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दबंग मुर्गे ने युवती पर किया हमला, भगाने पर किया घायल

फर्रुखाबाद:1March||  दबंग मुर्गे ने युवती पर हमला कर दिया जब युवती ने जान बचाने के लिए मुर्गे को भगाया तो युवती यासमीन को पीटकर घायल कर दिया गया|

युवती यासमीन मोहल्ला कटरा बू अली निवासी रफीक की युवा पुत्री है| वह अपने माँ-बाप छोटे भाई बहनों के साथ मुजफ्फर रहमानी के मकान में किराए पर रहती है| वह बीते दिन हैण्ड पम्प पर पानी भरने गई तभी पड़ोसी अहमद के मुर्गे ने हमला कर दिया| अक्सर काट लेने के कारण यासमीन ने ईंट मारकर मुर्गे को भगाया| इसी बात पर अहमद व अल्ला रक्खा ने गाली-गलौज कर यासमीन के साथ बदसलूकी की|

यासमीन को जरदोजी कारीगरों ने बचाया| आज सुबह ६ बजे यासमीन नमाज के लिए हैण्ड पम्प से पानी लेने गई तभी वहां अहमद उसके बेटे अल्ला रक्खा, पत्नी मुख्तरी व पुत्री रेशमा ने मार पीटकर घायल कर दिया| पुलिस ने हमलावरों के विरुद्ध सूचना दर्ज कर ली|

दुर्घटना में मौलवी सहित तीन घायल

फर्रुखाबाद: मार्ग दुर्घटना में दो मौलवी सहित तीनों घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया|

थाना अमृतपुर पुलिस ने थाना कमालगंज के ग्राम ईशापुर निवासी मौलाना आफताब व मौलाना जैनुल आबदीन तथा पड़ोसी जिला शाहजहांपुर थाना मिर्जापुर के ग्राम उदयपुर निवासी भोडा निवासी कलीमुद्दीन के १६ वर्षीय पुत्र फरेयूद्दीन को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया|

पुलिस को तीनों घायल कुठला ताल के निकट घायल पड़े मिले| मौलाना जैनुल अपनी बाइक पर मौलाना आफताब व फरेयूद्दीन को बिठाकर आज सुबह गाँव ईशापुर जा रहे थे| जब वह कुठला ताल के निकट से गुजर रहे थे तभी ट्रैक्टर चालक ने जोरदार टक्कर मार दी| आफताब मोकुलपुर में तथा जैनुल उदयपुर भूडा के मदरसे में बच्चों को पढ़ाते है|

दुर्घटना में जैनुल के कूल्हे व पैर की हड्डी टूट गयी खून बंद न होने से उनकी हालत गंभीर हो गयी| उन्हें रिफर कराकर अस्पताल ले जाया गया| अमृतपुर थाने के एसो बाईपी शर्मा ने बताया कि क्षतिग्रस्त बाइक, ट्रैक्टर सहित चालक कब्जे में है|

चौकी के निकट फायरिंग में 10 विरोधी फंसे, दूसरे पक्ष की FIR

फर्रुखाबाद:1 march|| शहर कोतवाली पुलिस बीते दिन घटियाघाट पुलिस चौकी के निकट ही दिन दहाड़े फायरिंग करने वाले लोगों पर मेहरवान हो गई| पुलिस ने आज सुलतान की ओर से १० विरोधियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली|

रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए हमलावरों ने मुंह माँगी रुपये देकर पुलिस को संतुष्ट किया| मोहल्ला खाताक्पुरा सिद्दीकी निवासी मुल्तान ने मुकद्दमे की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आज दोपहर कार्यवाहक के इंस्पेक्टर श्री शुक्ला को तहरीर दी| श्री शुक्ला ने मुंशी को तुरंत रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया|

मुल्तान ने बताया कि उनको सोता बहादुरपुर के शकील ने सुलतान की तहरीर दी थी| तहरीर पर सुलतान का अंगूठा लगा था लेकिन तहरीर में लेखक का नाम नहीं लिखा था और न ही तहरीर में सुलतान में रिपोर्ट दर्ज किये जाने की मांग की थी|

तहरीर के मुताबिक़ भगुआ नगला नयी बस्ती के लियाकत एवं उनके भाई नूर हसन, लियाकत के पुत्रों अमीर हसन व जहीर, शमसाद तथा मुस्ताक, इस्तियाक, नन्हे, अवरार व नसरुद्दीन को आरोपी बनाया गया|

अभियुक्तों पर पंचायत घर के सामने गाली गलौज करते हुए लाठी, डंडों व असलहों से मारपीट व जान से मारने के लिए फायरिंग करने का आरोप लगाया गया| हमले में लोगों को घायल दर्शाया गया लेकिन किसी एक के भी नाम का खुलासा नहीं किया गया| तहरीर के मुताबिक़ सुलतान जान बचाकर भाग निकला और कोतवाली पहुंचा|

बीते दिन नूर हसन ने हमलावर १० ग्रामीणों के विरुद्ध केस दर्ज कराया था|

बम बिस्फोट के केस में पुलिस ने नौकर को बनाया गवाह

फर्रुखाबाद:1March|| शहर कोतवाली पुलिस ने बम बिस्फोट के केस में नौकर अजय सिंह ठाकुर को गवाह बनाकर फैक्ट्री मालिक व उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया| जबकि बिस्फोट में घायल सुमित अग्रवाल को उपचार के लिए आगरा ले जाया गया|

कादरीगेट चौकी के दरोगा अनेक सिंह ने मोहल्ला घमंडी कूंचा निवासी गोपाल नरायन अग्रवाल व उनके बेटे शरद व सुमित के विरुद्ध बिस्फोटक अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई| रिपोर्ट के मुताबिक़ बिस्फोट के बाद गोपाल व शरद को मौके से ही पकड़ा गया| जिन्होंने स्वीकार किया कि वह बिस्फोटक सामिग्री गंधक पोटास से बम बना रहे थे| घायल सुमित ने पुलिस को बताया कि वह बिस्फोट से घायल हुए हैं| पुलिस को बिस्फोटक सामिग्री के स्टाक एवं बिक्री रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया|

गंगा नगर कालोनी निवासी मजदूर अजय सिंह ने बताया कि वह धान मिल में १२० रुपये प्रतिदिन पर मजदूरी करता है| जब बिस्फोट हुआ था तब वह हाँथ-पैर धोने चला गया था| किसी धातु का टुकड़ा कान में लगने से खून निकला| शरद ने बताया कि बिस्फोटक सामिग्री बेंचने के लाएसेंस के नवीनीकरण के लिए कोतवाली से रिपोर्ट लगवाई थी| कोतवाली के पैरोकार ने रिपोर्ट को गायब कर दिया था| उसके बाद पंचायत चुनाव आदि के कार्यक्रम होने के कारण वर्ष २००९ में लाएसेंस का नवीनीकरण नहीं हो सका|

कार्यवाहन इंस्पेक्टर श्री शुक्ला एसएस आई ने बताया कि गोपाल नरायन व शरद को गिरफ्तार कर लिया गया है| उन्होंने स्वीकार किया कि नौकर अजय को मुकद्दमे का गवाह बनाया गया है| फायर सर्विस आफीसर आरके बाजपेयी ने जांच-पड़ताल करने के बाद बताया कि गोदाम में ३२ बोरी गंधक व १ बोरी पोटास मिली है| एक बोरी का बजन ५० किलो है|

आग से झुलसी महिला की मौत, 2 और झुलसे

फर्रुखाबाद:1March||  आग से झुलसी नव विवाहिता अंजुम बानों की बीती रात लोहिया अस्पताल में मौत हो गई|

अंजुम थाना व कस्बा हरपालपुर निवासी छुट्टन की २५ वर्षीय पत्नी थी| उसका ९ माह पूर्व ही सलमान के साथ निकाह हुआ था| सलमान थाना मऊदरवाजा के मोहल्ला नौलक्खा में सफी के यहाँ किराए पर रहकर जरदोजी का कार्य करता था|

९ फरवरी को जलती कुप्पी गिर जाने से अंजुम बुरी तरह झुलस गई थी| ससुर नवाव हुसैन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था| पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया|

* कमालगंज निवासी गंगाराम दिवाकर का २५ वर्षीय पुत्र अमरसिंह संदिग्ध परिस्थितियों में बुरी तरह आग से झुलस गया| बताया गया कि जलती कुप्पी उसके ऊपर गिर पडी|

थाना नया गाँव के ग्राम सुर्खीपुर निवासी विजयपाल सिंह की गंभीर रूप से झुलसी २८ वर्षीय पत्नी तारावती को प्राईवेट अस्पताल से रिफर कराकर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया| तारावती १४ जनवरी को झुलस गई थी|

सौतेले बच्चों को जहर देकर नई नवेली दुल्हन जेवरात, नगदी लेकर फरार

बिजनौर।। उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले के नांगल सोती गांव में एक नई नवेली दुल्हन अपने तीन सौतेले बच्चों को जहर खिलाने के बाद घर में रखी नकदी और जेवरात लेकर भाग गई।

पुलिस ने आज बताया कि नांगल सोती गांव में रहने वाले अनिल जोशी की पहली पत्नी की तीन साल पहले मृत्यु हो गई थी। पहली पत्नी से उसके 5 बच्चे थे। बच्चों की देखभाल और घर के रखरखाव के लिए जोशी ने काशीपुर की निवासी एक महिला से शादी की थी।

सूत्रों ने बताया कि गत 26 फरवरी को वह नवविवाहिता विदा होकर जोशी के घर आई थी। अगले दिन जोशी अपने दो बेटों के साथ किसी काम के सिलसिले में बाहर गया था।

उन्होंने बताया कि जोशी के जाने के बाद उसकी पत्नी ने खाने में जहरीला पदार्थ मिलाकर घर में मौजूद तीन बच्चों को खिला दिया जिससे वे बेहोश हो गए। मौका देखकर महिला घर में रखी नकदी और जेवरात लेकर भाग गई। पड़ोसियों ने बेहोश बच्चों को नजीबाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया।

पुलिस ने इस सिलसिले में मामला दर्ज कर उस महिला की तलाश शुरू कर दी है।

गोधरा कांड में अदालती फैसला: 11 को मौत, 20 को उम्र कैद की सजा

गोधरा कांड में दोषी ठहराए गए 11 आरोपियों को विशेष अदालत ने मौत की सजा और 20 अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साल 2002 की इस घटना में 59 कारसेवकों के मारे जाने के बाद गुजरात में फैले दंगों में 1,200 से भी ज्यादा लोग मारे गए थे।

विशेष न्यायाधीश पीआर पटेल ने इस मामले को दुर्लभ में भी दुर्लभतम की श्रेणी में रखते हुए 11 दोषियों को मौत की सजा सुनाई, जबकि दोषी ठहराए गए 20 अन्य लोगों को उम्रकैद की सजा दी गई।

लोक अभियोजक जेएम पंचाल ने कहा कि गोधरा के पास साबरमती एक्सप्रेस के एस6 कोच में आग लगाने की साजिश में उनकी सक्रिय भूमिका देखते हुए अदालत ने 11 लोगों को मौत की सजा दी है।

अदालत ने उम्रकैद की सजा पाने वाले दोषियों पर विभिन्न धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया है, जो उनकी कैद के साथ—साथ चलेगा। अभियोजन पक्ष का कहना था कि यह बहुत जघन्य अपराध था और इसलिए सभी 31 दोषियों को मौत की सजा दी जानी चाहिए।

इसके पहले 22 फरवरी को अदालत ने 31 लोगों को इस मामले में दोषी ठहराया था। अदालत ने अभियोजन पक्ष की इस बात को स्वीकार किया था कि इस घटना के पीछे एक साजिश थी। अदालत ने 31 आरोपियों को धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया था।

इन सभी को धारा 147, 148 (घातक हथियारों के साथ हमला करना), 323, 324, 325 और 326 (नुकसान पहुंचाना), और 153ए (धार्मिक आधार पर विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ाना) के अलावा भारतीय रेलवे अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निरोधक अधिनियम और बंबई पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी दोषी ठहराया था। अदालत ने इस मामले में 63 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।

इससे पहले गोधरा नरसंहार मामले के 31 दोषियों को सजा सुनाए जाने के बारे में विशेष अदालत ने शुक्रवार को फैसला एक मार्च तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने दोषियों को प्राणदंड देने का आग्रह किया।

न्यायाधीश आरआर पटेल ने सजा को लेकर साबरमती जेल में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद फैसला मंगलवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने 22 फरवरी को इस मामले में 31 लोगों को दोषी करार दिया था और 63 अन्य को बरी कर दिया था। अपने फैसले में अदालत ने माना था कि 2002 में हुए गोधरा कांड के पीछे एक साजिश थी, जिसमें साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे में 59 कारसेवकों को जिंदा जला दिया गया था।

गोधरा कांड के बाद गुजरात में बड़े पैमाने पर दंगे हुए, जिनमें 1200 से अधिक लोग मारे गए थे। दंगों में मरने वालों में अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग थे। सरकारी वकील जेएम पांचाल ने अदालत से बाहर आकर कहा था कि हमने सभी 31 दोषियों को फांसी की सजा देने का आग्रह किया। हमने अपनी मांग के समर्थन में सबमिशन किया।

दूसरी तरफ बचाव पक्ष के वकील एडी शाह ने कहा था कि न्यायाधीश ने दोषियों को सुना। शाह ने कहा कि उन्होंने सजा में नरमी बरते जाने का आग्रह किया। नरसंहार के मामले में दोषी साबित इन लोगों को भादंसं की धाराओं 147, 148 (घातक हथियारों के साथ दंगा करने), 323, 324, 325, 326 (नुकसान पहुंचाने), 153ए (विभिन्न समूहों के बीच धार्मिक आधार पर वैमनस्य बढ़ाने) तथा भारतीय रेल अधिनियम और बंबई पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी दोषी ठहराया गया।

अदालत ने अपने फैसले में यह स्वीकार किया कि कारसेवकों को लेकर अयोध्या से लौट रही साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 डिब्बे में आग का लगना कोई हादसा नहीं, बल्कि इसके पीछे एक साजिश थी। अदालत ने वैज्ञानिक सबूतों, पारिस्थितिजन्य और दस्तावेजी साक्ष्यों तथा गवाहों के बयानों के आधार पर अपने 850 से अधिक पृष्ठ के फैसले में घटना के पीछे षडयंत्र के सिद्धांत को स्वीकार किया।

अनाज मंडी में भीषण आग, लाखों रूपये का नुकसान

मैनपुरी|| मैनपुरी जिले में आज सुबह एक सरकारी अनाज मंडी में भीषण आग लगने से करीब 50 लाख रूपये का अनाज जलकर खाक हो गया।

हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। कोतवाली (शहर) प्रभारी श्रीकृष्ण ने बताया कि आज सुबह त़डके अनाज मंडी में लगी आग ने कुछ ही देर में भीषण रूप धारण कर लिया।
छह घंटे की क़डी मशक्कत के बाद दमकल की 7 गाड़ियाँ आग पर काबू पाने में सफल हुई। आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है।

उन्होंने कहा कि घटना के वक्त अनाज मंडी में कुछ सुरक्षागार्ड और व्यापारी मौजूद थे जिन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। श्रीकृष्ण ने कहा कि आग में 25 से अधिक दुकानों में रखा गेहूं, धान व अन्य अनाज पूरी तरह से जल गया है।

उन्होंने बताया कि आग से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है, लेकिन प्रथम दृष्टया 50 लाख रूपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग कैसे लगी। प्रथम दृष्टया ऎसा प्रतीत हो रहा है कि बिजली के शार्ट-सर्किट की वजह से आग लगी।

डकैती के आरोपी दरोगा के विरुद्ध गैर जमानती वारंट

फर्रंखाबाद,28 फरवरीः विशेष सत्र न्यायाधीश (एण्टी डकैती) के न्यायालय से डकैती के आरोपी दरोगा रामखिलावन के विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है।

थाना मेरापुर में तैनात रहे दरोगा राम खिलावन के विरुद्ध बृजराज ने वर्ष 2007 में डकैती का मुकदमा दर्ज कराया था। कई बार सम्मन जारी होने के बावजूद उपस्थित  न होने पर न्यायालय ने अभियुक्त दरोगा रामखिलावन के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस महानिरीक्षक कापुर को पत्र लिखकर उसकी वर्तमान तैनाती के जनपद इटावा के पुलिस अधीक्षक के माध्यम से गिरफ्तार कराकर 7 मार्च को न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने को कहा है।

बिस्फोट में सुमित जख्मी, पुत्र नौकर सहित मालिक हवालात में

फर्रुखाबाद: आज सायं मन्नीगंज स्थित गोपाल नरायन राईस मिल में हुए भयंकर बिस्फोट में मिल मालिक का बेटा सुमित अग्रवाल गंभीर रूप से घायल हो गया| पुलिस ने पुत्र, नौकर सहित राईस मिल मालिक को हवालात में बंद कर दिया|

पुलिस ने शहर कोतवाली के मोहल्ला घमंडी कूंचा निवासी गोपाल नरायन अग्रवाल के विरुद्ध सुमित को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया| गोपाल नरायन उनके बेटे शरद तथा नौकर अजय सिंह को कोतवाली के हवालात में बंद कर दिया| गोपाल नरायन की मन्नीगंज बाजार में गोदाम है जिसमे वह करीब ५० वर्षों से गंधक पोटास बिस्फोटक सामिग्री बेंचने का व्यापार करते हैं| इसी गोदाम में उन्होंने बीते वर्षों से राईस मिल लगा ली है|

आज सायं गोदाम में इतना जबरदस्त बिस्फोट हुआ कि गोदाम के गेट उखड़ गए दीवारें क्षतिग्रस्त हो गयी| अड़ोसी-पड़ोसी इतने भयभीत हो गए कि डर की बजह से काफी देर तक बाहर नहीं निकले| पड़ोस के मकानों में भी नुकशान पहुंचा| पुलिस हिरासत में शरद ने बताया कि घटना के समय मै पिता के साथ ग्राम मुरहास में था| बिस्फोट की सूचना मिलने पर कारखाने पहुंचा|

घायल भाई सुमित व नौकर अजय ने बताया कि वह लोग एल्मोनियम के पुराने तार से एल्मोनियम निकाल रहे थे तभी बिस्फोट हो गया| शरद ने बताया कि मेरे पास २,२ हजार किलो गंधक व पोटास बेंचने का लाएसेंस है| ५० वर्षों से भी पुराना धंधा है| उन्होंने बताया कि बिस्फोट की आवाज से गंगा नगर कालोनी निवासी नौकर अजय के कान की पर्दा फट गयी है|

जब शहर कोतवाली पुलिस फायर बिग्रेड को लेकर मौके पर पहुँची तो गुस्साए लोगों ने हंगामा मचाते हुए मांग की कि पूरी गोदाम को सीज किया जाए लोगों ने बिस्फोट से टूटे गेट, लेंटर व बिस्फोटक सामिग्री से भरे कमरों को दिखाया| मिल में अन्धेरा होने के कारण अफरा-तफरी मची रही| मोहल्ले वालों ने बताया कि वर्ष १९८२ में भी यहाँ भयंकर बिस्फोट से पड़ोस के छप्परों में आग लग गयी थी|