फर्रुखाबाद: न्रगर क्षेत्र में बंद मिलीं राशन की आधा दर्जन दुकानों के कोटेदारों की जमानत राशि जब्त कर ली गई है। जिलाधिकारी की ओर से निर्धारित विशेष वितरण दिवस पर भी कोटेदारों ने दुकानों पर ताले डालकर को खाद्यान्न वितरण नहीं किये जाने के मामले में कार्रवाई की गयी है। विदित है कि प्रत्येक सप्ताह के बुधवार व रविवर को विशेष वितरण दिवस निर्घारित किया गया है। इन दिनों पर प्रात: 8 बजे से शाम 4 बजे तक कोटेदारों को राशन दुकान खोलना अनिवार्य है। आज नगर क्षेत्र में भ्रमण के दौरान प्रभारी पूर्ति निरीक्षक राजीवकुमार ने शहरी क्षेत्र की राशन की दुकानों का निरीक्षण किया। सहकारी उपभोक्ता भंडार ग्वालटोली, रविप्रकाश शुक्ल बजाजा, सहकारी समिति नेकपुर, जयनरायन सिंह बढ़पुर, राजेशकुमारी बिर्राबाग, मुन्नीदेवी नरकसा की राशन दुकानें बंद मिलीं। पूर्ति निरीक्षक की आख्या के आधार पर जिला पूर्ति अधिकारी आरएन चतुर्वेदी ने इन कोटेदारों की एक_एक हजार रुपये की जमानत धनराशि जब्त कर ली है। राजीव कुमार ने बताया कि यदि दोबारा यह दुकाने बंद मिलेंगीं तो उनके अनुबंध पत्र के निरस्तीकरण् पर भी विचार किया जायेगा।
अन्ना हजारे और बाबा रामदेव का आन्दोलन
अन्ना हजारे और बाबा रामदेव का आन्दोलन
राजनीति के रंगा बिल्ला दोनों खुश
काला धन जहां का न हो
रोके नहीं रुकेगा लोकतंत्र का सुप्रभात
राजनीति में और विशेषकर सत्ता संघर्षों में दोस्ती और दुश्मनी का कोई समय नहीं होता| स्वार्थ सध रहा हो तो मेल है दोस्ती हैं गलबहियां है| स्वार्थ न सध रहा हो तो आधी रात में निर्दोषों पर बर्बरता, गिरफ्तारी, आंसूगैस, लाठीचार्ज और विशेषणों से युक्त अनुपम शब्दावली| जन लोकपाल बिल और विदेशों में देश के काले धन भ्रष्टाचार आदि के ज्वलंत मुद्दों को लेकर अन्ना हजारे और बाबा रामदेव द्वारा चलाये जा रहे आन्दोलन में मेल मिलाप और क्रूरता और निर्ममता तानाशाही का जो खेल दिल्ली में चल रहा है वह राजनीति में निरंतर आ रही गिरावट का ज्वलंत और नवीनतम प्रकरण है|
दिल्ली में चले इस घटनाचक्र ने और आगे की सम्भावनाओं ने पूरे देश को कलंकित किया है| साथ ही लोकतंत्र में धिनौनी और निक्रस्थ्तम परम्पराओं का सर्जन किया अहै| अच्छी और स्वागत योग्य बात यह है कि इस सबके बाद भी अन्ना हजारे और बाबा रामदेव द्वारा छेड़ा गया जन आंदोलन जन की आकांक्षाओं का प्रतीक बनता जा रहा है|
कौन हारा कौन जीता? इसकी विवेचना और व्याख्या लोग अपने ढंग से कर रहे हैं और करेंगें| सबके अपने तर्क और निष्कर्ष होंगें| परन्तु बाबा रामदेव के आंदोलन के प्रबल से प्रबल विरोधी भी चार जून की रात रामलीला मैदान दिल्ली में हुई पुलसिया कार्रवाई और दमन चक्र को यदि सही और जरूरी ठहराते है तब फिर उनकी बुद्धि पर दया नरस के अलावा कुछ भी नहीं कहा जा सकता| सर्वोच्च न्यायालय ने मात्र मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वाताह संज्ञान लेकर इस घटना के संदर्भ में दिली और केंद्र सरकार को नोटिस भेजकर न्याय पालिका की सर्वोच्चता निर्भीकता और निष्पक्षता को रेंखाकित किया है| यह स्वागत योग्य कदम है|
अन्ना हजारे ने जब जन लोकपाल बिल को लेकर आंदोलन प्रारम्भ किया| तब उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को लेकर जाने क्या कहा गया| परन्तु अन्ना संत की तरह अविचलित और निर्विकार रहते हुए अपना कार्य कर रहे हैं| सरकारी षड्यंत्रों के बाद भी उनके प्रति लोगों की श्रद्धा और आस्था बढ़ती जा रही है|
बाबा रामदेव पर भी भाजपा और संघ से सम्बद्ध होने के आरोप लगाए जाते रहे| चार जून की रात में हुए दुर्भाग्य पूर्ण घटना चक्र के बाद इन आरोपों में आक्रामकता और तेजी बढ़ती जा रही है| मतलब साफ़ है कि बाबा के विरोधी और सत्ता शीर्ष पर बैठे लोग अपने राजनैतिक स्वार्थों के कारण यह अभियान चला रहे हैं| आने वाले दिनों में यदि बाबा का आंदोलन तेजी पकड़ता है तब फिर निंदा, आलोचना और आरोपों के इस अभियान में और तेजी आयेगी| हरिद्वार में कल बाबा के मंच पर उमा भारती सहित साधू संतों की उपस्थित तथा उमा भारती की भाजपा से निरंतर बढ़ती नजदीकियों ने तो बाबा के विरोधियों को वह सारा साजो सामान मुहैया कर दिया जो वह चाहते हैं|
बाबा यह बार बार घोषणा करते हैं कि उनकी न तो कोई राजनैतिक आकांक्षा है न ही वह किसी राजनैतिक दल विशेष से कोई संबंध रखना चाहते हैं| परन्तु बाबा के आंदोलन को लेकर भाजपा, विहिप और संघ की गतिविधियाँ बाबा के विरोधियों को खुश होने के अवसर प्रदान कर रही हैं| यह वही भाजपा है जिसने केंद्र में अपनी हुकूमत के दौरान विदेशी बैंको में देश के काले धन की वापसी को लेकर शायद ही कोई प्रयास किया हो| आज भी भाजपा और उनके सहयोगी संगठन अपने स्तर से अपनी विशिष्टता बनाने के मकसद से ही सही यह घोषणा करने की स्थित में नहीं है कि उनसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े किसी भी व्यक्ति का विदेशी बैंको में कला धन नहीं है| अकेली भाजपा ही क्या कांग्रेस सहित सभी राजनैतिक दलों, वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, उधोगपतियों, टेक्नो केंटों, कारपोरेट दिग्गजों की भी कमोवेश यही स्थित है|
इस सबके बावजूद जिस प्रकार से पूरी की पूरी भाजपा इस मुद्दे को शिखर से लेकर मूल तक उठाने, भड़काने और भुनाने में लगी है| उसे देखकर बाबा की बारबार इनकारी के बाद भी दाल में कुछ काला होने की आशंका बलवती होने लगी है| कांग्रेस तो दाल में काला ही काला होने का अभियान चलाने की तैयारी भाजपा की तर्ज पर कर रही है| काले धन की वापसी से भाजपा, कांग्रेस या किसी राजनैतिक दल को कुछ भी लेना-देना नहीं है| हाँ आंदोलन की तेजी के साथ ही साथ अपने निहित स्वार्थों की पूर्ती के प्रयास तेज हो गए| बाबा के समर्थक और विरोधी दोनों ही आंदोलन को अपने राजनैतिक हितों को साधने के प्रयास में कमर कास कर तैयार हो गए हैं| साम्प्रदायिकता का मुद्दा भी उछाल दिया गया है| कांग्रेस और भाजपा को तो लगता है मुंहमांगी मुराद मिल गयी है|
विदेशी बैंको से देश का काला धन कब वापस आयेगा| यह तो अभी नहीं कहा जा सकता परन्तु भाजपा और कांग्रेस दोनों इस बात को लेकर खुश है कि उन्हें बैठे ठाले मिशन २०१२ और २०१४ के लिए लंबा फ़ायदा पहुंचाने वाला मुद्दा मिल गया| कथित रूप से नित नए रहस्य उजागर करने की बातों के साथ बाबा की मुखरता, दमन, उत्पीडन की प्रतिक्रया स्वरुप देश भर में उमड़ी जन सहानुभूति को देखकर भाजपा गदगद है| वहीं कांग्रेस सांप्रदायिकता से लड़ने के लिए अपने पुराने इतिहास की दुहाई ही नहीं दे रही| इस मुद्दे को भाजपा पर वार करके उसे धार भी दे रही है| नतीजतन रंगा बिल्ला दोनों ही बाबा के आन्दोलन को लेकर मुंहमांगी मुराद पूरी होने की तर्ज पर खुश है| बात अन्य राजनैतिक दलों की करें तो फिलहाल इस समय तो सबके सब दमन चक्र के विरोध में प्रतिक्रया देकर शांत हैं|
सच पूंछो तो यह शुतुरमुर्गी सोच है| आलोचना और बयानबाजी की रेट में हम अपनी गर्दन छुपाकर भले ही अपने आपको खुश फहमी में डाले रहे परन्तु वास्तविकता यही है कि अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के आन्दोलनों ने जन सामान्य के बीच सभी राजनैतिक दलों और लगभग सभी नेताओं की विश्वसनीयता पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा दिया है| आप खुश फहमी के शिकार हो सकते हैं| राजघाट के सत्याग्रह में आप मौज-मस्ती ही नहीं नाच गाना भी कर सकते हैं| कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी की पत्रकार वार्ता में हुयी जूता फेंकने की घटना को आप सरकार के प्रति जन आक्रोश की अभिव्यक्ति बताकर प्रसन्न हो सकते हैं|
इसी क्रम में सत्ता में बैठे लोग प्रधानमंत्री को सबसे बड़ा सन्यासी और सोनिया गांधी को त्याग की देवी बताने का अभियान चला सकते हैं| बाबा रामदेव को संघ और भाजपा का मुखौटा बताकर उनके आन्दोलन को साम्प्रदायिकता फैलाने का अभियान बता सकते हैं| परन्तु कल तक आप इन्ही बाबा रामदेव का सारे प्रोटोकाल के विपरीत वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों के साथ स्वागत वार्ता कर रहे थे| इन्ही अन्ना हजारे और उनके साथियों के साथ जन लोकपाल बिल के मसौदे को लेकर बैतःके कर रहे थे| कल तक सब ठीक था आज सब गलत हो गया| देश की जनता सबकी करतूतों को देख रही हैं|
सत्ता पर बैठे और सत्ता के लिए कुछ भी करने को तैयार बैठे अहंकारियों चुनाव परिणामों की समीक्षा करो| कम मतदान और वोटों के बंटवारे के चलते आपकी सरकारे और आपका विरोध सब का सब अल्पतम में है| देश की जनमानस अन्ना और बाबा के आन्दोलन के साथ पूरी ईमानदारी से है| उसके मुखर विरोध के मुकाबले उसके शांत और निर्विकार तटस्थ होने या लगने वाला स्वरूप बहुत ही विशाल और कल्पना नीति है| ठीक वैसे ही जैसे आपातकाल के समर्थकों और विरोधियों की कल्पना से परे थे| तुम सब अपने-अपने निहित स्वार्थों का खेल खेलते रहो| परन्तु आने वाले दिनों में प्रबल जन आक्रोश के मूर्त रूप में बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत सभी को उनकी औकात बता देगा| गन्दगी चाहे जिस तरफ से हो ताली में बैठ कर खत्म हो जायेगी| नतीजतन सच्चे और अच्छे लोकतंत्र का धवल शुद्ध स्वरुप जन आकाक्षाओं को पुष्पित पल्लवित करेगा|
अन्ना और बाबा द्वारा छोड़े गए प्रबल जन आन्दोलन की बहुत शीघ्र ही यही परिणित देश दुनिया के सामने आने वाली है|
नगला प्रीतम के विकास कार्यों में तेजी के निर्देश: डीएम
फर्रुखाबाद: जिलाधिकारी श्री रिग्जियान सेम्फेल ने आज कैम्प कार्यलय में कार्यदाई संस्थाओं की कार्य योजनाओं की समीक्षा कर काशीराम शहरी दलित बाहुल्य बस्ती के विकास हेतु सभी अधिकारियों को कार्य योजना में तेजी लाने के निदेश दिए|
उन्होंने कहा कि काशीराम शहरी दलित बाहुल्य बस्ती योजना के तहत डूडा द्वारा पेयजल, सड़क, सीवर, नाली, सीसी रोड, कवर्ड नाली, जल निकास नाला आदि का निर्माण पार्क का निर्माण कराया जाना है जिसके तहत ५ करोड़ १४ लाख ३ हजार रूपए की योजना शासन को प्रस्तावित है|
जिलाधिकारी ने कहा कि समाज कल्याण, जिला विकलांग कल्याण एवं प्रोवेशन अधिकारी पेंशन लाभार्थियों का चयन कर पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित कराएं| इसके अलावा स्वास्थय विभाग द्वारा स्वास्थय केंद्र की स्थापना एवं दवाओं की उपलब्धता सुनाश्चित की जाए| जिलापूर्ति अधिकारी को राशन कार्ड वितरण करने के भी निर्देश दिए|
उन्होंने कहा कि अति गरीब व्यक्तियों को महामाया गरीब आर्थिक योजना के तहत लाभान्वित कराया जाए साथ ही बेरोजगार व्यक्तियों को स्वर्ण जयन्ती शहरी रोजगार सर्जन योजना के रोजगार उपलब्ध कराये जायेंगें|
अपर जिलाधिकारी सुशील चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि सभी कार्यों की समय सीमा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और पूरे कराये जायेंगें|
कैम्प कार्यालय की बैठक में सीएमओ डॉ पीके पोरवाल, परियोजना अधिकारी जेड ऐ खान, अधिशाषी अभियंता जल निगम गंगा सिंह, अधिशाषी अभियंता विधुत विभाग सुरेश कुमार, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद् अमित कुमार शर्मा आदि पदाधिकारी मौजूद रहे|
तीन ट्रांसफार्मर फूंके: दर्जनों मोहल्ले अँधेरे में डूबे

फर्रुखाबाद: विजली विभाग के तीन ट्रांसफार्मरों के अचानक धड़ाम हो जाने से हजारों लोगों की जिंदगी में अन्धेरा छा गया| नगर के मन्नीगंज बाजार में मिल्क डेरी फीडर के एक ही स्थान पर ६३०,४००,२५० केबीए के तीन ट्रांसफार्मर रखे थे| दोपहर बाद एक ट्रांसफार्मर में आग लगी और देखते ही देखते अन्य दो ट्रांसफार्मर भी आग की चपेट में आ गये| काफी देर तक तीनों ट्रांसफार्मर धू-धूकर जलते रहे| व्यापारियों और मोहल्ले वालों का मजमा लगा रहा व सभी के चेहरों पर मायूसी छा गयी| विधुत विभाग के अधिकारियों के अलावा नगर मजिस्ट्रेट डॉ महेंद्र कुमार मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्र भी मौके पर पहुंचे| फायर बिग्रेड के काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका| मन्नीगंज के अलावा, लिंजीगंज, खटकपुरा इज्जत खां, खटकपुरा सिद्दीकी, गणेश प्रसाद स्ट्रीट, सधबाड़ा आदि मोहल्लों की विधुत आपूर्ति ठप हो गयी|
पुलिस अधिकारी ने शातिर अपराधी पकडे, बसपा नेता ने दो को छुड़वाया
फर्रुखाबाद: अपराधियों के आने की सूचना मिलने पर पुलिस के आला अधिकारियों ने बीती रात घटियाघाट पुलिस चौकी के निकट चार शातिर अपराधियों को पकड़वा लिया| पकडे गए अपराधियों को संबंधित कोतवाली फर्रुखाबाद में न ले जाकर फतेहगढ़ कोतवाली में रखा गया| रात में ही बसपा नेता का फोन पहुँचने पर पुलिस ने दो अपराधियों को हवालात से निकालकर कार्यालय में बैठाया| सुबह बसपा नेता दोनों अपराधियों को छुडवाकर साथ बुला ले गए|
बताया गया है कि हरदोई की ओर से बीती रात इंडिका कार आ रही थी| जिसमे एक अपराधी गंगा पुल के पास ही उतर गया| पुलिस ने अन्य दो अपराधियों को मीडिया से बड़ी मुश्किल से मिलने दिया| इन दोनों अपराधियों को धमकाया गया था कि वह दो साथियों को छोड़े जाने की बात मीडिया को न बताएं नहीं तो उन्हें फर्जी मुठभेंड में बंद किया जाएगा|
कोतवाली फतेहगढ़ पुलिस ने बताया कि थाना राजेपुर के ग्राम दहेलिया खाकरमऊ निवासी राम प्रकाश दीक्षित के पुत्र संदीप को ३१५ वोर तमंचा, एक खोका व एक कारतूस तथा हरदोई थाना अरवल के ग्राम दानियामऊ निवासी श्री चन्द्र के पुत्र कमलेश यादव को एक पिस्टल व चार कारतूसों सहित गिरफ्तार किया गया|
पुलिस ने बताया कि इन लोगों को मुठभेंड के दौरान गिरफ्तार किया गया| इस दौरान थाना राजेपुर के ग्राम गंधिया निवासी बबलू ठाकुर भागने में सफल रहा| पुलिस मुठभेंड स्थल के चयन को लेकर माथा पच्ची करती रही|
अन्ना हजारे का अनशन शुरू, राजघाट छावनी में तब्दील
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने राजघाट पर अपना एक दिन का अनशन शुरू करने के बाद कहा कि अगर सरकार ने भ्रष्टाचार से निपटने के मुद्दे पर जनता का साथ नहीं दिया, तो वह 16 अगस्त से जंतर-मंतर पर देश की ‘आजादी’ की दूसरी लड़ाई शुरू करेंगे।
हजारे, बाबा रामदेव और उनके समर्थकों के खिलाफ रामलीला मैदान पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राजघाट पर अनशन कर रहे हैं। अनशन शुरू करने से पहले वह महात्मा गांधी की समाधि पर गए और वहां उन्होंने राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए हजारे ने सीधे सरकार पर निशाना साधा और कहा, अगर सरकार ने भ्रष्टाचार से निपटने के मुद्दे पर जनता का साथ नहीं दिया, तो हम 16 अगस्त से जंतर-मंतर पर देश की आजादी की दूसरी लड़ाई शुरू करेंगे। हजारे ने कहा कि 16 अगस्त से यह आंदोलन तब तक चलेगा, जब तक मेरे शरीर में प्राण रहेंगे।
हजारे ने कहा, हम तब तक लड़ेंगे, जब तक सत्ता पूरी तरह लोगों के हाथ में नहीं होगी। हमें व्यवस्था में बदलाव के लिए आजादी के दूसरे आंदोलन की जरूरत है। जनता ही सांसदों और विधायकों को चुनती है। सरकार को सत्ता के विकेंद्रीकरण के लिए ग्रामसभाओं को ज्यादा से ज्यादा अधिकार देने चाहिए।
उन्होंने कहा, सरकार और हम अलग नहीं हैं। एक तरह से हम एक ही हैं। सरकार के दिमाग में खुद के आका होने का भाव है। वह खुद को मालिक समझती है, जबकि उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि 26 जनवरी, 1950 को गणतंत्र बनने के बाद देश की जनता इस देश की मालिक हो गई है।
हजारे राजघाट के सामने गांधी दर्शन पर अनशन कर रहे हैं। वह मंच पर अकेले बैठे हैं, जबकि उनके साथी कार्यकर्ता शांतिभूषण, किरण बेदी, अरविंद केजरीवाल और स्वामी अग्निवेश आदि जमीन पर आम जनता के साथ बैठे हैं।
बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए हजारे ने कहा, रात को सोते लोगों पर लाठियां चलाना मानवता पर कलंक लगाने और लोकशाही का गला घोंटने जैसी घटना है। इसके विरोध में आज हम यहां एकत्र हुए हैं। रामलीला मैदान पर सिर्फ गोली ही नहीं चली। बाकी सारा अन्याय और अत्याचार जलियांवाला बाग की घटना की याद दिलाता है।
वहां मौजूद समर्थकों को संबोधित करते हुए स्वामी अग्निवेश ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन जनता ने हजारे के साथ ही बाबा रामदेव के नेतृत्व में भी शुरू किया है, लेकिन अप्रैल में अन्ना द्वारा जंतर-मंतर पर किए गए अनशन के दौरान अगर पुलिस कार्रवाई होती तो अन्ना गिरफ्तारी दे देते।
हजारे का जिक्र करते हुए और रामदेव पर परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए अग्निवेश ने कहा कि अप्रैल में हजारे ने शांतिपूर्वक तरीके से जंतर-मंतर पर लोकपाल मुद्दे पर अनशन किया था और अगर तब वहां पुलिस कार्रवाई की गई होती, तो हजारे वहां विरोध नहीं करते, बल्कि शांतिपूर्वक गिरफ्तारी दे देते।
उन्होंने कहा कि अप्रैल में अन्ना के नेतृत्व में 4 दिन तक शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया गया और 4 दिन के अनशन के बाद सरकार ने अन्ना की मांगें मान लीं, तो उन्होंने अनशन खत्म कर दिया था।
स्वामी अग्निवेश ने कहा कि हजारे ने सरकार से वादा किया था कि उनकी मांगें मान लेने के बाद वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे और तब से अब तक सरकार के मंत्रियों से लगातार लोकपाल को लेकर बातचीत जारी है और लोकतंत्र का तकाजा भी यही है।
उन्होंने कहा, हम से कल सवाल किए गए थे कि अगर राजघाट पर रामलीला मैदान की तरह की कार्रवाई हुई तो क्या होगा, तो हमने कहा था कि अप्रैल में जब जंतर-मंतर पर अनशन के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं हुई, तो अब कैसे होगी। उन्होंने सवाल किया कि हमें अब जंतर-मंतर पर अनशन की अनुमति नहीं मिली, तो क्या हम गुस्से में आ गए।
स्वामी अग्निवेश ने हालांकि रामलाली मैदान पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और कहा कि सरकार कम से कम यह कह दे कि रामलीला मैदान में जो कुछ हुआ वह गलत था, तो भी ठीक है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर अपनी गलती मान लेती है, तो उसका कद नहीं घट जाएगा। स्वामी ने कहा कि रामलीला मैदान पर बेकसूर लोगों पर लाठी चलाना निंदनीय घटना थी।
उन्होंने कहा, हमारे मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जनता के मौलिक अधिकारों को लेकर हम एक मत हैं। इस बीच, अनशन स्थल पर लोगों का जमावड़ा बढ़ता ही जा रहा है और हजारे के समर्थक सुरक्षा कर्मियों से अवरोधक हटाने का आग्रह करते देखे गए, ताकि लोगों को आने जाने में दिक्कत न हो।
उधर, अनशन स्थल के आसपास पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। दिल्ली पुलिस के साथ ही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान भी यहां दिखाई पड़ रहे हैं।
अनशन स्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए किरण बेदी ने कहा कि यह भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और लूटपाट के खिलाफ आजादी की दूसरी लड़ाई है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर हमें यहां क्यों बैठना पड़ा। हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ पहले आवाज नहीं उठाई और इसलिए आज हम इस स्थिति में पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि वे राजनीतिज्ञों के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने पहले राजनीतिज्ञों से संपर्क किया, लेकिन उन लोगों ने कुछ नहीं किया, इसलिए अन्ना को पहल करनी पड़ी।
सरकार जनता को डराना चाहती है- अन्ना हजारे
नई दिल्ली। दिल्ली में बापू की समाधि राजघाट पर अन्ना हजारे का अनशन शुरू हो गया है। अन्ना ने दिन के दस बजे से अनशन शुरू किया है। अनशन शुरू होने से पहले अन्ना ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार लोगों को डराना चाहती हैं जिसके पीछे कारण ये हैं कि वो खुद डर गई हैं देश की जनता से , जिसके लिए वो इतने सख्त कदम उठा रही हैं।
आपको बता दें कि अन्ना ने आज बापू की समाधि राजघाट पर एक दिन का सांकेतिक अनशन करने कर रहे हैं। अन्ना का ये अनशन 5 जून की रात को बाबा रामदेव के अनशन पर हुई पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ है। अन्ना ने कहा कि पुलिस की हरकत लोकतंत्र के खिलाफ है, जो कुछ भी हुआ वो बेहद ही शर्मनाक है।
मालूम हो कि अन्ना का अनशन बेहद ही शांतिपूर्ण ढंग से राजघाट पर चल रहा है जहां जन समुदाय भी भारी सख्या में मौजूद है। अन्ना के हिसाब भारत में किसी को भी अपनी बात शांतिपूर्ण कहने की इजाजत है। कोई भी व्यक्ति आंदोलन कर सकता है। इसे किसी के द्वारा रोका नहीं जा सकता है।
NREGA व SGSY की खराब प्रगति पर CDO नाराज
फर्रुखाबाद: जनपद फर्रुखाबाद में स्थानांतरण पर आये नए मुख्य विकास अधिकारी श्री चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने विकास से सम्बंधित अधिकारियों की बैठक के दौरान मनरेगा व स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्व रोजगार योजना के अंतर्गत जनपद की खराब प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की|
श्री पाण्डेय ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर तीन करोड़, क्षेत्र पंचायत स्तर पर पौने दो करोड़ व अन्य कार्यदायी विभागों के स्तर पर लगभग ढाई करोड रुपये की धनराशि लंबित पड़ी है| अब इसका समय से उपयोग किया जाना है|
उन्होंने बताया कि इस संबंध में खंड विकास अधिकारी की बैठक बुलाई गई है| कार्य में तेजी से निर्देश दिए जायेंगें| उन्होंने बताया कि जिला पंचायत राज अधिकारी के आहरण वितरण अधिकार को लेकर चले आ रहे का निबटारा शीघ्र होगा| समाज कल्याण विभाग में शादी विवाह अनुदान की चेकें वितरित न किये जाने की शिकायत के संबंध में समाज कल्याण अधिकारी से पूंछा जाएगा|
विकास के नाम पर पैसा हजम, कार्रवाई कुछ नहीं
फर्रुखाबाद: जिला सहायक निबंधक सहकारिता की जांच रिपोर्ट में विकास खंड कायमगंज के ग्राम इकलहरा में आदर्श जलाशय व इंदिरा आवास के नाम पर लाखों के घोटाले का पर्दाफाश होने के बावजूद लगभग दो माह बाद भी कारर्वाई नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार जिस जलाशय के नाम पर 1.78 लाख रुपये निकाले लिये गये वह जलाशय बना ही नहीं है। इंदिरा आवास के नाम पर मिली धनराशि में भी जमकर खेल हुआ।
तत्कालीन प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी द्वारा इंदिरा आवास, शौचालय, मनरेगा व आदर्श जलाशय निर्माण आदि के नाम पर लगभग 4.5 लाख रुपये हड़प लिये जाने की शिकायत ग्रामीणों की ओर से की गयी थी। जिलाधिकारी के आदेश पर जांच जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां को सौंपी गयी। उन्होंने लगभग दो माह पूर्व ही अपनी जांच रिपोर्ट तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दी थी।
जांच रिपोर्ट के अनुसार मनरेगा के अंतर्गत कब्रिस्तान के चारों ओर खाई निर्माण का काम कराये बिना ही भुगतान निकाल लिया गया। आदर्श जलाशय के जीर्णोद्धार के नाम पर 1लाख 78 हजार रुपये निकाले गये लेकिन कहीं जलाशय बना ही नहीं। पूरी धनराशि का गबन कर लिया गया। मजे की बात तो यह है कि इस काम के लिये जो एस्टीमेंट तैयार किया गया वह इकलहरा के प्रधान के बजाए मेदपुर के प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के हस्ताक्षरों का है। जाहिर है कि जब जलाशय ही नहीं बना तो पौधे कहां लगते सो इसका पैसा भी हड़प कर लिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2009 में 39 व्यक्तियों को इंदिरा आवास के लाभार्थी के तौर पर चयनित किया गया। इसमें बीपीएल सूची की वरीयता को भी नजरअंदाज कर दिया। चयनित 39 लाभार्थियों के आवासों में से 8 में कोई कार्य नहीं हुआ। 6 आवासों में केवल नींव बनी है। 8 आवासों की छत बनना शेष है। 15 आवासों में कमरे तो बने है लेकिन मानक के अनुसार नहीं है। सभी 39 आवासों में शौचालय नहीं बने है, निकाली गयी धनराशि का गलत प्रयोग किया गया।
जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां विनोद कुमार पटेल ने मामलों में तत्कालीन प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी को दोषी ठहराया था। जांच रिपोर्ट दिये जाने के लगभग दो माह बाद भी आज तक किसी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नही हुई है। सूचना के अनुसार तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी राजीव श्रीवास्तव व पूर्व प्रधान के विरुद्ध वसूली आदेश जारी किये जाने से पूर्व उनका स्पष्टीकरण चाहा गया है, जो अभी तक मिला नहीं है।
नये मुख्य विकास अधिकारी कल चार्ज लेंगे
फर्रुखाबाद: जनपद फतेहपुर से स्थानांतरण पर आये नये मुख्य विकास अधिकारी चंद्र कांत पांडेय मंगलवार देर शाम यहां पहुंच गये हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री पांडेय बुधवार को पदभार का चार्ज ग्रहण करेंगे।



