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धोखेबाज, बलात्कारियों की सरकार है बसपा: सपा

फर्रुखाबाद: सरकार के ४ वर्ष पूरे होने पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने बसपा सरकार की जमकर बखिया उधेड़ी| उन्होंने आरोप लगाया कि यह माया सरकार धोखेबाजों एवं बलात्कारियों की सरकार है|

जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने पार्टी के जिला कार्यालय में पत्रकारों के समक्ष बसपा सरकार पर चुनचुन कर प्रहार करते हुए ४ वर्ष के बिनाश कार्यों का व्योरा प्रस्तुत किया कि कोई ऐसा विवाद नहीं बचा जहां ऊपर से नीचे तक कोई कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त न हो| बसपा विधायक ने मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर चन्दा न देने पर औरैया के इंजीनियर की ह्त्या कर दी और न जाने कितनी बहनों के इस भ्रष्टाचार ने मांग के सिन्दूर पोंछे|

उन्होंने कहा कि किसानों की भी जबर्दस्त बर्बादी हुई और परसौल भत्ता काण्ड जीता जागता उदाहरण है| पूरा प्रदेश अराजकता में डूबा है| बीते ४ वर्षों तक सरकार बिनाश कार्यों में ही बुरी तरह फंसी रही| आगामी चुनाव में इसका परिणाम देखने को मिलेगा|

बैठक के दौरान जिला महासचिव सुरेन्द्र सिंह गौर मौजूद रहे|

साक्षी का जकापा के वोट बैंक पर कोई असर नहीं: मुकेश

सलमान के मुशायरे से जनता का भला नहीं

फर्रुखाबाद: जनक्रांति पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश राजपूत ने आज पत्रकारों के समक्ष दावा किया कि पूर्व सांसद साक्षी के भाजपा में शामिल होने पर उनकी पार्टी के वोट बैंक पर कोई असर नहीं पडेगा|

श्री राजपूत ने बताया कि पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह सर्व समाज के नेता हैं उनके मुकाबले कोई भी नेता नहीं है| पूर्व संसद साक्षी के भाजपा में शामिल होने एवं उर्मिला राजपूत के सपा से चुनाव लडने से उनके पार्टी के वोट बैंको पर कोई असर नहीं पडेगा|

उन्होंने बताया कि ३१ मई को महंगाई व भ्रष्टाचार के विरोध में जिला मुख्यालय पर धरना कार्यक्रम में पार्टी के पर्यवेक्षक स्वामी जय करुनानन्द लोधी आयेंगें| जो प्रत्याशियों की चुनाव लडने की क्षमता का भी आंकलन करेंगें| जिले के प्रत्याशी नहीं बदले जायेंगें|

मुकेश ने व्यंग्य करते हुए कहा कि क्षेत्रीय जनता ने सांसद सलमान खुर्शीद को घुँघरू, ढोलक व मजीरे से लैस कर दिया है| कैबिनेट विभागीय मंत्री होने के नाते उनको गंगा व राम गंगा के किनारे बाढ़ की सुरक्षा के लिए बाँध बनवाना चाहिए| नई ट्रेने चलवाने के लिए उन्हें क्षणिक मेहनत करनी पड़ेगी| मुशायरा कार्यक्रम से जनता कोई भला नहीं होने वाला है|

उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष तहसीन सिद्दीकी को सलाह दी कि उन्हें जनता के हित में रजीपुर आदि तीन,चार स्थानों के तह बाजारी ठेकों को खत्म करवा देना चाहिए| उन्होंने आरोप लगाया कि बसपाईयों के दवाव में पुलिस तान्या हत्याकांड केआरोपियों पर एनएसए नहीं लगा रही है|
वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह कटियार, दीना राजपूत आदि मौजूद रहे|

वाहन से कुचलकर ट्रक हेल्पर की मौत

फर्रुखाबाद: वाहन से कुचलकर ट्रक हेल्पर सर्वेश तेली की मौत हो गई| पुलिस ने उसके शव का पोस्टमार्टम करवाया|

थाना कम्पिल के ग्राम मिस्तनी बहबलपुर निवासी स्वर्गीय प्रेमपाल का ३५ वर्षीय पुत्र सर्वेश कोतवाली कायमगंज एक निकट ट्रांसपोर्ट चौराहे पर रहकर ट्रक की हेल्परी करता था| बीती देर रात उसका सर कुचला हुआ शव रेलवे रोड मेरठ कोल्ड स्टोरेज के निकट सड़क पर पड़ा देखा गया|

बताया गया कि अविवाहित सर्वेश गांजा के नशे का सेवन करता था| अनुमान लगाया गया कि उसके सर से किसी वहां के गुजर जाने से उसकी मौत हो गई| वह यदाकदा अपने घर जाता था|

ईगल गैंग ने नगदी व मोबाइल लूटकर की फायरिंग

फर्रुखाबाद: ईगल गैंग ने बीती रात डेकोरेशन कारीगर अमित कुशवाह को बंधक बनाकर नगदी व मोबाइल फोन लूट लिया और जाते समय तमंचों से फायरिंग कर अपनी ताकत का एहसास कराया|

नगर के मोहल्ला कछियाना लिंजीगंज निवासी विमल कुशवाह के बेटे अमित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजकर लोहिया अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराया| अमित ने बताया कि वह बीती रात ११:३० बजे सूरज गार्डन गेस्ट हाउस में विवाह समारोह में शामिल होकर पैदल घर जा रहा था|

लिंजीगंज में अनिल सक्सेना के होटल के निकट कुख्यात ईगल गैंग के सदस्य आलोक, अन्नू, बल्ला व अनुज व उनके कई साथियों ने अमित को दबोच लिया और रस्सी से उसके हाँथ पीछे बाँध दिए| उसकी जेब से ५ हजार रुपये व मोबाइल फोन लूट लिया| अमित ने बताया कि जब मैंने विरोध किया तो मेरी पिटाई कर जान से मारने की धमकी दी| शोर-सरावे की आवाज सुनकर होटल मालिक अनिल आदि लोगों के ललकारे जाने पर हमलावर तमंचे से फायरिंग करते हुए साहबगंज चौराहे की ओर भाग गए|

होटल मालिक ने हाँथ खोलकर सहारा देकर घर तक पहुंचाया| कोतवाली जाने में शिकायत करने पर पुलिस ने कोई शिकायत नहीं की| अमित अपनी माँ साधना व भाई शनि के साथ लोहिया अस्पताल पहुंचा| उसने बताया कि हमलावर उसके मोहल्ले के हैं| जबकि श्यामा माधौपुर गाँव का रहने वाला है|

मनहूस नहीं है फ्राई डे ऑन 13….

दुनिया भर में 13 अंक को लेकर कई तरह के मिथक और भ्रम फैले हुए हैं। 13 अंकों से जुड़ी रह चीज को कई लोग पूरी तरह मनहूस मानते हैं। 13 तारीख को अगर शुक्रवार हो तो उसे बिलकुल ही बेकार माना जाता है।

फ्राई डे ऑन 13 को लेकर तो कई लोगों में भय तक फैला हुआ है। लोग इस दिन कोई नया काम शुरू नहीं करते। न ही कोई महत्वपूर्ण फैसले लेते हैं।

क्या वाकई ये दिन इतना मनहूस है या इसे लेकर सिर्फ वहम फैला हुआ है। आखिर 13 के अक से लोग इतने डरते क्यों हैं? आइए जानते हैं 13 अंक और फ्राई डे ऑन 13 से जुड़े इस भय के कारण को।

मनहूस नहीं शुभ है ये अंक

दुनिया में 13 अंक के लिए भले ही कितने ही भ्रम हों लेकिन अंक शास्त्र और अंक शास्त्र के जानकार इसे बुरा नहीं मानते हैं। अंक ज्योतिष के प्रणेता काउंट लुइर्स होमैन यानी कीरो ने तो इसे बहुत ही शुभ और अच्छा फल देने वाला माना है। कीरो का मानना है कि जो भी 13 अंक को समझ लेगा वो साम्राज्य पा लेगा, उसे सारे साधन सुलभ हो जाते हैं।

क्यों अशुभ माना जाता है अंक 13 को….

केवल दो कारणों से अंक 13 को बुरा माना जाता है। एक तो यह कि ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाने से पहले उनके आखिरी भोज में कुल 13 लोग शामिल हुए थे। जिसके बाद कुछ पुराने चर्चों ने अंक 13 को मनहूस करार देकर उसे वर्जित मान लिया। दूसरा प्रमुख कारण है अंक तेरह का प्रतीक। अंक ज्योतिष में अंक तेरह का प्रतीक एक नर कंकाल है जिसके हाथ में हंसिया है। वो इंसानों की फसल को काट रहा है। इसे बुरा संकेत माना गया है।

लेकिन कीरो ने इसका विष्लेषण कुछ अलग तरह से किया है। कीरो ने कहा है कि ये शक्ति का प्रतीक है। जो हर तरह की परेशानी से लड़कर सफलता दिलाता है। लेकिन इस अंक के लोगों को कोई भी काम करने के पीछे उसके इरादे और नीयत दोंनों अच्छे रखने होते हैं, नहीं तो बुरी उद्देश्य को लेकर काम करने वालों को यह अंक मिटा देता है। पूरी तरह बरबाद कर देता है।

बेसिक शिक्षा में फर्जी प्रशिक्षणों की पुष्टि: एसडीएम रिपोर्ट

फर्रुखाबाद: बेसिक शिक्षा में फर्जी कामो के रिकॉर्ड टूट रहे है| फर्जी मिड डे मील, फर्जी छात्र संख्या, अध्यापको की फर्जी उपस्थिति, फर्जी निर्माण रिपोर्ट्स, स्कूलों में फर्जी टंकिया और अब शिक्षा गुणवत्ता के लिए मास्टरों के फर्जी प्रशिक्षण का मामला पकड़ में आया है|

बुधवार ११ मई 2011 को बेसिक शिक्षा कार्यालय से सटे केंद्र सरकार की परियोजना सर्व शिक्षा अभियान के कार्यालय में शिक्षको के लिए प्रशिक्षण की किताबे घोटालेबाज किसी कबाड़ी की दूकान पर ठिकाने लगाने जा रहे थे मीडिया की जागरूकता के चलते पकड़ी गयी| ये किताबे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशिक्षण के दौरान शिक्षको को बाटी जानी थी| वर्ष 2010-11 के सत्र की समाप्ति के बाद भारी मात्रा में इन किताबो का पकडे जाने से शिक्षा गुणवत्ता के प्रशिक्षणों पर भी संदेह उठा| मीडिया की सूचना पर एसडीएम रविन्द्र कुमार ने छापा मारा था और रंगे हाथ सर्व शिक्षा अभियान के कर्मियों को पकड़ लिया| मौके पर ही कई शिक्षको और कर्म्यियो के बयान बेसिक शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में दर्ज किये गए|

एस डी एम ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को कारवाही के लिए प्रेषित कर दी है| सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एस डीएम रविन्द्र कुमार ने शिक्षको के शिक्षा गुणवत्ता सूधार के प्रशिक्षणों के फर्जी होने की बात भी अपनी रिपोर्ट में लिखी है| उनके मुताबिक सत्र के अंत में प्रशिक्षण पुस्तिकाओं का भारी मात्रा में स्टाक बना रहना इस बात का साफ़ संकेत है की सर्व शिक्षा अभियान में प्रशिक्षण कागजो पर किये गए और धन का दुरूपयोग किया गया| ज्ञात हो की प्रशिक्षण के लिए लगभग २३ लाख रुपये का खर्च सर्व शिक्षा अभियान फर्रुखाबाद द्वारा दर्शाया गया| एस डी एम ने पूरे मामले के लिए सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी और समन्वयको को इस घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराया है|

शादी की पोल खुलते ही दूल्हे के पीछे बाराती भी भागे

फर्रुखाबाद: थाना राजेपुर के ग्राम नगरिया गिरधर के ग्रामीण दूल्हे के पीछे ही बारातियों के भागने के द्रश्य को देखकर चकित रह गए|

हुआ यह कि गाँव के अनिल सिंह की पुत्री के साथ विवाह करने के लिए पड़ोसी जिला मैनपुरी थाना कुर्रा के ग्राम विनायकपुर निवासी लेखपाल सिंह का पुत्र ह्र्दयांश उर्फ़ कन्हैया बीती रात बारात लेकर आया था| वरमाला की तैयारी चल रही थी उसी समय एसओ एके पाण्डेय गाँव पहुंचे उन्होंने अनिल को बताया कि दूल्हा अपनी विधवा भाभी सपना से कोर्ट मैरिज कर चुका है| मैरिज के प्रमाण भी दिखाए गए|

शादी की पोल खुलने पर दूल्हा ह्रदयाश चुपचाप खिसक गया और बाद में बाराती भी नौ दो ग्यारह हो गए| ह्र्दयांश के बड़े भाई सुरजीत की विधवा पत्नी सपना ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर विवाह रुकवाए जाने की फ़रियाद की थी| एसपी के आदेश पर ही एसओ ने कार्रवाई की|

ह्र्दयांश की CRPF में नौकरी लग गयी थी, पहले उसने अपनी मर्जी से विधवा भाभी के साथ कोर्ट मैरिज की फिर अनबन हो जाने पर उसने सपना को छोड़ दिया|

डीएम की पारदर्शिताः आगाज तो अच्छा है, अंजाम खुदा जाने

फर्रुखाबादः जिलाधिकारी के आदेश पर जनपद की सरकारी वेबसाइट पर विभिन्न योजनाओं के प्रगति आंकड़े अपलोड कर दिये गयें हैं। जिला योजना, 20 सूत्रीय कार्यक्रम, अंबेडकर ग्राम योजना और 25 लाख से अधिक की लागत वाली विभिन्न योजनाओं के आंकड़े वेबसाइट farrukhabad.nic पर उपलब्ध हैं। इनमें से अधिकांश आंकड़े 31 मार्च तक के हैं। अब देखना यह है कि इन आंकड़ों को अद्यतन करने के लिये संबंधित विभाग कितनी तत्परता दिखाते हैं और जिलाधिकरी की मंशा कहां तक पूरी होती है। बहर हाल आगज तो अच्छा है, अंजाम खुदा जाने……

सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और लोगों को सही सूचनाये समय से उपलब्ध कराने की शासन की मंशा की एक अच्छी शुरुआत लिलाधिकारी रिग्जिन सैम्फेल के आदेश पर हुई है। डीएम के आदेश पर जनपद की सरकारी वेबसाइट farrukhabad.nic पर उपलब्ध हो गयी है। इन प्रगति पुस्तिकाओं की PDF फाइलों में से अधिकांश पर 31 मार्च तक की तारीख पड़ी है। चूंकि अभी पूरे दो महीने भी हुए हैं इस लिये यह रिकार्ड अभी पुराना नहीं लग रहा है। परंतु यदि कम से कम प्रति तिमाही भी इनको अद्यतन (UPDATE) नहीं किया गया तो, इनका अर्थ समाप्त हो जायेगा। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अनुराग जैन ने बताया  िकइस संबंध में संभवतः जिलाधिकरी ने अलग से विभागों को निर्देश दिये हैं। यदि उनको अद्यतन सूचनाये प्राप्त होती रहेगी तो उनको अपलोड कर दिया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि इंटरनेट का दायरा बढ़ रहा है और गोपनीयता के नाम पर सरकारी फाइलों पर बाबुओं की पकड़ कुछ ढीली होती दिखरही है। शासन के निर्देश पर हाल ही में अंबेडकर ग्रामों की डिजिटल डायरी भी इस वेबसाइट पर डाली जा चुकी है। बीपीएल, अंत्योदय व एपीएल कार्ड धारकों की कोटेदार वार सूचना पहले ही खाद्य विभाग की वेबसाइट पर मौजूद है। इसके अतिरिक्त छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का विवरण तो कई वर्षों से इंटरनेट पर उपलब्ध है। जो सूचनाये कभी सरकारी बाबू गोपनीयता और निजता के न जाने कौन कौन से  बहानों के दम पर दाबे बैठे रहते थे अब आम आदमी से मात्र एक ‘क्लिक’ दूर हैं।

नहीं लगा सके जाम, बड़े कांग्रेसी नेता गिरफ्तारी से बचे

फर्रुखाबाद: युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता पुलिस सक्रियता के कारण जाम नहीं लगा सके| पुलिस ने लाठीचार्ज कर ४ युवकों को मौके पर पकड़ा| बड़े नेताओं ने आन्दोलन स्थल पर गिरफ्तारी नहीं दी बल्कि औपचारिकता निभाने के लिए बाद में कोतवाली पहुँच गए|

सदर विधान सभा क्षेत्र के अध्यक्ष शुभम तिवारी करीब २ दर्जन कार्यकर्ताओं के साथ अपरान्ह ढाई बजे जाम लगाने के लिए सेन्ट्रल जेल चौराहे पर पहुंचे| कांग्रेसी जाम लगाने की तैयारी में थे उसी समय फतेहगढ़ कोतवाली के इंस्पेक्टर फ़ोर्स लेकर पहुंचे| पुलिस का लाठीचार्ज होते ही अधिकांस कांग्रेसी खिसक गए| पुलिस शुभम तिवारी, प्रेम तिवारी, गौतम दुबे को पकड़कर कोतवाली ले गई| करीब १५ मिनट बाद युवा कांग्रेस लोक सभा की महा सचिव दीप्ती सिंह, युवा नेता प्रदीप सिंह के साथ पहुँची|

इंस्पेक्टर एचबी सिंह ने दोनों नेताओं से गिरफ्तारी देने को कहा तो उन्होंने यह कहकर गिरफ्तारी देने से मना कर दिया कि वहां के हालात देखने आये थे| जाम लगाने से उनका कोई लेना देना नहीं है| बाद में दीप्ती सिंह ने फोन पर बताया कि उन्होंने प्रदीप सिंह आदि करीब एक दर्जन लोगों के साथ गिरफ्तारी देने फतेहगढ़ कोतवाली पहुंचे हैं| लोक सभा क्षेत्र के अध्यक्ष विजय कटियार गिरफ्तारी देने नहीं पहुंचे|

टेपकांड: मुलायम अमरसिंह की जुगलबंदी

तीन टेपों में से दो टेपों में नेताजी उर्फ मुलायम सिंह यादव की तरफ से आपरेटर अमर सिंह के घर फोन लगाकर कहता है कि ताराचंद बोल रहा हूं, नेताजी बात करना चाहते हैं. और कुछ देर के इंतजार के बाद जब अमर सिंह लाइन पर आते हैं तो ताराचंद उन्हें प्रणाम कहते हुए नेताजी के बात करने की इच्छा को बताता है और लाइन नेताजी की तरफ ट्रांसफर कर देता है. नीचे दिए गए तीन टेपों में से पहले वाले टेप में नेताजी उर्फ मुलायम सिंह यादव विस्तार से अमर सिंह को कुछ घटनाओं के बारे में बताते हैं जो प्रदेश में घटी हैं.

किसानों के साथ बवाल की घटना. एचटी में छपी किसी खबर का जिक्र कर रहे हैं अमर सिंह. मुलायम सिंह यादव लखीमपुर वाली घटना के बारे में विस्तार से बताते हैं…. ”मैनेजर उत्तेजित हो गया, बहुत ज्यादे, और उसी में से एक किसान भी उत्तेजित हो गया और एक थप्पड़ मार दिया….”  दूसरे टेप में मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह के बातचीत लखनऊ में एक मुलाकात फिक्स करने से शुरू होती है. मुलायम सिंह यादव अपनी व्यस्तता बताते हैं. वे बता रहे हैं कि बहुत बिजी कार्यक्रम है. सत्तर आईएएस को बुलाया है, जिले में भेजने के लिए, डेवलपमेंट का परीक्षण करना है.

मुलायम लखनऊ में आकर आधा घंटे का वक्त निकालने को अमर सिंह से कहते हैं. यह भी कहते हैं कि बिजली की व्यवस्था करा दो सबसे पहले. फिर बातचीत में राजा भैया का जिक्र आता है. अमर सिंह कहते हैं कि राजा भैया की पैरवी तो कल ठीक हो गई. मुलायम सिंह यादव जवाब में काफी कुछ बताते-समझाते हैं. कई और सारी बातचीत है. इन तीनों टेपों से अमर सिंह और मुलायम के अच्छे दिनों के बेहद करीबी संबंध का पता चलता है. तीसरे टेप में तो मुलायम सिंह की खुशी छिपाए नहीं छिप रही हैं. वे अमर सिंह के मीडिया प्रबंधन और कांग्रेस को दिए गए करारे जवाब और देश की जनता के सामने सपा के पक्ष को अच्छे तरह से प्रजेंट किए जाने से खुश हैं. अमर सिंह भी अपनी सफलता पर गदगद दिख रहे हैं और आशीर्वाद बनाए रखने का अनुरोध कर रहे हैं|

AMAR SINGH MULAYAM SINGH

AMAR SINGH MULAYAM SINGH 1

AMAR SINGH MULAYAM SINGH 2