आग लगाकर नुकशान किया
फर्रुखाबाद: कोतवाली फतेहगढ़ अंबेडकर कालोनी नेकपुर निवासी कुलदीप सिंह के मकान में आग लगाकर नुकशान पहुंचाया गया| कुलदीप मकान में ताला लगाकर परिजनों के साथ गए थे| किसी ने आज दोपहर बाद दो मंजिले की गैलरी में रखे फर्नीचर में आग लगा दी|
पड़ोसी राजेन्द्र आदि ने प्रयास करके आग बुझाई| आग से मकान की छत भी चटक गयी|
महिला की पिटाई
फर्रुखाबाद: कोतवाली मोहम्दाबाद के ग्राम अर्सानी निवासी अनुपम राठौर की ससुराल वालों ने पिटाई कर दी| अनुपम का बीते वर्ष ६ जून को मैनपुरी थाना बिछवा के ग्राम सहारा निवासी पंकज से विवाह हुआ था|
गाजियाबाद में प्राईवेट नौकरी करने वाला पंकज वहां से वीडीओ की पुत्री को भगाकर घर ले आया| इसी बात का विरोध करने पर उसकी पिटाई की गयी| भयभीत अनुपम मायके गयी और उनके सहयोग से लोहिया अस्पताल गयी और डाक्टरी परीक्षण कराया|
महिला घायल
फर्रुखाबाद: थाना नवाबगंज के ग्राम महमदपुर निवासी इतवारीलाल की ६५ वर्षीय पत्नी लौंगश्री दुर्घटना में घायल हो गई जिसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया| लौंगश्री सिटी अस्पताल में भर्ती बीमार भाई मेवाराम को देखने टैम्पो से गईं थीं|
आवास विकास तिराहे पर चालक ने अचानक टैम्पो आगे बड़ा दिया तभी वृद्धा नीचे गिरकर घायल हो गई|
13 जून: फर्रुखाबाद की अपराधिक घटनायें
बाइक छोड़कर भागे 2 चैन लुटेरों का खुलासा
फर्रुखाबाद: महिला की जंजीर तोड़ने वाले लुटेरे बाइक छोड़कर फरार हो गए| पुलिस ने बाइक को कब्जे में लेकर लुटेरों की तलाश शुरू कर दी है|
जय नारायण वर्मा रोड निवासी चन्द्र प्रताप सिंह ने मसेनी नगला निवासी सोनू उर्फ़ बिलैया शर्मा, शिवा पुत्र पूरनलाल व उनके अज्ञात सहयोगी के विरूद्ध लूट की रिपोर्ट दर्ज करा दी|
मालूम हो कि सीपी सिंह की पत्नी रत्नेश बीती रात बाजार से खरीददारी कर घर जा रही थीं| पुराने जिला अस्पताल के सामने पीछे काले रंग की प्लेटिना से तीन युवक पीछा करते हुए पहुंचे| बाइक के रुकने पर एक युवक नीचे उतरा और फ़िल्मी अंदाज में महिला के गले पर झपट्टे से जंजीर तोड़कर बाइक पर जा बैठा|
लुटेरे भोलेपुर की ओर भागे जिन्होंने घेराबंदी होने पर भय के कारण बाइक को खड़ा कर गायब हो गए| पुलिस अधीक्षक ओपी सागर ने बताया कि महिला ने लुटेरों को पहिचान लिया है| लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी लगाई गई है|
पत्रकार जे डे हत्याकांड की जांच CBI से कराये जाने की पहल
फर्रुखाबाद: राष्ट्रीय जर्नलिस्ट एसोसिएशन की आज हुयी आपात बैठक में महामहिम राष्ट्रपति से मांग की गई कि पत्रकार जे डे हत्याकांड की जांच CBI व राष्ट्रीय स्तर की अन्य सुरक्षा एजेंशियों से कराई जाए तभी हत्याकांड का शीघ्र ही खुलासा हो सकेगा और दोषियों को सजा भी|
डेली न्यूज़ कार्यालय में जिलाध्यक्ष आनंद भान शाक्य की अध्यक्षता में हुयी बैठक में मिड डे अखबार के वरिष्ठ खोजी पत्रकार ज्योतिर्मय डे की ह्त्या की घोर निंदा करते हुए कहा गया कि जे डे जैसे पत्रकार ने देश हित में पत्रकारिता करते हुए अपनी जान ही न्योछाबर कर दी है| २ मिनट का मौन धारण कर शोक संत्र्प्त परिवार को ढाढस बंधाते हुए किसी एक परिजन को सरकारी सेवा में नौकरी दिए जाने के साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा के लिए क़ानून बनाए जाने की मांग की गई|
देश के पत्रकारों में कुख्यात अपराधियों के विरुद्ध निष्पक्षता से लेखन कार्य सुचारू रूप से चलता रहे और लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ अडिग बना रहे इसके लिए जे डे हत्याकांड का शीघ्र ही खुलासा होना चाहिए|
बैठक में एसोसिएशन के प्रदेश सचिव विनय कुशवाह, महामंत्री आलोक सिंह, इन्दू अवस्थी, राजेश निराला, अजय प्रताप सिंह, सफीउल हसन, विनोद श्रीवास्तव, उमिर अहमद फारुखी, अनिल वर्मा शेखर, नीतेश सक्सेना टीटू, प्रशांत द्विवेदी, शैलेन्द्र राजपूत, देवेन्द्र श्रीवास्तव आदि पत्रकार मौजूद रहे| राष्ट्रपति को संबोदित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया|
कर्मचारियों ने DIOS को दिया अनशन का नोटिस
फर्रुखाबाद: मांगे माने न जाने के कारण यूपी एजुकेशनल मिनिस्ट्रियल एसोशिएशन ने आखिरकार मजबूर होकर २५ जून को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन एवं आमरण अनशन करने की घोषणा कर दी है|
प्रदेश अध्यक्ष राजेश निराला, जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह गौर आदि कर्मचारी नेताओं ने आज जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सीपी उपाध्याय को दिया| शासन ने शिक्षक कर्मचारियों को एसीपी का लाभ दिए जाने का शानादेश ४ माह पूर्व जारी कर दिया था|
जिला विद्यालय निरीक्षक ने इस सम्बन्ध में जिला स्तरीय समिति का गठन करके पत्रावलियों के निस्तारण हेतु ३० अप्रैल की तिथि निश्चित की थी| डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद समिति ने कोई निर्णय नहीं लिया| इस दौरान अनेकों कर्मचारी सेवा निवृत भी हो गए|
एसीपी का लाभ न मिलने के कारण कर्मचारियों का वेतन निर्धारण न होने से पेंशन के प्रपत्र विद्यालय स्तर से नहीं भेजे जा रहे हैं जिससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त हैं|
दबंगई के लिए की गई फायरिंग से बालिका घायल
फर्रुखाबाद: दबंगों ने बीती रात रुतवा कायम करने के लिए धुआंधार फायरिंग की| गोली लगने से बालिका सविता घायल हो गई|
थाना मऊदरवाजा के ग्राम नगला समाधान निवासी सुरेश चंद्र शाक्य ने पड़ोसी पंडित सतीश, सुखवीर व नीरज यादव के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई| सुरेश बीती रात अपनी पत्नी निर्मला १० वर्षीय बेटी सविता व भाई नन्हेलाल के साथ अपनी छत पर लेटा था| तभी पड़ोसी आपस में झगड़ा करने लगे जिसका विरोध करने पर उन्होंने फायरिंग की|
सिर में गोली लगने से सविता घायल हो गई| पुलिस ने उसका लोहिया अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराया| पुलिस ने आरोपियों के न मिलने पर कोतवाली मोहम्दाबाद के ग्राम अनूप नगला निवासी वीरेंद्र यादव को हिरासत में ले लिया| वीरेंद्र आरोपियों का रिश्तेदार है| वह बीते दिनों रिश्तेदारी में हुए विवाह समारोह में भगा लेने आया था|
लखीमपुर कांड: चुप रहने के लिए 5 लाख रुपये का ऑफर
लखनऊ। लखीमपुर खीरी में पुलिसकर्मियों द्वारा नाबालिग लड़की से बलात्कार और हत्याकांड के मामले में नया मोड़ आ गया है। लड़की के दूसरे पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में कहा गया है कि उसकी हत्या गला दबाकर की गई है। हालांकि इस रिपोर्ट में भी लड़की से रेप की पुष्टि नहीं हुई है।
नाबालिग लड़की से बलात्कार और हत्याकांड में एक तरफ जहां मृतक लड़की की लाश निकालकर आज दोबारा से पोस्टमॉर्टम किया गया। वहीं मृतक लड़की की मां ने आरोप लगाया कि लखीमपुर पुलिस ने उन्हें केस दबाने के बदले 5 लाख रुपये देने का लालच दिया है।
गौरतलब है कि पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में लड़की की हत्या की पुष्टि भी नहीं हुई थी। उस रिपोर्ट में लड़की की मौत का कारण खुदकुशी बताई गई थी। नई रिपोर्ट आने के बाद पुरानी रिपोर्ट तैयार करने वाले तीन डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में निघासन थाना परिसर में एक नाबालिग लड़की का शव पेड़ पर लटका मिला था। जिसके बाद थाना प्रभारी समेत 11 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि बलात्कार के बाद लड़की की हत्या की गई। इस सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ बलात्कार और हत्या का मामला दर्ज कर किया गया है।
अब अन्ना और सरकार के बीच खुली ‘जंग’
नई दिल्ली ।। अन्ना हजारे और सरकार के बीच सीधा टकराव शुरू हो गया है। आज पहले अन्ना हजारे की तरफ से अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल किया कि आखिर प्रधानमंत्री किसी तरह की जांच से इतना डरते क्यों हैं ? अगर प्रधानमंत्री के किसी फैसले की जांच हो जाएगी तो उससे कौन सी आफत आने वाली है ? इसके ठीक बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अन्ना की टीम पर जवाबी हमला करते हुए सवाल किया कि यह सिविल सोसायटी है क्या ? इन्हें किसने इस सोसायटी का नुमाइंदा बना दिया ?
अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल किया कि उन्हें समझ में नहीं आता सरकार प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाने से क्यों डर रही है। केजरीवाल ने कहा कि कुछ समय पहले तक यही सरकार प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाने को तैयार दिख रही थी। अब अचानक पता नहीं ऐसा क्या हो गया है कि सरकार को इस मसले पर यू टर्न लेना पड़ा।
जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार के लोग बार-बार सिविल सोसायटी के आंदोलन को लोकतंत्र विरोधी करार दे रहे हैं। पता नहीं लोकतंत्र की उन्होंने कैसी परिभाषा गढ़ ली है जिसमें उन्हें जनता की सक्रियता खतरनाक लगने लगी है। आखिर आम जनता का कोई हिस्सा अगर शांतिपूर्ण ढंग से कोई सुझाव देता है और तर्कों के जरिए उसकी अहमियत साबित करता है तो लोकतंत्र के लिए खतरा कैसे पैदा हो जाता है ?
इसके कुछ ही मिनट बाद कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अन्ना की टीम के इरादों पर सवाल खड़ा कर दिया। तिवारी हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता की हैसियत से बोल रहे थे, लेकिन उन्हेंने सरकार के सभी कदमों का बढ़-चढ़कर बचाव किया। उन्होंने कहा कि अन्ना के विचार लोकतंत्र विरोधी हैं। एक तरफ वह मानते हैं कि इस देश का आम वोटर शराब की बोतल के बदले वोट बेच देता है, दूसरी तरफ वह खुद को उसी आम आदमी का प्रवक्ता बताते हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अन्ना बार-बार भूख हड़ताल की धमकी देते हैं। अगर उन्हें अपनी बात के सही होने का इतना ही भरोसा है तो संयुक्त समिति की बैठक में तर्कों के जरिए सरकार से अपनी बात क्यों नहीं मनवा लेते ?
चाय की हर दुकान पर मिलेगा छोटू
फर्रुखाबाद: “दुनिया में बाल श्रम का मुख्य कारण गरीबी है। भारत की राजधानी सहित सभी कोनों में बाल श्रम बदस्तूर है। घर से बाहर निकलते ही जो पहली चाय की दुकान होती है, वहां आपको एक “छोटू” नजर आ जाता है।
वह चाय के कप साफ करता है और हमें चाय देता है। हम आराम से देश में बढ़ रहे बाल श्रम पर चर्चा करते हुए उससे चाय ले लेते हैं और पीने लगते हैं। मगर यह कभी नहीं सोचते कि अभी-अभी हमने भी इसी बाल श्रम को बढ़ावा दिया है।
ऐसे बच्चे आपको बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, ढावों पर देखे जा सकते हैं | जिनकी उम्र पढ़ने खेलने व खाने की उम्र होती है उन्हें यह गरीबी और बंधुआ मजदूरी बिरासत में मिलती है या धन्ना सेठ जबरन मजदूरी करवाकर उनका शोषण करते नजर आते हैं|
राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग की बेवसाइट पर मौजूद वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार देश में बाल श्रमिकों की संख्या1.27 करो़ड है। इसमें बंधुआ सहित तमाम तरह के बाल श्रमिक शामिल हैं। देश में राष्ट्र्रीय बाल आयोग के अलावा दिल्ली एवं बिहार सहित केवल नौ राज्यों में बाल अधिकार आयोग हैं मगर इन बाल अधिकार आयोगों के पास पर्याप्त शक्तियां नहीं होने के कारण यह बाल श्रम को रोकने में लगातार नाकाम साबित हो रहे हैं।
15 जून को सौ मिनट तक तांबे जैसा दिखेगा चांद
बुधवार को चांद की खूबसूरती और भी बढ जाएगी। इस दिन चांद तांबे के रंग का दिखाई देगा। 15 जून को पूर्ण चन्द्र ग्रहण होगा और वह भी लगभग 100 मिनट तक दिखाई देगा। चंद्रमा पृथ्वी को चक्कर लगाते हुए ऎसी स्थिति में आएगा कि सूरज और चांद के बीच पृथ्वी होगी, जिस वजह से सूरज की किरणें चांद तक नहीं पहुंच पाएगी।
इसका मतलब ये हुआ कि इस महीने पूर्णिमा का चांद पृथ्वी की छाया के बिल्कुल करीब से गुजरेगा। गौरतलब है कि इससे पहले इतने लंबे समय तक दिखने वाला चंद्र ग्रहण जुलाई 2000 में दिखाई दिया। नेहरू प्लैनेटेरियम की डायरेक्टर डॉ. आर. रत्नाश्री का कहना है कि इस बार का चंद्र ग्रहण काफी अनोखा है। इस दिन पृथ्वी की छाया के एकदम पास से चांद गुजरेगा।
यह घटना करीब 100 मिनट तक दिखाई देगी। वैसे पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाते हुए चांद के फेरे में दो पॉइंट होते हैं, जिन्हें नोड्स कहा जाता है। हमारे हिंदू खगोलशास्त्र में इसे राहु और केतु कहते हैं। जब इन पॉइंट्स के बीच चांद होता है तब पृथ्वी, सूरज और चंद्रमा एक ही प्लेन में होते हैं। इसके अलावा, चांद के फेज भी होते हैं जिन्हें हम पूर्णिमा, अमावस्या के नाम से जानते हैं।
इन स्थितियों में भी पृथ्वी, सूरज और चांद, करीब-करीब एक ही लाइन पर होते हैं। अब अगर पूर्णिमा या अमावस्या फेज के वक्त चांद अपनी कक्षा की नोड में होता है, तो स्थिति पूर्ण चंद्र ग्रहण की होती है। इसके बाद इस वर्ष का दूसरा पूर्ण चंद्र ग्रहण 10 दिसम्बर को होगा।
तंत्र-मंत्र: मासूम की किडनी निकाल हाँथ काटा फिर तेज़ाब से नहलाया
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में इन दिनों अपराध का अजगर मुँह फैलाये खड़ा है। चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है। और पुलिस हैं कि हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। राजधानी से सटे हुए इलाके बाराबंकी में एक बहुत ही सनसनी खेज मामला सामने आय़ा है। जिले में तीन दिन बाद लापता 5 साल की बच्ची का शव बरामद किया गया। लेकिन जिस रूप में मासूम का शव बरामद हुआ है उससे देखकर किसी की भी रूह कांप जाये।
घटना घुघटेर इलाके की है, जहां ओमप्रकाश की पांच वर्षीय लापता पुत्री का क्षत-विक्षत शव शनिवार देर शाम को तालाब के निकट प़डा मिला। मासूम अ पने मां-बाप के साथ एक शादी में शामिल होने के लिए बाराबंकी आयी थी।
बच्ची का दाहिना हांथ शरीर से गायब है। बच्ची की किडनी निकाली जा चुकी है, उसकी आंख भी गायब है और तो और बच्ची के शरीर को तेजाब से जलाया गया है। शायद बच्ची के इस रूप को देखकर जल्लाद भी रूह कांप जायेगी। पुलिस ने कहा है कि बच्ची के साथ बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को शक है कि तंत्र-मंत्र के चक्कर में बच्ची की हत्या की गई है। हालांकि अभी बच्ची के हत्यारों का पता नहीं चल पाया है।
बच्ची के इस रूप को देखकर पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। लोग पुलिस पर भड़के हुए हैं। लोगों का कहना है कि इस घिनौनी हरकत के जन्मदाता यहां की पुलिस ही है। जो कि केवल सरकारी पैसे लेकर अपनी कुर्सियां तोड़ रही है।
बच्ची के घरवालों का कहना है कि बच्ची तीन दिन से गायब थी लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया शायद अगर वो पहले से उसे खोजती तो हमारी बच्ची जिंदा होती।



