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डीएम को बालू खनन में लगी रोक पर पुनर्विचार का निर्देश

खनन सचिव एसके वर्मा ने बालू खनन पर लगायी रोक के डीएम के आदेश को निरस्त करते हुए  जिलाधिकारी को पट्टाधारकों का पक्ष सुनकर व प्रत्यावेदन का परीक्षण कर गुण दोष के आधार पर चार सप्ताह में निर्णय करने के निर्देश दिये हैं।

भखरामऊ के दो व सोताबहादुरपुर के एक खनन क्षेत्र के पट्टाधारक मनोज गौतम के पक्ष में हुए पट्टे के नवीनीकरण के खिलाफ जनपद मैनपुरी के भगवान सिंह की याचिका पर उच्च न्यायालय से छह सप्ताह में सुनवाई कर निस्तारण करने के निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी ने सुनवाई के बाद खनन पट्टा निरस्त कर खनन पर रोक लगा दी थी। 15 अप्रैल 2011 के जिलाधिकारी के आदेश के खिलाफ पट्टाधारक मनोज कुमार गौतम ने याचिका शासन में अपील की थी। खनन सचिव एसके वर्मा ने जिलाधिकारी को पट्टाधारकों का पक्ष सुनकर व प्रत्यावेदन का परीक्षण कर गुण दोष के आधार पर चार सप्ताह में दोबारा निर्णय करने के निर्देश दिये हैं। मनोज गौतम के अधिवक्ता दिनेश पाल सिंह ने बताया कि आदेश की प्रति जिला प्रशासन को प्राप्त करा दी गयी है।

डिप्टी कलेक्टर पद पर नियुक्ति


फर्रुखाबाद: जनपद बुलंद शहर से डिप्टी कलेक्टर अशोक कुमार लाल को फर्रुखाबाद के लिये स्थानांतरित किया गया है। श्री लाल का स्थानांतरण आदेश यहां प्राप्त हो गया है। श्री लाल जनपद बुलंदशहर में एसओसी पद पर तैनात रहे  है।

कंपिल के विकास पर विचार को पर्यटन सचिव का दौरा


फर्रुखाबाद: जैन तीर्थ स्थली व जनपद के ऐतिहासिक स्थल कंपिल का निरीक्षण व विकास के बारे में विचार विमर्श करने के लिये सोमवार को प्रदेश के पर्यटन विभाग के सचिव मनोज कुमार सोमवार को यहां आयेंगे। जनपद मुख्यालय पर  पर्यटन सचिव के आने का कार्यक्रम प्राप्त हो गया है।

सेवानिवृत फ़ौजी की पत्नी की चैन तोड़ बाइकर्स भागे

फर्रुखाबाद: कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र में अकेली महिला को देख उसके गले से सोने की चैन तोड़ ली गई| कीमती चैन चले जाने से महिला परेशान हो गई|

जय नारायण वर्मा रोड निवासी पूर्व सैनिक चन्द्र प्रकाश की पत्नी रत्नेश सिंह करीब ९ बजे फतेहगढ़ चौराहे से पैदल घर जा रही थीं| जब वह कुमार पेट्रोल पम्प के निकट से गुजर रही थीं उसी समय काले रंग की पल्सर से पीछा करते हुए तीन युवक वहां पहुंचे| एक युवक बाइक से नीचे उतरा और महिला के गले में झपट्टा मारकर सोने की चैन तोड़ फुर्ती से बाइक पर जा बैठा|

साथी बाइक को भोलेपुर की और तेजी से भगा ले गया| जब तक महिला किसी को कोई घटना बता पाती तब तक युवक गायब हो चुके थे|

मार्ग दुर्घटनाओं में अनेकों घायल अस्पताल में

फर्रुखाबाद: एटा थाना अलीगंज के ग्राम बलीपुर निवासी राम नरेश का १७ वर्षीय पुत्र ब्रजेश व उसका १० वर्षीय भतीजा अनिकेत दुर्घटना में घायल हो गए|

ब्रजेश थाना मऊदरवाजा के ग्राम महलई ननिहाल से भतीजे अनिकेत को बाइक पर बिठाकर घर ले जा रहा था| खुम्मरपुर के पास बाइक की टक्कर लगने से घायल हो गए|

मैनपुरी थाना किशनी के ग्राम दुमार निवासी मंजेश घायल हो गया| वह अपने दोस्त अजीत को बाइक पर बिठाकर थाना राजेपुर क्षेत्र में जा रहा था| बाइक का कट लगने से घायल हो गया|

थाना नवावगंज के ग्राम बसेली निवासी ५० वर्षीय भारत सिंह व थाना राजेपुर के ग्राम दहेलिया निवासी श्री राम का १९ वर्षीय पुत्र राम भुवन मार्ग दुर्घटना में घायल हो गए| राम भुवन भारत सिंह को बाइक पर बिठाकर दहेलिया ले जा रहा था| आईटी आई चौराहे के निकट रोडवेज बस की टक्कर लगने से दोनों लोग घायल हो गए|

दुर्घटना में थाना मेरापुर के ग्राम हिरन खुदा निवासी जयवीर का २५ वर्षीय पुत्र प्रवीण घायल हो गया| प्रवीण सराय से घर जा रहा था| रास्ते में बाइक की टक्कर लगने से घायल हो गया|

जुआं के लिए रोशनी न करने पर मारपीट व फायरिंग

गोली से घायल अस्पताल में

फर्रुखाबाद: जुआं खेलने के लिए बीती रात रोशनी का इंतजाम न करने से गुस्साए जुआरियों ने महिला व उसके बेटे की पिटाई कर मोबाइल फोन लूट लिया और फायरिंग करके घर के मुखिया को घायल कर दिया|

थाना नवावगंज पुलिस ने ग्राम पुठरी निवासी ६५ वर्षीय घायल नन्हेलाल राठौर को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया| नन्हे की तीमारदारी में लगे उनके बेटे राम सच्चे ने बताया कि बीते रात घर से करीब २०० मीटर दूर दीपूलाला की जगह पर जुआं हो रहा था| रात २बजे कुप्पी बंद हो जाने पर सुरेन्द्र घर के बाहर लेटी माँ कुंती देवी से तेल माँगा तो माँ ने दरबाजा खुलबाकर अपनी कुप्पी दे दी|

कुप्पी में तेल कम होने के कारण सुरेन्द्र ने कुप्पी को भरने को कहा तो माँ ने तेल होने से मना कर दिया इसी बात पर सुरेन्द्र ने माँ की चप्पलों से पिटाई की तथा भाई उमेश से उसका मोबाइल रोशनी करने के लिए ले लिया और उसका मोबाइल लेकर चले गए|

केरोसीन न देने की रंजिश में आज सुबह ६ बजे मानसिंह के पुत्र औआ वीरे, सुरेन्द्र, मलखान के पुत्र रेनू, देवेन्द्र आदि ने घर पर आकर मारपीट की| डटकर मुकाबला किये जाने पर वह लोग भाग गए| और बाद में असलहों से लैस होकर पड़ोसी की छत से धुआंधार फायरिंग की| सिर में गोली लगने से पिता घायल हो गए| पुलिस हमलावर वीरे व उनके रिश्तेदार को पकड़कर ले गयी|

एसओ सुनील दत्त फायरिंग व गोली लगने की बात सुनते ही भड़क गए| उन्होंने बताया कि ग्रामीण के सिर में मामूली चोट लगी है| पीएचसी पर डाक्टर न होने के कारण उन्हें लोहिया अस्पताल भेजा गया|

196 घंटे बाद बाबा रामदेव ने अनशन तोड़ा, सत्‍याग्रह जारी

हरिद्वार। बाबा रामदेव ने अनशन तोड़ दिया। उन्‍होंने अनशन जूस पीकर तोड़ा। आखिरकार बाबा रामदेव ने संत समाज की बात मान ही ली। श्री श्री रवशिंकर ने पत्रकारों को बताया कि बाबा रामदेव ने जूस लेकर अनशन समाप्‍त कर दिया है।

श्री श्री रविशंकर के बाद अब मुरारी बापू और कृपालु महाराज भी उनकी अनशन तुड़वाने के‍ लिए उनके अनशन स्‍थल पर पहुंचे थे। श्री श्री रविशंकर ने शनिवार को कहा था कि उनका यह हठ है कि वे बाबा रामदेव का अनशन तुड़वाकर ही जाएंगे। बाबा रामदेव का काला धन और भ्रष्‍टाचार के खिलाफ चल रहा अंशन 9 दिन तक चला।

आपको मालूम हो कि बाबा रामदेव ने दिल्‍ली के रामलीला मैदान से यह अनशन शुरू किया था। इसके बाद सरकार ने पुलिसिया कार्रवाई करते हुए उन्‍हें गिरफ्तार कर हरिद्वार पहुंचा दिया था। इतने दिनों तक अनशन रहने की वजह से बाबा रामदेव की हालत बिगड़ रही थी।

अनशन की वजह से जब बाबा रामदेव की हालत बिगड़ने लगी तो संत समाज उनकी जान बचाने के लिए आगे आया। श्री श्री रविशंकर ने हरिद्वार पहुंचकर बाबा रामदेव से अनशन तोड़ने के लिए कहा था। रविवार को मुरारी बापू और कृपालु महाराज ने उनसे यह अनशन तोड़ने की अपील की थी।

श्री श्री रविशंकर ने कहा कि हमारा संकल्‍प पूरा हुआ है। हम यहां बाबा रामदेव का अनशन तुड़वाने के लिए आए थे। बाबा रामदेव के साथ ही उनके साथ्‍ा में अनशन कर रहे बालकृष्‍णन का भी अनशन तुड़वाया गया। डॉक्‍टरों ने कहा कि अभी बाबा रामदेव को 2 दिन तक अस्‍पताल में ही रखा जाएगा।

फर्रुखाबाद परिक्रमा: कलियुगी मदन मोहन मालवीय जीते सिस्टम हरा

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सभी की अपनी-अपनी ताल पर होने लगा धमाल – दिखाता देखो कौन धमाल

त्रिपौलिया चौक पर भगवा भेषधारी दीदी की 6 साल बाद पुराने घर में वापसी की खबर से ही जाम लग गया| जिस फर्रुखाबाद में बैरियर तोड़ बाबा की वापसी और धीरपुर नरेश की आमद से पत्ता नहीं खटका वहीं लगी कूंचो से निकल-निकल कर दीं दयाल उपाध्याय के बताये मार्ग पर चलने वाले साधक चेहरों पर विजयी मुद्दा और मुस्कान चिपकाए चौक को गुलजार करने आ गए| मिठाई बंटी, आतिशवाजी धूमधडाका का जो कुछ ऐसे मौकों पर होता है वह सब कुछ हुआ|

अपनी पुरानी पटिया पर औरों को बैठा देखा मियाँ झान झरोखे तो वर्तन वाली गली में खिसक गए| मुंशी हर दिल अजीज बाबा रामदेव की तरह दुपट्टे से अपनी दाढी और चेहरा छुपाये चहल कदमी करते हुए सब कुछ पुलसिया नजर से देखते रहे|

भीड़-भाड़ कम हुयी तो दोनों रफूगर वाली पटिया पर आकर जम गए| मियाँ बोले देखा मुंशी बेमतलब की बारात निकाल दी| अब दददुओं, मेजरों सत्यपालों आदि को कौन समझाए कि बिरादरी की राजनीति का खेल बहुत अजब-गजब है| कल तक कहते थे फलाने का टिकट अपने लाभ के लिए हमने सेट कराया है| आज पिता की बिरासत और बिरादरी के वोट के साथ भगवा भेषधारी दीदी के सजातीय वोट को अपने पाले में मानकर फूले नहीं समा रहे हैं| उचक-उचक कर फोटो खिंचवा रहे थे| अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब बैरियर तोड़ बाबा के पार्टी प्रत्याशी रहते इसी चोक में नारा लगाया ” लाल किले पर कमल निशान, अबकी जीतेंगें सलमान” लोक सभा चुनाव में बेचारे धीरपुर नरेश इसी आकलन से गच्चा खा गए|

मुंशी इसी बीच कई जोड़ा पान डकार चुके थे| पीक थूक कर बोले अरे मियाँ काहे जी हलकान करते हो बात तो तब बनी मानो जब दीदी के आने से पल्ला गल्ला मंडी और ठंडी सड़क की रौनक कुछ कम हो| वहां तो सबके सब सीमा तीत विश्वास से भरे बैठे हैं| जैसे विधान सभा की सदस्यता का प्रमाण पत्र लेना ही शेष हो| अपना ही नेता कब चिकोटी काटने लगे समझ में नहीं आता ? साइकिल वालों के सम्मलेन में अमृतसर कोच के अटेंडेंट ने जबर्दस्त नारेबाजी के बीच दहाड़ते हुए कहा अब चुनावी आरक्षण में कोई परिवर्तन नहीं होगा| बेचारे बांकी लोग रोते झींकते बाहर निकल आये| एक होटल में शरण ली और कलमकारों से अपना दुखडा रोया|

मियाँ इस बार बीच में ही बोल पड़े| सचमुच मुंशी मजा आ गया| सैफई की गद्दी बड़ी न्याय प्रिय है| विक्रमादित्य के सिंघासन की तरह जो दुत्कार कर भगाए गए थे| बैकुंठ धाम में अपने घाव सहलाकर आगे की रणनीति बना रहे थे| प्रदेश में विरोध का ठेका लिए जसवंत नगर के लाडले स्वयं आ गए सांत्वना देने| आशीर्वाद की मुद्रा में बोले मेरे भक्तगणों तू ज़रा भी दुखी मत हो| तुम्हारी भक्ति और निष्ठा से में बेहद प्रसन्न हूँ| तुम्हारी पूजा व्यर्थ नहीं जायेगी| जो इतरा रहे हैं उन्हें इतराने दो| सब लोग आगरा पहुँचो| एक महीन में हम पूरी की पूरी आरक्षण सूची पर फिर से विचार करेंगें| मुंशी बोले इसका जिसे जो मतलब निकालना हो निकाले फिलहाल एक महीने के लिए तुम भी खुश और हम भी खुश|

मुंशी मियाँ के और करीब खिसकते हुए बोले तुम्हे हाँथ वाले रनबांकुरों की खबर है| पूरे इत्मीनान से अपनी गोटें चल रहे हैं| कैसे भी हो जीतने के लिए जो कुछ करना पडेगा करेंगें| आखिर हम कोई लल्लू पंजू तो हैं नहीं| सियासत के गली-कूंचों में घूमने फिरने का 125 साल का अनुभव् है| सभी को मालूम है कि प्रत्याशी कौन होगा| परन्तु अधिकृत घोषणा की कोई जल्दी ही नहीं है| साइकिल हो चाहे हांथी दोनों सवारों की पत्रावलियां पडी है हमारी मेज पर दिखते नहीं रोज सवेरे लखनऊ में गरजते हैं हमारी षड्यंत्रकारी गतिविधियों पर| परन्तु क्या मजाल कि समर्थन वापसी की हिम्मत दिखाए और तो और हमारे दिग्गज नेताओं के मुकाबले ऐसे प्रत्याशी हमें खुश करने के लिए हमें उतार दिए हैं जो हमसे कम लड़ेंगें अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से लड़ते हुए उनके मनोबल को तोडते रहेंगें| मियाँ बोले मुंशी यह सब देखकर अब यहाँ मन नहीं लगता| चलो चल फिरकर देखेंगे|
कम्पिल की कथा-
पुराण प्रसिद्द और इतिहास की बेशुमार धरोहर अपने में समेटे कम्पिल नगरी की कथाएं मन को जितना रोमांचित और प्रफुल्लित करते हैं उसके धुल धूसरित वर्तमान पर उतना ही रोना आता है| कम्पिल को लेकर नेताओं ने चुनाव के पहले और बाद में जितने सपने दिखाए वह सब के सब मुंगेरीलाल के सपने ही सावित हुए| कुछ भी हकीकत में बदलता काया पलट हो जाती कम्पिल की| लेकिन हमने तो सपनों को सार्थक करना सजाना सीखा ही नहीं| पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैलसिंह द्वारा उद्घाटित कम्पिल कताई मिल की दुर्दशा देख लीजिए| आप स्वयं जान जायेंगें कि हम और हमारे नेता विकास के प्रति कितने प्रतिपद्द हैं| वह तो कहिये धार्मिक नगरी है साधू-संतो का डेरा है बसेरा है| जैन धर्म्लाम्बियों में अपनी आस्था को लेकर कभी कम न होने वाला जूनून है| मंदिर है गंगा है इसलिए थोड़ा मन चंगा है| लेकिन बांकी ऐसा कुछ नहीं दिखता जिससे यह लगे कि इस प्राचीन नगरी के गौरव और गरिमा को बढाने के लिए किसी के पास समय है| विस्तार से फिर कभी|

कायमगंज की व्यथा-
लगभग चौदह वर्ष के वनवास के बाद पितौरा के दीपू को जब दिल्ली की हुकूमत में हिस्सा मिला तब पूरा का पूरा जिला और विशेषकर कायमगंज रोमांचित होकर सपना देखने लगा| हमारी आदत है सपने देखने की खयाली पुलाव पकाने की| नेताओं की आदत है उसमे छौंक लगाने की| पूरे दो साल हो गए है ज़रा हिसाब लगाकर बताईये जिले और विशेषकर कायमगंज की किस ज्वलंत समस्या का समाधान हो गया| जिसमें आम आदमी और बेरोजगार नौजवानों को कोई राहत मिली हो| हां हुकूमत में साझेदारी होने, पार्टी पत्रिका के संपादक होने, मसौदा कमेटी के सरकारी सदस्य होने, बनारस सम्मलेन में राजनैतक प्रस्ताव पेश करने जैसे अनेक अपायों से महत्वपूर्ण मंत्रालय देकर पार्टी ने सरकार ने आपकी कद काठी तो बड़ाई परन्तु अपने सिवाय ज़ुबानी जमा खर्च के अमर सिंह को गले लगाने और विरोधियों की लानत मलानत करने के अपने फर्रुखाबाद और कायमगंज के लिए क्या किया? हां धुन के आप पक्के हैं जो ठान लेते हैं उसे पूरा करके ही दम लेते हैं| आपने तय कर लिया है आप फर्रुखाबाद और कयाम्गंज के लिए उतना भी नहीं करेंगें जितना आपके पूज्य पिता जी ने अपने कार्यकाल में किया|

आपने एक बात और तय की है कायमगंज की सीट आरक्षित हो गई तो क्या अबकी सदर सीट पर कब्जा कर अपना पुरुषार्थ दिखाने की आपने ठान ली है| पर भैया ज़रा संभल कर| लोक सभा चुनाव की तरह मतदान प्रतिशत कम रहा तब तो भगवान जाने| महंगाई और भ्रष्टाचार से जनता फूंकी बैठी है कहीं ऐसा नहीं कि फिरोजाबाद की कहानी फर्रुखाबाद में दोहरा दी जाए| वैसे एक बात और जान लो यह जनता है सब जानती है चाहे जितने प्रपंच करो तालमेल करो अबकी लोगों ने जमकर मतदान करने की ठान ली है| ऐसे में बड़े-बड़े वट वृक्ष उखड जाते हैं| फर्रुखाबाद को आपके उत्कर्ष पर जलन नहीं है| मौक़ा दस्तूर दोनों हैं| ताकत और अधिकार दोनों का तालमेल है| कुछ ऐसा कर डालो टीपू भाई कि आने वाली नस्लें भी तुम्हे आदर और प्रेम से याद करें| अन्यथा धीरपुर नरेश, हरदोई के लाल, चौथे खम्बे के लम्बरदार, चौथी दुनिया के बेताज बादशाह बैरियर तोड़ बाबा की तरह लोग तुमसे भी यहीं कहने लगें-

देश तो आजाद हो गया किन्तु तूने क्या किया,
घूसखोरी ढील और सत्ता
धंता
भाई भतीजा,
बाद महज तेजी और यह बाजार काले|
क्रोध से सब दूषणों की फेर माला
दूसरों को गालियों से पाट डालागालियाँ तुझको न कोई दे सके
इसके लिए बोल तूने क्या किया|

और अंत में-
हाई स्कूल परीक्षा में टॉप करने वालों को हार्दिक बधाई| इन मेधावियों ने अपना अपने परिवार और अपनी शिक्षा संस्था सहित अपने जिले का भी नाम रोशन किया| खूब आगे बढ़ो सपने देखो और साकार करने के लिए जी तोड़ मेहनत करो| सफलता तुम्हारी झोली में होगी| फिर से ढेर सारी बधाईयां की बरसात का जमकर आनंद लो| परन्तु अपने लक्ष्य से कभी मत विचलित होना|
लगे हांथो जिला विद्यालय निरीक्षक उनके सहयोगियों और नक़ल माफियाओं और महा मदन मोहन मालवीय के कलजुगी अवतारों मनी मेकिंग मशीन को जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने, नक़ल युक्त परीक्षा संपन्न कराने की ढेरों बधाईयां| इन महानुभावों की मेहरवानी से हमें परीक्षा परिणाम की प्रदेश स्तरीय रेकिंग में सत्तरवां स्थान मिला है| थोड़ी मेहनत और कर लीजिए इस वर्ष पहला स्थान मिल जाएगा| इससे क्या फर्क पडता है| पहला स्थान ऊपर से हो चाहें नीचे से| हम तो दूसरों को आगे बढ़ाते देख प्रसन्न होते हैं| आने वाले विधान सभा चुनाव में ऐसे कई महानुभाव पैसा बसूल कर नक़ल की खुली छूट का क़ानून विधान सभा में बनाने के लिए चुनाव मैदान में है| देखना है जनता उनका क्या हाल करती है|
जय हिंद………….

फ्रीजर बना दुकान मालिक की बर्वादी का कारण

फर्रुखाबाद: बीती रात शार्ट सर्किट से आग लग जाने से दुकान में लाखों रुपये का माल नष्ट हो गया| फायर बिग्रेड ने प्रयास करके आग बुझाई|

नगर के मोहल्ला कुचिया निवासी अवधेश दीक्षित की रेलवे रोड पर कान्फेंशरी की दुकान है| रात ३ बजे पड़ोसी नितेश सक्सेना उर्फ़ टीटू ने दुकान से धुंआ निकलता देखा और अपने भतीजे के भेजकर सूचना दिलवाई तथा फायर बिग्रेड व कोतवाली पुलिस को भी घटना की जानकारी दी|

करीब पौन घंटे बाद पहुँची फायर बिग्रेड ने पड़ोसी सोनू के घर से पानी लेकर आग बुझाई| करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया गया| दुकान मालिक अवधेश ने बताया कि रात में दुकान का फिर्जर चालू था| फ्रीजर के शार्ट सर्किट से ही आग लगी है| जिससे करीब १ लाख रुपये का नुकशान हुआ है|

यूपी बोर्ड रिकॉर्ड- फर्रुखाबाद के 5038 बच्चो को मिले शून्य अंक

बचपन में खेल खेल में गाते थे- गाय हमारी माता है, हमको कुछ नहीं आता है| तब सामने वाला कहता था- बैल हमारा बाप है नंबर देना पाप है| यू पी बोर्ड की हाई स्कूल की परीक्षा में फर्रुखाबाद के 5038 छात्र छात्राओं को अब ऐसा ही कुछ याद आ रहा होगा क्यूंकि जनपद के 5038 बच्चो को शून्य अंक प्राप्त हुए है| एक और गीत से बचपन की याद आ गयी-
साड़ी रात पढ़ते हम फिर भी नंबर आते कम, बोलो क्या करे हम|
पहला पेपर है हिंदी जिसमे रखी है बिंदी,
दूसरा पेपर है भूगोल, जिसमे सारी दुनिया गोल|

स्कूल छोड़े 18 साल हो गए अब गीत के अब इतने ही बोल याद आये हैं- किसी को ये पूरा परीक्षा गीत याद आता हो तो जरुर लिखना फिलहाल तो जिले के 5038 उन बच्चो की सूची पढ़िये जिनकी वजह से ये बचपन का परीक्षा गीत याद आ गया-

ROLL NO NAME & RESULT TOTAL MARKS
1511706 ANKIT YADAV ABST 0
1511717 DURGESH KUMAR ABST 0
1511721 GULAM MUSTFA ABST 0
1511729 JITENDRA KUMAR ABST 0
1511731 KALYAN SINGH ABST 0
1511737