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चालक को कम सुनाई पड़ने के कारण बस ट्रेन से टकराई

फर्रुखाबाद: प्राईवेट बस के चालक को कम सुनाई देता था इसी लिए उसकी बस ट्रेन से टकरा गयी| ट्रेन से टकराने वाली बस नंबर यूपी ७६ सी ०६६९ उलियापुर के वीएस यादव की थी| जिसको अधेढ़ अमर सिंह चला रहा था उसको कम सुनाई पड़ता था|

ड्राईवर अमरसिंह जल्द से जल्द बरात उठाने ग्राम पट्टिया जा रहा था| पट्टिया के राम भरोसे भुज्जी के बेटे शिवपाल की कन्नौज के थाना तालग्राम के ग्राम रूनी आज दोपहर को ही बरात जानी थी| ट्रेन के ड्राईवर जीतसिंह मानव रहित क्रोसिंग होने के कारण सीटी बजा रहा था| जबकि अमरसिंह ने ट्रेन से पहले बस को निकालने के लिए उसे तेजी से बढ़ाया| जैसे ही बस रेलवे लाइन पर पहुँची उसी समय कायमगंज की ओर से एक्सप्रेस ट्रेन आ गयी|

बस मालिक वीएस यादव के परिजनों ने मोबाइल फोन पर बताया कि अमर सिंह सुनार उनके यहाँ करीब ३० वर्षों से ड्राईवर था उसे कम सुनाई पड़ता था| पत्नी के मर जाने व बच्चे के विक्षिप्त होने के कारण वह बस पर ही खाना बनाकर लेटता था| बस कंडेक्टर सत्यपाल का १७ वर्षीय पुत्र हेल्परी कर रहा था जो गंगापार क्षेत्र का रहने वाला बताया गया|

थाना मऊदरवाजा पुलिस ने ड्राईवर व हेल्पर के शव का पोस्टमार्टम करवाया|

मनमानीः अवैध कब्जों की बस्ती बन गया है शहर

फर्रुखाबादः नियोजित शहर की कल्पना कहीं सपना बन कर रह गयी है। शहर में अवैध कब्जों की बाढ़ सी आगयी है। इसके लिये नियत प्राधिकारी\नगर मजिस्ट्रेट के आधीन गठित विभाग विनियमित क्षेत्र की भूमिका मूक दर्शक की सी हो कर रह गयी है। नियत प्राधिकारी कार्यालय से पुलिस को भेजे जाने वाले आदेशों पर पुलिस अपनी सुविधा और लाभ की दृष्टि से काम करती है। आदेश गरीब के खिलाफ हुआ तो सिपाही राम डंडा लेकर रुकवाने पहुंच जाते हैं और ले दे कर लौट आते हैं, या कुछ नहीं मिला तो किसी मजदूर को बंद भी कर सकते हैं। इसके विपरीत यदि मामला किसी धन्नासेठ के खिलाफ हुआ तो साहब खुद अंधेरे उजाले जाकर अपनी स्थिति साफ कर आते हैं। नतीजा यह होता है कि काम में कुछ तेजी और आजाती है। काम ज्याद बड़ा हुआ तो पुलिस के सामने कानून व्यवस्था की कई बड़ी जिम्मेदारियां खड़ी होने का बहाना काम आ जाता है। दर्जनों अवैधा कालोनियां शहर के सीने पर कंकरीट के जंगल की तरह उग रही हैं। सैकड़ों अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी हैं। ऐसे ही कुछ मामलों में नये नगर मजिस्ट्रेट ने कार्रवाई तेज की है। ओवरब्रिज के निकट निर्माणाधीन माईकार के शो रूम का लगभग पूर्ण हो चुका निर्माण उन्होंने रुकवा दिया है। कई अवैध कालोनियों को भी नोटिस जारी किये गये हैं।

नगर मजिस्ट्रेट ने माईकार शो रूम निर्माण रुकवाया
कई अवैध कालोनियों को भी नोटिस जारी किये गये

नगर क्षेत्र के नियोजित विकास के लिये बनी महायोजना में नगरपालिका क्षेत्र के अतिरिक्त आसपास के ग्रामों को सम्मिलित किया गया था। इसमें सुनियोजित विकास के लिये बाकायदा नगर मजिस्ट्रेट को नियत प्राधिकारी नामित करते हुए एक विनियमित क्षेत्र कार्यालय की स्थापना की गयी थी। परंतु साल दर साल विभाग की लापरवाह, पुलिस की अवैध निर्माण करने वालों के साथ मिलीभगत और नगरपालिका के अलमबरदारों की सियायत के चलते पूरी योजना चूं चूं का मुरब्बा बन कर रह गयी। यहां भी अन्य क्षेत्रों की तरह सारे नियम केवल गरीबों के लिये हैं। राजनीति की लाठी या चांदी का जूता लेकर चलने वालों का आज तक कुछ नहं बिगड़ा। उनके अवैध निर्माण शहर के सीने पर मूंग दल रहे है। अनेक अवैध कालोनियां नगर मजिस्ट्रेट के स्थगन आदेशों के बावजूद बेशरमबेल की तरह उग आयीं और कुछ का निर्माण आज भी जारी है। नये नगर मजिस्ट्रेट ने इस दिशा में अब कुछ तेजी दिखानी शुरू की है।

नगर मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार मिश्रा ने ओवरब्रिज के पास बेवर रोड पर निर्माणाधीन माईकार के शोरूम का निर्माण कार्य रुकवा दिया है। यद्यिपि यह निर्माणकार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने भी इसके निर्माण पर रोक लगवाई थी। परंतु पुलिस की मिलीभगत से निर्माण कार्य जारी रहा। श्री मिश्रा ने घटियाघाट पर बन रहीं दो कालोनियों साईंधाम कालोनी और गीता विहार कालोनी के निर्माण को अवैध करार देते हुए नोटिस जारी कर दिये है। यह दोनों कालोनियां प्रस्तावित सीवरेज प्लांट की साइट पर बन हीं है।

टेपकाण्ड- विपाशा की अमर सिंह से सेक्सी बातचीत

अमर सिंह के टेपों की यह पहली खेप है| इस में फिल्म अभिनेत्री बिपासा बसु से अमर सिंह की बातचीत की भी है| विपाशा अमरसिंह से मिलने की फरियाद करती है और अमर सिंह बाद में मिलने की बात कहते नजर आते हैं| अमर सिंह विपाशा से कहते है शुक्रिया जो मुझ जैसे बूढ़े से बात की| विपाशा कहती है यार …उम्र कोई मायने नहीं रखती है| उसके जबाब में अमर सिंह कहते है- उम्र टांगो की बीच में मायने रखती है… आप भी सुनिए अमर विपाशा उवाच|

ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने अमर सिंह को 2006 के टेप प्रकरण में झटका देते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है| कोर्ट ने टेप प्रसारण-प्रकाशन की इजाजत दे दी है| कोर्ट ने कहा है कि अमर सिंह गैरकानूनी तरीके से फोन टेप करने वाली कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं| सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अमर के सभी टेप जे एन आई के पाठको के पाठकों के लिए किस्तों में उपलब्ध जा रहे हैं| इन टेपो में मुलायम सिंह, अनिल अम्बानी, जया प्रदा, प्रभु चावला और उनके कई व्यापारिक मामले हैं| एक टेप में प्रभु चावला अमर सिंह से नोटिस न देने के लिए माफ़ी मांग रहे है| पहले इस टेप का आनंद लीजिये-

AMAR-SINGH-MP3.mp3

Amar: Hello.
Bipasha: : (Sing song voice)…Haallloooo…
Amar: : Hello…
Bipasha: : (Sing song voice) Hi…how are you…?
Amar: : (Happy sing song voice) I am fine.
Bipasha: : How’ve you been? We are talking after a long time right?
Amar: : Yes…
Bipasha: : You’ve been busy or something?
Amar: : Kaun…bip…
Bipasha: : Bipasha…Bipasha…ya…I saw you twice at that award function…ha ha ha
Amar: : Really?
Bipasha: : So tell me…when are you meeting me?
Amar: : Where do you want to meet baby? I have been very busy.
Bipasha: : You busy?
Amar: : It is very tough.
Bipasha: : It is very tough…ha ha ha…OK.
Amar: : But I will make some time.
Bipasha: : OK sweetie…
Amar: : Very nice of you to have remembered me.
Bipasha: : (Laughs) I toh always remember you.
Amar: : An old man like me.
Bipasha: : Sorry…
Amar: : An old fossil like me…
Bipasha: : Old fossil like you…
Amar: : ya ya…
Bipasha: : I don’t think age really matters… Does it?
Amar: : It matters between the legs na?
Bipasha: : (Bursts out laughing) Oh God…ha ha ha ha…all right then…you try removing time now… it’s been almost a month now I’ve not met…
Amar: : Ya we will meet.
Bipasha: : OK… Right, keep in touch. Bye…

एसडीएम ने छापा मारकर बीएसए कार्यालय से जारही किताबें पकड़ीं

फर्रुखाबादः अपर उपजिलाधिकारी सदर रविंद्र कुमार ने बुधवार को बीएसए कार्यालय से एक ट्रेक्टर पर लदकर जारही किताबें पकड़ीं और संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किये।

बुधवार दोपहर जिलाधिकारी को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक ट्रेक्टर पर कुछ किताबे लादकर ले जाये जाने की सूचना जिलाधिकारी रिग्जिन सैम्फेल को मिली थी। डीएम ने तत्काल अपर उपजिलाधिकारी सदर रविंद्र कुमार को मौके पर पहुंच कर जांच करने के निर्देश दिये। श्री वर्मा के पहुंचने पर ट्रैक्टर चालक ने वाहन को भगाने का प्रयास किया। इस पर उनके ड्राइवर ने दौड़कर ट्रैक्टर को रोका और ड्राइवर से चाभियां छीन लीं। एसडीएम के हड़काये जाने पर चालक ने बताया कि यह किताबे उसको एबीएसए मोहम्मदबाद जेपी पाल ने लादने को कहा था। श्री पाल ने बताया कि किताबे जिला संमंवयक एसएन मिश्रा ने दी थीं। इस पर बीएसए डा. कौशल किशोर को बुलाया गया तो उन्होंने बताया कि किताबे अभी आयी हैं। यह अध्यापकों के प्रशिक्षण से संबंधित है। उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षण समाप्त हो चुका है। फिर किताबे क्यों बची हुई हैं। इसका वह कोई जवाब नहीं दे सके। एसडीएम ने पुस्तकें प्राप्त होन के संबंध में जानकारी की तो बताया गया कि मई में प्राप्त हुई है। इस विषय में बीएसए ने बताया कि भुगतान किया जा चुका है। प्रश्न यह है कि यदि भुगतान हुआ था तो वह 31 मार्च से पूर्व हुआ होगा। तो फिर किताबें आने से पूर्व ही भुगतान कैसे हो गया। श्री वर्मा ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों के अतिरिक्त अनुसूचित जाति कर्मचारी संध के पदाधिकारी नानक चंद्र के भी बयान लिये जिन्होंने कहा कि पहले भी बेसिक शिक्षा की पाठ्य पुस्तकें कबाड़ी की दुकान पर मिलने का मामला सामने आ चुका है। स्कूलों के लिये आने वाले कंप्यूटर कार्यालय के बाबुओं के पास हैं, जिससे बच्चों को कंप्यूटर सीखने को नहीं मिल रहा है।

एसडीएम श्री वर्मा ने बताया कि प्रकरण की जांच की जायेगी। तदनुसार रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जायेगी।

केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण आयोग अध्यक्ष ने किया सर्वेक्षण

फर्रुखाबाद : बाढ़ नियंत्रण आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार गंजू ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ कायमगंज व राजेपुर क्षेत्र के गंगा तटों का सर्वेक्षण किया।
बुधवार को गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग के अध्यक्ष एके गंजू, प्रदेश सरकार के बाढ़ नियंत्रण मुख्य अभियन्ता एके ओझा, अधिशाषी अभियन्ता सिंचाई फर्रुखाबाद ने कंपिल क्षेत्र के अटैना घाट, इकलहरा और राजेपुर अमृतपुर क्षेत्र के कंदौली व कड़क्का बंश आदि क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया। लहभग हर दूसरे वर्ष गंगा में बाढ़ से तटीय क्षेत्रों के गांव जलमगन् हो जाते है। करोड़ों की फसल नष्ट हो जाती है। तराई क्षेत्र के लोगों की इस समस्या के निराकरण को केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री सलमान खुर्शीद के प्रयास से बनी योजना के अन्तर्गत गत मार्च में भी अधिकारियों ने इस क्षेत्र का सर्वेक्षण किया था। अधिशासी अभियंता सिंचाई सीएस गोस्वामी ने बताया कि सर्वेक्षण का उद्देश्य स्थिति की भौगोलिक जानकारी कर व्यापक योजना बनाने का है। उनहोंने बताया कि टीम के सदस्य यह जानने का प्रयास कर रहे है कि गंगा नदी अपने स्थान से शिफ्ट हो कर आबादी क्षेत्र की ओर क्यों बढ़ रही है।

हादसे में भाकियू नेता सहित 4 घायल

फर्रुखाबाद: वाहनों की भिडंत में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट कमालगंज के नगर अध्यक्ष मिन्नी दुबे सहित ४ लोग घायल हो गए| फतेहगढ़ के इंस्पेक्टर एसबी सिंह ने घायलों को जीप से लोहिया अस्पताल पहुंचाया|

रजीपुर निवासी भाकियू नेता मिन्नी दुबे आज रात करीब ९:१५ बजे कोतवाली मोहम्दाबाद के ग्राम सिरोली में दोस्त विपिन की बहन के विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे| कानपुर देहात थाना बिल्हौर के ग्राम जगतपुर निवासी रिश्तेदार राजा शुक्ला अपनी बाइक पर बिठाकर ले जा रहा था|

कोतवाली फतेहगढ़ के ग्राम निनौआ के निकट बाइक की साइकिल सवारों से जोरदार भिडंत हुई| अन्य घायलों में याकूतगंज निवासी रत्नेश पुत्र बाबूराम बाथम तथा छविनाथ लोधी पुत्र जगदीश साइकिल से गाँव जा रहे थे| राजा की हालत गंभीर है|

एबीआरसी चयन: पर्चा आउट परीक्षा स्थगित

फर्रुखाबाद: बेसिक शिक्षा के ब्लॉक स्तरीय संसाधन केन्द्रों के लिए सह समन्वयकों के चयन के लिए बुधवार को रखा कॉलेज फतेहगढ़ में प्रस्तावित चयन परीक्षा का प्रश्न पत्र आउट हो जाने के कारण परीक्षा स्थगित कर दी गयी| जिलाधिकारी रिग्जिन सैम्फेल ने अपर एसडीएम रवींद्र कुमार को चयन परिक्षा का पर्यवेक्षक बना दिया है है।

बुधवार सुबह से ही पेपर आउट होने की अफवाह उड़ गई। जेएनआई के हाथ लगे ऐसे एक प्रश्न पत्र के बारे में एक अभ्यर्थी ने बताया कि पर्चे पांच-पांच सौ रुपये में बीके हैं| इस बीच अपर उपजिलाधिकारी रवींद्रकुमार ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से परीक्षा की तैयारी व व्यवस्था के संबंध में जानकारी की तो उन्हें कई खामियां मिलीं। इस पर उन्होंने परीक्षा स्थगित करने के आदेश दिये। उनहोंने पेपर आउट होने के बारे में भी जांच पड़ताल की। श्री वर्मा ने बताया कि अब वह स्वयं प्रश्नपत्र बनवायेंगे।

सूदखोर के आतंक से व्यापारी ने फांसी लगाकर जान दी

२ हजार कर्जे के हो गए २४ हजार

फर्रुखाबाद: सूदखोर के आतंक के कारण पीड़ित व्यापारी लालाराम कुशवाह उर्फ़ राजेन्द्र ने फांसी लगाकर जान दे दी|

नगर के मोहल्ला बूरा वाली गली निवासी लालराम की घूमना बाजार के तिराहे पर कचौड़ी की दुकान थी| उन्होंने पड़ोसी मोहल्ले के सूदखोर से २ हजार रुपये कर्ज में लिए थे| ४ हजार वापस कर दिए इसके बावजूद सूदखोर ने २० हजार रुपये न मिलने पर २७ अप्रैल को लालाराम की दुकान पर ही जमकर पिटाई कर दी थी| पत्नी शिवरानी व पुत्री ने जब लालाराम को बचाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी बदसलूकी की गयी|

शिकायत करने पर पुलिस ने सूदखोर के दवाव में लालाराम की रिपोर्ट दर्ज नहीं की| आयेदिन सूदखोर की धमकियों से परेशान होकर लालाराम पड़ोसी जिला शाहजहांपुर थाना अल्लागंज के ग्राम मंझा की मडैया ससुराल चला गया| कर्ज न दे पाने तथा अपमानित हो जाने के कारण उसने आज फांसी लगाकर जान दे दी|

अतिक्रमण अभियान में व्यापारियों ने रोड़ा अटकाया

१७ मई को तय होंगे अभियान के मानक

फर्रुखाबाद: प्रशासन द्वारा कई महीनों बाद आज जोर शोर से शुरू किये गए अतिक्रमण अभियान में व्यापारियों ने रोड़ा अटका दिया| राजनीति चमकाने के कारण व्यापारी नेता कतई नहीं चाहते हैं कि नगर में शुचारू रूप से यातायात की व्यवस्था हो सके|

नगर मजिस्ट्रेट डॉ महेंद्र कुमार मिश्रा ने सायं लालगेट से चौक बाजार तक अतिक्रमण अभियान चलाया| इस दौरान दुकानदारों द्वारा नाली पर डाले गए तख्त व पटलों को हटवाया गया तथा पटियों पर घन चलाये गए व लावारिस अतिक्रमण वाले सामान को जब्त किया गया|

व्यापारी नेता अरुण प्रकाश तिवारी, बंटी सरदार, पुन्नी शुक्ला आदि व्यापारियों ने अतिक्रमण अभियान का यह कहकर विरोध किया कि अभी शादी समारोह का समय चल रहा है| फुटपाथी दुकानदारों की कमाई का सीजन है| अभियान से ऐसे दुकानदारों की कमाई चौपट हो जायेगी|

व्यापारियों ने सुझाव दिया कि मानक तय होने के बाद ही अतिक्रमण अभियान शुरू किया जाए| बाद में तय हुआ कि मानक तय करने के लिए १७ मई को कोतवाली में अधिकारियों के साथ व्यापारियों की बैठक होगी| अभियान के दौरान नगरपालिका के अवर अभियंता राम सक्सेना कर्मचारियों के साथ मौजूद रहे| जब्त किये गए सामान को ट्रैक्टर से ले जाकर नगरपालिका में जमा किया गया|

गेंहूं खरीदः आरएफसी को मिले केंद्र बंद, दो नपे

फर्रुखाबादः गेंहूं की सरकारी खरीद के नाम पर आढतियों और बिचौलियों की दलाली व किसानों के शोषण की तस्वीर बुधवार को आरएफसी के दौरे में नंगी होकर सामने आ गयी। अधिकांश केंद्र या तो बंद मिले या उनके केंद्र प्रभारी नदारद थे। हद तो यह है कि जनपद में तैनात डिप्टी आरएमओ को ही नहीं मालूम कहां केंद्र है और कहां नहीं। नाराज आरएफसी वेदप्रकाश वर्मा ने इन केंद्रों की स्वयं वीडियों किार्डिंग की और अनुपस्थित केंद्र प्रभारियों के निलंबन के आदेश कर दिये।

सरकारी गेंहूं खरीद के नाम पर किस प्रकार किसानों का उत्पीड़न हो रहा है यह किसी से छिपा नहीं है। भाजपा सहित अनेक राजनैति दल भी अब तो खुले आम गेंहूं खरीद में हो रही गडबड़ियों पा बसपा व सराकार को घेरने लगी हैं। उपसंभागीय खाद्य नियंत्रक वेद प्रकाश वर्मा ने बुधवार को यहां पहुंच कर गेंहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्री वर्मा के सामने सच नंगा खड़ा नजर आया। मंडी समिति कायमगंज में तथाकथित रूप् से संचालित गेंहूं खरीद केंद्र बंद पाया गया। खरीद केंद्र प्रभारी राम औतार गायब मिला। जबकि अपना गेंहूं लेकर आने वाले किसान मंडी में आढ़तियों के फड़ों पर लुटते नजार आयें। घटियाघाट पर एक शीत गृह में संचालित गेंहूं खरीद केंद्र पर तो स्थिति यह थी कि इसमें गेंहूं अंदर लाने का कोई रास्ता ही नहीं थां चारों ओर कोल्ड स्टोरेज से निकला आलू बिखरा पड़ा था। केंद्र से खरीद केंद्र प्रभारी अंबरीश यादव नदारद था। एक दो पल्लेदार टाइप के लोग बोरों पर लेटे आराम कर रहे थें। कांटा बांद सब कुछ अस्तव्यस्त पड़ा था और अभिलेख नदारद थें। आरएफसी श्री वर्मा ने स्वयं केंद्र की वीडियोंग्राफी की।

यहां से निकल श्री वर्मा ने साथ चल रहे डिप्टी आरएमओ याद राम से पूछा कि यहां पर पहले एक दूसरा खरीद केंद्र भी चला करता था। उसकी क्या स्थिति है, इस पर यादराम बोले ‘सर इस साल तो वह केंद्र खोला ही नहीं गया।’ परंतु साथ चल रहे मीडियाकर्मियों ने बताया कि नहीं केंद्र तो खुला है पर वहां कोई खरीदार है ही नहीं केेवल पल्लेदार आराम कर रहे हैं। आरएफसी ने पत्रकारों से आगे चलकर रास्ता दिखाने का अनुरोध किया और स्वयं अपने वाहन चालक को उनके पीछे चलने को कहा। आखिर पत्रकारों की मोटर साइकिलों के पीछे चलती आरएफसी की कार थोड़ी दूर पर स्थित गेंहूं खरीद केंद्र पर पहुंची तो स्थिति वैसी ही मिली जैसी बतायी गयी थी। यहां पर तराजू के साये में पल्लेदार मौज की नींद ले रहा था, और केंद्र प्रभारी सादिक अली नदारद थें। आप पास के लोगों ने बताया कि सादिक अली सुबह आये थे कही तकाजा करने की कहकर चले गये है। आज खरीदे गये बोरे भी दिखाये गये। उन्होंने घटियाघाट पर ही लाइन से बैठे आढ़तियों की दुकानों पर लगे किसानों के मेले को भी देखा।

श्री वर्मा ने बताया कि गायब मिले प्रभारी रामऔतार व अंबरीश यादव के निलंबन के आदेश कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि डिप्टी आरएमओ के विरुद्ध भी कार्रवाई की जायेगी। श्री वर्मा ने बताया कि भंडारण को लेकर स्थिति अभी विषम बनी हुई है। एफसीआई के खिमसेपुर स्थित गोदाम में मात्र दस बारह दिन की खरीद के लिये ही स्थान बचा है। ठंडी सड़क स्थित एक अन्य गोदाम के किराये को लेकर अभी विवाद की स्थिति बनी हुई है। शीघ्र ही इसका निस्तारण कर दिया जायेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि यह स्थिति सचमुच शोचनीय है कि सरकारी खरीद का भाव अधिक होने के बावजूद किसान अपना गेंहूं सस्ते में आढ़तियों और बिचौलियों को बेचने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा के लिये उन्होंने अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिये हैं।