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ट्राई का नोटिस: आपरेटरों को जवाब देने के लिए 60 दिन का समय

नई दिल्ली||  सरकार ने समय पर अपनी सेवाएं शुरू नहीं करने वाले नए दूरसंचार आपरेटरों से 216 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है। ये आपरेटर लाइसेंस और स्पेक्ट्रम मिलने के बाद निर्धारित समयसीमा में सेवाएं शुरू नहीं कर पाए हैं।

दूरसंचार सचिव आर चंद्रशेखर ने कहा कि हमने 21 जनवरी तक नए आपरेटरों से 215.6 करोड़ रुपये की राशि जुर्माने के रूप में जुटाई है। आपरेटरों पर कुल 342.6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दूरसंचार विभाग [डॉट] ने पिछले महीने समय पर सेवाएं शुरू नहीं करने वाले आपरेटरों को 119 नोटिस भेजे थे और उन पर भारी जुर्माना लगाया था। चंद्रशेखर ने कहा कि जो कंपनियां इस मामले में टीडीसैट गई हैं, उनके भी जल्द जुर्माना अदा करने की संभावना है।

दूरसंचार नियामक ट्राई के दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि लाइसेंस रद्द करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है, तो आपरेटरों को नोटिस का जवाब देने के लिए 60 दिन का समय दिया जाएगा और उसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं यदि आपरेटरों पर जुर्माना लगाने का नोटिस जारी किया जाता है, तो नोटिस जारी होने के 15 दिन के भीतर उन्हें जुर्माना अदा करना होगा।

जिलाधिकारी की हत्या मामले में सात गिरफ्तार

मालेगांव||  मुंबई के नासिक जिले में अतिरिक्त जिलाधिकारी यशवंत सोनावणे को जिंदा जला देने के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों को आज मनमाड शहर की स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में पोपट दत्तू शिंदे भी शामिल है जिसे हत्या का मुख्य अभियुक्त माना जा रहा है। इसके अलावा शिंदे के साले सीताराम बालेराव और सहायक राजू शिरसत, काचरू सुरोद, विकास शिंदे, दीपक बोरास, तौसिफ शेख और अल्ताफ शेख को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों को आठ फरवरी तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा। हत्या का एक और आरोपी और शिंदे का पुत्र कुणाल फरार है। शिंदे पर इससे पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं।

उधर, सोनावणे को जिंदा जलाकर मार देने की घटना के बाद सोनावणे के एक करीबी रिश्तेदार ने हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। सोनावणे के रिश्तेदार आनंद दानी ने कहा कि जब यह दुर्घटना हुई तो सोनावणे के निजी सहायक और चालक घटनास्थल पर मौजूद थे। यह आश्चर्यजनक है कि सिर्फ उन्हें ही निशाना बनाया गया। सोनावणे के मोबाइल फोन रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए और इस मामले को सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए।

दूसरी तरफ उड़ीसा विधानसभा में विपक्ष के नेता एकनाथ खड़से ने इस दुर्घटना के लिए खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग को जिम्मेवार ठहराया है। भारतीय रिपब्लिकन पार्टी के नेता और पूर्व सांसद प्रकाश अंबेडकर ने भी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।

नासिक में सोनवाणे की अंत्येष्टि

-मालेगांव के अतिरिक्त कलक्टर यशवंत सोनवाणे की अंत्येष्टि मंगलवार रात को नासिक में की गई। सोनवाणे को कथित तौर पर तेल में मिलावट करने वाले लोगों ने जला कर मार डाला था। इस अंत्येष्टि कार्यक्रम में सरकार के कई अधिकारी उपस्थित थे।

बहरहाल, इस मामले का मुख्य आरोपी पोपट शिंदे भी इस जघन्य घटना में जल गया और उसे नासिक के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, सोनवाणे [42 वर्ष] प्याज किसानों के प्रदर्शन की स्थिति की समीक्षा करने के बाद चंदरार गांव से वापस लौट रहे थे जब उन्होंने कुछ लोगों को पानेवाडी में सागर ढ़ाबा के पास किरासन तेल के टैंकर में मिलावट करते देखा। सोनवाणे ने उन्हें रोका और पूछताछ की। उन्होंने पुलिस को भी बुलाया। इसके बाद शिंदे और तीन अन्य लोगों ने अधिकारी पर तेल डाल कर आग लगा दी। सोनवाणे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

जिज्ञासा: …फिर आपका हर काम फायदेमंद होगा

हर कोई चाहता है उसको कर्म के परिणाम मिले और वह भी लाभ की शक्ल में। हानि उठाने को कोई भी तैयार नहीं है। जो लोग कर्म और उसके परिणाम के प्रति बहुत आग्रहशील हैं उन्हें अपने तन और मन की गति को संतुलित और नियंत्रित करना पड़ेगा। फकीरों ने कहा है-

मन चलतां तन भी चलै, ताते मन को घेर।
तन मन दोऊ बसि करै, होय राई सुमेर।।

मन से ही तन प्रभावित होता है। जब मन किसी विषय से आकर्षित होकर सक्रिय होता है, तो यह तन भी चलायमान हो जाता है। इसलिए सदैव मन को वश में करना चाहिए। यदि तन और मन दोनों को वश में कर लिया जाए तो इस थोड़े से समय में होने वाले संयम-साधना का परिणाम-लाभ सुमेरु पर्वत के समान पाया जा सकता है।

मन को साधने के लिए यूं तो अनेक तरीके हैं, लेकिन तीन तरीके थोड़े आसान हैं-पहला सत्संग किया जाए। इससे मन को शुभ समय मिलता है। दूसरा गुरु कृपा हो जाए। गुरु मंत्र की ताकत भी मन को नियंत्रित करने में मददगार होती है और तीसरा है थोड़ा योग किया जाए। मन के लिए कहा गया है-

पहिले यह मन काग था, करता जीवन घात।
अब तो मन हंसा भया, मोती चुनि-चुनि खात।।

पहले अज्ञान दशा में यह मन कौवे की भांति था। इसका खान-पान, बोल-चाल तथा रंग-ढंग आदि सब अशुभ था। यह हिंसक था, इसीलिए जीवों को घात करता था। परन्तु अब सत्संगति तथा सद्गुरु के ज्ञानोपदेश से मन हंस की भांति हो गया है। अत: सहज-सरल तथा विवेकी भाव से दुर्गुणों को छोड़कर सद्गुण-ज्ञान रूपी मोतियों को ही चुन-चुनकर खाता है। इसलिए मन पर काम किया जाए और मन का भोजन है सांस। जितनी गहरी सांस लेंगे और उसे अपनी चेतना से जोड़ेंगे उतना मन नियंत्रित होता जाएगा और संसार में मोतियों के परिणाम मिलेंगे।

भाजपा की ‘तिरंगा फहराओ’ रैली का नाटकीय अंत

भाजपा की विवादास्पद राष्ट्रीय एकता यात्रा आखिरकार कठुआ के शहीद चौक पर तिरंगा फहराने के साथ समाप्त हो गई है। इसके साथ ही भाजपा नेता सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और अनंत कुमार को जम्मू कश्मीर सुरक्षा बल ने रिहा कर दिया है। भाजपा के ‘तिरंगा फहराओ’ राजनीतिक नाटक का नाटकीय अंत हो गया है। अब भाजपा नेता और कार्यकर्ता घर वापसी के लिए निकल रहे हैं।

मालूम हो कि नई दिल्ली में भी गणतंत्र दिवस पर आयोजित परेड और अन्य कार्यक्रम अब समाप्त हो चुके हैं। भाजपा ने भी अपनी यात्रा को समाप्त करते हुए शहीद चौक पर ही तिरंगा फहरा कर संतोष कर लिया है। इससे पहले भले ही जम्मू -कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा नेताओं को गिरफ्तार किया हो, उन्होने अरुण जेटली को राज्य में गणतंत्र दिवस मन ाने के लिए ना सिर्फ आमंत्रिक किया बल्कि अलगाववादी नेताओं से बात-चीत कर विवाद सुलझाने का प्रस्ताव भी दिया।

उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर भाजपा की लाल चौक पर तिरंगा फहराओ रैली के जवाब में अलगाववादी ताकतों ने भी लाल चौक पर काले झंडे फहराने और गणतंत्र दिवस बहिष्कार का आयोजन किया था। इसलिए राज्य सरकार ने स्थिति की संवेदनसीलता को देखते हुए बाजपा की रैली पर रोक लगा दी थी, मौका नाजुक देख अलगाववादी नेता भी गिरफ्तार होने के डर से भूमिगत हो गए।

राज्य सरकार की मुस्तैदी के चलते कश्मीर सहित पूरे देश में गणतंत्र दिवस हंसी-खुशी के माहौल में मनाया गया।

टूटती सांसों के बीच जिन्दगी से संघर्ष

बांदा|| गणतंत्र दिवस के 62वें सालगिरह पर देश भर में जहां जश्न और खुशियों का माहौल है, वहीं देश के कई हिस्सों में अभी भी कुछ ऎसे लोग हैं जिन्हें दो वक्त की रोटी के लिए जी तो़ड मेहनत करनी प़डती है, तब जाकर मुश्किल से कहीं उनका पेट भरता है।

एक ऎसी ही बुजुर्ग ८५ वर्षीय महिला चंद्रकली है जो पिछले 40 साल से मोची का काम कर अपना गुजर बसर कर रही है।

सरकारी वृद्धा पेंशन से वंचित चंद्रकली जूतों के मरम्मत से रोजाना 20 से 25 रूपए की कमाई करती है। इन्हीं पैसों से उसे अपने खाने-पीने से लेकर दवा दारू का इंतेजाम करना प़डता है।
अतर्रा कस्बे के बिसंडा स़डक रेलवे क्रॉसिंग के पास फुटपाथ पर अपनी छोटी-सी दुकान में चंद्रकली बैठी मिल जाएगी।

चंद्रकली बताती है, “”पति दादूराम की 40 साल पहले बीमारी से मौत हो गई। पति भी इसी स्थान पर जूतों की सिलाई करता था। पति की मौत से वह टूट गई, लेकिन हिम्मत नहीं हारी।”” उसने बताया, “”उसका एक 60 साल का बेटा रामबाबू है जो पत्नी की बीमारी से कर्ज के बोझ में दब गया। बहू की भी मौत हो गई। कई साल हो गए, बेटा दिल्ली भाग गया है। अब उसके आगे-पीछे कोई नहीं, सिर्फ बांस की लाठी का सहारा है।””

पति से विरासत में मिले जूतों की सिलाई (मोची का काम) खाने-कमाने का जरिया है। दिन भर में 20-25 रूपये की कमाई करने वाली चंद्रकली आधा पेट भोजन कर रेल पटरी के किनारे अपने कच्चे घर में सो जाती है। अर्से से उसने दाल-सब्जी नहीं खाई। सिर्फ नमक-रोटी खाकर गुजारा करती है। पहले लहसून और प्याज की “चटनी” से काम चल जाता था, महंगाई की मार से अब वह भी नसीब नहीं है।

उसे सरकारी सुविधाओं से भी महरूम किया गया है। उसके पास किसी प्रकार का राशन कार्ड नहीं है। प़डोसियों के सामने मिट्टी के तेल के लिए हाथ पसारना प़डता है, तब कहीं जाकर शाम के समय उसके घर में थो़डी सी रोशनी होती है।

समाज कल्याण विभाग से एक साल पहले पेंशन बंधी वह भी कई महीनों से नहीं मिली। जन कल्याण की किसी योजना का लाभ उस तक नहीं पहुंचा है। समाजसेवी राजाराम यादव का कहना है, “”सरकारी तंत्र गरीब और असहायों की मदद करने में नाकाम है। चंद्रकली की हालत मानवता को झकझोरती है।”” उप जिलाधिकारी अतर्रा के.सी. वर्मा ने बताया, “”अधीनस्थों से जांच कराकर चंद्रकली को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।””

महिला प्रधान व उसके भतीजे की हत्या

सीतापुर|| उत्तर प्रदेश में सीतापुर जिले के लहरपुर क्षेत्र में बीते दिन चुनावी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने महिला ग्राम प्रधान और उसके भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी और पति एवं पुत्र को घायल कर दिया।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मेरिया पर्सिया के पास नहर पर ग्राम प्रधान सुदामा उसकापति बचान, पुत्र संजय और भतीजा अमर सिंह कहीं जा रहे थे। इस दौरान राजेन्द्र, बृजेश, फेरीलाल सिद्दीकी, रघुवीर व अन्य चार लोगों ने उन्हें गोली मार दी। जिससे श्रीमती सुदामा और उसके भतीजे अमर सिंह की मृत्यु हो गई।

गंभीर रुप से घायल ग्राम प्रधान के पति और पुत्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभियुक्त राजेन्द्र पंचायत चुनाव में प्रधान पद का प्रत्याशी था और सुदामा से पराजित हो गया था। इसी रंजिश के चलते यह घटना घटित हुई।

घटना के बाद हत्यारे फरार हो गए। पुलिस सरगर्मी से उनकी तलाश कर रही है। शव पोस्टपार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।

देश भर में गणतंत्र दिवस की धूम

नई दिल्ली||  आज पूरे देश में 62वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। खूशमिजाज मौसम के बीच मुख्य समारोह राजधानी दिल्ली के राजपथ पर आयोजित किया गया, जहां पर राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटील ने परेड की सलामी लीं।

विभिन्न राज्यों की राजधानियों, जिला मुख्यालयों और स्कूल-कालेजों में भी इस मौके पर समारोह आयोजिए किए गए। इस वर्ष इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसिलो वाम्बांग युधोयोनो मुख्य अतिथि के रूप में राजपथ पर राष्ट्रपति के साथ मौजूद थे।

राजपथ पर सैनिक ताकत और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन देखने के लिए हजारों लोग उपस्थित हुए। परेड में परम्परागत रूप से भारतीय सेना के नए आयातित हथियारों और स्वेदश में विकसित रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन किया गया।

काली नदी को साफ करने के लिए लगेगा ढाई करोड़ का प्लांट

बुलंदशहर।। बुलंदशहर के काली नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए नगर पालिका ने अहम फैसला लिया है। नदी में पड़ने वाले गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस काम में ढाई करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। केंद्र व राज्य सरकार 80 पर्सेंट अनुदान देगी। बाकी नगर पालिका खर्च वहन करेगी।

जहरीला होने की वजह से काली नदी के जलीय जीवजंतु नष्ट हो गए हैं। काली नदी के पास से गुजरते समय नाक पर कपड़े का सहारा लेना पड़ता है। नगर पालिका ने काली नदी के उद्धार के लिए इसमें पड़ने वाले गंदे पानी पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

नगर पालिका के ईओ अरुण गुप्ता ने बताया कि काली नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जिन फैक्ट्रियों का गंदा पानी उसमें डाला जा रहा था उन फैक्ट्रियों के मालिकों को पानी बंद करने का नोटिस जारी कर दिया है।
अगर वे नोटिस के बाद भी आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाए गए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका ने राज्य सरकार को ढाई करोड़ का बजट बनाकर 2007 की नवंबर माह में भेजा था। शासन न इसे स्वीकार कर लिया है। नगर पालिका ने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन की पहचान भी कर ली है। अथॉरिटी इसका नक्शा तैयार करेगा।

डॉ कौशल फर्रुखाबाद के बीएसए नियुक्त

फर्रुखाबाद: जनपद में बीएसए कार्यालय और बीएसए गत दस सालों से विवादों के कारण चर्चा में रहते है| यहाँ नियुक्त रहे बीएसए दागदार होने के बाद ही हटते है| हाल ही में बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी निलम्बित होकर यहाँ से गए वहीँ इससे पूर्व राघवेन्द्र बाजपाई को भी शिकायतों के बाद बीएसए पद छोड़ कर फिरोजाबाद डायट प्राचार्य पद पर जाना पड़ा था| और कुछ दिनों बाद उन्हें निलंबन का मुह देखना पड़ा था|

रामसागर पति त्रिपाठी के बाद उनके स्थान पर शासन ने विधिवत बीएसए पद पर नियुक्ति कर दी है| वैसे भी माल वाले पद कहाँ खाली रहते है भले ही वो कितने ही काँटों भरे हो| कहते है की गुलाब भी तो काँटों में खिलता है|
नई खबर ये है कि डॉ कौशल किशोर को डायट बस्ती प्राचार्य पद से बीएसए फर्रुखाबाद पद पर भेजा जा रहा है| श्री कौशल के २७ जनवरी को चार्ज लेने की सम्भावना है| अभी वर्तमान में आईएएस अनिल ढींगरा के पास बीएसए का चार्ज है|

एडीएम कार्यालय में भिड़े प्रधान और शिक्षक नेता

फर्रुखाबाद: शिक्षक उमा यादव के पति की आत्महत्या के बाद उपजे विवाद में चल रही न्यायिक जाँच में एसडीएम रविन्द्र वर्मा के पक्ष में बयान दर्ज कराने आये राजेपुर ब्लाक के प्रधानो की एडीएम कार्यालय प्रांगण में भिडंत हो गयी| प्रधानो में मास्टरों पर शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने और घटिया स्कूल भवन का आरोप जड़ा तो शिक्षकों ने प्रधानो पर मिड डे मील के राशन और कन्वर्जन कास्ट की चोरी का आरोप जड़ डाला| मामले को एडीएम सुशील चन्द्र श्रीवास्तव ने बीच बचाव कर शांत किया|

मंगलवार न्यायिक जाँच के दूसरे दिन कई शिक्षक नेता और शिक्षक भूपेश पाठक के समर्थन में ब्यान देने आये तो वहीँ एसडीएम रविन्द्र वर्मा के पक्ष में पेशे से वकील व् राजेपुर ब्लाक के बलीपट्टी के प्रधान ब्रह्मदत्त शुक्ल की अगुआई में राजेपुर ब्लाक के कई प्रधान जैसे इकबाल खान, शिवकुमार आदि बयान देने एडीएम कार्यालय पहुचे| इसी बीच शिक्षक नेता लालाराम दुबे नरेन्द्र राजपूत और नरेन्द्र सोलंकी सहित कई शिक्षको से प्रधानो का आमना सामना हो गया| प्रधानो ने आरोप लगाया कि एसडीएम साहब ने सही शिकंजा कसा था| इलाके में शिक्षा की हालत ख़राब है| दर्जनों शिक्षक स्कूल जाए बिना ही वेतन लेते है| नौनिहालों के लिए बनाये गए स्कूल में मास्टरों ने घटिया निर्माण करा कर बच्चो की जिन्दगी खाते में डाल दी है| इंतना सुनते ही शिक्षको की भौए तन गयी उन्होंने भी प्रधानो को आड़े हाथो लेते हुए मिड डे मील में घोटाले में संलिप्तता का आरोप जड़ डाला|