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डाक्टर की लापरवाही से नसबंदी फेल

फर्रुखाबाद: लिंजीगंज अस्पताल की डाक्टर क्रष्णा बोस की लापरवाही से महिला की नसबंदी फेल हो गई| महिला के पुत्री होने पर अब उसका पति न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहा है|

थाना मऊदरवाजा के ग्राम देवतन नगला जनैया सिठैया निवासी रामनरायन शर्मा ने अपनी पत्नी सीता देवी का १६ मार्च २००९ को लिंजीगंज अस्पताल में डॉ क्रष्णा बोस से नसबंदी कराई थी| गर्भवती हो जाने पर सीता ने २० अक्टूवर २००९ को लोहिया अस्पताल में डिलीवरी कराई| कम दिनों की पुत्री होने के कारण मर गई|

दाताराम अपने पिता रामपाल के साथ आज न्याय मिलने की उम्मीद में रायपुर चौकी में बैठा रहा उसके शिकायती पत्र पर सीओ ने जांच रिपोर्ट माँगी है| गरीब दाताराम ने बताया कि पत्नी के ६ बच्चे होने के कारण नसबंदी कराई थी| डाक्टर ने लापरवाही से नसबंदी की जिसके कारण पत्नी गर्भवती हुई| पत्नी की देखभाल न होने के कारण पुत्री पैदा होते ही मर गई|

डाक्टर के विरुद्ध लापरवाही की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की| अब सूचना के अधिकार के तहत पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र की जानकारी माँगी है|

थाना दिवस: नहीं मिल सका दलितों को न्याय

फर्रुखाबाद: आज थाना दिवस के दौरान अनेकों लोग इस उम्मीद से थाने गए की उनको शीघ्र ही न्याय मिल जाएगा| अनेकों लोगों को न्याय नहीं मिल सका|

कोतवाली फर्रुखाबाद में ग्राम नरायनपुर बगीचा के करीब एक दर्जन लोग महिलाओं के साथ न्याय के लिए कोतवाली फर्रुखाबाद पहुंचे| गाँव के दबंग लोगों ने रास्ता बंद करने के लिए खडंजे की ईंटें उखाड़ दी हैं जिससे वहां कीचड़ गंदगी भर गयी है| दलित रामकिशन, ओमप्रकाश, छवीलेलाल, रंगीलेलाल व किशोर कुमार आदि के मकानों पर जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया है|

आईटीआई चौकी इंचार्ज नरेश दीक्षित ने मामले को निवटाने का प्रयास किया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका| नगर मजिस्ट्रेट हरिशंकर, सीओ सिटी डीके सिसोदिया, इंस्पेक्टर क्रष्ण कुमार आदि कर्मचारी मौजूद रहे|

स्वास्थय, विधुत, कृषि, समाज कल्याण, पशुपालन, एवं ग्रामीण अभियंत्रण सेवा का कोई कर्मचारी थाना दिवस में नहीं पहुंचा| कोतवाली फतेहगढ़ में एसएसआई सतीश शर्मा ने राजस्वा विभाग की २० शिकायतें दर्ज कीं जिसमे सिर्फ एक का ही निस्तारण हो सका|

थाना मऊदरवाजा में एसओ कमरूल हशन ने ८ शिकायतें सुनीं जिसमे एक का निस्तारण हुआ|

शातिर अपराधी ६ माह के लिए जिलाबदर

फर्रुखाबाद: जिला प्रशासन ने शातिर अपराधियों पर नकेल डालने की जबर्दस्त कार्रवाई शुरू कर दी है| पुलिस ने योजना बनायी है कि शातिर अपराधियों को जिले से बाहर का रास्ता दिखाया जाये जिससे वह यहाँ अपराध न कर सकें और अज्ञातवास के दौरान अपराधी को सुधारने का पूरा मौक़ा मिले|

जिला प्रशासन ने सोंची समझी रणनीति के तहत अपहरण, ह्त्या जैसे संगीन अपराध करने वाले ६ पेशेवर अपराधियों को ६ माह के लिए जिलाबदर कर दिया है| इनमे कोतवाली फतेहगढ़ के ग्राम नगला दुर्ग निवासी राम मिस्टर यादव पुत्र मोतीलाल, थाना जहानगंज के ग्राम मझगवां निवासी
चन्दन पुत्र रामदास, थाना मऊदरवाजा के ग्राम नगला डाल निवासी बलराम पुत्र श्री रामक्रष्ण, थाना कम्पिल के ग्राम समाऊद्दीन्पुर निवासी सतेन्द्र पुत्र महाराम, नगला लोचन के सुनील पुत्र चंद्रपाल एवं ग्राम इकलहरा के कश्मीर पुत्र दाऊद के नाम सामिल हैं|

जिले के सभी थानों में जिलाबदर अपराधियों की सूची भेज दी गयी है| पुलिस इन अपराधियों को जिलाबदर का आदेश तामील करायेगी|

नगर पालिका के हैण्डपम्प बने सफ़ेद हांथी

फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद शहर में दर्जनों हैण्ड पम्प नगर पालिका अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के अध्यक्षी में सफ़ेद हांथी बन कर रह गए हैं| नगर पालिका द्वारा लगाए गए दर्जनों हैण्ड पम्प जगह-जगह लगा तो दिए लेकिन उसके बाद उनकी मरम्मत कार्य से मुंह मोड़ लिया| जनता ने कई बार इन हैण्ड पम्पों की मरम्मत कराने के लिए पालिकाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र दिए लेकिन साहव के सर पर जूं तक नहीं रेंगी|

शहर की जनता जहां पानी की एक-एक बूँद के लिए लड़ मरने को तैयार हो जाती है वहीं दर्जनों हैण्ड पम्प के खराब हो जाने से जनता का गुस्सा शायद सातवें आसमान से भी ऊपर निकल जाएगा| लेकिन अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ कर बैठे माननीय पालिकाध्यक्ष महोदय पर इन सब का कोई भी असर नहीं पड़ रहा है|

जेऍनआई के सर्वे के दौरान ऐसे कई शहर में लगे हैण्ड पम्प पाये गए जिनकी शायद कई महीनों से पानी की एक बूँद खुद हैण्ड पम्प को नसीव नहीं हुयी| मोहल्ला श्यामनगर भोपतपट्टी, खटकपुरा, बजरिया, साहबगंज, पक्कापुल, हांथीखाना फतेहगढ़ आदि कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां नगर पालिका द्वारा लगाए गए हैण्ड पम्पो की दुर्दशा देखने योग्य है| वहां के लोग इन खराब हैण्ड पम्पो की बजह से पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं|

बीडी, सिगरेट का उत्पादन बन्द

नई दिल्ली|| गोल्ड फ्लेक, विल्स नेवीकट, क्लासिक, फोर स्क्वायर जैसी कंपनियों ने सिगरेट एवं बीडी का उत्पादन बंद कर दिया है।

कंपनियों ने सिगरेट पैकेट पर छपने वाली चित्र सम्बन्धी चेतावनी के अनिवार्य प्रकाशन को लेकर अनिश्चिता के कारण बन्द कर दिया है। आईटीसी ने कहा कि सरकारी निर्देशों के अनुसार दिसंबर 2010 से सिगरेट व तंबाकू उत्पादों के पैकेटों पर नई चेतावनी जारी करनी थी, मगर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से यह साफ नही हुआ कि वो चेतावनी किस प्रकार की होगी।

उन्होंने कहा कि जब तक चेतवानी कैसी होगी, इसका सही पता नही चल पाता तब तक सिगरेट का उत्पादन बंद रहेगा।

जिला पंचायत ऑफर- 50 लाख के साथ नॉएडा में फ्लैट

राजनीति में ऊंट कब किस करवट बैठ जाए पता नहीं| उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के चंद दिन रह गए है और सदस्यों की खरीद फरोख्त का बाजार उबाल मार रहा है| अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने के लिए अब तक जो आफर सदस्यों को वोट देने के लिए दिए गए हैं उसमे सबसे बड़ा आफर बुलंदशहर और गाजियाबाद का है| सूत्रों से प्राप्त खबर के अनुसार यहाँ एक वोट के बदले 50 लाख नगदी के साथ नॉएडा में 55 लाख कीमत का फ्लैट का आफर हुआ है| प्रदेश में टाटा और महिंद्रा कम्पनियों ने भी सफारी और जायलो जैसी कीमती कारो की भारी बिक्री की उम्मीद इन्ही कर्णधारो के सहारे लगा ली है|
कौन बनेगा “राजा”
कानपुर, मेरठ, इलाहाबाद में ये आफर 50 लाख को पार कर चुका है| आखिर जिला पंचायत के पिटारे में ऐसा क्या है जो इतनी कीमत लग चुकी है| क्या इतनी कीमत चुकाने के बाद आप गद्दी पर आसीन हुए अध्यक्षों से ईमानदारी की उम्मीद करेंगे| जाहिर है ये देश के छोटे राजा बनने के लिए तैयार है वहां १ लाख ७६ हजार करोड़ का चूना राजा लगा गए, यहाँ ये राजा कई करोडो का चूना लगायेंगे|
उत्तर प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक हर मंत्री अपने मंत्रालय के कामकाज की जगह जिला पंचायत अध्यक्ष बनबाने के लिए लाल बत्ती वाली सरकारी गाडियो में जनता की गाढ़ी कमाई का पेट्रोल भर कर प्रदेश भर में वोट जुगाड़ते घूमते नजर आयेंगे|
टोकन मणि लेने को तैयार नहीं
फरुखाबाद में भी सत्तारूढ़ दल के सभी विधायक और मंत्री अनंत कुमार मिश्र भी अपनी पार्टी के प्रत्याशी तहसीन के लिए लालटेन में तेल डाल कर वोट का जुगाड़ कर रहे है| कहीं बिरादरी का वास्ता तो कहीं मलाईदार आफर| कोई अपने पास तीन सदस्य बता रहा तो कोई चार| ये तो वक़्त ही बताएगा जब जादूई मतपेटी खुलेगी, तब ही पता चलेगा किसके पास कितने वोट थे| जहाँ तक जेएनआई के सूत्रों के हवाले से खबर है तो फिलहाल फर्रुखाबाद में आफर तो 25 लाख से खुला था मगर अभी तक इस रकम की बानगी किसी ने नहीं ली है| जाहिर है सदस्य मुह पर ताला लगाये हर किसी को वोट देने की हामी भर रहे है|
पैसे के साथ मुद्दा भी चलेगा यहाँ
चौकाने वाली बात ये बिलकुल भी नहीं है कि फर्रुखाबाद में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव हिन्दू मुस्लिम में विभाजित होता भी दिख रहा है| बहुजन समाज पार्टी ने कमालगंज के बसपा विधायक ताहिर हुसैन सिद्दकी के भाई तहसीन सिद्दकी को चुनाव मैदान में उतारा है| पंचायत चुनाव के पहले चरण में कमालगंज में जमकर हुई हिंसा के बाद कई सदस्य दबी जुबान से दबंगई से डरे हुए भी नजर आते है| अध्यक्ष सीधा साधा व् इमानदार हो या दबंग ये मामला भी चुनाव में अहम् मुद्दा नजर आ रहा है|
शिक्षाविद से नेतागिरी की ओर
उधर जिले में शिक्षा कारोबार में सबसे बड़ी हैसियत रखने वाले बाबू सिंह यादव ने अपने परिवार की बहु एवं डॉ अनार सिंह की पत्नी डॉ अनीता यादव को मैदान में उतारने का एलान किया है तो तीसरे प्रत्याशी के तौर पर सपा विधायक नरेन्द्र सिंह के परिवार की महिला चुनाव मैदान में उतरेंगी| डॉ अनीता के लिए वोट का जुगाड़ करने में जिला पंचायत के माहिर खिलाडी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुकेश राजपूत एडी चोटी का जोर लगाये है| वैसे मुकाबले के अंतिम दौर में सीधी टक्कर में तहसीन और डॉ अनीता ही नजर आने वाली है|

मंत्री सलमान के नाम पर ठगी के शिकार ARTO अब खुद फसेंगे घूंस देने में

फर्रुखाबाद: सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी आरसी अतरौलिया से उनकी पुत्री का सांसद कोटे से एडमीशन करवाने के नाम पर पत्रकार ने २० हजार रुपये ठग लिए| अब कांग्रेसी मंत्री के नाम पर रिश्वत देने वाले अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करायेंगें|

ARTO कार्यालय में जबर्दस्त रिश्वतखोरी के लिए बदनाम ARTO आरसी अतरौलिया अब बुरी तरह फंस गए हैं| अब उनको न तो उगलते बन रहा है न ही निगलते ही| रुपये ठग जाने के बाद ARTO ने केंद्रीय राज्य मंत्री सलमान खुर्शीद के प्रतिनिधि पूर्ण प्रकाश शुक्ला उर्फ़ पुन्नी को अपने ही कार्यालय में जानकारी दी कि पत्रकार गंगाधर द्विवेदी ने उनसे यह कहकर २० हजार रुपये लिए हैं कि वह अपने खास मित्र मंत्री सलमान खुर्शीद से कहकर मेरी बेटी का सांसद कोटे से एडमीशन करा देंगें|

रिश्वतखोरी के मामले में मंत्री सलमान खुर्शीद का नाम आने पर मंत्री प्रतिनिधि पुन्नी शुक्ला व राहत अली खां भड़क गए| उन्होंने ARTO पर दवाव डाला कि वह मंत्री के नाम पर रिश्वत लेकर बदनामी करने वाले पत्रकार गंगाधर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराएं|

साप्तिहिक कलंक मुक्ति के पत्रकार गंगाधर द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने किसी भी मंत्री के नाम से किसी भी अधिकारी से २० हजार रुपये नहीं लिए हैं| पुन्नी शुक्ला से उनकी पुरानी नाराजगी है इसी लिए वह बदनाम करने के लिए ARTO पर रिपोर्ट दर्ज कराने का दवाव डाल रहे हैं| ARTO से मेरी फोन पर बात हुई है उन्होंने रुपये देने वाली बात नहीं की है|

मंत्री प्रतिनिधि पुन्नी शुक्ला ने बताया कि ARTO आरसी अतरौलिया ने अपने ही कार्यालय में बाबू सिंह गिल एवं पत्रकार अनिल तिवारी अनेकों लोगों के सामने मंत्री सलमान खुर्शीद के नाम पर रुपये ठगे जाने की जानकारी दी है| उन्होंने अधिवक्ता आदिल कामरान एडवोकेट से ARTO आरसी अतरौलिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर तैयार कर की है| शनिवार को दोपहर के समय कांग्रेसी नेता पुलिस अधीक्षक से भेंट कर ARTO के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करवाए जाने के सम्बन्ध में वार्ता करेंगें|

राजेन्द्र बाबू के लिए देशहित था सर्वोपरि

देश के संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बाबू राजेन्द्र प्रसाद के लिए देश हित से ऊपर कुछ भी नहीं था और लोकतंत्र की भावना में विश्वास करने वाले इस महान नेता ने देश की वित्तीय व्यवस्था, कानून और अन्य कर्इ मामलों पर भी गहन विचार-विमर्श किया था।

जुलार्इ 1946 में जब संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा का गठन हुआ तो राजेन्द्र बाबू उसके अध्यक्ष चुने गए। भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाने और उसे सबसे बड़ा लिखित संविधान देने में राजेन्द्र बाबू का योगदान अतुलनीय है। विश्व के सबसे बेहतरीन संविधानों की सबसे अच्छी बातों को अपने देश की आवश्यकताओं के मुताबिक ढाल कर उन्हें अपने देश के संविधान में शामिल कर राजेन्द्र बाबू और उनके साथ के लोगों ने हमारे लिए सुनहरे भविष्य के रास्ते खोल दिए।

संविधान निर्माण में राजेन्द्र बाबू की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी। वे न सिर्फ संविधान सभा के अध्यक्ष थे बल्कि इसके लिए बनायी गयी तथा वित्त, नियम और विधि एवं राष्ट्रीय ध्वज सहित अन्य समितियों के अध्यक्ष थे। राष्ट्रीय ध्वज, देश की वित्तीय व्यवस्था, कानून आदि राजेन्द्र बाबू की ही देन हैं।

देश में जब कांग्रेस एकमात्र राजनीतिक पार्टी थी तब राजेन्द्र बाबू ने सभी लोगों के साथ मिलकर हमेशा देश हित के लिए काम किया। जब भी संविधान सभा में किसी बात को लेकर बहस हुर्इ या फिर मतभेद हुआ तो उन्होंने उसे हमेशा लोकतांत्रिक तरीके से ही सुलझाया। जब भी कभी कोर्इ ऐसा मुद्दा आया जिसमें लोगों के विचार जानने की बात हुर्इ तो उन्होंने हमेशा सही सोचा और लोगों तथा देश हित की बात की।

संविधान सभा के बाहर भी बड़े नेता राजेन्द्र बाबू से मिला करते थे ताकि वे संविधान की गुत्थियों को सुलझा सकें। सभी लोग आपस में मिलकर उन बातों पर विचार करते थे जिन पर अंदर विचार करना मुश्किल होता या फिर जिनमें बहुत वक्त लगता था। जिस बात में मतभेद की आशंका होती थी या जिसमें फैसला करने में समय लग सकता था, ऐसे मसलों को राजेन्द्र बाबू सभा के बाहर सबसे बात करके आसानी से सुलझा लेते थे।

स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 को बिहार के सारन जिले के जीरादेर्इ नामक स्थान पर हुआ था। भार्इ-बहनों में सबसे छोटे राजेन्द्र बाबू को अपनी मां और बड़े भार्इ महादेव प्रसाद से बहुत ज्यादा लगाव था। अपने भार्इ के कारण ही वे स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए। राजेन्द्र बाबू के पिता महादेव सहाय अरबी और संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे और मां कमलेश्वरी देवी बेहद धार्मिक प्रवृति की महिला थीं। यही वजह थी कि राजेन्द्र बाबू हमेशा सभी धर्मों का सम्मान करते थे।

पांच साल की उम्र से ही राजेन्द्र बाबू को मौलवी के पास अरबी पढ़ने भेज दिया गया। बाद में उन्होंने हिन्दी और अंकगणित की पढ़ार्इ की। राजेन्द्र बाबू की शादी 12 साल की उम्र में ही राजवंशी देवी से हो गयी थी। पेशे से वकील राजेन्द्र बाबू ने पटना औार कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकालत भी की। फिर वह भगिनी निवेदिता की डाउन सोसायटी में शामिल हो गए। यहीं से स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भागीदारी शुरू हुर्इ। उसके बाद वह महात्मा गांधी के साथ चंपारण के नीलहा आंदोलन में शामिल हुए।

राजेन्द्र प्रसाद अक्टूबर 1934 में बंबर्इ सम्मेलन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए। 1939 में सुभाष चन्द्र बोस के पार्टी छोड़ने के बाद वे दोबारा इस पद के लिए चुने गए। 1950 में जब भारत गणतंत्र बना तो उन्हें स्वतंत्र भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया। इस पद पर 12 साल तक रहते हुए उन्होंने आगे आने वालों के लिए एक मिसाल कायम की और 1962 में इस पद से अवकाश लिया।

अपने अंतिम दिन राजेन्द्र बाबू ने पटना के सदाकत आश्रम में गुजारे जहां 28 फरवरी 1963 को उनका देहावसान हो गया।

सिगरेट के पैकटों पर चेतावनी को लेकर भ्रम

तंबाकू उत्पादों पर कैंसर की चेतावनी न छापने को लेकर सिगरेट बनाने वाली कंपनियों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है.

सिगरेट बनाने वाली कंपनियों ने कहा है कि वे सरकार के उस निर्देश से असमंजस में है जिसमें उसने सिगरेट पैकटों पर मुँह के कैंसर की चेतावनी की तस्वीर छापने को कहा है.

इन कंपनियों का कहना है कि तस्वीर को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है इसलिए उन्होंने सिगरेट का उत्पादन बंद कर दिया है.

दरअसल मई में स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन कंपनियों से कहा था कि वो पहली दिसंबर से बाज़ार में आने वाले अपने उत्पादों के पैकेटों पर मुंह के कैंसर होने की चेतावनी देने वाली तस्वीर को छापें.

इससे पहले ये कंपनियां चेतावनी के तौर पर अपने उत्पादों पर तंबाकू के सेवन से फेफड़ों पर पड़ने वाले प्रभाव की तस्वीर और एक बिच्छू का चित्र छापते थे.

इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना था कि ये काफ़ी नहीं है और इससे तंबाकू से होने वाले नुकसान का असर पूरा दिखाई नहीं देता है.

साथ ही आदेश में कहा गया था कि अगर पुरानी चेतावनी के साथ उत्पाद बाज़ार में आता है तो इसके लिए तंबाकू कंपनियों और विक्रेताओं को दंडित किया जाएगा.


कंपनियों की दलील

उधर कंपनियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वे चेतावनी के तौर पर कैसी तस्वीर को लगाए इसे लेकर भ्रम है.

भारत में तंबाकू के सेवन से हर साल दस लाख लोगों की मौत हो जाती है.

सिगरेट उत्पादन करने वाली दो कंपनियों आईटीसी और गॉडफ्रे फ़िलिप्स ने उत्पादन रोक दिया है.

इन कंपनियों का कहना है कि उन्होंने सिगरेट बनाने वाली अपनी इकाई को बंद कर दिया है क्योंकि अभी तक सिगरेट के डब्बों पर चेतावनी देने के लिए किस तरह की तस्वीर छपेगी ये स्पष्ट नहीं है.

इन कंपनियों को तंबाकू के पदार्थों सिगरेट,तंबाकू और गुटका के पैकटों पर ये नई चेतावनी एक दिसंबर से छापने को कहा गया था.

वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन कंपनियों की इस दलील को ख़ारिज करते हुए कहा है कि चेतावनी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तस्वीर पर कोई भ्रम नहीं है. सरकार ने इन कंपनियों से इसे तुरंत लागू करने का आदेश दिया है. इससे पहले भी ये कंपनिया सरकार की दी गई मियाद का उंल्लघन कर चुकी हैं.

भारत में तंबाकू के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए सरकार ने कई कड़े नियम लागू किए हैं. जिन देशों ने तंबाकू के प्रचार के लिए दिए गए विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाया है उनमें से भारत भी एक है.

तंबाकू पदार्थों को अवयस्क लोगों को बेचने पर भी पाबंदी है और वो दंडनीय अपराध भी है.

वहीं भारत में कोई सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान भी नहीं कर सकता है. ये नियम पिछले दो साल से लागू हैं. लेकिन ये भी एक सच्चाई है कि इन नियमों को सख़्ती से लागू भी नहीं किया जा सका हैं.

सिटी मजिस्ट्रेट के छापे से दुकानदार भागे

फर्रुखाबाद: नगर मजिस्ट्रेट हरिशंकर ने आज अपरान्ह नमूना भरवाने के लिए फर्रुखाबाद के बाजार में छापा मारा| अनेकों दुकानदार इस भय से दुकाने बंद कर खिसक गए कि उनकी दुकान से घटिया खाद्य सामिग्री का नमूना न भर जाए|

नगर मजिस्ट्रेट की टीम ने घुमना बाजार में गोपाल बाबू पुरवार व संजय गुप्ता की दुकानों से सावुत हल्दी, किराना बाजार में अमित वर्मा की दुकान पर स्वीटी सुपारी तथा लालगेट में अमित गुप्ता स्पेलर पर छापा मारकर सरसों तेल के नमूने भरे| इस दौरान नगर पालिका के अवर अभियंता राम सक्सेना मौजूद रहे|

नगर मजिस्ट्रेट जब तक बाजार में रहे तब तक घटिया सामिग्री बेंचने वाले दुकानदार भयभीत रहे| अनेकों दुकानदारों ने घटिया सामान को छिपा दिया|