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कोहरे व शीत लहर से कंपकपाए हाड़, रेंगते रहे वाहन

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) कोहरे व चली सर्द हवाओं ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर रखा हैं। नगर व ग्रामीण क्षेत्र के कोहरे की चादर में लिपटे होने के चलते इंसान तो इंसान बेजुबान भी गलन भरी सर्दी व कोहरे से परेशान चल रहे हैं। सुबह कोहरे पड़ने से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम हो जाती हैं। कोहरे व शीत लहर का असर स्कूलों व सरकारी कार्यालयों में भी दिखाई दे रहा हैं। कई जगहों पर सामने से आ रहे वाहन भी कोहरे में दिखाई नहीं दे रहे थे, जिसके चलते वाहन हेड लाइट जलाकर रेंग-रेंग कर चलते रहे। दिन में कभी कभार आसमान से कोहरे के छटने पर कुछ देर के लिए धूप के दर्शन होने से सर्दी से कोई आराम नही मिल रही हैं| । शाम होते ही बर्फीली हवाओं से बचने के लिए लोग घरों में दुबक जाते हैं। सर्द मौसम के साथ गिरे कोहरे व चली सर्द हवाओं ने लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया। रात व दिन के तापमान में लगातार गिरावट आने से इस बार ज्यादा सर्दी पड़ने को लेकर लोग अभी से परेशान हैं। पड़ रही कड़ाके की सर्दी के मौसम में इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार अलाव न जलवाए जाने के चलते ग्रामीण सर्दी से परेशान दिखे।

शनिवार आलू 351 से 501 रुपये कुंतल , 175 मोटर रही आवक

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) शनिवार 27 दिसम्बर को सातनपुर आलू मंडी में आलू की अच्छी आवक देखने को मिली। मंडी में करीब 175 मोटर आलू की आवक रही। व्यापारियों के अनुसार इस दौरान आलू का भाव 351 रुपये से लेकर 501 रुपये प्रति कुंतल तक रहा। गुणवत्ता के अनुसार कीमतों में अंतर देखा गया, वहीं दिनभर खरीद–फरोख्त का सिलसिला चलता रहा।
मंडी प्रशासन व व्यापारियों की ओर से किसानों को सूचित किया गया है कि रविवार को अपना माल मंडी में न लाएं। साथ ही आढ़तियों से भी अनुरोध किया गया है कि रविवार को आलू की आवक न मंगाई जाए। पूर्व की भांति रविवार को सातनपुर मंडी पूर्ण रूप से बंद रहेगी।

ड्राइवर को झपकी आने से धान भरा ट्रक पलटा, आधा दर्जन दुकानों के खोखे क्षतिग्रस्त

फर्रुखाबाद:(अमृतपुर संवाददाता)थाना अमृतपुर क्षेत्र के गांव राजपुर कस्बे में गुरुवार तड़के धान से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में सड़क किनारे रखे आधा दर्जन दुकानों के खोखे क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि घटना रात के समय हुई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था| देखें वीडियो👇

हादसा रात करीब चार बजे हुआ। बरौली निवासी ट्रक चालक दीपक सिंह पुत्र गोकर्ण (थाना लोनार, जिला हरदोई) ने बताया कि वह लखनऊ से हरियाणा के लिए ट्रक लेकर जा रहे थे। राजपुर कस्बे में पहुंचते ही झपकी लग जाने से ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक को चोटें आईं। चालक ने बताया कि उसने निजी चिकित्सक से इलाज कराया, जिसने बाजू में फ्रैक्चर बताया है।
घटना में रफीक, रजनीश, कृपाल, बृजेश पाठक, सत्येंद्र, गुड्डू और गोपाल समेत आधा दर्जन दुकानदारों के खोखे क्षतिग्रस्त हो गए। दुकानदारों के अनुसार प्रत्येक को करीब दो से ढाई लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों व महिलाओं का कहना है कि राजपुर कस्बे में यह स्थान हादसों का केंद्र बनता जा रहा है| ग्रामीणो ने आरोप लगाया कि 24 दिसंबर को गुडेरा निवासी एक व्यक्ति की मौत के बाद शव रखकर यहीं जाम लगाया गया था, तभी से इसी स्थान पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी इसी जगह एक शिक्षक के भाई की कुचलकर मौत हो चुकी है। वहीं गुडेरा निवासी 22 वर्षीय युवक की पिटाई से हुई मौत को भी लोग इसी स्थान से जोड़कर देख रहे हैं।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाये हैं। उनका कहना है कि राजपुर कस्बे में बनी सड़क के दोनों किनारों पर ठेकेदार द्वारा मिट्टी नहीं डलवाई गई है। यदि सड़क के किनारे मिट्टी होती तो ट्रक पलटने से बच सकता था। 24 दिसंबर से लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में भय और आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से सड़क के किनारे मिट्टी भरवाने और सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है।

खेत में संदिग्ध हालत में किसान की मौत, गांव में शोक

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फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) थाना कादरी गेट क्षेत्र के गांव भावपुर खुर्द निवासी किसान हरनाथ सिंह की खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार हरनाथ सिंह गुरुवार सुबह नगला कलार स्थित अपने खेत पर आलू की फसल में पानी लगाने के लिए घर से निकले थे। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटे तो परिजन चिंतित हो गए। इसी बीच गांव के कुछ लोगों ने उन्हें खेत के पास अचेत अवस्था में पड़ा देखा और परिजनों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पत्नी ईश्वरवती व अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। लोहिया अस्पताल में शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान चिकित्सकों ने हरनाथ सिंह को मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी ईश्वरवती बार-बार बेहोश हो रही थीं। मृतक का एक पुत्र अमरनाथ है, जो पिता की असमय मौत से गहरे सदमे में है।
परिजनों ने बताया कि हरनाथ सिंह खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे और परिवार पूरी तरह उन्हीं पर निर्भर था। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सूचना पर थाना कादरी गेट पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने पंचनामा भरने की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

हाई टेंशन लाइन की चपेट से वृद्ध चरवाहे की मौत, परिवार में मचा कोहराम

फर्रुखाबाद:(कमालगंज संवाददाता) थाना क्षेत्र के ग्राम देवरान गढ़िया निवासी 60 वर्षीय बालकराम पाल उर्फ घुरई पेड़ पर चढ़ने के दौरान की हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम घुरई के निकट स्थित गौशाला के पास पीपल के पेड़ पर चढ़कर लग्गी की मदद से बकरियों के लिए टहनियां काट रहे थे। इसी दौरान एक अधकटी टहनी पास से गुजर रही हाई टेंशन लाइन की पर जा गिरी| जिससे पेड़ में अचानक करंट दौड़ गया। करंट लगने से घुरई पेड़ पर ही तड़पते रहे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
मृतक का शव काफी देर तक पेड़ पर ही फंसा रहा। राहगीरों की सूचना पर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और बिजली की सप्लाई बंद कराई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजीव कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को पेड़ से नीचे उतरवाया।
उप निरीक्षक कल्लू प्रसाद ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा|

वीर बाल दिवस पर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में बाल मेले का आयोजन

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) वीर बाल दिवस के अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, श्यामनगर फर्रुखाबाद के परिसर में बाल मेले का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता फर्रुखाबाद सांसद मुकेश राजपूत ने की।
बाल मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, वीरता, त्याग और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का विकास करना रहा। विद्यालय परिसर में भैया-बहनों द्वारा शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक स्टॉल लगाए गए, जिनमें देशभक्ति पर आधारित गतिविधियाँ, खेल, हस्तशिल्प, विज्ञान प्रदर्शनी तथा पारंपरिक व्यंजन लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। मेले के माध्यम से विद्यार्थियों ने संगठन, सहयोग और आत्मनिर्भरता का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
प्रधानाचार्य रामकृष्ण वाजपेयी ने वीर बालकों के प्रेरणादायी जीवन प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके त्याग और बलिदान से हमें राष्ट्र सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता रही। अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी आचार्य-आचार्याओं एवं भैया-बहनों के प्रयासों की सराहना की गई जिला विद्यालय निरीक्षक नरेन्द्र पाल सिंह, संत बच्चा स्वामी, अध्यक्ष उदयपाल सिंह, उपाध्यक्ष सुदेश जी, प्रबंधक गौरव अग्रवाल, सह-प्रबंधक रामगोपाल चौहान, कोषाध्यक्ष गुरविंदर सिंह तथा प्रधानाचार्य रामकृष्ण वाजपेयी आदि रहे|

वीर बाल दिवस पर सिख गुरुओं के बलिदान को किया नमन

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)शुक्रवार को वीर बाल दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के आवास विकास स्थित जिला कार्यालय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कानपुर–बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री देवेंद्र देव गुप्ता ने उपस्थित कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने सिख इतिहास, गुरु साहिबान और साहबजादों के अद्वितीय बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
क्षेत्रीय मंत्री देवेंद्र देव गुप्ता ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने सिख धर्म, सिख इतिहास और गुरु साहिबान की महान कुर्बानियों को न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में सम्मान और गौरव दिलाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के साहबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह का साहस, शौर्य और आत्मबलिदान आज की पीढ़ी के लिए राष्ट्रभक्ति की अमिट प्रेरणा है। वीर बाल दिवस हमें राष्ट्र प्रेम, धर्म रक्षा और आत्मसम्मान की सीख देता है।
सांसद मुकेश राजपूत ने कहा कि देश में लंबे समय तक कांग्रेस के नेतृत्व की सरकार रही, लेकिन वीर शहीदों को जो सम्मान मिलना चाहिए था, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने दिलाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में साहबजादों के बलिदान की जानकारी को वर्षों तक उपेक्षित रखा गया, जबकि भाजपा सरकार ने उनकी शहादत को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत की, ताकि युवा पीढ़ी उनके त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सके।
भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन पर वीर बाल दिवस का आयोजन देशभर में किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गुरु गोविंद सिंह जी के साहबजादों की शहादत की गाथा को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मुगल आक्रांताओं द्वारा इस्लाम स्वीकार करने के दबाव को ठुकराकर साहबजादों ने अपने प्राणों की आहुति दी और भारत की संस्कृति व धर्म की रक्षा की, जिसकी स्मृति सदैव अमर रहेगी।
कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री अभिषेक बाथम ने किया। इस अवसर पर ज्ञानी मंगल सिंह, सरदार हरविंदर सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किया, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. भूदेव सिंह राजपूत, पूर्व जिला ध्यक्ष रूपेश गुप्ता, कार्यक्रम संयोजक सरदार तोषित प्रीत सिंह आदि रहे|

हमारा व्यवहार ही हमारे संस्कारों को प्रदर्शित करता: सतीश महाना

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद निजी कार्यक्रमों में शामिल होनें पंहुचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना नें शिक्षाप्रद भाषण देते हुए कहा की व्यक्ति के संस्कार ही उसके व्यवहार को प्रदर्शित करते है, हमे अपने बच्चो के संस्कार मजबूत बनानें की जरूरत है|
फतेहगढ़ के एक विद्यालय में शुभारम्भ के अवसर पर पंहुचे सतीश महाना नें बच्चो के संस्कारों पर बल दिया| उन्होंने कहा की वर्तमान समय के बच्चों में किसी भी बात को सुनने की क्षमता कम हो गयी| हमारा व्यवहार ही हमे दिये गये संस्कारों को प्रगट करते हैं| वर्तमान समय में महज कुछ ही सालों टेकनोलाजी बदल जा रही है| जिसको सिखने के लिए सारी उम्र लग जाती है| टेक्नोलाजी किसी का इंतजार नही करती है| लेकिन बचपन में दिये गये, संस्कार पूरे जीवन काम आते है| हमारे पास सेवा, संस्कार व समर्पण का भाव होना चाहिए| उन्होंने कहा की फर्रुखाबाद से उनका विशेष रिश्ता है| वह तीन बार फर्रुखाबाद की जेल में बंद रह चुके हैं| सांसद मुकेश राजपूत की तारीफ की| स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी को अपना दत्तक पिता बताया| उन्होंने कहा लोकतन्त्र में कोई राजा नही होता, जनता जिसको चुनती है वह पांच साल के लिए जनता की सेवा करता है| सांसद मुकेश राजपूत, विधायक सुशील शाक्य, मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, डॉ. सुरभि, नागेन्द्र सिंह राठौर, दुर्वाषा आश्रम के महंत ईश्वर दास महाराज,जनपद औरैया के विधायक राहुल बच्चा सोनकर, वीरेंद्र सिंह राठौर, जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी आदि रहे|

पिकअप व ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत, चालक घायल

फर्रुखाबाद:(अमृतपुर संवाददाता) थाना क्षेत्र के राजपुर कस्बे में घने कोहरे के बीच पिकअप और ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण सर्दी के बावजूद मौके पर एकत्र हो गए। दुर्घटना में पिकअप चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, जरियानपुर की ओर से पिकअप आ रही थी, जबकि फर्रुखाबाद की ओर से बदायूं जा रहा ट्रक राजपुर पहुंचते ही सामने से आ रही पिकअप से टकरा गया। हादसे में गुलाल नगला निवासी 22 वर्षीय हरिओम पुत्र दलवीर, थाना मिर्जापुर, जिला शाहजहांपुर घायल हो गया। सूचना पर थाना अध्यक्ष मोनू शाक्य, एसआई सूरज, कल्लू सिंह व सुरेश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायल चालक को 108 एंबुलेंस से राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया।
बताया गया कि ट्रक ने पिकअप में टक्कर मारी। पिकअप सीपी डेरी से जुड़ी हुई थी और अमृतपुर क्षेत्र के विभिन्न प्वाइंटों से दूध लेकर प्लांट जाती थी। घायल चालक के पिता दलवीर ने बताया कि उनका पुत्र हरिओम पिछले चार वर्षों से पिकअप लोडर का काम कर रहा है और स्वयं वाहन चलाता था। वह सुबह करीब 6:30 बजे घर से निकला था। थानाध्यक्ष मोनू शाक्य ने बताया कि ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है, तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मृत्यु के बाद भी जीवन का संकल्प: सुधांशु द्विवेदी व पत्नी केजीएमयू में कर चुके देहदान का संकल्प

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)सूबे के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी के भतीजे तथा सदर से भाजपा विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी के चचेरे भाई सुधांशु दत्त द्विवेदी व उनकी पत्नी अर्चना द्विवेदी ने देहदान कर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। अगस्त 2022 में दोनों ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ में देहदान का संकल्प लेकर मानव सेवा की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया, जिसकी जनपद भर में चर्चा हो रही है।
सुधांशु दत्त द्विवेदी ने बताया कि देहदान सबसे बड़ा दान है, जो मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा करता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह निर्णय लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व ही ले लिया था। उनके अनुसार मृत्यु उपरांत शरीर के अधिकांश अंग कार्य करना बंद कर देते हैं और उनका दान संभव नहीं होता, केवल आंखें ही ऐसी होती हैं जो मृत्यु के बाद भी कार्य कर सकती हैं, जबकि देहदान के माध्यम से पूरा शरीर चिकित्सा शिक्षा के लिए उपयोगी बनता है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र मृत शरीर के माध्यम से शारीरिक संरचना और रोगों का गहन अध्ययन करते हैं, जिससे बेहतर चिकित्सक तैयार होते हैं। देहदान से चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा मिलती है और देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में शोध व नवाचार को बढ़ावा मिलता है। सुधांशु व अर्चना द्विवेदी का यह कदम समाज के लिए प्रेरणा बनकर सामने आया है, जिससे अन्य लोग भी देहदान जैसे पुनीत कार्य के लिए आगे आने को प्रेरित होंगे।