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विश्वकर्मा समाज ने ज्ञानी जैल सिंह को अर्पित की श्रद्धांजलि

फर्रुखाबाद: उतर प्रदेश विश्वकर्मा महा सभा फर्रुखाबाद इकाई के पदाधिकारियों द्वारा आज नगर के रेलवे रोड स्थित नगर अध्यक्ष के आवास पर पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह की १६ वीं पुण्य तिथि के अवसर पर उन्हें भाव भीनी श्रद्धांजलि दी गई| सभा की अध्यक्षता सीताराम शर्मा एवं संचालन ओमप्रकाश शर्मा द्वारा किया गया|

बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह एक महान व्यक्ति थे| वह समाज के कुल गौरव शाली विश्वकर्मा वंश के रामगढ़िया समाज के थे उनका जन्म ५ मई १९१६ को पंजाव प्रान्त के ग्राम संधवा में हुआ था|

वह अपनी माता से बहुत प्रेम करते थे २३ मार्च १९९१ को जब भारत के सपूत भगत सिंह, सुखदेव. और राजगुरू को फांसी दी गयी तो उनके दिल में ब्रिटिश सरकार के प्रति नफरत पैदा हो गयी और वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ इस लड़ाई में कूद पड़े|

अरुण पाल शर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा समाज के कुलगौरव की इस अपूर्णीय क्षति को कभी भी पूरा नहीं किया जा सकता है| हमें उनके आदर्शो की सीख लेकर अपने समाज की एक जुटता, शिक्षा और राजनीति में पूर्ण भागीदारी रखनी होगी तभी हमारा समाज बुलंदियों को छू सकेगा|

महिला जिला अध्यक्ष वीना शर्मा ने समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा व अच्छे संस्कार देने की अपील की| नगर अध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने कहा कि हम सभी का दायित्व है कि समाज में एक जुटता लाये तभी हमारा समाज दिन प्रति दिन आगे बढेगा| इस मौके पर रामबली शर्मा, रामलडैते शर्मा, अनुराधा, माही, मुन्ना, गुड्डी, सीमा, कृष्णा, रामरानी, उमेश, मुकेश सहित शर्मा समाज के लोग उपस्थित रहे|

( अरविन्द शर्मा की रिपोर्ट )

महोत्सव की तैयारी में नगर पालिका ने ताकत लगाई

फर्रुखाबाद: १४वे फर्रुखाबाद महोत्सव २०१० को सफल बनाने के लिए नगर पालिका ने पूरी ताकत लगा दी है| नगर पालिका के कार्यवाहक अधिशाषी अधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर अनिल ढींगरा ने नगर पालिका कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि महोत्सव के उदघाटन तिथि २६ दिसमबर से पूर्व आयोजन स्थल पटेल पार्क एवं वहां आने-जाने वाले मार्ग की बेहत ढंग से मरम्मत एवं सफाई हो जानी चाहिए|

आला अधिकारियों के भय से आज अवकाश के दिन भी नगर पालिका के सिविल इंजीनियर अमित कुमार शर्मा, वरिष्ठ स्वास्थ्य निरीक्षक डॉ गुप्ता, स्वास्थय निरीक्षक जगदीश सिंह, सफाई प्रभारी श्याम बाबू वर्मा, सफाई नायक विनय आदि कर्मचारी पटेल पार्क में डटे रहे|

कर्मचारियों ने पटेल पार्क को समतल करने एवं डिजाईनदार ईंटें लगाने के लिए पूरी गैंग व सफाई कर्मचारियों की फ़ौज लगा दी है|

बच्चों ने न्यू ईयर की आकृतियों में भर दिए रंग

फर्रुखाबाद:चौदहवे फर्रुखाबाद महोत्सव की न्यू ईयर ग्रीटिंग एवं रंगोली सजाओ प्रतियोगिता का आज पटेल पार्क में आयोजन किया गया|

छात्रा अक्षरा शर्मा, वैष्णवी वर्मा, सुरभि गोश्वामी, कोमल वर्मा, निशा शर्मा, स्वाती वर्मा आदि छात्राओं ने न्यू ईयर ग्रीटिंग के बनाने के लिए पेन्सिल सी विभिन्न प्रकार की आकृतियाँ कुरेदी| फिर उनमे हरे, लाल, पीले रंग भर दिए तो बहुत सी आकृतियाँ आकर्षक दिखने लगीं|

साफ्टेक कम्पुटर के निदेशक शिवम् गुप्ता, मैनेजर सचिन सिंह ने प्रतियोगिता सम्पन्न कराई|

मसीह समाज ने यीशु से गरीबी मिटाने की प्रार्थना की

फर्रुखाबाद: मिशन कम्पाउंड में क्रिसमस डे बड़ी धूम-धाम से मनाया गया| मसीह समाज ने यीशु से पूरे विश्व में गरीबी मिटाने के लिए प्रार्थना की|

फादर किशन मसीह ने मिशा चर्च कम्पाउंड में यीशु मसीह की प्रार्थना कराई| कई बच्चों को ३२वा कराया|

इस दौरान शिशुओं को गोद में लेकर पानी से उनके माथे पर क्रास का चिन्ह बनाया उन्हें यीशु का आशीर्वाद मिलने की कामना करते हुए यीशु के वफादार सिपाही बनने को कहा|

फादर मसीह ने कहा की विश्व में आतंकबाद, उग्रवाद एवं भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है कोई भी कार्य सही ढंग से नहीं हो रहा है गरीबी मुंह फैलाए है| ऐसे माहौल में किस तरह क्रिसमस डे मनाया जाए| उन्होंने कहा की हमें दूसरों की भलाई के लिए जीना चाहिए लेकिन इसके ठीक विपरीत कार्य करते हैं| उन्होंने यीशु के बताये मार्ग पर चलने का आवाहन किया|

जेए मसीह डॉ आशा जोयल, अनिल प्रसाद, जुलियस लाल, सोलोमन दयाल, डॉ पी कुजूर, डॉ निर्मल पी कुजूर, एलिस दयाल, एविल किल्शन आदि मौजूद रहे|

नगर के सिटी चर्च एवं रखा चर्च में भी क्रिसमस डे बड़ी धूम-धाम से मनाया गया| इस दौरान सांताक्लाज व क्रिसमस ट्री आकर्षण का केंद्र रहे|

RTE के खिलाफ निजी स्कूल, गरीबों को नहीं देगें कोटा

शिक्षा का अधिकार कानून के खिलाफ निजी स्कूल एकजुट हो गए हैं। उन्होंने ऐलान किया कि वे किसी भी हालत में आरटीइ के तहत 25 फीसदी गरीबी कोटा लागू नहीं करेंगे। सरकार ने जबरदस्ती की तो स्कूल बंद कर चाबी सरकार को सौंप देंगे। देश भर के निजी स्कूल के प्रतिनिधि इंडिया इस्लामिक सेंटर में शुक्रवार को आयोजित पंचायत में आरटीइ के तहत लागू 25 फीसदी गरीबी कोटे पर बोल रहे थे।

सरकार पर बरसे स्कूल प्रबंधकनिजी स्कूल के प्रबंधकों ने कहा कि सरकार गरीब बच्चों को शाम की शिफ्ट में पढ़ाने की व्यवस्था करे। इसके लिए स्कूल संसाधन व भवन भी देने को तैयार है। लोगों को शिक्षित करने की जिम्मेदारी सरकार की है और सरकार को चाहिए कि अपने स्कूलों की संख्या, उसकी क्षमता, व्यवस्था बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाए। बीते दस सालों से दिल्ली में दस फीसदी स्कूल नहीं खुले हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर केवल निजी स्कूलों के भरोसे सरकार आरटीइ क्यों लागू करना चाहती है?

दो सत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई कोई भी योजना खराब नहीं होती है। अगर इससे परेशानी है तो स्कूल अपना पक्ष रखने का हकदार हैं।

गैंग रेप के बाद महिला की पति के सामने हत्या

इटावा|| वीरपुर गांव में तीन दरिंदों ने एक महिला से सामूहिक बलात्कार के बाद उसके पति के सामने ही उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार यह दिल दहला देने वाली घटना कल घटी।

तीन लोग दीपू नट के घर घुस गए। तीनों ने दीपू को बंधक बना लिया और उसकी पत्नी के साथ बलात्कार किया। बाद में उन्होंने महिला की चाकू घोंप कर हत्या कर दी। पुलिस अभियुक्तों की तलाश कर रही है।

JNI की तरफ से हैप्पी एंड मेरी क्रिसमस…

सही तो है प्यार, अपनापन की पहचान ये त्यौहार अपनों को और करीब ले आता है। तो देर किस बात की आप भी गिले-शिकवे भूलकर अपनों के और करीब आ जाइये और एक-दूसरे को गले लगाकर, क्रिसमस केक खाईये। गॉड एक है, उसने किसी के साथ कोई नाइंसाफी नहीं की है। हर किसी को उसने एक सा बनाया है इसलिए किसी के साथ भी कोई भेदभाव नहीं करना चाहिए। यही संदेश तो लेकर आया है क्रिसमस। जीं हा दोस्तो यीशु के प्रेम के दिन क्रिसमस ने दस्तक दे दी है। हर तरफ केवल खुशियां ही खुशियां दिख रही है। मैरी क्रिसमस पर सांता क्लॉज, क्रिसमस ट्री, प्रार्थना, मोमबत्तियों व सितारों की चमक, घंटों की खनक, सुन्दर सजावट, बिजली के जगमगाते बल्ब, ग्रीटिंग कार्ड, केक, पेस्ट्री, गीत-संगीत, महकते फूल और चहकते बच्चे। इन सबने मिलकर जता दिया कि बड़ा दिन आ गया है, यीशु का जन्म हो चुका है।

इस अवसर पर ईसाई समुदाय के लोग केक काट कर एक-दूसरे को मैरी क्रिसमस की बधाइयाँ देकर अपनी खुशी का इजहार करते है। सेंटा क्लॉज बच्चों के प्यारे प्यारे गिफ्ट देकर खुश करते है। क्रिसमस के दिन प्रभु यीशु का जन्म गौशाला में हुआ था इसलिए गौशाला की झाँकी का बड़ा महत्व होता है। क्रिसमस की खुशी पकवानों के बिना अधूरी होती है। हर घर में रम केक, जिंजर वाइन, डोनल्ड, सलोनी, मीठा, नमकीन सहित तरह-तरह के पकवान बनाएँ और खिलाएँ जाते हैं। गौशाला में जन्म लेने वाले यीशु को बाद में चरनी में रखा जाता है ताकि सभी लोग प्रभु के दर्शन कर सकें।

इस शुभ मौके पर जहां देशवासी एक-दूसरे को गले लगा रहे है वहीं देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने भी राष्ट्र को इस पावन पर्व की बधाई देते हुए देशवासियों से ‘समाज में एकता और सौहार्द’ कायम करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। पाटील ने अपने संदेश में कहा, “क्रिसमस के खुशियों भरे मौके पर मैं देशवासियों को शुभकामनाएं और बधाई देती हूं।”
आप सभी का आने वाला जीवन मंगलमय हो ऐसी कामना हमारी पूरी टीम भी करती है। इसलिए जे ऍन आई भी आप सभी को कहता है  हैप्पी एंड मैरी क्रिसमस……

भ्रष्टाचार के सूत्रधारो पर कारवाही क्यूँ नहीं?

सवाल बड़ा और सीधा है कि जनपद स्तर पर सरकारी योजनाओ और नियमित सरकारी कामो में फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद भी जिम्मेदार सरकारी कर्मचारी और अधिकारिओं पर कारवाही क्यूँ नहीं होती| क्यूँ नहीं फर्जीवाड़े के तहत लाभ उठाने वाले घोटालेवाजों के खिलाफ जिला प्रशासन मुकदमा चलाता| इस सवाल का जबाब सिर्फ और सिर्फ जिले का मुखिया दे सकता है क्योंकि भारतीय लोकतान्त्रिक सविधान में भ्रष्टाचार रोकने जिम्मेदारी भले ही हम सभी की हो मगर कारवाही का अधिकार सिर्फ जिले के जिलाधिकारी के पास ही है|

बात बहुत पुरानी नहीं करेंगे पिछले दो माह में आये चर्चित मामलों को ले लें| पंचायत चुनाव का पहला चरण शुरू होने से पहले मतदाता सूची में गंभीर अनिमियताओं की शिकायते आम ग्रामीण जनता द्वारा की गयी| तमाम शिकायतों में तत्कालीन जिलाधिकारी ने जाँच कराने की टिपण्णी करने के बाद शिकायती पत्र को ज्यादातर उसी के पास जाँच के लिए भेज दिया जो परोक्ष या अपरोक्ष रूप से उस कार्य के लिए जिम्मेदार था| नतीजा ज्यादातर मामलों में कुछ भी नहीं हुआ और तमाम जगह जनता चुप बैठ गयी| मगर इसी दौरान एक मामला राजेपुर ब्लाक के अमैयापुर ग्रामसभा बड़ा चर्चित हुआ| इस ग्रामसभा में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदाता सूची लेखपाल और प्रधान के सहयोग से बनाने की शिकायत उसी गाँव के कुलदीप ने डीएम् से की थी मगर नतीजा कुछ नहीं निकला| कुलदीप हार नहीं माना और कमिशनरी से लेकर आयोग तक गया और आखिरकार चुनाव प्रेक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया तब तत्कालीन डीएम् की जमकर फटकार लगायी| फिर क्या था चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन एडीएम, एसडीएम, एएसपी, लेखपाल और तहसीलदार के साथ गाँव में चौपाल लगाकर जाँच की और लगभग एक सैकड़ा वोट फर्जी पाए| वो वोट ज्यादातर उस वक़्त के प्रधान के दूसरे जिलों में रह रहे रिश्तेदारों के थे| ये वोट काटे गए और फिर चुनाव हो गया मगर इस सब गोलमाल के लिए जिम्मेदार के खिलाफ कोई कारवाही नहीं हुई|

क्या बिना फार्म के वोट बन गए थे|

**उन वोटों की जाँच की जिम्मेदारी लेखपाल और तहसीलदार की थे| उसी तहसीलदार की जिसमे प्रथम जाँच में शिकायतकर्ता को ही झूठा बता दिया था और बाद में वही वोट काटने पड़े| क्या उनके खिलाफ कारवाही नहीं होनी चाहिए? या फिर सिर्फ जाँच करने में ही सरकार अपना वक़्त बार बार जाया करती रहेगी|

दूसरा मामला वर्तमान में काशीराम आवास योजना के माकन आवंटन घोटाले का है| इसमें लगातार जाँच में फर्जी आवंटी मिल रहे है| आखिर क्या उन फर्जी आवंटियों के खिलाफ कोई अपराध पंजीकृत नहीं करना चाहिए| झूठे हलफनामे लगाकर उन्होंने गरीबो और जरूरतमंदों के मकान हथिया लिए थे| क्या उन सरकारी कर्मियों के खिलाफ कारवाही नहीं होनी चाहिए जिन्होंने झूठे प्रपत्र जारी कर इस घोटाला करने में सहभागिता निभाई| जाँच रिपोर्ट लगाने वाले कर्मचारियो से लेकर अधिकारी तक क्या इस गड़बड़ी के जिम्मेदार नहीं है|

सरकार की कोई भी योजना हो भ्रष्टाचार के जिन्न और घोटालेबाज हमेशा सेंध लगाते है, शिकायत होती है पकड़ में आते है मगर हर बार किस वजह से वक्श दिए जाते है?

ये तो एक बानगी मात्र है चारो तरफ हर रोज कोई न कोई शिकायतकर्ता फर्जीवाड़े की आवाज लेकर जिला मुख्यालय पर आता है| कभी फर्जी राशन कार्ड की तो कभी नरेगा में फर्जी जॉब कार्ड की| मगर जब उसे इस पर माकूल जबाब नहीं मिलता तो बेचारा खामोश होकर बैठ जाता है|

जबाब का इन्तजार हम करेंगे इसी लेख में आपकी टिपण्णी के साथ-

जेल में कैदियों की भूख हड़ताल

फर्रुखाबाद: जिला जेल में कैदियों ने भूख हड़ताल की घोषणा के साथ जेल का खाना लेने से इंकार कर दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कैदियों की शिकायत खराब खाने और अवैध वसूली को लेकर है। जबकि जेल प्रशासन इसमें बाहर के खाने पर रोक और मुलाकात में सख्ती को कारण बता रहा है।

जेल सूत्रों के अनुसार शुक्रवार सायंकाल कैदियों ने खाना लेने से इंकार कर दिया। काफी प्रयास के बावजूद भी कैदी खाना लेने को राजी नहीं हुए। सूत्रों का दावा है कि ऐसा कैदी जेल में भ्रष्टाचार के विरोध में कर रहे हैं। खाने की गुणवत्ता खराब होने, समय से खाना वितरित न किये जाने और मुलाकात में वसूली को लेकर शिकायतें बतायी गयी हैं। कैंटीन में उपलब्ध खाद्य पदार्थो की बिक्री बढ़ाने के लिए जानबूझकर खाना देर से बांटने की भी शिकायत बतायी गयी।

जेल अधीक्षक कैलाश चन्द्र का कहना है कि उन्होंने इसी माह कार्यभार ग्रहण किया है। जेल की व्यवस्था सुधारने के लिए उन्होंने बाहर के खाने को अंदर लाने और निर्धारित से अधिक संख्या में मुलाकात पर रोक लगा दी है। इसी से घर का खाना खाने के आदी हो चुके चंद माफिया टाइप के अपराधी भूख हड़ताल का नाटक कर रहे हैं। बाहर का खाना और मुलाकात पर प्रतिबंध लगते ही उनको जेल में भ्रष्टाचार नजर आने लगा है। उन्होंने कहा कि वह अनुशासन टूटने नहीं देंगे और बाहर का खाना जेल में ले जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी।

मैडम ने स्कूल में चूना लगाया..

फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश में सरकार और उसके प्रशासनिक नुयामंदो को दिल्ली में भ्रष्टाचार के हो रहे खुलासे पर बिलकुल अचम्भा नहीं हो रहा है| कई बार तो टिपण्णी मिल जाती है, जरा यहाँ आकर तो देखो कुछ भी खोदना और ढूँढना नहीं पड़ेगा यहाँ सब कुछ खुला खेल फर्रुखाबादी है तभी तो देश के कर्णधार सरकारी स्कूलों के कई मास्टर नहीं जानते उन्हें बच्चो को पढ़ाना क्या है और मैडम जी स्कूल की वार्षिक पुताई का सफ़ेद सीमेंट हड़प कर चूने से पुताई कराती मिल जाएँगी|

द्रश्य१- स्थान- प्राइमरी पाठशाला निसवी, ग्रामसभा खंडौली ब्लाक राजेपुर जनपद फर्रुखाबाद-

आधा सत्र बीत जाने के बाद भी नहीं मिली किताबे

दोपहर ३ बजे स्कूल इंचार्ज महेश सिंह और शिक्षा मित्र पूजा सोमवंशी लगभग २० बच्चो को घेरे बैठे है| कक्षा १ से ४ तक संचालित इस स्कूल में कुल नामांकित ६५ बच्चो में से आधे से भी कम की उपस्थिति होती है| वर्ष २०१०-११ का दो तिहाई सत्र बीत जाने के बाद भी इन बच्चो के बस्ते में मुफ्त मिलने वाली सभी पुस्तके नहीं पहुची है| मास्टर महेश ने बताया की कक्षा ४ में कुल ४ किताबे मिलती है| जबकि सर्व शिक्षा अभियान के अनुसार कक्षा ४ में कुल ६ किताबे होनी चाहिए| इन बच्चो में किसी को एक कार्यपुस्तिका तो किसी को कुछ भी नहीं मिला है| ये हाल तब है जब कुल नामांकित बच्चो में ५० प्रतिशत ही उपस्थिति होती है| हालाँकि मुख्यालय के लेखानुसार किताबे तो कबकी आई और बट गयी और ये बात दिल्ली मानव संसाधन मंत्रालय तक पहुच भी गयी है| मगर शायद ये बात दिल्ली तक नहीं पहुची कि बटने वाली किताबो को कौन बीच में हड़प कर गया क्यूंकि दिल्ली तो राजा और राडियाओ के चक्कर में घनचक्कर बनी हुई है, गरीब नौनिहालों कि सुध लेने की फुर्सत उसे कहाँ? मगर सच्चाई ये है कि नौनिहालों के बस्ते तो दिसम्बर माह में भी कई किताबो से आज भी मरहूम है| हाँ गाँव वाले बताते है कि नए डीएम् और एसपी के आने के बाद मास्टरों की उपस्थिति तो स्कूल में बढ़ गयी है मगर बेचारे गाँव वाले नहीं जानते कि उन्हें और क्या क्या सरकार ने भेजा है| अभिवाभाक संघ क्या होता है इसकी जानकारी मास्टर और शिक्षा मित्र नहीं दे सके तो बना कहाँ से होगा|

द्रश्य-२: अपर प्राइमरी विद्यालय चाचुपुर जटपुरा, ब्लाक राजेपुर जनपद फर्रुखाबाद-

सफ़ेद सीमेंट की जगह चुने से हुई पुताई-

शाम ४ बजे स्कूल में वार्षिक पुताई चल रही है| दो पेंटर सड़ासड़ हाथ में ब्रुश किये चूना पोतते दिख गए| हेड मैडम ने जो दिया सो लगा दिया पुताई करने वालो की गलती| उसे क्या मालूम की स्कूल की रंगाई सफ़ेद सीमेंट से किये जाने का प्राविधान है और इसी का पैसा आता है| बेचारे बड़े ही मासूमियत से मैडम की गलती पर पर्दा डालते नजर आये कि बाढ़ ग्रस्त इलाका है यहाँ सीमेंट टिकता नहीं है इसलिए सीमेंट के ऊपर चुना लगा रहे है| मौके पर मौजूद सहायक मैडम अपनी हंसी छुपाने को कपडा मुह पर लगा कैमरे के फ्रेम से बाहर हो गयी|