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विजयी प्रत्याशियों को प्रमाणपत्र वितरित

फर्रुखाबाद|| जिलाधिकारी मिनिस्ती एस. ने ब्लाक प्रमुख चुनाव में विजयी प्रत्याशियों को आज सायं कलक्ट्रेट में जीत के प्रमाणपत्र वितरित किये। इस दौरान कलक्ट्रेट परिसर में बाहर मौजूद बसपाई जश्न में डूबे नजर आये।

आज जनपद के तीन ब्लाकों में तो निर्विरोध चुनाव हो गया था। शेष चार विकास खंडों में भी सायं पांच बजे तक परिणाम सामने आ गये थे। सहायक निर्वाचन अधिकारियों ने मतगणना सीट पर निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त प्रेक्षकसोमलता सिंह से अनुमोदन प्राप्त कर जिलाधिकारी को परिणाम सौंप दिये।

निर्विरोध निर्वाचित ब्लाक प्रमुखों के विषय में आयोग से पूर्व में ही अनुमति आ गयी थी। सायंकाल सात बजे तक कलक्ट्रेट में विजयी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़ पहले से ही मौजूद थी।

जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट पहुंचकर बढ़पुर से निर्वाचित ब्लाक प्रमुख अखिलेश कटियार, राजेपुर से सरिता राठौर, मोहम्मदाबाद से अमर कुमारी, नवाबगंज से शकुंतला, कमालगंज राशिद जमाल सिद्दीकी और कायमगंज से निर्वाचित ब्लाक प्रमुख केके चतुर्वेदी को प्रमाणपत्र सौंपे। शमसाबाद से निर्वाचित बीना गंगवार के पहुंचने में विलंब के कारण उनको प्रमाण पत्र अपर जिलाधिकारी सुशील चन्द्र श्रीवास्तव ने सौंपा।

ब्लाक प्रमुख चुनाव: गोलीबारी में दो सपा कार्यकर्ताओं की मौत

आजमगढ़।| आजमगढ़ के अतरौलिया विकास खंड कार्यालय के बाहर ब्लाक प्रमुख चुनाव के मतदान के दौरान आज सपा और बसपा कार्यकर्ताओं में गोलीबारी हुई।

इस दौरान दो सपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हो गए। क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

22 दिसंबर: फर्रुखाबाद की अपराधिक घटनायें

दबंगों ने रोडवेज चालक व परिचालक को पीटा

फर्रुखाबाद: दिल्ली जाने वाले रोडवेज बस के चालक व परिचालक की बीती रात रास्ते में काशीराम नगर में पिटाई कर दी गयी|

फर्रुखाबाद रोडवेज के चालक सर्वेश कुमार पाल व परिचालक नीरज कुमार बीती रात यहाँ से रोडवेज बस नंबर यूपी ७६ एच / ७५८६ को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुए| रास्ते में काशीराम नगर कोतवाली अलीगंज क्षेत्र में चालक व परिचालक की पिटाए की गयी|

इंस्पेक्टर अलीगंज ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज की गयी है| डिपो इंचार्ज गौरीशंकर ने बताया कि जिप्सी सवार लोगों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की है| एआरएम संजीव याव ने बतया कि पहले ड्राईवर की पिटाई की गयी जब परिचालक ने विरोध किया तो हमलावरों ने उसे भी पीटा परिचालक गड्डे में जा गिरा|

दुर्घटना में २ ग्रामीण घायल

फर्रुखाबाद: थाना शमसाबाद के ग्राम अचानकपुर निवासी ५५ वर्षीय फूलचंद्र दुर्घटना में घायल हो गए| फूलचंद्र अपने इंजन के पास लेटे थे तभी गढ़िया निवासी शमीम के बेटे इदरीश ने ट्रैक्टर उनके ऊपर चढ़ा दिया| घायल को लोहिया अस्पताल ले जाया गया|

* दुर्घटना में थाना जहानगंज के ग्राम न्यामतपुर निवासी राजेश का २४ वर्षीय पुत्र राजू घायल हो गया उसे लोहिया अस्पताल ले जाया गया|

युवक ने जहरीला पदार्थ खाया

फर्रुखाबाद: नगर के मोहल्ला चिल्पुरा निवासी रामदास के ३५ वर्षीय पुत्र शिवशंकर ने बीती रात आत्महत्या करने के लिए जहर खा लिया हालत बिगड़ने पर उन्हें पत्नी ने लोहिया अस्पताल पहुंचाया|

6 ब्लाकों में हांथी दौड़ा, एक पर साइकिल पन्चर

फर्रुखाबाद: जिले के ब्लाक बढपुर, मोहम्दाबाद, नवाबगंज, राजेपुर, कायमगंज एवं शमसाबाद में बहुजन समाज पार्टी का हांथी दौड़ गया है| एकमात्र ब्लाक कमालगंज में सपा के पूर्व विधायल जमालुद्दीन सिद्दीकी का पुत्र राशिद जमाल सिद्दीकी निर्दलीय निर्विरोध विजयी हुए हैं|

ब्लाक बढपुर से बसपा प्रत्याशी अखिलेश कटियार 8 वोटों से ब्लाक प्रमुख बन गए हैं उनको 35 तथा निर्दलीय यशपाल सिंह यादव उर्फ़ ब्लेकी को 27 वोट मिले हैं| ब्लाक मोहम्दाबाद में बसपा प्रत्याशी अमर कुमारी यादव ने 52 वोट लेकर ब्लाक प्रमुखी की सीट पर कब्जा कर लिया|

सपा विधायक नरेन्द्र की फजीहत

सपा विधायक नरेन्द्र सिंह यादव की भाभी एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख बसन्ती देवी को 49 वोट मिले| नरेन्द्र सिंह ने दूसरी भाभी मंजूलता यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ाया था| मंजू ने अपना वोट भी बसपा प्रत्याशी को दे दिया था|

सपा के जिलाध्यक्ष चन्द्र पाल सिंह यादव पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में विधायक नरेन्द्र सिंह आदि 6 नेताओं को पार्टी से निष्कासित करने की सहमति पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव को भेज चुके हैं|

अमर कुमारी ब्लाक बढपुर के ज्येष्ठ प्रमुख गुरूदेव यादव की पत्नी हैं| गुरुदेव यादव बढपुर के ग्राम रमपुरा( राजा का नगला) के मूल निवासी हैं|

इसी गाँव के यशपाल सिंह ब्लाक प्रमुख का चुनाव हारे हैं| यशपाल सिंह जिला पंचायत सदस्य एवं समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष दृगपाल सिंह यादव बाबी के भाई हैं|

ब्लाक नवाबगंज से बसपा प्रत्याशी शकुन्तला देवी मात्र एक वोट से ब्लाक प्रमुख बन गईं| उनको 31 तथा कांग्रेस समर्थक शकुन्तला देवी को 30 वोट मिले|


ब्लाक शमसाबाद से बसपा प्रत्याशी वीना गंगवार 16 मतों से ब्लाक प्रमुख का चुनाव जीत गईं उनको 46 तथा मंजू राजपूत को 30 वोट मिले| वीना जिला पंचायत सदस्य अभय प्रदीप गंगवार की पत्नी हैं|

ब्लाक कायमगंज से बसपा प्रत्याशी राधा क्रष्ण उर्फ़ केके चतुर्वेदी तथा राजेपुर से ठेकेदार महेश सिंह राठौर की पत्नी सरिता निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनी हैं| ब्लाक शमसाबाद, नवाबगंज एवं मोहम्दाबाद में २,२ वोट निरस्त किये गए|

सूबे के काबीना मंत्री अनंत कुमार मिश्र अन्टू के प्रतिनिधि जितेन्द्र ओझा, युनुस अंसारी आदि समर्थकों ने अखिलेश कटियार को फूल मालाओं से लादकर बधाई दी| कार्यकर्ताओं ने बसपा जिंदाबाद के नारे लगाए|

दारोगा के घर मिला हथियारों का जखीरा

बदायूं: बदायूं पुलिस ने एक दरोगा के घर से हथियारों का जखीरा बरामद किया है.

उत्तरप्रदेश के आलापुर कस्बे से एक दरोगा के घर से एलएमजी समेत कई हथियार मिले हैं.

आरोपी दरोगा नोएडा में तैनात था और हाल ही में चित्रकूट में उसका तबादला किया गया था, लेकिन दारोगा ने चित्रकूट में ड्यूटी ज्वाइन नहीं की.

मुखबिर से मिली जानकारी के बाद चार थाने की पुलिस ने मिलकर दबिश देकर उसके घर से एक एलएमजी, एक हैंडग्रेनेड, एक बंदूक, चार तमन्चे और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

दुकान के सामने लघुशंका, चली लाठियां २ घायल

फर्रुखाबाद: दुकान के सामने लघुशंका करने को लेकर हुए विवाद में व्यापारियों में लाठी-डंडे चले, दो दुकानदार लहूलुहान हुए। जवाबी तहरीर दी गयी।

नगर के मोहल्ला गांधीनगर निवासी सुनील ने शास्त्रीनगर निवासी रामलड़ैते व उनके पुत्रों के विरुद्ध तहरीर दी कि रेलवे रोड पर जनरल स्टोर की दुकान है। रामलड़ैते दुकान के सामने लघुशंका कर रहे थे। मना करने पर गालियां देने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने एकराय होकर धावा बोल दिया। दुकान में तोड़फोड़ कर सिर में सरिया मारकर सिर फोड़ दिया।

दूसरे पक्ष से विजय कुमार ने सुनील, उसके भाई भानू व पिता अहिवरन के विरुद्ध तहरीर दी कि रेलवे रोड पर लोहे के सामान की दुकान है। पिता गोदाम में सामान निकालकर जा रहे थे। आरोपी गालियां देने लगे, मना करने पर मारपीट करने लगे। बीचबचाव का प्रयास किया तो लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। दरोगा रामरेखा यादव ने बताया कि मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी। व्यापार मंडल नेता ने व्यापारियों में समझौता कराने का प्रयास किया।

प्रधानी चुनाव की रंजिश में 4 परिजनों को घायल किया

फर्रुखाबाद: प्रधानी चुनाव की रंजिश में थाना मऊदरवाजा के ग्राम बरौन में हमला करके एक ही परिवार के ४ सदस्यों को घायल कर दिया गया|

घटना के सम्बन्ध में बरौन के इमरान खां ने गाँव के अंसार खां, शमसाद, अरशद, सिराजुद्दीन तथा कुछ अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई| प्रधानी चुनाव की रंजिश में आरोपी एक राय से इमरान के घर में घुस गए, लाठी डंडों से हमला कर इमरान उनके भाई कामरान, दादी रहीशा वेगम, पत्नी फैजमीर खां और रिश्तेदार जाहिद वेग को घायल कर दिया|

पीड़ित इमरान ने बताया कि प्रधानी चुनाव में हम लोगों ने प्रत्याशी जियाउद्दीन उर्फ़ खिल्लन की तथा हमलावरों ने प्रत्याशी एवं पूर्व प्रधान इस्लामुद्दीन की पैरवी की थी| प्रधानी चुनाव की रंजिश में ही हमला किया गया था|

* उधर थाना नवाबगंज के ग्राम नगला चंदौला निवासी अवधेश के पुत्र संजय व १३ वर्षीय पुत्र प्रवीन को पीटकर घायल कर दिया गया|

पुलिस ने प्रवीन का लोहिया अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराया| प्रवीन के चाचा संतोष उसके बीमार पिता की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं जिसका विरोध करने पर संतोष ने मारपीट की है|

एक सिपाही ने किया अधिकारियों के घोटाले का पर्दाफाश!

कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता… बस एक पत्थर तबीयत से तो उछालो यारों…  ये शायरी की पंक्तियां उन लोगों पर लागू होती है जो किसी भी नामुमकिन चीज को मुमकिन करने का जज्बा दिल में रखे होते हैं। ऐसा ही कुछ गाजीपुर जनपद के एक सिपाही के जज्बे को देख कर लगता है। जिन्‍होंने देश की कानून व्‍यवस्‍था चलाने वाले आईपीएस लोगों द्वारा प्रतिवर्ष किए जाने वाले करोड़ों के घोटाले को हाईकोर्ट व सूचना के अधिकार का प्रयोग करके सबके सामने ला दिया है।

मामला है सन 1961 में आईपीएस लोगों द्वारा कान्सटेबल और इंस्‍पेक्‍टरों के वेतन से प्रति माह 25 रूपये की कटौती का। जो लोग उनके संगठन के मेम्बर भी नहीं होते, उनके वेतन से भी जबरन पैसा काट लिया जाता है, और इससे आईपीएस और उनकी पत्नियां मजे करती हैं। इसी के मद्देनजर हाईकोर्ट ने आईपीएस संगठन के अध्यक्ष को इनके रिट के आधार पर नोटिस जारी कर दिया है।

रिट दायर करने वाले कांस्‍टेबल हैं बृजेंद्र यादव। जो अभी जनपद गाजीपुर के जमानिया थाने में तैनात हैं। इन्होंने अपने साथियों और इनके पैसे पर देश के आईपीएस और उनकी बीबीयो के द्वारा प्रतिवर्ष करोड़ों रूपया हड़प कर मजा उठाने की बात को बताया। इन्‍होंने बताया कि जिस संस्था के नाम पर ये कटौती अब भी बदस्‍तूर जारी है, उसका पूर्व मे ही रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बाद रीनीवल तक नही कराया गया है। सन 1961 में द केटी फोर द वेलफेयर आफ द फेमलीज आफ द मेम्बर्स आफ द पुलिस फोर्स इन यूपी नाम की संस्था रजिस्टर्ड कराई गयी थी। जिसमें आफिसर्स और उनकी पत्नियां मेम्बर्स हैं, जिसमें पुलिस मैन का भी वेलफेयर दर्शाया गया है, लेकिन उस संस्था में सिपाही से इंस्‍पेक्‍टर तक मेम्बर नहीं हैं। और अवैधानिक तौर पर 1961 से आज तक बदस्‍तूर कटौती जारी है।

वर्तमान मे 3.5 लाख कर्मचारी हैं, जिनसे प्रतिमाह 87 लाख रूपया वसूला जाता हैं। एक वर्ष में दस करोड़ पचास लाख रूपये की कटौती होती है। इसी प्रकार बीमा के नाम पर प्रतिवर्ष 340 रूपये की कटौती की जाती है, जो साल में 11 करोड़ 20 लाख रुपये होते हैं। जिसका कोई हिसाब किताब नहीं है, इसी का घोटाला किया जा रहा है। यह पैसा कहां जाता है इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं है। इस सम्बन्ध मे जब बृजेन्‍द्र ने जानकारी चाही तो उसे निलम्बित कर दिया गया और जालौन से गाजीपुर भेजा गया, लेकिन उसके बाद भी अपने निश्चय पर अटल रहने वाले बृजेन्द्र ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में रिट याचिका स. 6820/2009 दाखिल किया। जिसमें इनके निलम्बन का आदेश रद्द कर दिया गया। साथ ही अराजपत्रित पुलिसकर्मियों ने भी अपनी संस्था कल्याण संस्थान उप्र के नाम से रजिस्टर्ड करवा लिया, जो 2014 तक वैध है। उसके बाद घोटाले के पैसे के पर्दाफाश के लिए हाईकोर्ट में रिट दाखिल किया, जो बृजेन्द्र सिंह बनाम भारत सरकार व अन्य के विरूद्ध है। इसे माननीय न्यायालय ने गम्भीरता से लिया और पीआईएल में तब्दील कर मुख्य न्यायाधीश महोदय को अग्रसारीत कर दिया। जिसमें 12 जनवरी 2011 की तारीख नियुक्त कर जबाब-तलब किया गया है।

बृजेन्द्र ने जब इस तरह का कदम उठाया तो 1999 में उनकी हत्या का प्रयास भी किया गया। साथ ही एनएसए तक की कारवाई की गई। उनके मामले में आईपीएस शैलेन्द्र सागर, जो सन 2008 मे आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष थे, 3 अगस्त 2008 को अपने लेटर में सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया था कि आरक्षी समन्वय समिति बनाकर इनके कार्यों का विरोध कर शासन को विश्वास में लेना हमारी जीत है। क्योंकि समस्त आईपीएस की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

बृजेन्‍द्र ने बताया कि इनके द्वारा पुलिसकर्मियों के लिए उठाई गई आवाज को दबाने के लिए मुख्यमंत्री तक इनवाल्ब हो गये थे। मुलायम सिंह सरकार में खुद मुलायम सिंह ने उक्त सिपाही को अपने कार्यालय में बुला इस लड़ाई को समाप्त कर इसके बदले मे एमएलसी बनाने तक का दांव फेंका गया, लेकिन अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति के बूते बृजेन्द्र ने उक्त प्रस्ताव को ठुकरा दिया और आज कोर्ट से नोटिस जारी करा अब तक वेलफेयर के नाम पर अरबों रूपयों के घोटाले का पर्दाफाश किया।

ब्लाक प्रमुख चुनाव: बढ़पुर में अजय जाटव ने श्री गणेश किया

फर्रुखाबाद: ब्लाक बढ़पुर मतदान केंद्र पर बीडीसी अजय जाटव ने ब्लाक प्रमुख के लिए पहला वोट डालकर बसपा प्रत्याशी अखिलेश कटियार के मतदान का श्री गणेश किया| सूबे के काबीना मंत्री अनंत कुमार मिश्र अन्टू ने बीती रात शहर में डेरा डाल दिया|

पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में प्रातः ११ बजे के बाद मतदान शुरू हुआ दूसरे नंबर पर श्री चन्द्र धानुक व अवनीस यादव ने वोट डाला| निर्वाचन अधिकारी अनिल धीगरा के निर्देशन में प्रमुख पद के प्रत्याशी अखिलेश कटियार व यशपाल सिंह यादव की मौजूदगी में मतपेटियां सील की गयी|


निष्पक्ष मतदान कराने के लिए ब्लाक के सभी कर्मचारियों को वाहर निकला गया एडीओ पंचायत सीताराम, ग्राम पंचायत अधिकारी जितेन्द्र श्रीवास्तव, सेक्रेटरी आदर्श हजेला,अनुपम वाजपेई,

अनिल मिश्रा आदि कर्मचारी ब्लाक के मुख्य गेट के किनारे बैठे रहे| वोटरों को चेक करने के लिए पूरी व्यवस्था की गयी ब्लाक में घुसते ही फतेहगढ़ कोतवाली के इंस्पेक्टर सिराज अहमद ने फोटो युक्त मतदाता सूची से वोटरों को चेक किया|

इसके बाद मतदान केंद्र के गेट पर तहसीलदार सदर मोहम्मद इस्लाम ने भी वोटरों का सूची से मिलान कर एक वोट पड़ जाने के बाद दूसरे को अन्दर जाने दिया|


एलआईयू कर्मचारियों ने मेडलडिटेक्टर के हैण्ड सेट से वोटरों को चेक किया परिचय पत्र के अलावा किसी भी सामान को अन्दर नहीं जाने दिया गया| सीओ सिटी डीके सिसोदिया, इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार ब्लाक के गेट पर पुलिस कर्मियों के साथ डेट रहे|

भ्रष्टाचार के भूत भिड़े..

फर्रुखाबाद: तारीख 21 दिसम्बर 2010 समय दोपहर लगभग 12 बजे स्थान फर्रुखाबाद के नगर की काशीराम योजना कालोनी| जिलाधिकारी कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना की टाउनहाल व हैवतपुर गढि़या कालोनियों का निरीक्षण करने पहुंचीं थी | इसी दौरान नगर पालिका के सहायक अभियंता अमित कुमार शर्मा और आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता महेन्द्र पाल जिलाधिकारी की मौजूदगी में ही एक दूसरे पर भ्रष्टाचार का कीचड उछालने लगे| बात पूरी पता लगी तो मामला आईने की तरह साफ़ हो गया|

दरअसल आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता महेन्द्र पाल ने जिलाधिकारी से कहा कि टाउनहाल कालोनी छोटी है, इसे नगर पालिका को हस्तांतरित करा दें। कई माह से नगर पालिका में हस्तांतरण पत्र रखा है। इस पर नगर पालिका के सहायक अभियंता अमित कुमार शर्मा ने जिलाधिकारी को बताया कि कालोनी में टैंक व सीट का लेबल सही नहीं रखा गया। कई जगह टैंक ही खराब है। अन्य कमियां भी हैं। आठ माह में टैंक खराब नहीं होते। इस शिकायत पर महेन्द्र पाल व अमित कुमार शर्मा के बीच नोंकझोंक की नौबत आ गयी। मंगलवार को खामियां देखकर दंग रह गयीं। उन्होंने आवास विकास परिषद, जल निगम व विद्युत विभाग अधिकारियों को कमियां तुरंत दूर कराने का निर्देश दिया। इस दौरान कालोनी हस्तांतरण पत्र पर हस्ताक्षर न करने की शिकायत पर आवास विकास के अधिशासी अभियंता एवं नगर पालिका के सहायक अभियंता में नोकझोंक हुयी।

जिलाधिकारी मिनिस्ती एस. अपर जिलाधिकारी सुशील चन्द्र श्रीवास्तव के साथ हैवतपुर गढि़या कालोनी पहुंचीं। जल निगम, आवास विकास परिषद, विद्युत विभाग एवं डूडा के अधिकारी भी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने कालोनी के निवासियों से व्यवस्था के बारे में पूछा। इस पर शिकायतों की भरमार हो गयी। आवासों में बिजली व पानी के कनेक्शन न होने, शौचालय टैंक खराब होने, फर्श टूटी होने, खिड़की के शीशे टूटने की शिकायतें की गयीं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों की क्लास लगा दी। व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश दिया।

टाउनहाल कालोनी में आवासों के शीशे टूटे देखकर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता आवास विकास परिषद से कहा कि वह जो कमियां दिखा रही हैं उसे नोट कर लें। वह 10 दिन बाद पुन: आकर देखेंगी। प्रत्येक आवास को चेक करें। धनदेवी ने शिकायत की कि उनके आवास का शौचालय बंद है। अन्य महिलाओं ने कहा कि वह लोग बाहर खेत में नित्य क्रिया को जाती हैं। शौचालयों के टैंक खुले पड़े हैं।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जो कमियां हैं उन्हें हर हाल में दूर करना है। कालोनी पूर्व जिलाधिकारी के कार्यकाल में बनीं, लेकिन अब वह यहां हैं तो जवाब हमें देना है। जिलाधिकारी ने नगला बंधौआ कालोनी का भी निरीक्षण किया। वहां पार्क में नगर पालिका परिषद ने झूले लगवा दिये हैं। यह कालोनी पूर्व में ही नगर पालिका ने अपने अधीन ले ली थी।