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पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी

फर्रुखाबाद: जिलाधिकारी मिनिस्थी एस ने आज पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी की| अधिसूचना के मुताविक १९ नवम्बर को रिक्त प्रधान व् सदस्य पद के लिए नामांकन होंगे| २० को नामांकन पत्रों की जांच, २२ नवम्बर को नामांकन पत्रों की वापसी के बाद चुनाव चिन्हों का आवंटन क्या जाएगा, २८ को मतदान तथा ३० नवम्बर को मत पत्रों की गिनती होगी|

जिले के सातों ब्लाकों में रिक्त दो प्रधान पद तथा २०११० ग्राम पंचायत सदस्य पदों के चुनाव होंगे| बीते चुनाव में ब्लाक कमालगंज की ग्राम पंचायत ईसेपुर में प्रधान पद के नामांकन करने वाले सभी लोगों ने पर्चा वापस ले लिया था| ग्राम पंचायत अमानाबाद की निर्वाचित प्रधान शब्बो बेगम की मौत हो जाने के कारण यह दोनों ग्राम पंचायतें प्रधान पद के लिए रिक्त हुईं हैं|

निर्वाचित प्रधानो ने ग्राम पंचायत सदस्य के रिक्त पदों को भरने के लिए अपने समर्थकों के नाम तय करने शुरू कर दिए हैं| अधिकांस समर्थक सदस्य बनाने को राजी हैं| परन्तु होने वाले खर्चे की जिम्मेदारी प्रधान के ऊपर डाल दी है| मजबूरी में प्रधान मोटी रकम खर्च करने को तैयार हो गएँ हैं|

पुलिस तबादले: SO से बन गये SSI

फर्रुखाबाद: नये पुलिस अधीक्षक डॉ के एजिलरशन ने आज छठे दिन ही पुलिस कर्मियों की तैनाती में फेरबदल किया है|

पुलिस लाइन से सब इंस्पेक्टर महेंद्र प्रताप सिंह को कोतवाली मोहम्दाबाद का एसएसआई बनाया गया| लाइन से उपनिरीक्षक बलबंत राय, अनेक सिंह, देवीशंकर सब इन्स्पेक्टर की कोतवाली फर्रुखाबाद में तैनाती की गयी| थाना नवाबगंज के सब इन्स्पेक्टर विजय सिंह को कोतवाली फर्रुखाबाद भेजा गया है| पुलिस लाइन के ६ सिपाहियों की कोतवाली फर्रुखाबाद व ४ की कोतवाली फतेहगढ़ में तैनाती की गयी है|

एसपी ने बीते दिन ही मुहर्रम के त्यौहार के लिए कोतवाली फर्रुखाबाद में बुलाई गयी शांति कमेटी की बैठक में फ़ोर्स की कमी को दूर करने का वायदा किया था|

उपनिरीक्षक एमपी सिंह थाना कमालगंज के एसओ थे| पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के दौरान जिले में सर्वाधिक मतदान केंद्र पर गड़बड़ी व हिंसा की बारदातों के कारण उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया था| अक्सर लाइन हाजिर होने वालों को पुनः एसओ का ही चार्ज मिलता है|

कमरे में घुसते ही मौत ने दबोचा

फर्रुखाबाद: किसी को भी नहीं मालूम होता है की कब, कहाँ, कैसे उसकी मौत हो जायेगी| यदि इस बात का आभास हो जाए तो मरने वाला व्यक्ति अपनी मौत को टाल भी सकता है|

कोतवाली फतेहगढ़ के ग्राम याकूतगंज मोहल्ला पठ्नऊ निवासी युवती रोशन उर्फ रोशनी दोपहर को 11 बजे घर में थीं| उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा कि घर में ही मौत उसका पीछा कर रही है| वह चारपाई निकालने के लिए अन्दर वाले कमरे में घुसी तभी कच्चे मकान की छत भरभराकर ऊपर गिर पडी|

रश्मि के दब जाने पर मोहल्ले में कोहराम मच गया| पिता विरासत उल्ला खां उर्फ चंदू पठान ने अडोस-पड़ोस के लोगों की मदद से आनन्-फानन में मलवा हटाकर रोशन उर्फ रोशनी को बाहर निकाला, तब तक दम घुटने से उसकी मौत हो चुकी थी| परिवार के लोग दहाड़े मारकर रोने लगे| गिरने वाले कमरे के पास ही निर्माण कार्य चल रहा था जिससे उस कमरे की निहास कमजोर हो गयी थी|

बाद में फायर बिग्रेड की गाडी भी पहुँच गयी| एसडीएम, तहसीलदार व इन्स्पेक्टर ने मामले की जांच-पड़ताल की| परिजन शव का पोस्टमार्टम कराना नहीं चाहते थे, जबकि प्रशासनिक अधिकारी मुआवजा दिलबाने की बात कहकर पोस्टमार्टम करवाने का दवाव बनाते रहे|

बच्चों की पेट-पूजा, प्रधान और प्रधानाध्यापक के हाँथ

फर्रुखाबाद|| अब सरकारी स्कूलों के बच्चों को भूंखे पेट नहीं रहना पडेगा| क्योंकि बच्चों के मिड डे मील का जिम्मा प्रधान और उस स्कूल के प्रधानाचार्य ने अपने हांथों में ले लिया है| अब पंचायत सेक्रेटरी की व्यस्तता के चलते नौनिहालों को अब भूखे पेट नहीं रहना पड़ेगा। इनका संयुक्त खाता ‘मध्यान्ह भोजन निधि’ कहलाएगा, जो नजदीक की ऑन लाइन बैंक में खोला जाएगा। इस तरह योजना में पंचायत सेक्रेटरी का दखल खत्म कर दिया गया है।

बता दें कि अभी तक मध्यान्ह भोजन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान व सचिव की थी। दरअसल एक पंचायत सेक्रेटरी के पास कई-कई गांव होते हैं। ऐसे में पंचायत सेक्रेटरी के गायब होने पर मध्यान्ह भोजन प्रभावित होता था।

मध्यान्ह भोजन योजना सम्बंधी भारत सरकार के प्रथम ज्वाइंट रिव्यू मिशन ने विद्यालय स्तर पर मध्यान्ह भोजन निधि का खाता खोलने की संस्तुति की है। इसके बाद सूबे के राज्यपाल ने इसे हरी झंडी दे दी। इस खाते में खाने का पैसा, रसोइये का मानदेय, किचन शेड तथा एमएमई (अनुरक्षण अनुदान) की धनराशि भेजी जाएगी। मध्यान्ह भोजन निधि का खाता नजदीक की सीबीएस (ऑन लाइन बैंक) में प्रधान व प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से खोला जाएगा।

योजना में खर्च हुए रुपये का व्यौरा मदवार अलग-अलग दर्ज किया जाएगा। जिसका बैंक से लेन-देन का मिलान व आडिट किया जाएगा। ग्राम निधि के खातों में मौजूद धनराशि को तत्काल मध्यान्ह भोजन निधि में स्थानांतरित करने के आदेश दिए गए हैं। आदेश मिलने के बाद बीएसए जेके वर्मा ने प्रधान अध्यापकों को सोमवार से जिन स्कूलों में मिड-डे-मील नहीं बन रहा है, उनमें बनवाने के निर्देश दिए हैं।

सावधान, शहर की सड़कों पर थूका तो भरो जुर्माना

सावधान, आप यदि शहर की सड़क पर चल रहे हैं और घरों में रह रहे हैं तो शहर को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी आपकी भी है। ऐसा नहीं है कि सब कुछ सरकारी महकमा ही करेगा। जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने पर आपसे जुर्माना भी वसूला जाएगा। जी हां बहुत जल्द सिटी सैनिटेशन प्लान के तहत शहर की सड़क पर थूकने पर भी जुर्माना वसूल किया जा सकता है। लम्बे समय के बाद सिटी सैनिटेशन प्लान के लिए नगर निगम ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। हैदराबाद की एक एजेंसी को प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।

भारत सरकार की राष्ट्रीय शहरी स्वच्छता योजना(एनयूएसपी) के तहत सभी शहरों का सिटी सैनिटेशन प्लान तैयार होना है। जिसमें शहर की सफाई व्यवस्था की समस्या, उसके निस्तारण की योजना बनेगी। कानपुर, वाराणसी सहित प्रदेश के 11 शहरों का सिटी सैनिटेशन प्लान तैयार करने के लिए भारत सरकार ने कई माह पूर्व आदेश किया था।

सरकार का मानना है कि निगम की सारी व्यवस्थाओं के बावजूद शहर पूरी तरह से साफ नहीं रह पाता। लेकिन अब इसे पूरा साफ रखने के लिए हैदराबाद की कंपनी प्लान तैयार करेगी। शहर के गली-मुहल्लों का मुआयना होगा और तय किया जाएगा कि आखिर किन कारणों से सफाई में अवरोध आ रहा है। इन अवरोधों को कैसे दूर किया जा सकता है। लोगों का सहयोग कैसा है। आम जनता सफाई को लेकर कितनी सजग है? नगर निगम ने हैदराबाद स्थित एकेडमिक स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया को इसके लिए बतौर कंसल्टेंट नियुक्त किया है। बहुत जल्द कंसल्टेंट की टीम शहर में आकर सभी 80 वार्डो और इलाकों का जायजा लेकर सैनिटेशन प्लान तैयार करेगी। तीन माह में कंसल्टेंट एजेंसी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। जिसमें स्पष्ट सुझाव देकर शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए कार्रवाई होगी।

स्कूलों में मिलेगा कम्प्यूटर ज्ञान

शाहजहांपुर|| राजकीय व सहायता प्राप्त कालेजों में बंद पड़ी कम्प्यूटर लैब जल्द ही शुरू होंगी। शिक्षा निदेशक ने बच्चों को कम्प्यूटर सिखाने की व्यवस्था कालेज प्रशासन को करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए बच्चों से फीस भी नहीं ली जाएगी।

ग्यारहवें वित्त आयोग के तहत राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों में कम्प्यूटर चलाने व सिखाने के लिए एडुकाम्प व एबरान कम्पनियों को ठेके दिए गए थे। इन कम्पनियों के साथ शिक्षा विभाग का पांच वर्षीय एग्रीमेंट इस साल मार्च में समाप्त हो गया। इसके साथ ही कम्प्यूटर लैबों में भी ताले पड़ गए थे।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन ने आदेश जारी करते हुए सभी राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों में निशुल्क कम्प्यूटर शिक्षा दिलाने के निर्देश दिए हैं। इस पर होने वाले खर्च की व्यवस्था कालेज प्रशासन को स्वयं करनी होगी। इस नए आदेश से कालेज प्रबंधकों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। क्योंकि नई व्यवस्था के तहत होने वाले खर्च को किस मद से पूरा किया जाएगा। इसका जिक्र आदेश में नहीं किया गया है।

‘जिले में दस राजकीय व 37 सहायता प्राप्त स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा दी जा रही है। शिक्षा निदेशक का आदेश मिलते ही कालेजों को इस सम्बंध में पत्र भेज दिए गए हैं। आदेश का पालन करते हुए सभी बच्चों को निशुल्क कम्प्यूटर शिक्षा दिलाना सुनिश्चित किय जाएगा।’

श्यामा कुमार, डीआईओएस

दिल्ली में बंद होंगे 10 हजार ऑटो रिक्शा

नई दिल्ली|| दिल्ली में स्मार्ट कार्ड की तर्ज पर परमिट बनवाने के लिए आवेदन कर पाने में विफल रहने के कारण 10,491 ऑटो रिक्शा को बंद कर दिया जाएगा।

इसे देखते हुए ऑटो चालक संगठनों ने ह़डताल की धमकी दी है। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल नवम्बर में तीन पहिया वाहनों के बारे में रिकॉर्ड रखने के लिए दिल्ली सरकार ने ऑटो रिक्शा चालकों से स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए कहा था। ऑटो चालक संगठनों ने दिल्ली सरकार के फैसले से अनभिज्ञता जाहिर की है।

राष्ट्रवादी तीन पहिया चालक महासंघ के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा, दिल्ली परिहवन आयुक्त की ओर से हमें कोई जानकारी नहीं मिली है।इस बारे में मीडिया से सूचना मिली है, लेकिन परमिट खत्म करने का दिल्ली सरकार का यह फैसला अनुचित है।

शर्मा के अनुसार जिन ऑटो रिक्शा चालकों ने पंजीकरण करा लिया है उनका भी अभी तक स्मार्ट कार्ड नहीं मिला है। उन्होंने कहा, ऑटो रिक्शा खरीदने वाले अधिकतर वे चालक जिनके नाम से वाहनों का पंजीकरण नहीं हो पाया है। ऎसी स्थिति में हमने परिवहन विभाग से कहा है कि वाहनों का पंजीकरण मौजूदा मालिकों के नाम कर देना चाहिए।

दिल्ली ऑटो यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र सोनी ने कहा, अगर सरकार 10,000 ऑटो रिक्शा को परमिट देने के लिए तैयार नहीं हुई तो हम ह़डताल करेंगे।उल्लेखनीय है कि दिल्ली में करीब 55 हजार ऑटो रिक्शा हैं।

बच्चे को गायब करने वाले बाबा की पिटाई

फर्रुखाबाद: आवास विकास कालोनी ६ बी/४२७ के निकट आज सायं बच्चे को गायब करने वाले नशेड़ी बाबा को पीटकर पुलिस के हवाले किया गया|

ग्राम भाऊपुर में किराए पर रहने वाला ट्रक ड्राईवर जसवीर सिंह सायं बागलकूला में अपनी बेटी राधा के घर से उसका 1 साल का पुत्र कन्हैया को उठा लाया| नशे में होने के कारण वह बच्चे को उछाल रहा था| बच्चे के जमीन पर गिर जाने पर पड़ोसी मीनू, वीरू, अनुराग, नरेन्द्र, हेमू आदि ने बाबा को पकड़ लिया, और उसे पुलिस के हवाले कर दिया|

पुलिस ने भूंख से बेहाल बच्चे को वीरू को सौंप दिया वीरू ने बच्चे के गंदे कपडे बदलकर डाक्टर से उसे दवा दिलबाई तथा दूध भी पिलवाया| उधर जसवीर नशे में होने के कारण सही जानकारी नहीं दे सका| बगिया कादरीगेट के सुखेन्द्र पाल की पत्नी नन्ही देवी ने चौकी जाकर पुलिस को बताया कि बच्चा गायब करने वाले मेरे समधी जसवीर हैं| जसवीर की पुत्री राधा का मेरे बेटे अनिल से विवाह हुआ है| जसवीर ने नशे के चक्कर में अपनी जायदाद बेंच डाली और मेरे बेटे अनिल को भी नशेड़ी बनाकर उसकी भे दुकाने बिंकवा दीं|

पीड़ित महिला नन्ही ने बताया कि समधी मेरे बेटे को मेरे विरुद्ध भड़काकर मेरे ही खिलाफ दहेज़ उत्पीडन का मुकद्दमा दर्ज कराकर मेरी जायदाद पर कब्जा करने के प्रयास में हैं| उन्होंने रिश्तेदार पर वाहन चुराकर बेंचने एवं बेटियों की शादी के नाम पर ठगी करने के भी गंभीर आरोप लगाएं हैं| चौकी पहुंचे अनिल ने बताया कि बेटा आकाश को २ घंटे से तलाश कर रहा है|

फोन सर्विलांस पर, तहसीन को मिल गई टिकट

फर्रुखाबाद: बहुजन समाज पार्टी के विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी के भाई तहसीन सिद्दीकी को आखिरकार बसपा की ओर से जिलापंचायत अध्यक्ष पद की टिकट मिल ही गयी| जिलापंचायत सदस्यों की गतिविधियों की जानकारी लेने के लिए उनके फोन नंबर सर्विलांस पर लगा दिए गए हैं| जिसकी जानकारी होने पर सदस्यों में हडकम्प मचा है|

बसपा के जिलाध्यक्ष रामानंद प्रजापति ने बताया कि जोनल कोआर्डीनेटर कमलाकांत गौतम ने तहसीन सिद्दीकी को जिलापंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित किया है| उन्होंने बताया कि पार्टी के ७ कार्यकर्ता जिलापंचायत सदस्य का चुनाव जीते हैं|

तहसीन सिद्दीकी ने बताया कि पार्टी के ८ विजयी कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल गया है| ७ और जिलापंचायत सदस्यों का समर्थन हासिल करना है| उन्होंने बताया कि मुझे पता था कि मेरा मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा है| जिलापंचायत में २५ सदस्य हैं| चुनाव जीतने व हराने के लिए १३ सदस्यों का समर्थन जरूरी है|

उधर सपा से डॉ अनीता यादव को पार्टी का टिकट मिलना तय है| उनके अलावा सपा विधायक नरेन्द्र सिंह यादव की भाभी मंजुलता यादव जनक्रांति पार्टी के प्रदेश सचिव मुकेश राजपूत की पत्नी एवं जिलापंचायत अध्यक्ष सौभाग्यवती राजपूत के भी मैदान में उतरने की अटकलें हैं| सदस्यों के सौदेवाजी का अभी कोई भाव नहीं खुला है, लेकिन सदस्य का भाव १ करोड़ होने की चर्चाओं का बाजार गर्म है|

अध्यक्ष पद के दावेदारों ने अभी तक किसी भी सदस्य को खरीददारी का भाव नहीं दिया है या जिससे सदस्यों में बेचैनी व्याप्त है| अनेकों सदस्य मोटी रकम मिलने के इन्तजार में हैं| क्योंकि उन्हें चुनाव प्रचार व्यय का भुगतान व उधारी के रुपये भी चुकाने हैं|

मन क्यूं बहका रे बहका…

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि दिवास्‍वप्‍न मन भटकने का सबसे बड़ा कारण है। यह न सिर्फ व्‍यक्ति का वर्तमान बल्कि भूत और भविष्‍य को भी प्रभावित करता है।

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के मनोवैज्ञानिकों ने दावा किया है कि हमारे मन का 46.9 प्रतिशत हिस्‍सा भटकता रहता है। इसी हिस्‍से में तरह तरह के विचार आते हैं और हम दिवास्‍वप्‍न देखते हैं। मन उस दौरान ज्‍यादा भटकता है जब हम आराम कर रहे होते हैं या होम कंप्‍यूटर पर नेटवर्किंग कर रहे होते हैं।

आज वह व्‍यक्ति ज्‍यादा सुखी है जो इस हिस्‍से पर नियंत्रण रखने के साथ साथ पूरी तरह से अपने जॉब पर ध्‍यान देता है और वर्तमान में जीता है।

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ता डैनियल गिलबर्ट और मैथ्यू क्लिंगसवर्थ का कहना है कि मनुष्य अपनी क्षमता को अतीत की समीक्षा और भविष्य की प्‍लानिंग करने में लगाए तो जीवन वरदान साबित हो सकता है।

शोधकर्ता 2250 स्वयंसेवकों से पूछताज कर इस निष्‍कर्ष पर पहुंचे हैं। अध्‍ययन के निष्‍कर्ष में पाया गया है कि भटकना मानव मन की प्रवृति है। यह मानव मन के दुख का सबसे बड़ा कारण है। इसलिए दिवास्‍वप्‍न देखने से बचें।