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बारातियों को घायल कर सोने की चैन व मोबाइल लूटा

फर्रुखाबाद: बीती रात दो भाईयों को घायल कर सोने की चैन व मोबाइल फोन लूट लिया| पुलिस ने इस मामले में तीन हमलावरों को हिरासत में लिया है|

कोतवाली फतेहगढ़ के ग्राम विजाधरपुर में श्री किशन सक्सेना की पुत्रे रीना के साथ विवाह के लिए यहाँ कोतवाली मोहम्दाबाद के ग्राम महोई निवासी भैयालाल के बेटे इन्द्रेश की बारात आयी थी| बाराती डीजे ले गए थे जिसके लिए महोई निवासी राघवेन्द्र चौरसिया छोटा हांथी से श्री किशन के दरबाजे से जनरेटर उठाने जा रहा था| गाँव के कुलदीप ने राघवेन्द्र से बारात आने के बारे में पूंछा तो राघवेन्द्र ने कहा कि इस जानकारी के बारे में बारात मालिक से पता करो| यह कहकर राघवेन्द्र चला गया|

थोड़ी देर बाद कुलदीप गाँव के दिलीप, प्रमोद व अजय के साथ राघवेन्द्र की पिटाई करने लगा| बाराती अमित व विनय ने राघवेन्द्र की पिटाई का विरोध किया तो हमलावरों ने अमित व विनय की जमकर पिटाई की| सेंटर जेल चौकी प्रभारी एसके भारद्वाज ने मौजूद रहकर शादी करवाई|

बाराती अमर सिंह ने घायल बेटे अमित व विनय को मध्यरात्रि के बाद लोहिया अस्पताल पहुंचाया| जिनमे विनय की हालत गंभीर बनी हुयी है| अमर सिंह ने आरोप लगाया कि हमलावर उनके बेटे की सोने की चैन व मोबाइल फोन भी लूट ले गए| पुलिस ने हमलावर कुलदीप कठेरिया, दिलीप सक्सेना व अजय को पकड़ लिया| ग्राम प्रधान नीलम दुबे पैरवी करके दिलीप को छुडवा ले गए|

नौनिहालों को मिले कम्प्यूटरों पर बीएसए के बाबू ताश खेल रहे

फर्रुखाबाद: सर्व शिक्षा अभियान और बेसिक शिक्षा के अंतर्गत पिरषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिये चरणबद्ध ढंग से वर्ष 2004-05 से ही कंप्यूटर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इन पांच छह वर्षों में जनपद को 80 कंप्यूटर मिल चुके हैं। परंतु स्थिति यह है कि अधिकांश स्कूलों में भौतिक रूप से कंप्यूटर उपलब्ध नहीं हैं। लगभग आधा दर्जन कंप्यूटरों पर तो बेसिक शिक्षा विभाग के लिपिक कब्जा जमाये बैठे हैं, जिनपर अधिकांशतयः सर्वाधिक जरूरी काम ‘ताश खेलना’ होता है। लगभग इतने ही कंप्यूटरों के बारे में तो विभाग तक को सही सही जानकारी नहीं है कि वह दरअसल में हैं कहां ?’

आधा दर्जन का तो विभाग के पास हिसाब तक नहीं

सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत वर्ष 2004-05 में एक दर्जन कंप्यूटर मिले थे। इसके बाद वर्ष 2005-06 में सात कंप्यूटर दिये गये। वर्ष 2007-08 में जनपद को 13 कंप्यूटर फिर मिले। सन 2008-09 सर्वाधिक 25 कंप्यूटरों की खेंप जनपद को प्रप्त हुई। वर्ष 2004-10 में भी जिले को 23 कंप्यूटर और मिल गये। इस प्रकार अबतक कुल 80 कंप्यूटर जनपद को प्राप्त हो चुके हैं।

सरकारी दावों के अनुसार पूर्व माध्यमिक विद्यालय महरूपुर सहजू का कंप्यूटर बेसिक शिक्षा अधिकारी के बाबू के पास है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवरई बरियार और पूर्व माध्यमिक विद्यालय उब्रीखेड़ा मकरंद के कंप्यूटर बेसिक शिक्षा विभाग के बाबुओं के पास हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुईयाँ खेड़ा व कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय खिमसेपुर का कंप्यूटर निर्वाचन कार्य के लिये जिला कलक्ट्रेट भेजा गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय ताजपुर के दो कंप्यूटर पूर्व बीआरसी के पास हैं। बीआरसी का पद समाप्त हुए भी अर्सा गुजर गया परंतु आज तक कंप्यूटर वापस नहीं मिले हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला कलार, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिचपुरी और पूर्व माध्यमिक विद्यालय गैसिहपुर के कंप्यूटर चोरी हो चुके हैं। सरकारी दावों के अनुसार शेष विद्यालयों में यह कंप्यूटर संचालित है। सुधी पाठकों और जागरूक जनता की सुविधा के लिये हम यहां बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी कंप्यूट्रीकृत विद्यालयों की सूची प्रकाशित कर रहे हैं। जिससे वह स्वयं भी अपने स्तर से यह देख लें कि उनके गांव के बच्चों को अब तक कंप्यूटर चलाना सिखाया जा सका है या नहीं। वैसे जेएनआई के सूत्रों का मानना है कि सूची में दिखाये गये 90 प्रतिशत स्कूलों में कम से कम बच्चों को आज तक कंप्यूटर देखने तक को नहीं मिले हैं। इनमें से अधिकांश अध्यापक या ग्राम प्रधान में जो भी जबर पड़ा सो अपने घर उठा ले जा चुका है। उस पर तुर्रा यह कि यह सब कुछ वह इन मंहगे कंप्यूटरों की सुरक्षा के लिये कर रहे हैं।

इतना ही नहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. कौशल किशोर भी ढके छिपे शब्दों में इस तथ्य से पूरी तरह इनकार नहीं करते हैं। कहते हैं कि जब स्कूलों से रसोई के बर्तन तक तो चोरी हो जाते हैं तो इन कंप्यूटरो को कौन रखायेगा। बड़ी मासूमियत से वह उल्टे सवाल भी दाग देते हैं कि यदि इन कंप्यूटरों को लगा भी दिया जाये तो इनको चलाना किसको आता है। बीएसए शायद या तो यह भूल जाते हैं कि अध्यापकों को कंप्यूटर प्रशिक्षण के नाम पर लाखो रुपये का ठेका निजी कंपनियों को दिया जाता है और या शायद यह उनकी ओर से इस तथ्य की स्वीकारोक्ति है कि यह कंप्यूटर प्रशिक्षण भी अन्य प्रशिक्षणों की भांति फर्जी ही होता है। कुल मिलाकर डा. किशोर की बात तथ्यात्मक रूप से शब्दशः सही है।

विद्यालय जहाँ कंप्यूटर स्थापित दिखाए हैं

ब्लाक

विद्यालय का नाम

कमालगंज कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय जहानगंज
कमालगंज कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय रायपुर
कमालगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय रामपुर माझ गाँव
कमालगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय ईसेपुर नवादा
कमालगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय जरारी
कमालगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय मोहनपुर
कमालगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिचपुरी
कमालगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय हिसामपुर
कमालगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय रजीपुर
कमालगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय उब्रीखेरा मकरंद
कमालगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय जहानगंज
कमालगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय ताजपुर
कायमगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय जिजौटा बुजुर्ग
कायमगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय अतायीपुर जदीद
कायमगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय होतेपुर
कायमगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिवाराखास
कायमगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय बहबलपुर
कायमगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय कादरदादपुर
कायमगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेंदपुर
कायमगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवरई बरियार
नगर क्षेत्र फ़र्रु० पूर्व माध्यमिक विद्यालय रंग साजन
नगर क्षेत्र फ़र्रु० पूर्व माध्यमिक विद्यालय पलरा तालाब
नगर क्षेत्र फ़र्रु० पूर्व माध्यमिक विद्यालय शांति भोलेपुर
नगर क्षेत्र फ़र्रु० पूर्व माध्यमिक विद्यालय लिंजीगंज
नगर क्षेत्र फ़र्रु० पूर्व माध्यमिक विद्यालय काजम खां
नबावगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय चदनी
नबावगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय भटासा
नबावगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवरई मठ
नबावगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय हादी दादपुर  मई
नबावगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय गणेशपुर
नबावगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय नौगांव
नबावगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय नवाबगंज
नबावगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय साहबगंज
नबावगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय उम्मरपुर
नबावगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय वेग
बढ़पुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौसपुर
बढ़पुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय दीन दयाल बाग
बढ़पुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय बाबरपुर
बढ़पुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला कलार
बढ़पुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय गुतासी
बढ़पुर कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय याकूतगंज
बढ़पुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय बाग लकूला
बढ़पुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय निनौआ
बढ़पुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमेठी जदीद
बढ़पुर कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय मसेनी
बढ़पुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय महरूपुर सहजू
मोहम्दाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय (मेरापुर)
मोहम्दाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय पखना
मोहम्दाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय भरतपुर रसूलपुर
मोहम्दाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय सक्वाई
मोहम्दाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय गैसिहपुर
मोहम्दाबाद कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय खिमसेपुर
मोहम्दाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय पमर्खिरिया
मोहम्दाबाद कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय मदनपुर
मोहम्दाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय नीवकरोरी
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरिहरपुर
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरुआ
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय सबलपुर
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय दहिलिया
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय खंडौली
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय बहादुरपुर
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय बदनपुर
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला हूसा
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय भुडिया भेड़ा
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय गांधी
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय हुसैनपुर
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय अम्रतपुर
राजेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय राजेपुर
शमसाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय मंझना
शमसाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरझाला
शमसाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय शमसाबाद
शमसाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय खिन्मिनी
शमसाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुरेहठी
शमसाबाद कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुईयाँ खेड़ा
शमसाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय रजलामई
शमसाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय बक्सूरी
शमसाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुईयाँ खेड़ा
शमसाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिकंदरपुर महमूद
शमसाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय नैगवां
शमसाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय रोशनाबाद

स्वास्थ्य विभाग की पोल खुली, रिश्वतखोरी की शिकायत

फर्रुखाबाद: आयेदिन स्वास्थ्य विभाग की शिकायतें मिलती हैं कि डाक्टर व कर्मचारी रिश्वत लेकर उपचार करते हैं और बाजार से दबाएँ व सामान खरीदने पर विवश करते हैं|

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ पीके पोरवाल जब कायमगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए निरीक्षण कर रहे थे| उसी समय अधीक्षक डॉ महेंद्र कुमार के सामने आरोप लगाए गए कि डाक्टर व कर्मचारी रुपये लेकर ही उपचार करते हैं|

ग्राम फरीदपुर निवासी सोनी के पति राकेश ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी की डिलेबरी के लिए नर्स ने ९०० रुपये लिए उसके बाद ही डाक्टर ने मरीज को हाँथ लगाया| अठसेनी पहाडपुर निवासी नरेश अपनी बीमार पत्नी के उपचार के लिए मेडिकल से डिस्पोजल खरीदकर ले गया| डॉ पोरवाल ने नाराजगी जाहिर की कि जब डिस्पोजल अस्पताल में मौजूद है तो बाजार से क्यों खरिदबाया गया|

डॉ पोरवाल ने मरीजों का बेहतर ढंग से उपचार करने का निर्देश देते हुए बेहतर सफाई व्यवस्था करके कूड़े दान रखे जाने की भी हिदायत दी| कल रविवार को कावीना मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के आगमन के कारण निरीक्षण की आशंका को लेकर स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर चिंतित हैं|

आज लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में भीषण गर्मी के कारण घायल काफी परेशान रहे| दुर्घटना में घायल रवि पाण्डेय आदि घायल के परिजन गर्मी के कारण कागज़ के गत्ते से हवा करते देखे गए| थोड़ी देर बाद ही रवि ने दम तोड़ दिया| परिजनों ने डॉ पर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया| बिजली चली जाने पर इमरजेंसी कक्ष के पंखे नहीं चलते हैं|

हादसे में पूर्व सांसद, दरोगा व व्यापारी के पुत्र घायल

फर्रुखाबाद: मार्ग दुर्घटना में पूर्व सांसद, दरोगा व व्यापारी के बेटे सहित ड्राईवर घायल हो गए| हालत गंभीर होने पर सांसद के बेटे को लखनऊ रिफर कर दिया गया जबकि दरोगा व व्यापारी के पुत्रों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया|

हरदोई शाहबाद क्षेत्र से भाजपा के पूर्व सांसद सुरेन्द्र पाल पाठक का युवा पुत्र शोभित आज सुबह यहाँ अपनी दबा लेने स्वीफ्ट कार से आया था| उसके साथ हरदोई के मोहल्ला रेलवे गंज निवासी कोल्हू व लकड़ी व्यापारी का बेटा जागेश्वर गुप्ता तथा सुभाष नगर निवासी दरोगा शिवकिशोर मिश्रा का बेटा पिंटू मिश्रा भी साथ था| जो वापस लौटते समय मारूती वैन से टकरा जाने से घायल हो गए|

तीनों घायलों को आवास विकास कालोनी स्थित डॉ केएम द्विवेदी के अस्पताल में भर्ती कराया गया| पिंटू का बीते २३ मार्च को ही हरदोई नगेटा रोड सिविल लाइन निवासी अमरेश प्रसाद तिवारी की पुत्री से विवाह हुआ है| हादसे की सूचना मिलने पर अमरेश अस्पताल पहुंचे उन्होंने बताया कि शोभित के सिर के बाल झड़ने की बीमारी है वह यहाँ डॉ प्रमोद रस्तोगी से दबा लेकर वापस जा रहा था| उसके सीने में अंदरूनी चोट लगीं है|

अमरेश ने बताया कि कार को स्टैंड से लाया गया ड्राईवर चला रहा था| जो दुर्घटना के बाद घायलों को मौके पर छोड़ कर चला गया| उन्होंने बताया कि सड़क पर बैठे बन्दर को बचाने के दौरान दुर्घटना हो गयी| पिंटू के पिता बदायूं में दरोगा पद पर तैनात हैं| हालत गंभीर होने के कारण जागेश्वर को आईसीयू में भर्ती कराया गया|

सड़क पर घायल पड़े ग्रामीण को वाहन चालक ने कुचलकर मार डाला

फर्रुखाबाद: बीती रात सड़क पर घायल पड़े ग्रामीण को किसी वाहन चालक ने कुचलकर मार डाला| पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया|

थाना राजेपुर के ग्राम खंडौली निवासी ५० वर्षीय आनंद स्वरुप अग्निहोत्री अपने खेत का भूसा बेंचने के लिए बैलगाड़ी से ले जा रहे थे| बैलगाड़ी पर गाँव के अमरसिंह का १४ वर्षीय पुत्र नरसिंह भी बैठा हुआ था| बैलगाड़ी रात करीब ढाई बजे ग्राम गंधिया के निकट से गुजर रही थी| उसी समय डीसीएम की टक्कर लगने से आनंद गंभीर रूप से घायल हो गए| जबकि नरसिंह उछलकर गिर पडा उसे मामूली चोट लगी| उसने गाँव जाकर परिजनों को घटना की जानकारी दी|

उधर घायल आनंद स्वरुप सड़क पर तड़प रहा था| उसी समय शाहजहांपुर की ओर से आये इंडिका कार चालक ने उसे कुचलकर मार डाला| दुर्घटना में एक बैल की मौत हो गयी तथा दूसरा भी घायल हो गया|

बन्दर की हरकतों के कारण हुई भीषण दुर्घटना

फर्रुखाबाद: बन्दर के कारण ही हुई भीषण दुर्घटना में १ की मौत तथा ५ लोग घायल हुए हैं|

थाना राजेपुर के ग्राम उजरामऊ के निकट सड़क के बीच उद्दंड बन्दर बैठा था| उधर शाहजहांपुर की ओर से मारूती वैन जा रही थी फर्रुखाबाद की ओर से पूर्व सांसद की स्वीफ्ट कार भी काफी तेजी से जा रही थी| स्वीफ्ट  कार के चालक ने जब सड़क पर बन्दर को बैठा देखा तो उसे बचाने के प्रयास में उसकी कार सामने से आयी वैन में जा भिड़ी|

दुर्घटना के बाद भयभीत स्वीफ्ट कार के चालक आदि लोग कार को खड़ा कर खिसक गए| घायल छोटे मिस्त्री ने बताया कि सड़क पर बैठे बन्दर के कारण ही दुर्घटना हुई है| थाना राजेपुर पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया| एसओ एके पाण्डेय ने बताया कि घायल बन्दर सड़क पार कर रहा था| दुर्घटना में स्वीफ्ट सवारों के घायल होने का भी अंदेशा है| कार की चाबी लगी थी|

EX MP के वाहन की टक्कर से मिल मालिक की मौत 5 घायल

फर्रुखाबाद: पूर्व सांसद की वाहन की टक्कर लगने से मारूती वैन चालक मालिक की मौत हो गई तथा ५ लोग घायल हो गए| घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया|

लोहिया अस्पताल में उपचार के दौरान अपरान्ह २ बजे पड़ोसी जिला शाहजहांपुर के मोहल्ला ब्रम्ह्नान थाना अल्लागंज निवासी ४० वर्षीय रवी पाण्डेय उर्फ़ गुड्डू की मौत हो गई| रवि के साथ ही दुर्घटना में घायल उनके ही मोहल्ले के शमीम उर्फ़ छोटे मिस्त्री, इसरार के १६ वर्षीय पुत्र आजाद, कन्नौज थाना तालग्राम के मायापुर्वा निवासी जयचंद्र के २१ वर्षीय पुत्र ओमवीर, हरदोई थाना पचदेवरा के ग्राम बड़े गाँव निवासी बटेश्वर सिंह की पुत्री श्रीमती सरोज व युवा पुत्र दीपू को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया|

रवि अपनी मारूती वैन डीएल ७ सीडी/ ४०८५ को लेकर फर्रुखाबाद जा रहे थे| उन्होंने अन्य यात्रियों को भाड़े पर बिठा लिया| वैन दोपहर के समय थाना राजेपुर के ग्राम उज्रामू के निकट से गुजर रही थी| उसी समय सामने तेजी से आ रही स्वीफ्ट कार नंबर यूपी ३० पी/ ४३५३ जोरदार सीधी टक्कर लगने से सभी मारूती सवार घायल हो गए|

सिर में गंभीर चोट लगने से गुड्डू की मौत हो गई| इस बात की जानकारी होते ही परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे| बताया गया कि धान एवं चाकी मालिक गुड्डू के २ पुत्र व पुत्रियाँ हैं| वाहन मिस्त्री छोटे सामान खरीदने जा रहे थे| जबकि सरोज अपने भाई के साथ दवा लेने आवास विकास कालोनी जा रहे थी|

भ्रष्टाचार को आखिर जनता ने मुद्दा बना ही लिया

फर्रुखाबाद: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों में भ्रष्टाचार एक निर्णायक मुद्दे के तौर पर उभर कर सामने आ गया है| आखिर भारत का लोकतंत्र घुटनों के बल चलना छोड़ कर छोटे-छोटे क़दमों से ही सही सीधे खड़े होकर चलने के शुरुआत करता नज़र आ रहा है| जाति और धर्म की बेड़ियों को तोड़कर इन चुनावों में जनता ने कुशासन और भ्रष्टाचार को मुद्दा बना लिया| तमिलनाडु के नतीजों में पहली बार भ्रष्टाचार के मुद्दे ने असर दिखाया और 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से दागदार दामन वाली डीएमके को सत्ता छोड़ने का जनादेश मिला। वहीं केरल में भ्रष्टाचार के खिलाफ वीएस अच्युतानंदन भले ही सरकार न बचा पाए हों, लेकिन कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ की जीत की चमक फीकी करने में जरूर कामयाब रहे। तमिलनाडु में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर भ्रष्टाचार के सीधे आरोपों के निशाने पर आए करुणानिधि परिवार ने डीएमके की शिकस्त में अहम भूमिका निभाई। साथ ही यह चुनावी मिथक भी तोड़ा कि तमिलनाडु में भ्रष्टाचार के मुद्दे का जमीनी असर नहीं होता। 2जी घोटाले के खलनायक पूर्व संचार मंत्री ए.राजा के गढ़ पेरांबलूर सीट डीएमके के हाथ से जाती रही जिसपर 1996 से लगातार पार्टी ने जीत दर्ज कराई थी। पेरांबलूर में ही ए. राजा के भाई ए. कालियापेरुमल को मतदाताओं को लुभाने के लिए धनबल प्रयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

केरल में हमेशा या इस पार या उस पार का फैसला देने वाली जनता इस बार जरा उलझी नजर आई। मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन पाटी के भीतर से जारी खींचतान के बावजूद भ्रष्टाचार के खिलाफ योद्धा की अपनी छवि बनाने में कामयाब रहे। पामोलिन मामले, इडामलियार कांड और आइसक्रीम पार्लर सेक्स केस जैसे पुराने मामलों को उठाकर अच्युतानंदन ने कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ की जीत का रथ डगमगा दिया। एंडोसल्फान और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के खिलाफ मुख्यमंत्री की सख्ती ने भी एलडीएफ को सरकार विरोधी लहर को काबू करने में मदद दी। इसी का असर था कि बीते बीस सालों के दौरान हुए चौथे विधानसभा चुनाव के दौरान पहली बार लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बीच सीटों का अंतर इकाई का आंकड़े में दर्ज किया गया। ताजा चुनाव परिणामों में सत्ता छोड़ने वाले एलडीएफ के खाते में जहां 68 सीटें गई वहीं जीतकर आए एलडीएफ को 72 सीट हासिल हुई।

पश्चिम बंगाल में दीदी की जीत लेफ्ट फ्रंट के कुशासन के खिलाफ निर्णायक जीत के तौर पर देखी जा रही है| लेफ्ट फ्रंट के ३४ साल के शासन से छुटकारा पा कर परिवर्तन के लिए बंगालियों का वोट अपने आप में एतिहासिक घटना है|

नगर निकाय वार्डों का नए सिरे से आरक्षण एक सप्ताह में

फर्रुखाबाद: प्रदेश शासन ने नगर निकायों में  वार्डों के आरक्षण की नई नियमावली को शुक्र्रवार देर रात  जारी कर दी। इस पर सात दिनों के अंदर आपत्तियां मांगी गई है। इसके बाद नई नियमावली के आधार पर नए सिरे से वार्डों का आरक्षण किया जाएगा। यह उत्तर प्रदेश नगर निगम (स्थानों और पदों का आरक्षण एवं आवंटन) (छठा संशोधन) नियमावली, नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत (स्थानों और पदों का आरक्षण एवं आवंटन) (छठा संशोधन) नियमावली कहलाएगी।

अधिसूचना जारी सात दिनों में मांगी गई आपत्तियां

नई आरक्षण नियमावली में वार्डों का चक्रानुक्रम आधार पर आरक्षण करने का प्राविधान किया गया है। इससे पहले 2006 में वार्डों के आरक्षण में महिलाओं को पहली प्राथमिकता दी गई थी। नई नियमावली में महिलाओं को प्राथमिकता देने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब वार्डों में आरक्षण लागू करते हुए सबसे पहले अनुसूचित जाति/जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी। इसके बाद बची सीटें अनारक्षित वर्ग के लिए रखी जाएंगी। इसमें 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वर्ष 2006 में स्थानीय निकाय चुनाव में वार्डों के आरक्षण के लिए नियमावली नहीं तैयार की गई थी। वार्डोँ का आरक्षण नगर निगम अधिनियम 1959 और नगर पालिका परिषद अधिनियम 1916 में दी गई व्यवस्था के आधार पर सीटें आरक्षित करके किया गया था।

फिलहाल जो आरक्षण प्रस्ताव शासन को भेजा गया है वोह इस प्रकार है-

(फर्रुखाबद नगर पालिका)

5 मुंशी प्रेमचंद्र नगर SC-F
7 शिवाजी नगर SC-F
3 रविदास नगर BC-F
6 निराला नगर SC
8 गंगा नगर SC



3 रविदास नगर BC-F
24 गोबिंद नगर BC-F
30 भगत सिंह नगर BC-F
1 अम्बेडकर नगर BC
20 कवीर नगर BC
12 लक्ष्मण नगर BC
15 बौद्ध नगर BC
4 नानक नगर BC
19 अब्दुल हमीद नगर BC
29 महावीर नगर F
18 राम नगर F
31 विस्मिल नगर F
32 चंद्र गुप्त नगर F
22 महादेव नगर F
23 परशुराम नगर F
27 अशोक नगर F
36 सुदामा नगर F
11 लक्ष्मीवाई नगर UR
25 असफाकउल्ला नगर UR
16 आजाद नगर UR
28 ब्रह्म नगर UR
10 कृष्णा नगर UR
33 महाराणा प्रताप नगर UR
26 महादेवी वर्मा नगर UR
9 श्याम नगर UR
13 तुलसी नगर UR
21 दुर्गा नगर UR
34 चित्र गुप्त नगर UR
37 बलराम नगर UR
17 लोहिया नगर UR
2 विवेकानंद नगर UR
14 पटेल नगर UR
35 गुरुतेग बहादुर नगर UR

फर्रुखाबद नगर पालिका

इन विधान सभा चुनावों के नतीजों ने उड़ाई बसपा की नींद

फर्रुखाबाद: चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव नतीजों के आधार पर क्या साल भर बाद यूपी में होने वाले चुनाव को लेकर कोई भविष्यवाणी की जा सकती है? इसका जवाब लोग अपनी-अपनी तरफ से देने की कोशिश में लगे हुए हैं। बदलाव की बयार साफ़ नज़र आ रही है। इन नतीजों ने एक साल बाद यूपी में होने वाले चुनावों को लेकर फ़िलहाल सत्तारूढ़ दल बसपा की नींद उड़ा दी है।

असम -126

Cong

73

AGP

11

BJP

5

Others

37

पश्चिम बंगाल -294

TMC

225

Left

63

Other

6

तमिलनाडु -234

ADMK

202

DMK

32

केरल -140

Cong+

72

Left

68

पांडीचेरी – 30

NRC+

20

Cong+

9

Others

1

बंगाल और तमिलनाडु में सत्ताधारी पार्टियों के खिलाफ जनता में जबर्दस्त आक्रोश था। केरल में वृद्ध अच्युतानंदन को वहां की जनता रिपीट नहीं करना चाहती थी और राहुल को अमूल बेबी कहे जाने का जनता ने बुरा माना। पश्चिम बंगाल में साफ साफ दिख रहा था कि जनता ममता के साथ है तमिलनाडु में भी तय था कि अबकी बारी जयललिता की है। असम में लगातार तीसरी बार कांग्रेस का सत्ता में आना उपरोक्त दो राज्यों के नतीजों से अलग परिघटना है। केरल में भी कांग्रेस भारी पड़ी है। केन्‍द्र शासित प्रदेश पांडीचेरी में एनआरसी आगे रही है।

कहते हैं जब जनता करवट बदलती है तो बड़े-बड़े सूरमा चारों खाने चित्त जमीन पर छटपटाते नजर आते हैं। यह परिदृश्य में यूपी में घटित होगी? इस सवाल को लेकर यूपी में भी कयासों का दौर शुरू हो गया है। क्योंकि मुख्यमंत्री मायावती नौकरशाहों के बल पर जैसा बर्ताव प्रदेश की आम जनता के साथ कर रही हैं, उससे जनता की मानसिकता में नाराजगी आती जा रही है। उत्पीड़नों, उगाहियों से त्रस्त, पुलिस वालों से पस्त यूपी की जनता अगर कहीं शिकायत भी करती है तो उसकी तनिक सुनवाई नहीं होती। जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ तक बड़े, अफसरों-नेताओं के यहां तक कहीं सुनवाई नहीं होती। यहां तक कि भी वह जाता है तो दर दर भटक कर निराश होकर लौट आता है। दलित वोट बैंक में भी अब फूट पड़ चुकी है और कई उप जातियों के लोग अपनी उपेक्षा से बेहद नाराज हैं।

ऐसे में अगर कहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की अंदरखाने एकजुटता हो गई, जिसकी संभावना काफी दिख रही है, तो संभव है कि मायावती का भी यूपी से सूपड़ा साफ हो जाए परिवारवाद के मोह में फंसे मुलायम और अमर सिंहों को बढ़ावा देकर अपनी काफी जमीन खो देने वाले मुलायम को कांग्रेसी की बैसाखी की सख्त जरूरत है। और कांग्रेस यूपी में किसी भी तरह मायावती को बेदखल कर पावर में आना चाहती है पूर्वी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ कई वामपंथी नेताओं ने एक अलग फ्रंट बनाकर काम शुरू कर दिया है। राहुल का युवा चेहरा भी कांग्रेस को काफी फायदा पहुंचाएगा। वहीं, सपा का वोटबैंक और सत्ता से लगातार रही दूरी के कारण जनता के मन में साफ्ट कार्नर डेवलप होने लगा है। भाजपा के साथ सांप्रदायिकता का ठप्पा किसी गठबंधन के आड़े आ जाता है। ऐसी हालत में कह सकते हैं कि यूपी में साल भर बाद मायावती और उनकी पार्टी को झटका लग सकता है।