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बंद मकान से निकले तान्या की फ्राक के टुकड़े और खून से सनी बनियान

फर्रुखाबाद: राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष यास्मीन अबरार की ओर से नियुक्त ग्यारह सदस्यी टीम को पुलिस के साथ अभियुक्त मानिकचन्द्र के पड़ोसी चीनी के घर में जांच के दौरान जेन्ट्स  बनियान में खून के धब्बे एवं फरक की लेस के टुकडे़ मिले जिसे पुलिस ने सील कर अपने कब्जे में ले लिया।

कायमगंज क्षेत्र के गांव बखतेरापुर में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष यास्मीन अवरार ने अपने ग्यारह सदस्यी टीम में दीप्ती सिंह, विजय कटियार, आफताब हुसैन, राकेश गंगवार, मनोज कुमार, ग्राम प्रधान अजय गंगवार, योगेन्द्र गंगवार, बीएन गंगवार आदि को भेजा। टीम के साथ प्रभारी निरीक्षक बीके मिश्र ने पुलिस कर्मियो के साथ अभियुक्त मानिकचन्द्र के पड़ोसी अखिलेश उर्फ ‘चीनी’ के मकान पर पहुंचे जहां मकान का ताला खुलबाकर अन्दर दाखिल हुए। टीम ने पूरे कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया टीम के सदस्यों को एक जगह रजाई व जेन्ट जेन्ट्स बनियान मिली, जिसमें खून के धब्बे थे। एक स्टील के थाली में खून के निशान मिले। वहीं तान्या की फ्राक/चुनरी की लेस के टुकड़े भी मिले। जिसे तान्या की मां व बाबा ने पहचान लिया। सभी चीजों को उठाकर प्रभारी निरीक्षक ने टीम के सामने सभी चीजों को सील कराकर अपने कब्जे में ले लिया। उसके बाद टीम वापस चली गयी। अभी यह साफ़ नहीं है कि यह सब सामान जाँच का हिस्सा बन भी सकेगा या नहीं|

टीम के साथ गयीं

युवक कांग्रेस नेता सुश्री दीप्ती सिंह ने बताया कि घर के अंदर साफ़ लग रहा था कि जैसे जल्द बाजी में मकान के फर्श पर लिपाई की गयी हो| उन्हीं के मोबाइल से खींचे हुए मौके के कुछ फोटो यहाँ पेश हैं|

भाजपा नेता की हत्या में पांच को उम्र कैद

फर्रुखाबाद: मोहम्मदाबाद के भाजपा नेता जय पाल सिंह की हत्या के मामले में न्यायालय ने पांच नामज़द अभियुक्तों को आजीवन कारावास के सजा सुनाई है| आदेश की भनक लगने से मुख्य अभियुक्त कमल नारायण कचहरी परिसर से ही फरार हो गया है|

भाजपा के तत्कालीन जिला उपाध्यक्ष जैपाल सिंह की आज से लगभग पन्द्रह वर्ष पूर्व आठ सितम्बर १९९६ को ताजपुर रोड पर पारिवारिक दुश्मनी के चलते कमल नारायण ने साथियों और परिजनों के साथ मिलकर जीप से कुचल कर बेरहमी से हत्या कर दी थी| शक्रवार को न्यायालय ने कमल नारायण, भाई राम नरेश, पुत्र सुरजीत, भतीजा दिनेश और सहयोगी नत्थू को उम्र कैद की सजा सुना दी| कोर्ट ने विगत पेशी पर ही अभियुक्तों को न्यायालय में ही गिरफ्तार करने के आदेश कर दिए थे| इससे साजा सुनाया जाना लगभग तय था| सजा पड़ने की भनक लगने के साथ ही कमल नारायण विगर पेशी के दौरान ही कचहरी से फर हो गया था| न्यायालय ने कमल नारायण के विरुद्ध कुर्की का नोटिस जारी कर दिया है|

सेंट्रल जेल के कैदी ने लगाए पिटाई के आरोप

फर्रुखाबाद: सेंट्रल जेल के बंदी उमेश का शुक्रवार को न्यायलय के आदेश पर लोहिया अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है। कैदी ने डिप्टी जेलर पर पिटाई का आरोप लगाया|

वरिष्ठ अधीक्षक यादवेन्द्र शुक्ला ने बताया कि बंदी उमेश पुत्र हेमराज निवासी नवाब दिलावार्जंग कोतवाली फर्रुखाबाद हार्ड कोर अपराधी है| चार मुकदमों में सजा याफ्ता और उम्र कैद की सजा काट रहे उमेश को गत आठ जनवरी को जिला जेल से प्रशासनिक आधार पर यहां के लिए स्थानांतरित किया है। उमेश ने डिप्टी जेलर अंजनी कुमार के साथ बैरिक बदलने के लिए अभद्रता कर रहा था| उमेश बेवजह मारपीट कर प्रताड़ित करने की शिकायत की है।

बाढ़राहत चेक घोटाले में सिर्फ एक लेखपाल निलंबित

फर्रुखाबाद : अमृतपुर क्षेत्र के उप जिलाधिकारी आरबी वर्मा ने बाढ़ राहत चेकों के वितरण में घपले के मामले में बलीपट्टी के लेखपाल राजीव रजौरिया को निलंबित कर दिया है

वर्मा ने बताया कि लेखपाल ने बाढ़ राहत वितरण में डुप्लीकेट चेक बनाकर भारी घपलेबाजी की है। उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत चेक वितरण के घपले में एक अन्य लेखपाल के विरुद्ध शीघ्र एफआईआर दर्ज कराई जायेगी।

तान्या की मां का दुखड़ा सुन रो पड़ीं यास्मीन

फर्रुखाबाद: राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष यासमीन अबरार शुक्रवार को कायमगंज के ग्राम बख्तेरापुर में तान्या की मां का दुखड़ा सुन अध्यक्ष रो पड़ीं। उन्होंने तान्या के परिवार को इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया।

यासमीन अबरार गुरुवार रात 11 बजे गांव बखतेरापुर पहुंचीं। गांव के लोगों को आश्वस्त किया कि शुक्रवार को घटनास्थल देखेंगी। शुक्रवार को उन्होंने पूर्वाह्न 9 बजे घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अभियुक्त मानिकचन्द्र के घर पड़ा ताला खुलवाने को कहा। पुलिस के चाबी उपलब्ध न कराने पर वह बिफर गईं। प्रभारी निरीक्षक वीके मिश्र ने बताया कि मकान में किरायेदार रहता है। इससे पुलिस चाबी नहीं ले सकती थी। इस बात पर भी वह संतुष्ट नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब तक मकान का ताला नहीं खुलेगा, तब तक वह यहीं बैठेगी। 2 घंटे बाद भी जब चाबी नहीं आयी तो आयोग अध्यक्ष पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज होकर गाँव के अंदर  पहुंचीं। वहां तान्या की मां का दर्द सुनकर उनकी आंखें भर आयीं। उन्होंने कहा कि तान्या को इंसाफ दिलाने में प्रदेश सरकार रोड़ा बन रही है। स्थानीय पुलिस से इंसाफ की उम्मीद नहीं रह गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवालिया निशान

फर्रुखाबाद: महिला आयोग की अध्यक्ष यासमीन अबरार ने तान्या के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी नहीं कराये जाने पर भी पर भी सवाल उठाये। उनहोंने कहा कि पुलिस ने तान्या के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना को इस लायक भी नहीं समझा कि उसके पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी करायी जाती। पूछने पर एसपी ने बताया कि पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत और दहेज हत्या के मामलों में ही पोस्टमार्टम में वीडियोग्राफी करायी जाती है। सीएमओ डॉ. पीके पोरवाल ने बताया कि पोस्टमार्टम में वीडियोग्राफी कराने की व्यवस्था पुलिस करती है। तान्या के मामले में यदि वीडियोग्राफी कराने के निर्देश होते तो वह वीडियो कैमरा लगवा देते।

महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार को पीड़ित के परिवार को सहायता देना चाहिए। तान्या के परिवार को सुरक्षा देने की जिम्मेदारी भी प्रदेश सरकार की है। उसकी दो छोटी बहनों की पढ़ाई की भी व्यवस्था होनी है। अपर जिलाधिकारी सुशीलचंद्र श्रीवास्तव, एसडीएम कायमगंज हरीशंकर, सीओ मोहम्मदाबाद विनोदकुमार, सीओ सिटी डीके सिसौदिया, समाजकल्याण अधिकारी आरवी मिश्र, कार्यक्रम अधिकारी राजेश वर्मा आदि बैठक में मौजूद रहे।

टाइम किल कर रही है पुलिस: महिला आयोग अध्यक्ष

फर्रुखाबाद: तान्या हत्याकांड में राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष यासमीन अबरार पुलिस कार्रवाई से खासी नाराज दिखीं। उन्होंने कहा कि घटना के 1 माह बाद भी पुलिस जांच की दिशा तय नहीं कर पायी है। साफ़ ज़ाहिर है कि पुलिस टाइम किल कर रही है है। मीडिया कर्मियों द्वारा घेरे जाने पर साथ बैठे एसपी ओपी सागर को कहना पड़ा कि घटनास्थल को लेकर अभी अलग-अलग दावे हैं।

बखतेरापुर में एक अभियुक्त के घर पर पड़ा ताला न खोले जाने से निरीक्षण न कर पाने से नाराज़ राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष यासमीन अबरार ने निरीक्षण भवन में पत्रकारों से कहा कि कायमगंज पुलिस ने उन्हें 4 घंटे खड़ा रखा। पुलिस ने जांच में कोई सहयोग नहीं किया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार के लोग साफ़ तौर पर कायमगंज के एक बसपा नेता का नाम लेकर कह रहे हैं कि उनके इशारे पर ही पुलिस घटना को ‘टर्न’ दे रही है। एसपी ने बताया कि उस मकान की चाबी घरवालों के पास है, उनकी तलाश करा रहे हैं। महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि पूरा गांव कह रहा है कि इसी घर में तान्या से दुष्कर्म किया गया। अब दिल्ली जाकर तय करेंगे कि इस मामले में अगली कार्रवाई क्या हो। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अभियुक्त के मकान को सीज नहीं किया गया। उन्होंने माना कि घटना की जांच ठीक नहीं हो रही है।

उन्होंने बताया कि महिला उत्पीड़न की सबसे अधिक घटनाएं उत्तर प्रदेश में हो रही हैं। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि तान्या और उसके परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। अध्यक्ष ने कहा कि ‘ऑनर किलिंग’  को रोकने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग जागरूकता शिविर लगा रहा है। पत्रकार वार्ता में कई मुश्किल सवालों के जवाब पुलिस अधीक्षक ने एक मुस्कराहट से ही निबटा दिए।

तमिलनाडु में जयललिता के सिर ताज

बेंगलुरू। तमिलनाडु में डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि को राजनीतिक शतरंज में मात देने वाली जे जयललिता भारी बहुमत के साथ तमिलनाडु की सत्‍ता पर विराजमान होने जा रही हैं। वो चौथी बार राज्‍य की मुख्‍यमंत्री बनेंगी। इसमें कोई शक नहीं है कि सीएम की कुर्सी को एक बार फिर हांसिल करने के लिए जयललिता ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। उन्‍होंने तमिल जनता का दिल जीतने के लिए क्‍या नहीं किया। जयललिता की जीत के पीछे डीएमके का भ्रष्‍टाचार ही नहीं बल्कि जया का संघर्ष भी बड़ा कारण है।

जयललिता के संघर्ष की बात करें तो जीवन के हर पड़ाव में उन्‍हें संघर्ष करना पड़ा। राजनीति में आने से पहले जयललिता फिल्‍म अभिनेत्री थीं। अपने फिल्‍मी करियर में ही उन्‍होंने लाखों लोगों के दिलों पर राज करना शुरू कर दिया था, कि तभी एआईएडीएमके के संस्‍थापक व प्रभावी राजनेता मरु‍थुर गोपालन रामाचंद्रन (एमजीआर) ने जयाललिता को राजनीति में लॉन्‍च किया।

कर्नाटक के मेलुकोटे में जन्‍मी जयललिता का आधे से ज्‍यादा जीवन तमिलनाडु में ही बीता। वे 1981 में एआईएडीएमके में शामिल हुईं और 1988 में बतौर राज्‍यसभा सदस्‍य संसद में कदम रखा। एमजीआर के निधन के बाद जयललिता के पास दो विकल्‍प थे, पहला एमजीआर की पत्‍नी के साथ राजनीति में आगे बढ़ने का और दूसरा अकेले। उन्‍होंने अपनी राह अकेले ही चुनी और आगे बढ़ गईं। तब तक वो लोगों के बीच ख्‍याति प्राप्‍त कर चुकी थीं।

1989 में जयललिता पहली बार विधानसभा चुनाव जीतीं और राज्‍य की पहली विपक्षी नेता बनीं। आगे चलकर उन्‍होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया। 1991 के चुनाव के ठीक पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्‍या की वजह से उनके गठबंधन को सिम्‍पेथी वोट मिले और वो भारी बहुमत के साथ सत्‍ता में आयीं। तब वो तमिलनाडु की पहली महिला मुख्‍यमंत्री बनीं।

पांच साल के कार्यकाल में जयललिता कई विवादों में फंसीं, जिसकी वजह से 1996 के चुनाव में उनहें हार का सामना करना पड़ा। उनके आधे से ज्‍यादा प्रत्‍याशी हारे। यह हार 2001 में एक बार फिर जयललिता सत्‍ता में वापस आयीं, वो भी भारी बहुमत के साथ। लेकिन एक बार फिर वो राजनीतिक इम्‍तहान में खरी नहीं उतर सकीं और 2006 के चुनाव में उनके सबसे बड़े प्रतिद्वन्‍द्वी डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि विधानसभा चुनाव में जीते।

इस करारी हार के बावजूद जयललिता ने संघर्ष जारी रखा और अब 2011 के चुनाव में एक बार फिर सत्‍ता में लौटी हैं। लेकिन एक बार तय है, जया को हमेशा ध्‍यान में रखना होगा कि करुणानिधि की हार का सबसे बड़ा कारण घोटाला रहा है। इससे यह साफ है कि तमिलनाडु की जनता भ्रष्‍ट लोगों को सत्‍ता में ज्‍यादा दिन तक नहीं देख सकती, लिहाजा जय‍ललिता से अगर लोगों ने उम्‍मीदें बांधी हैं, तो उन्‍हें खरा उतरना ही होगा, नहीं तो पांच साल बाद तराजू फिर से विपक्ष की तरफ झुक जाएगा।

जयललिता की जीत की खुशी में महिला ने काटी जीभ

थेणी (तमिलनाडु)।। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके के शानदार प्रदर्शन से बेहद उत्साहित जयललिता की प्रशंसक एक महिला ने मंदिर में अपनी जीभ काटकर चढ़ा दी।

पुलिस के मुताबिक थेणी से सात किलोमीटर दूर श्री वीरापांडी गौमारियाम्मान मंदिर में भक्त उस समय हैरान रह गए, जब संगीता (27) ने अपनी जीभ चाकू से काट ली।

उसने प्रण लिया था कि यदि जयललिता की अगुआई में एआईएडीएमके सत्ता में आई, तो वह अपनी जीभ काट लेगी।

रामनाथपुरम से ताल्लुक रखने वाली संगीता को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विश्वास जताया कि कटी हुई जीभ को वापस जोड़ दिया जाएगा।

ममता ने किया लेफ्ट को ‘लेफ्ट-राइट’

कोलकाता। 34 साल बाद पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने लेफ्ट फ्रंट को जड़ से उखाड़ कर फेंक दिया है। जीत के बाद लोगों का अभिवादन स्‍वीकर करने आई ममता बनर्जी के चेहरे पर खुशी नजर आ रही थी। यह खुशी उन्‍हें अपनी जीत की नहीं बल्कि अपनी जनता को एक निरंकुश शासन से आजाद करने की थी। लोगों का अभिवादन स्‍वीकार करते करते अचानक वह बोल पड़ी कि ये जीत मां, माटी और मानुष की है। आपको बताते चलें कि टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी ने अपने अकेले दम पर लेफ्ट का सूफड़ा साफ कर 294 सीटों में 214 सीटों पर कब्‍जा कर लिया है।

जीत के बाद लोगों का अभिवादन स्‍वीकार करने के लिये घर से बाहर निकलीं ममता बनर्जी ने कहा कि मैं इस जीत के लिये पश्चिम बंगाल के लोगों की आभारी हूं, जिन्‍होंने मुझपर भरोसा दिखाते हुए अपना प्‍यार और समर्थन दिया। उन्‍होंने कहा कि इस जीत से मैं बहुत खुश हूं। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने फोन कर जीत पर खुशी जताई है। राजनीतिक पार्टी के लोग उनको फोन कर जीत की बधाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीत पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी बधाई दी है।

ममता ने कहा कि ये जीत लेफ्ट फ्रंट के 34 साल के निरंकुश शासन के खिलाफ है। ये लोकतंत्र की जीत है। जन शक्ति की जीत है। इस जीत को ममता ने रविंद्र नाथ टैगोर और बंगाल के जनता को समर्पित करते हुए कहा कि लोग अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। वहीं बंगाल में सूत्रों का कहना है कि ममता कांग्रेस को दरकिनार नहीं करेंगी। कांग्रेस को सरकार में शामिल होने के लिए न्योता दिया जा सकता है।