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इश्कबाजी का विरोध करने पर महिला की जूतों से पिटाई कर चैन लूटी

फर्रुखाबाद: कानपुर से रिश्तेदारी में आई महिला ने जब इश्कबाजी किये जाने का विरोध किया तो उसकी जूतों से पिटाई कर चैन लूट ली गयी| थाना मऊदरवाजा पुलिस ने साधारण मारपीट की सूचना दर्ज कर पीड़ित महिला वीना का लोहिया अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराया|

कानपुर थाना दादा नगर के दबोली बेस्ट निवासी अशोक सिंह की ३५ वर्षीय पत्नी वीना ने उपचार के दौरान बताया कि मै यहाँ थाना मऊदरवाजा के ग्राम ढिलाबल निवासी बहनोई प्रदीप सिंह के बीमार पिता रामपाल सिंह को देखने आई थी| प्रदीप को ४० वर्षीय बड़ी बहन मोनी ब्याही है|

वीना ने बताया कि प्रदीप का छोटा भाई रणवीर का १७ वर्षीय बेटा गोलू आयेदिन मोनी के साथ छेड़खानी करता है और कई बार उसकी इज्जत लूटने का भी प्रयास कर चुका है| एक अन्य बहन पड़ोस के गाँव घाटमपुर में ब्याही है| गोलू मोबाइल फोन पर उसे भी परेशान करता है|

पीड़ित महिला वीना ने बताया कि मैंने बहनोई रणवीर सिंह से अपने बेटे को समझाने के लिए कहा इसी बात पर उन्होंने व उसके बेटे गोलू, मामा राजेश तथा चाचा विनय ने गाली-गलौज कर जूतों से पिटाई की और सोने की चैन लूट ली| उन्होंने अंगूठी को भी लूटने का प्रयास किया| अंगूठी खींचने से अंगुली में आई चोट भी दिखाई| महिला ने बताया कि जब बहनोई प्रदीप ने बचाने का प्रयास किया तो उनकी भी पिटाई की गयी|

महिला वीना ने बताया कि डाक्टरी परीक्षण करवाने के नाम पर साथ आये होम गार्ड ने १०० रुपये ले लिए उसने ३०० रुपये मांगे थे|

बच्चों के पेट पर डाका: 39 बोरी पंजीरी व प्रतिबंधित इंजेक्शन दूध डेरी से बरामद

फर्रुखाबाद: वाल पुष्टाहार विभाग की आज उस समय पोल खुल गयी जब मासूमों के निबाले के लिए आयी पंजीरी की ३९ बोरिया दूध डेरी से बरामद हुईं| इस छापे की जानकारी मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी वाल-विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाईजर, कार्यकर्ती एवं सहायिकाओं में हडकंप मच गया|

ख़ास सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी रवींद्र वर्मा ने आज अपरान्ह कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला हांथीखाना में महेश चन्द्र पाल की दूध डेरी पर छापा मारा गया| महेश की वृद्ध माँ ने दरबाजा खोला तलाशी के दौरान एक कमरे में छिपाई गयी पंजीरी की ३९ भरी बोरियां व अनेकों प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद हुए|

कानूनी कार्रवाई करने के लिए एसडीएम ने जिला कार्यक्रम कार्यालय के लिपिक रहीश बाबू तथा कोतवाली फतेहगढ़ के इंस्पेक्टर को बुलाया| छापे की सूचना मिलने पर महेश चन्द्र पाल भूमिगत हो गया|

केंद्र व प्रदेश सरकार लाखों रुपये खर्च करके बच्चों के निबाले के लिए प्रत्येक आंगनबाडी केंद्र पर करीब डेढ़ दर्जन बोरियां मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती हैं| आला अधिकारियों की सांठ-गाँठ से अनेक कार्यकर्तियाँ करीब सभी बोरियों को बाजार में १७५ रुपये प्रति बोरी के भाव में बेंच देती हैं| जबकि सरकारी खरीद में प्रत्येक बोरी की लागत करीब ६०० रुपये होती है| आयेदिन जिले में आगनबाडी केन्द्रों के बंद रहने की शिकायतें मिलती हैं|

जहरखुरानों ने युवक को नशीला पदार्थ खिलाकर सड़क पर फेंका

फर्रुखाबाद: आज प्रातः रोडवेज बस स्टाप पर एक युवक बेहोशी की हालत में पड़ा मिला जिसे फर्रुखाबाद कोतवाली पुलिस के सिपाही राधाकृष्ण ने लोहिया अस्पताल में लाकर भर्ती कराया|

प्रातः 8 बजे के आस पास फर्रुखाबाद बस स्टाप के पास लोगों ने एक अज्ञात युवक को पड़े देखा जिसकी सूचना उन लोगों ने पुलिस को दी| ड्यूटी पर मौजूद सिपाही राधाकृष्ण ने बेहोश युवक को रिक्शे पर बैठाकर लोहिया अस्पताल पहुंचाया जहां उसे भर्ती कर लिया गया| डाक्टरों ने किसी जहरीले पदार्थ को खाए जाने की आशंका व्यक्त की है|

कुछ समय उपचार चलने के बाद युवक को होश आना शुरू हुआ, तब उसने बताया कि उसका नाम शेखर है और वह दिल्ली से बस द्वारा फर्रुखाबाद आ रहा था तभी पास बैठे सहयात्री ने उसे कुछ खाने को दिया उसके बाद उसे कुछ याद नहीं रहा| उसने बताया कि उसके पास एक वैग व मोबाइल था|

आंधी से आम की फसल चौपट, किसान परेशान

फर्रुखाबाद: तेज आंधी और बारिश से आम की फसल चौपट हो रही है। गुरूवार सुबह और बीते सप्ताह लगातार तीन दिन तेज आंधी के बाद आम आस-पास के क्षेत्रों में स्थित आम के बागों में पे़ड से गिरे कच्चे आमों के ढेर लग गए।

आंधी और बारिश आम के साथ-साथ लीची, नींबू, खरबूजा और तरबूज की फसल को भी नुकसान पहुंचा रही है। तेज आंधी से जो आम पे़ड से गिर गए हैं उसमें जाली न प़डने के कारण उसे ज्यादा दिन तक रोका भी नहीं जा सकता है।

अब किसानों को उन आमों को औने-पौने दामों में बेचना प़ड रहा है। अगर मौसम का ये सिलसिला आने वाले दिनों में जारी रहा, तो आम किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। हालांकि आंधी के बाद जो फल पे़ड पर बच जाएगा, उसे आकार और मिठास के लिहाज से जरूर लाभ होगा।

स्पीक एशिया के खाते सील, लाखों लोगों का पैसा डूबा

क्‍या आपने ऑनलाइन सर्वे कंपनी स्‍पीक एशिया में 11 हजार रुपए लगाये हैं? अगर हां, तो आपका पैसा अब फंस चुका है। लाखों लोगों को झटपट पैसा कमाने का लालच देकर करोड़ों रुपए अंदर कर चुकी स्‍पीक एशिया की कलई खुल चुकी है। भारतीय रिजर्व बैंक और यूनाइटेड ओवरसीज बैंक सिंगापुर ने शुक्रवार देर शाम इस कंपनी के सभी खाते सील कर दिये।

रिजर्व बैंक ने खाते सील करने के बाद महाराष्‍ट्र, उत्‍तर प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, झारखंड और दिल्‍ली में स्थित स्‍पीक एशिया के दफ्तरों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पहली छापेमारी कानपुर में हुई उसके बाद लखनऊ व अन्‍य शहरों में। छापेमारी का दौर जारी है। आयकर विभाग को कार्यालयों में जो भी दस्‍तावेज मिल रहे हैं, वो सभी जब्‍त कर लिये जा रहे हैं।

देश भर में करीब 20 लाख लोग स्‍पीक एशिया में करीब 2000 करोड़ रुपए लगा चुके हैं। स्‍पीक एशिया के सदस्‍यों की बात करें तो मध्‍य प्रदेश में 50 हजार, उत्‍तर प्रदेश में 15 लाख, गोवा में 20 हजार हैं। यह आंकड़े भी प्रारंभिक जांच से प्राप्‍त हुए हैं। सदस्‍यों की संख्‍या बढ़ भी सकती है।

हाल ही में स्‍पीक एशिया के अधिकारियों ने एक प्रेसवार्ता करके खुद को पाक-साफ बताया था, लेकिन मीडिया के सवालों के जवाब देने में असमर्थ रहे थे। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार इस कंपनी में लगे अरबों रुपए कैसे वापस लाती है। सरकार पैसा वापस लाये या नहीं, लेकिन उन आम लोगों का क्‍या होगा, जिनका पैसा इसमें लग चुका है।

कैसे चलती थी चेन

स्‍पीक एशिया की चेन के अंतर्गत आपको किसी सदस्‍य के साथ जुड़ना होता था। सदस्‍यता लेने के लिए 11 हजार रुपए देने होते थे। उस समय यह लालच दिया जाता था कि 11 हजार देने के बाद तीन महीने में आपका पेसा वसूल हो जायेगा। यानी कंपनी चार-चार हजार रुपए हर महीने देगी। आपको बस इंटरनेट पर जाकर एक सर्वे में क्लिक करना होगा। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर विश्‍व की तमाम मल्‍टीनेशनल कंपनीज़ को अपना क्‍लाइंट बताया और कहा कि ये सर्वे उन्‍हीं कंपनियों के लिए किये जाते हैं।

जाहिर है बड़ी कंपनियों के नाम आते ही आम आदमी आसानी से बेवकूफ बन सकता है। कंपनी कभी सदस्‍यों के अकाउंट में सीधे पैसा नहीं डालती। पैसा आता था वो भी डॉलर में और स्‍पीक एशिया अकाउंट में। यानी उसे निकालने के लिए आपको टीडीएस कटवाना पड़ेगा, जो काफी अधिक रकम होती थी। ऐसे में लोग अपना पैसा नये सदस्‍यों के अकाउंट में ट्रांसफर कर देते और उससे कैश ले लेते। जिन लोगों ने अकलमंदी दिखाते हुए यह काम किया उनका पैसा तो वसूल हो गया, लेकिन बाकी लाखों लोगों का पैसा कंपनी के खाते में है।

पुण्य तिथि पर याद किये गए चाचा नेहरू

फर्रुखाबाद: ४७वी पुण्य तिथि पर आज भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू को याद किया गया|

शहर कांग्रेस कमेटी के नगर अध्यक्ष पूर्ण प्रकाश शुक्ला पुन्नी, वसीमुज्जमा खां, मेजर हरीश मिश्रा, वीरेंद्र मिश्र एडवोकेट आदि करीब डेढ़ दर्जन कांग्रेसी नगर के मोहल्ला नित्गंजा स्थित शिवाजी मंदिर पर एकत्र हुए| वक्ताओं ने कहा कि नेहरू जी के त्याग को भारत वासी कभी नहीं भूल सकते|

वक्ताओं ने कहा कि नेहरू जी ने भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई| उनके विचार आज भी समाज में बहुत महत्वपूर्ण हैं| बच्चों से प्यार करने वाले नेहरू जी को झोपड़े में रहने वाले बच्चों से भी काफी स्नेह था|

‘लोहे की भैंस’ दे रही है आर्टिफीशियल दूध

फरीदाबाद: ‘दूध दही का खाणा ये मेरा हरियाणा’। इस कहावत के साथ पूरी दुनिया में मशहूर रहा हरियाणा राज्य आज दूध के संकट से जूझ रहा है, वहीं कृत्रिम यानी आर्टिफीशियल दूध बनाने वाले माफिया ने ‘लोहे की भैंस’ का नायाब ढंग अपनाकर लोगों को बीमारियों की चपेट में डाल रहे हैं। माफिया पूरे प्रदेश में कृत्रिम दूध द्वारा मक्खन, क्रीम, घी, दही, पनीर, खोया बनाकर बेच रहे हैं।

राज्य में कई स्थानों पर नकली पनीर, घी इत्यादि पकड़ा भी जा चुका है। खाद्य पदार्थों से दूध से बनी वस्तुओं की प्रदेश भर में बढ़ती मांग के कारण मिलावट खोरों ने कृत्रिम दूध तैयार करवाने का नायाब तरीका इजात किया है, जिसके लिए ‘लोहे की भैंस’ का प्रयोग किया जाता है। लोहे की भैंस यानी वो मशीन जिसमें आर्टिफीशियल दूध तैयार किया जाता है।

सूत्रों की माने तो कृत्रिम पाऊडर एक पैकेट लगभग 250 रुपए में मिलता है, जिसमें मिलावटी खोर 20 से 25 लीटर दूध का निर्माण लोहे के ड्रमों में घोलकर कर रहे है और इस कृत्रिम दूध से दहीं, खोया, मक्खन इत्यादि बनाकर बिक्री की जाती है।

सर्वविदित है कि गर्मी के दिनों मं दूध देने वाले पशुओं में दूध की उत्पादकता में कमी आ जाती है, जिससे बाजार की खपत पूरी नहीं होती। गर्मी में दूध व दूध से बनी वस्तुओं की बढ़ती मांग के चलते कुछ कथित मिलावट खोरों ने कृत्रिम दूध का नया ढंग बना लिया है। सूत्रों की माने तो मिलावट खोर दूध का घनत्व बढ़ाने के लिए शक्कर, यूरिया अथवा चिकनाई बरकरार रखने के लिए सस्ते रिफाईड तेल के अलावा ‘एक्रेलिक’ कलर का प्रयोग भी सफेदी लाने के लिए करते है।

केवल इतना ही नहीं मिलावट खोरों ने पशुओं के दूध से पहले क्रीम निकालने बाद बचे सप्रेटा दूध में चिकनाई मिलाकर असली दूध जैसा रूप दे दिया है, जिसकी फैट की मात्रा भी अच्छी मिलती है, जिसके चलते उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण आसानी से किया जा सकता है। पानी में रंग तथा एक्सपायर्ड दूध का पाऊडर मिलाकर भी दूध बनाया जा रहा है, जिससे दही व पनीर तैयार किया जाता है। इस कृत्रिम दूध से प्रदेश भर में आंत्रशोध जैसी बीमारियां अमरबेल की तरफ बढ़ती जा रही है, मगर स्वास्थय विभाग चुप्पी साधे हुए है।

चुनौती: अपने खिलाफ FIR होने के बावजूद गुलाबीगैंग कमांडर का SP कार्यालय में प्रदर्शन

फर्रुखाबाद: विगत सप्ताह मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज में तोड़ फोड़ करने के मामले में अस्पताल के अधीक्षक डॉ के एस राणा जोशी ने गुलाबी गैंग की कमांडर अंजली यादव व उनके ८,१० सदस्यों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थाना मऊदरवाजा में एफआईआर दर्ज कराई थी। अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद गुलाबी गैंग कमांडर अंजलि यादव ने थाना मऊदरवाजा की ही एक पीडि़त महिला की अगवा नाबालिग पुत्री के अपरहरण के मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किये जाने के विरोध में गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में साथियों के साथ प्रदर्शन कर पुलिस को ही चुनौती दे डाली।

विदित है कि मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज के चिकित्साधीक्षक डॉ के एस राणा जोशी ने अस्पताल में नारेबाजी कर हंगामा मचाकर तोड़फोड़ करने का प्रयास, व मरीज व डाक्टरों में दहशत फ़ैलाने  के आरोप में गुलाबी गैंग की कमांडर अंजली यादव व उनके ८,१० सदस्यों के विरुद्ध थाना मऊदरवाजा में तीन दी पूर्व ही धारा १४३ व ७ सीएलए के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी|

गुरुवार को अंजलि यादव ने समर्थकों सहित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन कर थाना मऊदवाजा पुलिस की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाई। नगर के मोहल्ला ढुइयां निवासी छआरी देवी की 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री को अगवा करलिये जाने के मुकदमें आज तक कोई प्रगति न होने के विरोध में महिलाओं ने पुलिस कार्यालय में नारेबाजी की। श्रीमती यादव ने बताया कि विगत 26 मार्च को बालिका के अपहरण के बाद लखनऊ तक शिकायतों के बाद जैसे तैसे तो 21 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की गयी। तीन नामजद अभियुक्तों में से दो को पकड़कर छोड़ दिया गया। मात्र एक ही नामजद अजय वर्मा को मुलजिम बनाया गया। उसको भी आज तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। आज तक अपह्रत बालिका को भी नहीं तलाशा जा सका है। उन्होंने बताया कि बालिका पूनम की हत्या कर दिये जाने की भी आशंका होने लगी है। गुलाबी गैंग कमाडर ने साथियों के साथ अपर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भी सौंपा।

गर्मी से गश खाकर गिरा कैदी, हालत गंभीर

फर्रुखाबाद: जिला जेल से सत्र न्यायालय में तारीख पर आये कैदी की गर्मी के कारण हालत खराब हो गई और वह वहीं गश खाकर बेहोश हो गया|

शस्त्र अधिनियम में जिला जेल में बंद कोतवाली मोहम्दाबाद के मोहल्ला राजीव नगर निवासी कैदी मोहित को आज तारीख पर सत्र न्यायालय लाया गया था| जहां पहुँचने पर वह गर्मी के कारण बेहोश होकर वहीं गिर गया| जिसे इलाज के लिए लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया|

कैदी मोहित ने बताया कि उसे इसी माह की १४ तारीख को जिला जेल में बंद किया गया था और तभी से उसकी तबियत ठीक नहीं चल रही है| जिसका इलाज जेल अस्पताल में ही चल रहा है| परन्तु आज तारीख होने के कारण अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी| गर्मी अधिक होने की बजह से मेरी तबियत खराब हो गयी और इस समय पेट में दर्द की भी शिकायत है|

बजट खातों में पड़ा रहा और उपनिदेशक ने करली समीक्षा

फर्रुखाबाद, जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय में आये सारे बजट खातों में डंप पड़े हैं। डीपीआरओ के हस्ताक्षर से बिल पारित न करने के कोषाधिकारी के आदेश के कारण विभागीय कर्मचारियों का वेतन तक तीन माह से नहीं निकला है। मजे की बात है कि ऐसे में गुररुवार को विभागीय उपनिदेशक ने यहां पहुंचकर समीक्षा भी कर डाली।

विदित है कि वरिष्ठ कोषाधिकारी एसएन शुक्ला ने जिला पंचायतराज अधिकारी इंद्रपाल सिंह यादव के हस्ताक्षर से कोई भी विभागीय बिल पारित करने से यह कहकर इनकार कर दिया है कि श्री यादव राजपत्रित अधिकारी नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी डीपीआरओ डीएन मिश्रा के समय में भी यही स्थिति बनी थी तब आहरण वितरण का अधिकारी सीडीओ को सौंपा गया था। कोषागार की आपत्ति के कारण विगत तीन माह से डीपीआरओ कार्यालय के कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिला है। अंबेडकर ग्रामों में नाली खड़ंजे के लिये आये लगभग दो करोड़ रुपये से अधिक का बजट कोषागार में पड़ा है। इसी प्रकार स्वच्छ शौचालयों के लिये आयी धनराशि भी आहरित नहीं हो पायी है।

गुरुवार को विभागीय मंडलीय उपनिदेशक राम चंद्र ने यहां दौरा कर दिन भी सहायक विकास अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रगति समीक्षा की। स्थिति का हवाला दिये जाने पर उपनिदेशक ने बताया कि विभागीय उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। शीघ्र कोई समाधान निकाला जायेगा। उन्होंने बताया कि डीपीआरऔ की सूचना के अनुसार स्वच्छ शौचालयों का पैसा मुख्य विकास अधिकारी के हस्ताक्षर से आहरित कर लिया गया है। यह धनराशि भेजी जारही है।

मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार ने भी गुरुवार को डीपीआरओ इंद्र कुमार यादव को बुलाकर इस संबंध में वार्ता की। उन्होंने बताया कि एक दो दिन मे कोषाधिकारी के साथ बैठ कर विचार विमर्श करने के उपरांत कोई हल निकाल लिया जायेगा।