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मोहन ने बसपा छोड़ जनक्रांति पार्टी का दामन थामा

फर्रुखाबाद: बसपा सांसद नरेश अग्रवाल के खास समर्थक मोहन अग्रवाल ने आज जनक्रांति पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली| मोहन के पार्टी में शामिल होने से खासकर शहर व बनिया समाज में पार्टी की पकड़ मजबूत हुई है|

शीतग्रह व्यवसायी एवं फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष मोहन अग्रवाल अपने समर्थक पप्पू रस्तोगी सुरेन्द्र पाल, राजीव अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, गुंजन रस्तोगी, आनंद विक्रम सिंह बिट्टू, प्रधान विजय यादव आदि के साथ बरेली संजय कम्युनिटी हाल पहुंचे| वहां जनक्रांति पार्टी के अध्यक्ष राजवीर सिंह उर्फ़ राजू भैया ने मोहन अग्रवाल को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई|

राजू भैया वहां बरेली मंडल के कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे थे| मोहन को पार्टी में शामिल कराने में प्रदेश के उपाध्यक्ष मुकेश राजपूत की विशेष भूमिका रही| इस दौरान जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कटियार आदि मौजूद रहे|

मोहन अग्रवाल ने बताया की वह कार्यकर्ता की हैसियत से जनक्रांति पार्टी में शामिल हुए हैं| यदि उन्हें सदर विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड़ाया जाएगा तो वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं|

स्टेट बैंक का जरनेटर सील

फर्रुखाबाद: जरनेटर के शोर से परेशान एक अध्यापक की शिकायत पर एसडीएम सदर कोर्ट के आदेश पर कमालगंज की स्टेट बैंक शाखा का जरनेटर सील कर दिया गया|

कमालगंज निवासी अध्यापक सालिग्राम स्टेट बैंक की कमालगंज शाखा के निकट रहते है| बैंक में चलने वाले जरनेटर में बिना केनोपी और साइलेंसर के कारण शोर से परेशान होकर उन्होंने बैंक में मेनेजर से शिकायत की मगर अनसुनी कर दी गयी| इसके बाद सालिकराम ने एसडीएम सदर की अदालत में मुकदमा ठोक दिया| अदालत ने बैंक जरनेटर को सील करने का आदेश कर दिया जिसके अनुपालन में थाना कमालगंज पुलिस ने देर शाम जरनेटर सील कर दिया गया|

1 फरवरी: फर्रुखाबाद की अपराधिक घटनायें

निःसंतान महिला फांसी पर लटकी

फर्रुखाबाद: घरेलू कलह के कारण निःसंतान सोनी ने फांसी लगाकर जान दे दी| सोनी थाना कमालगंज के ग्राम अखिमेलपुर निवासी अरुण सिंह की २८ वर्षीय पत्नी थी| वह आज सायं गले में साड़ी का फंदा डालकर लटक गई| भयभीत परिजन घर छोड़कर भाग गये|

कोतवाली गुरसहायगंज के ग्राम आलमपुर निवासी धर्मेन्द्र सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे जो रिश्ते में सोनी के मौसा हैं| मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी सोनी का ३० वर्ष पूर्व विवाह हुआ था|

दुर्घटना में २ घायल

फर्रुखाबाद: दुर्घटना में थाना राजेपुर के ग्राम सलेमपुर निवासी पुरोहित सुशील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया| वह टैम्पो से नीवकरोरी मंदिर जा रहे थे|रास्ते में टैम्पो पलटने से गंभीर रूप से घायल हो गये|

* दुर्घटना में कन्नौज की कोतवाली छिबरामऊ निवासी वीरपाल का १९ वर्षीय पुत्र रिंकू घायल हो गया| वह ट्रक की हेल्परी कर रहा था| पिकप बिल्हौर के निकट पलट गई घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया|

ट्रेन की छत पर यात्रा कर रहे कई छात्रों की मौत

शाहजहांपुर|| एक बड़ी और दुखद खबर उत्तरप्रदेश के शाहजहांपुर की है जहां बरेली में आईटीबीपी में भर्ती के लिए ट्रेन से सफर कर रहे कई छात्रों की मौत हो गई है। जो खबर मिल रही है उस से पता चल रहा है कि ये सभी छात्र जम्मूतवी ट्रेन की छत पर बैठे थे, जो कि हाईटेंशन तार की चपेट में आ गये, जिससे उनकी मौत हो गई। हादसे में कई छात्र घायल भी हो गए हैं, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मरने वालों की संख्या के बारे में अभी ठीक से पता नहीं चल पाया है क्योंकि जीआरपी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मरने वालों की संख्या 6 से 12 के बीच है। गुस्साए लोगों ने ट्रेन में आग लगा दी है, पूरी ट्रेन में आग फैल गई है। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन को खाली करा दिया गया है।

बरेली रेंज के आई जी ने बताया कि बरेली में आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) की भर्ती के चलते करीब 12 राज्यों से लाखों की तादाद में छात्र पहुंचे थे। भर्ती निरस्त किए जाने के बाद यह छात्र वापस अपने घरों को लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें सूचना मिली है कि शाहजहांपुर से लखनऊ के बीच हिमगिरी एक्सप्रेस की छत पर सवार कुछ छात्र करंट की चपेट में आए हैं।

सूचना के मुताबिक तीन छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई लेकिन बाद में यह संख्या 12 हो गयी। यह संख्या और भी बढ़ सकती है।
गौरतलब है कि यहां सेना में भर्ती के दौरान शामिल होने आए युवकों ने जमकर हंगामा किया है, मिली जानकारी के मुताबिक, इस भर्ती अभियान में 400 पोस्ट के लिए करीब 45 से 50 हजार युवक आए थे।इनके रजिस्ट्रेशन में देरी होने की वजह से युवक आक्रोशित हो गए।

लेखपालों की हड़ताल से तहसील दिवस प्रभावित

फर्रुखाबाद: जिले के सभी लेखपालों के हड़ताल पर होने के कारण तहसील सदर अम्रतपुर व कायमगंज के तहसील दिवस प्रभावित हुए| किसी भी लेखपाल ने तहसील दिवस में आये शिकायती पत्रों की जांच लेने से साफ़ मना कर दिया| तहसील दिवस में ६९ शिकायती पत्रों में मात्र दो का ही निस्तारण हो सका|

लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राम प्रकाश तिवारी, तहसील सदर अध्यक्ष बलवीर सिंह यादव की अगुवाई में तहसील फर्रुखाबाद परिसर में लेखपालों ने धरना दिया| लेखपालों ने सुबह ही तय कर लिया था कि कोई भी साथी तहसील दिवस के शिकायती पत्रों को जांच के लिए नहीं लेगा|

लेखपालों ने इस बात पर रोष व्यक्त किया कि शासन एवं वित्त विभाग की सहमति के पश्चात भी पूर्व में हुए समझौते के परिपेक्ष में लंबे अंतराल के बावजूद भी राज आज्ञाएं जारीं नहीं की| बैठक में कहा गया कि जब तक राज आज्ञा जारी नहीं होगी तब तक तहसील व थाना दिवस का बहिष्कार किया जाएगा|

बैठक में ए आरके राजेन्द्र श्रीवास्तव, श्याम बाबू श्रीवास्तव, संजय प्रताप सिंह, पप्पू सक्सेना आदि लेखपाल मौजूद रहे|

लौट के बुद्धू घर को आये

फर्रुखाबाद: पंचायत चुनाव में गडबडी के आरोप में जिलाधिकारी द्वारा कार्यमुक्त सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचायत श्रवण कुमार को निर्वाचन आयोग ने दोबारा फर्रुखाबाद के लिए ही वापस कर दिया|

जिलाधिकारी ने बहाली तो कर दी है लेकिन काम अभी एसडीएम अम्रतपुर रवीन्द्र वर्मा के पास ही है|

मंदिर मस्जिद के निकट जलभराव को लेकर प्रदर्शन

फर्रुखाबाद: नगर के मोहल्ला तलैया फजल इमाम में ब्रह्मदेव मंदिर से लेकर प्राचीन मस्जिद तक महीनों से जलभराव के समस्या को लेकर मोहल्ले वालों का धैर्य टूट गया| सभासद श्याम सुन्दर उर्फ़ लल्ला ने मोहल्ले वालों के साथ तहसील दिवस में उपजिलाधिकारी अनिल धींगरा को शिकायती पत्र दिया|

श्री धींगरा को अवगत कराया गया कि मंदिर में पूजन व मस्जिद में नवाज के लिए जाने वाले लोगों को गंदे पानी से निकलना पड़ता है|

स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों व वृद्धों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है| जलभराव के कारण डेंगू फ़ैल चुका है| ५ माह पूर्व चेयरमैन भी आकर गंदगी को देख गए हैं| जिन्होंने १५ दिन में समस्या का समाधान करने का वायदा किया था|

श्री धींगरा ने स्वास्थय निरीक्षक से घटना की जानकारी लेकर चेयरमैन से वार्ता करके समस्या का समाधान करने का आश्वाशन दिया| श्री लल्ला ने बताया कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मोहल्ले वालों के सहयोग से सड़क पर जाम लगाया जाएगा|

उधर कटरी धर्मपुर के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने सहायता धनराशि की चेक न मिलने की शिकायत की|

जनहित- बाढ़ राहत का शत प्रतिशत वितरण

फर्रुखाबाद: जनहित में ये सूचना प्रकाशित की जा रही है कि फर्रुखाबाद जिले में तहसीलवार बाढ़ राहत चेको का वितरण निम्न सूची अनुसार किया गया है| कृपया पाठक इस सूचना को बाढ़ प्रभावित इलाको में पूछ बताकर भौतिक स्थिति जो मिले उसे इसी खबर के नीचे अपने कमेन्ट बॉक्स में लिख दे| जे एन आई पाठको/जनता की सूचना को सरकार तक पंहुचा देगा|

तहसील सदर में सरकारी आंकड़ो के अनुसार शत प्रतिशत वितरण कर दिया गया है- इसमें बढ़पुर ब्लाक और कमालगंज ब्लाक के गाँव आते है|
तहसील- सदर- कुल राहत स्वीकृत- 37,48,000 वितरण- 37,48,000
तहसील-कायमगंज-कुल राहत स्वीकृत- 4,77,64,000 वितरण- 3,87,70,157
तहसील-अमृतपुर-कुल राहत स्वीकृत- 3,42,88,000 वितरण- 2,23,35,553

बाढ़ राहत में गोलमाल पर लेखपाल और प्रधानों पर DM का डंडा

फर्रुखाबाद: बाढ़ हो या सूखा राहत के नाम पर हमेशा गरीब ही मारा जाता है और सरकारी कर्मी व प्रधान मिलकर अपनी किस्मत चमकाते हैं| इस वर्ष आयी गंगा व रामगंगा की भीषण बाढ़ में तवाह हुए किसान और ग्रामीण बाढ़ राहत सहायता के लिए दर-दर भटक रहे हैं|

बढपुर ब्लाक के ग्राम सभा कटरी धर्मपुर में ग्रामीणों और किसानों ने लेखपाल पर बाढ़ राहत की चेकों के वितरण में धांधली के आरोप लगाए हैं| इस मामले की शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने तहसील दिवस में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर प्रदर्शन किया|

जिलाधिकारी मिनिस्ती एस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच एएसडीएम चन्द्र प्रकाश उपाध्याय को सौंप दी है| एएसडीएम ने फ़ौरन जांच शुरू करते हुए तहसीलदार से बाढ़ राहत से सम्बंधित सभी दस्तावेज तलब कर लिए हैं|

प्रधानों और लेखपालों की मनमानी पर डीएम का डंडा

जिलाधिकारी मिनिस्ती एस ने प्रधानो और लेखपालों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वह बाढ़ राहत की चेकें शिविर लगाकर सार्वजनिक रूप से बांटी जाएँ|

पेट्रोल के दाम फिर बढ़ सकते हैं!

पेट्रोल की कीमतों में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी हो सकती है, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं| अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है|

सूत्रों के मुताबिक तेल कंपनियां फिर से दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं. पिछले साल जून से पेट्रोल के दाम को बाजार के भरोस छोड़ दिया गया है. पहले पेट्रोल की कीमत सरकार तय करती थी|

कंपनियों का कहना है कि वे नुकसान उठाकर सस्ता पेट्रोल और डीजल बेच रही हैं. पेट्रोल के हर लीटर पर 3 रुपए और डीजल पर 8 रुपए का नुकसान उठाकर बेचना पड़ रहा है|

कंपनियों का कहना है कि दाम तय करने के नए तरीके से पेट्रोल पर कुछ राहत हुई है लेकिन डीजल के दाम अभी भी सरकार तय करती है इसलिए उसपर कंपनियों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है|

हालांकि सरकार डीजल किरोसिन तेल,एलपीजी को सस्ता रखने के लिए 8000 करोड़ रुपए की अनुदान देने जा रही है|

बढ़ोतरी के बाद तेल की आपूर्ति में रुकावट आने की आशंका के बाद तेल के दामों में बढ़ोतरी हुई है| सबसे ज्यादा आशंका स्वेज नहर और सम्द पाइपलाइन के जरिए होने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति में ठहराव को लेकर है|

गौरतलब है कि सितंबर 2008 में कच्चे तेल का भाव 147 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था. कच्चे तेल में आए उछाल का असर भारत में दिखने लगा है|

बीती रात से सरकारी तेल कंपनियों ने हवाई ईंधन के दामों में 4.5% की बढ़ोतरी कर दी है. अब एक किलोलीटर हवाई ईँधन के लिए 50,958.79 रुपए चुकाने होंगे|

जिसका अंतिम भार अब यात्रियों को उठाना होगा. हवाई यात्रा की कुल लागत में 40 फीसदी हिस्सा ईंधन का है.मिस्र हर दिन 6,85,000 बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है|

दुनिया का 30वां सबसे ज्यादा तेल उत्पादन करने वाला देश है| मिस्र के तेल उत्पादन का ज्यादातर हिस्सा घरेलू जरूरतों को पूरा करने में चला जाता है, इसलिए मिश्र तेल निर्यातक देश के लिहाज से खास महत्व्पूर्ण नहीं है|

इसका मतलब है कि करीब 6000 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी. आम लोगों को सबसे ज्यादा आशंका खुदरा पेट्रोल के दाम को लेकर है|

सूत्रों के मुताबिक तेल कंपनियां फिर से दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं. पिछले साल जून से पेट्रोल के दाम को बाजार के भरोस छोड़ दिया गया है. पहले पेट्रोल की कीमत सरकार तय करती थी|

अब तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के हिसाब से घरेलू दाम में बदलाव कर रही हैं. दाम तय करने की नई प्रथा के बाद अब तक 7 बार पेट्रोल के दाम बढ़ चुके हैं|

सीधे जनवरी 2010 से देखा जाय तो 48 रुपए प्रति लीटर के भाव पर मिलने वाला पेट्रोल अब 60 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच चुका है. गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है|

भारत इनमें से साउदी अरब,ईरान,ईराक,कुवैत और यमन से तेल आयात करता है. इस बीच ईरान से पेमेंट मॉडल को लेकर चल रहा विवाद इस संकट को और बढ़ा सकता है. सउदी अरब के बाद ईरान दूसरा सबसे बड़ा आपूर्ती करने वाला देश है|

कुल मिलाकर पश्चिम एशिया की हलचल के बाद कच्चे तेल का आयात बिल बढ़ना तय है.चालू कारोबारी साल के पिछले आठ महीनों में भारत कच्चा तेल खरीदने के लिए 57 अरब डॉलर खर्च कर चुका है|

पिछले कारोबारी साल यानी 2009-10 में यह लगात 38 अरब डॉलर थी.कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने के बाद घरेलू कंपनियों पर दाम बढ़ाने का दबाव लगातार बढ़ रहा है|

कंपनियों का कहना है कि वे नुकसान उठाकर सस्ता पेट्रोल और डीजल बेच रही हैं. पेट्रोल के हर लीटर पर 3 रुपए और डीजल पर 8 रुपए का नुकसान उठाकर बेचना पड़ रहा है|

कंपनियों का कहना है कि दाम तय करने के नए तरीके से पेट्रोल पर कुछ राहत हुई है लेकिन डीजल के दाम अभी भी सरकार तय करती है इसलिए उसपर कंपनियों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है|