लिए सम्मान, फर्रुखाबाद नागरिक आदर्श सम्मान प्रदान किये जायेंगें|

बाजार में जल्द आएंगे प्लास्टिक के नोट

देश में जाली नोटों के बढ़ते कारोबार पर लगाम लगाने के लिए रिजर्व बैंक प्लास्टिक के नोट जारी करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। केन्द्रीय बैंक जल्दी ही देश के सभी बैंकों के साथ बातचीत कर के इस बारे में नए मानक तय करेगा। ये बातें खुद रिजर्व बैंक के गवर्नर डा. डी सुब्बाराव ने कही हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि जाली नोट की समस्या देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा बनती जा रही है।

डा. सुब्बाराव ने बताया कि आस्ट्रेलिया, सिंगापुर जैसे देशों ने प्लास्टिक करेंसी को अपना लिया है। और इससे वहां जाली नोटो की गुंजाइश ही खत्म हो गई है। इसे देखते हुए ही भारत में भी प्लास्टिक के नोटों को चलन में लाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

देश की अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से विकास कर रही है और जल्दी ही वह न सिर्फ चीन की अर्थव्यवस्था के समानांतर पहुंच जाएगी बल्कि उससे भी आगे निकल जाएगी। डा. सुब्बाराव ने बताया कि चीन की अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास का मुख्य कारण वहां गांवों और दूरस्थ इलाकों में सड़कों और विद्युत व्यवस्था का जाल बिछना है। भारत में भी अब इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

सपा के साथ विद्रोहियों का निष्कासन तय

फर्रुखाबाद: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता जियाउद्दीन ने जांचकर पार्टी के विद्रोही 6 नेताओं की रिपोर्ट जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव को सौंप दी है| श्री यादव ने बताया कि उन्होंने अपनी संस्तुति सहित जांच रिपोर्ट कार्यवाही के लिए पार्टी मुखिया मुलायसिंह यादव को भेज दी है जिनका पार्टी से निष्कासन होना तय है|

जांच कमेटी ने पार्टी के विधायक नरेन्द्र सिंह यादव व उनकी भाभी जिला पंचायत मंजूलता यादव युवजन सभा के जिलाध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य दृगपाल सिंह यादव बाबी, जिला पंचायत सदस्य रामविलास राजपूत, कायमगंज क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य गुड्डी यादव व उनके पति राम प्रकाश सिंह यादव उर्फ़ कल्लू को पार्टी के साथ भितरघात किये जाने का दोषी पाया गया है|

विधायक नरेन्द्र सिंह ने सपा मुखिया पर दवाव बनाकर अपनी भाभी को पार्टी से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का टिकट दिलाया था| मंजूलता, दृगपाल सिंह, रामविलास व गुड्डी ने बसपा प्रत्याशी को वोट देकर चुनाव जितवा दिया जिससे जिले के सपाईयों में बागी नेताओं के विरुद्ध जबदस्त रोष व्याप्त है|

मनमानी फीस को लेकर बीएड छात्रों का प्रदर्शन

कन्नौज: महाविद्यालय में मनमानी फीस वसूलने से नाराज बीएड छात्रों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने उपजिलाधिकारी सदर को ज्ञापन सौंपकर समस्या के शीघ्र निराकरण की मांग की।

छात्र-छात्राओं ने जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि वह पीएसएम डिग्री कालेज में बीएड के छात्र हैं। कालेज प्रशासन छात्र-छात्राओं से फीस के नाम पर अवैध रुप से 34 हजार पांच सौ रुपए की मांग कर रहा है। यह धनराशि जमा न करने पर कालेज प्रशासन ने विश्वविद्यालय फार्म न भरवाने एवं प्रयोगात्मक परीक्षा में फेल करने की धमकी दी है। छात्र-छात्राओं का कहना था कि उन्होंने विश्वविद्यालय से निर्धारित फीस 30 हजार तीन सौ उनसठ रुपये जमा कर दी है। इसके बाद उनसे यह अतिरिक्त धनराशि मांगी जा रही है।

छात्रों की मांग पर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी केपी सिंह ने ज्ञापन लेकर शीघ्र समस्या का निराकरण कराने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने कहा कि फीस को लेकर कालेज प्रशासन से वार्ता की जायेगी और नियमानुसार छात्रों की समस्या का निराकरण कराया जायेगा।

उधर, प्राचार्य डा. आरबी चतुर्वेदी का कहना है कि छात्र-छात्राओं से विद्यालय के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के मकसद से धनराशि ली जा रही है और यह राशि सीधे विद्यालय के खाते में जमा करने को कहा गया है।