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सीने में दर्द: कार्डियोलॉजी पहुंचा मुन्ना बजरंगी

फर्रुखाबाद: पूर्वांचल के माफिया मुन्ना बजरंगी को आज दोपहर फतेहगढ़ जेल से कार्डियोलॉजी अस्पताल कानपुर के लिए रिफर किया गया| भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी से अस्पताल का माहौल भयपूर्ण हो गया। सीने में दर्द की शिकायत पर बाहुबली अपराधी को यहां लाया गया था। जांच के बाद चिकित्सकों ने हृदयघात की आशंका खारिज कर दिया। डाक्टरों ने दर्द का कारण ब्लड प्रेशर का हाई होना बताया|

भाजपा विधायक कृष्णानंद राय का हत्यारोपी प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी को इस समय फतेहगढ़ जेल में रखा गया है। उसने रविवार को सीने में दर्द की शिकायत की थी जिसके बाद वहां जांच के बाद उसे कार्डियोलॉजी के लिए रेफर किया गया था। यहां उसकी ईसीजी, ईकोकार्डियोग्राम, एक्सरे के बाद ब्लड प्रेशर की जांच की गई। ब्लड प्रेशर अधिक होने पर चिकित्सकों ने एक घंटे बाद फिर से जांच की तो पता चला कि मुन्ना बजरंगी का ब्लड प्रेशर अधिक था। स्वाप आई की जांच में भी हार्ट अटैक की संभावना समाप्त होने पर चिकित्सकों ने उसे ब्लड प्रेशर की दवा लिख वापस कर दिया।

मौके पर कई थानों की फोर्स तैनात

मुन्ना बजरंगी के कार्डियोलॉजी में आने पर किसी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए जिले के कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात दिखी। तैनात फोर्स अस्पताल में आने जाने वालों से लेकर मिलने वालों पर भी नजर जमाये हुई थी।

चुनाव लड़ने की तैयारी

माफिया मुन्ना बजरंगी भी जरायम की दुनिया को पीछे छोड़ विधानसभा व संसद पहुंचने की हसरत मन में पाले हुए है। प्रतिद्वंदी माफिया बृजेश सिंह के चुनाव तैयारी के बारे में पूछने पर कोई जवाब नहीं देने वाले मुन्ना बजरंगी ने पहले तो राजनीति के बारे में चुप रहना मुनासिब समझा लेकिन बाद में उसने बताया कि वह जौनपुर के मड़ियाहूं से निर्दलीय चुनाव लड़ना चाहता है।

बसपा में शामिल होने की बात तो दबे मन से स्वीकार किया लेकिन इस बारे में जवाब बेहद संयत था। राजाभैया व मुख्तार अंसारी के मामले में बसपा के रवैये को जहां ठीक बताया वहीं साफ तौर पर प्रदेश सरकार के खिलाफ कुछ भी नहीं बोला। इसके साथ ही उसने भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में हाथ होने से भी इनकार किया।

मुन्ना ने कहा जेल तो जेल है

जेल में परेशानी के बारे में पूछने पर मुन्ना बजरंगी ने इनकार किया। लेकिन साथ ही उसने यह भी कहा कि भैया जेल तो जेल ही होता है।

कुएं में गिरने से नशेड़ी की मौत

फर्रुखाबाद: नशेड़ी ग्रामीण वीरे नथ की कुएं में गिर जाने से मौत हो गई|

वीरेनथ थाना कमालगंज के ग्राम उगरापुर रिश्तेदारी में रहता था| सूचना मिलने पर फायर बिग्रेड कर्मचारी शव को निकालने के लिए देर रात मौके पर पहुँच गए|

कमालगंज थानाध्यक्ष आरके सक्सेना ने बताया कि कस्बा नवावगंज निवासी वीरेनथ अपने बेटे के साथ ग्राम उगरापुर रिश्तेदारी में रहता था| वह खेती को बटाई पर लेकर अपना गुजारा करता था| सायं करीब ७ बजे वह शराब के नशे में गहरे कुएं में गिरकर मर गया|

मुख्यमंत्री का 1 फरवरी से जिलों का आकस्मिक दौरा

लखनऊ|| मुख्यमंत्री मायावती आगामी पहली फरवरी से जिलों का आकस्मिक निरीक्षण करने निकलेंगी। इस दौरान वह जिलों में अम्बेडकर ग्रामों का भ्रमण करेंगी और वहां कराये गए विकास कार्यों का देखेंगी। थानों की दशा का भी जायजा लेंगी।

जिले की विकास योजनाओं को तय समय पर पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दे दिये गये हैं। यह भी कहा गया है कि यदि कहीं भी कमी मिली तो संबंधित अधिकारी दंडित होंगे।

यहां तिलक हाल में हुई समीक्षा बैठक में जिलों से आये प्रशासनिक एवं पुलिस अफसरों को कैबिनेट सचिव, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव सूचना ने यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सबसे पहले किस जिले का दौरा करेंगी, यह अभी तय नहीं है।

जिले के अधिकारियों को कहा गया है कि अम्बेडकर ग्रामों में सीसी रोड बनाने, जल निकासी का प्रबंध करने और सोलर लाइटों की स्थापना का कार्य विशेष ध्यान देकर किया जाये, यदि किसी भी अम्बेडकर ग्राम में निर्माण कार्य गुणवत्ता का नहीं पाया गया, तो कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

पुलिस अधिकारियों को भी कहा गया कि वह अपराध की हर घटना को गम्भीरता से ले और दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करें। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने गत 27 नवम्बर को कहा था कि उनके दौरे के दौरान यदि विकास कार्यक्रमों एवं कानून व्यवस्था की स्थिति में कमियां मिली, तो अधिकारी की चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि अंकित कर उसका गैर महत्वपूर्ण पद पर तबादला किया जायेगा।

कांग्रेसी नेता की बहू की साँसे थमी

फर्रुखाबाद: नगर के मोहल्ला नुनहाई निवासी कांग्रेसी नेता मुकुल मिश्रा की ३० वर्षीय पुत्र वधु स्नेहा उर्फ़ पिंकी बीती रात संदिग्ध परिस्थितियों में आग से बुरी तरह झुलस गई थी| आशीष ने पिंकी को गंभीर अवस्था में रात २:४० बजे लोहिया अस्पताल पहुंचाया| हालत गंभीर होने के कारण स्नेहा को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई|

स्नेहा के पति आलोक की आवास विकास में राशन की दुकान है| सूत्रों के अनुसार स्नेहा ने घरेलू कलह के कारण मिट्टी के तेल से आग लगाई जिससे वह ८०% तक झुलस गई थी|

नायाव तहसीलदार अनिल कुमार तिवारी ने उसके बयान लिए| स्नेहा ने बयान दिया कि वह लकड़ी जलाकर ताप रही थी लकड़ी पर मिट्टी का तेल डालने पर निकली लौ से कपड़ों में आग लग गई|

स्नेहा का ३ वर्ष पूर्व विवाह हुआ था उसका डेढ़ वर्ष का एक पुत्र है|

होमगार्ड राज्यमंत्री ने सेन्ट्रल जेल में छापा मारा

फर्रुखाबाद: सूबे के होमगार्ड एवं पीआरडी राज्यमंत्री हरिओम उपाध्याय ने आज सायं केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ में अचानक छापा मारकर जांच-पड़ताल की|

उरई से अचानक आये राज्यमंत्री सायं करीब ६ बजे सेन्ट्रल जेल पहुंचे| व्यापक जांच-पड़ताल करने के करीब आधा घंटे बाद जेल से बाहर निकले| वह मीडिया को देखकर चकित रह गए| पूंछे जाने पर बताया कि वह इतिहास के छात्र है, जेल में शोध करने आये थे|

मंत्री श्री उपाध्याय ने पीडब्लूडी डाक बंगले में जल-पान किया| इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे आने का कारण पूंछा तो उन्होंने बताया कि जेल को ISO का दर्जा प्राप्त हो गया| उन्होंने बताया कि जेल में दरी, निवाड़, टेंट, एवं जूट की बेहतर मेट बनाने का कार्य किया जा रहा है| कच्चे माल की कमी के बावजूद भी आकर्षक ढंग की कालीने बनाई जा रही हैं| श्री यादुवेंद्र शुक्ला ने बताया कि जेल को फरवरी २०१० में ही ISO का दर्जा प्राप्त हो गया था|

श्री उपाध्याय ने यहाँ के मीडिया कर्मियों की काफी संख्या होने पर आश्चर्य व्यक्त किया| वार्ता के दौरान होमगार्ड कमांडेंट राजकिशोर व क्षेत्राधिकारी नगर डीके सिसोदिया मौजूद रहे| तहसीलदार सदर मोहम्मद इस्लाम लेखपालों के साथ मंत्री जी की आवभगत के लिए डाक बंगले पहुंचे| जलपान करने के बाद मंत्री के चले जाने पर वह काफी खुश हुए|

मालूम हो कि सूबे में एकमात्र लखनऊ की जेल अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी है| इसी जेल को ISO २००१ का प्रमाण पत्र मिला है|

अतिक्रमण को लेकर कोतवाली में ही भिड़ गए नेता, व्यापारी

फर्रुखाबाद: पुलिस प्रशासन ने नगर में अतिक्रमण व जाम की समस्या को लेकर कोतवाली फर्रुखाबाद में व्यापारियों के साथ बैठक की लेकिन अहंकार को लेकर नेता व व्यापारी आपस में ही भिड़ गए| बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला|

अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्र व सीओ सिटी डीके सिसोदिया ने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं| संचालन करने वाले ख्याति प्राप्त कवि डॉ शिवओम अम्बर ने यातायात पुलिस प्रभारी दिलेश कुमार के कार्यों का बखान करते हुए यातायात में सहयोग करने के सम्बन्ध में व्यापक जानकारी दी|

संचालक ने समस्याओं के लिए ५ लोगों के नाम तय कर उन्हें बुलाया| अंजुम दुबे ने यातायात समस्या के लिए सिकुड़ती सड़कों को जिम्मेदार ठहराया| दिलदार हुसैन ने कहा कि सड़क तो रात में दिखाई पड़ती है| उन्होंने व्यापारियों को दुकान के अन्दर ही व्यापार करने की सलाह दी|

डॉ मनमोहन गोश्वामी ने सलाह दी कि हम आजादी का दुरपयोग न करके कायदे से वाहन चलायें| फुटपाथी दुकानदारों को यातायात में बाधक बताते हुए कहा कि अब तो रविवार के दिन भी मुख्य बाजार से निकलना मुश्किल हो गया है| बीच में ही कुक्कू चौहान ने टैम्पो को लालगेट तक ही चलाये जाने की सलाह दी|

गरज कर ठंडा गये चौधरी

व्यापारी नेता इस्लाम चौधरी ने अपने दिल की भड़ास निकाली और अंत में अपने कठोर शब्दों के लिए क्षमा भी माँगी| उन्होंने अतिक्रमण के लिए पुलिस को ही दोषी ठहराया और आरोप लगाया कि पुलिस की अबैध बसूली के कारण टैम्पो एक ही स्थान पर खड़े होते हैं जिससे जाम लगता है|

श्री चौधरी ने ठोस कार्यवाही करने की सलाह देते हुए कहा कि वह पुलिस की चापलूसी व वाहवाही करने नहीं आये हैं| उन्होंने लाल सराय टंकी स्थल पर टैक्सी स्टैंड बनाने तथा फुटपाथी दुकानदारों के लिए जगह उपलब्ध कराने का सुझाव दिया|

डॉ रामबाबू पाठक ने रिक्शे में घंटी व छतरी लगवाये जाने की सलाह दी| बाबी ने कहा कि यदि पुलिस टैम्पो को लालगेट में रुकवा दे तो वह व्यापारियों का सड़क पर अतिक्रमण नहीं होने देंगें| इसी बात को सुनकर कांग्रेसी एवं व्यापारी नेता पुन्नी शुक्ला भड़क गए| उनके साथ ही दिलदार हुसैन ने भी टैम्पो रोके जाने का विरोध किया|

बिना बुलाये ही बोले व्यापारी, नेता

कुक्कू ने पुन्नी को विरोध न करने के लिए मनाने का काफी प्रयास किया लेकिन पुन्नी टैम्पो चालकों की रोजी-रोटी व यातायात की परेशानी बताकर अपनी जिद पर अड़े रहे| अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ ने कहा कि वह बीते ४० वर्षों से यही समस्या देखते चले आ रहे हैं| काफी कड़ी कार्रवाई के बाद समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है| इस असाध्य रोग को दूर करने के लिए व्यापारियों को अपने स्वार्थ न्योछावर करने पड़ेंगें|

उन्होंने व्यापारियों को नाली के आगे अतिक्रमण न करने की सलाह देते हुए अधिकारियों से आज ही इस समस्या का समाधान करने को कहा| चौक बाजार के व्यापारी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की बसूली के कारण टैम्पो के एक ही स्थान पर खड़े होने से जाम लगता है|

बेनतीजा रही बैठक

एसपी श्री मिश्र ने कहा कि टैम्पो चालकों व व्यापारियों की बैठक करके समस्या का समाधान किया जाएगा| उन्होंने लूट-पाट की घटनाएं रोकने के लिए रिक्शा चालकों का सत्यापन कराने को कहा| बैठक में इंस्पेक्टर क्रष्ण कुमार के अलावा अनेकों व्यापारी मौजूद रहे|

बांदा रेप केसः चौथे आरोपी ने किया सरेंडर

बांदा|| उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में चर्चित शीलू रेप केस में बीएसपी के निलम्बित विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के साथ आरोपी बनाए गए फरार चौथे अभियुक्त रावण गर्ग ने आज एक स्थानीय कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि शीलू रेप कांड में सह अभियुक्त रावण गर्ग ने आज मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी तृप्ता चौधरी की कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया जहां से उसे 14 दिन की जुडिशल कस्टडी में भेज दिया गया।

इस मामले में बीएसपी के निलम्बित विधायक द्विवेदी और उसके दो आरोपी साथियों राजेन्द्र शुक्ला और सुरेन्द्र नेता को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मामले की जांच कर रही सीबीसीआईडी की शुरुआती रिपोर्ट में द्विवेदी समेत इन चारों लोगों को आरोपी माना गया था जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिये गए थे।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक शीलू के साथ गत 10 से 12 दिसम्बर के बीच विधायक के घर पर बलात्कार किया गया था। बाद में उसे चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बहरहाल, जांच में शीलू पर लगे चोरी के आरोपों को गलत पाया गया और 15 जनवरी को इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद उसे रिहा कर दिया गया था।

प्रोटोकाल ने छीनी लालबत्ती, नेता जी साइकिल रिक्शा पर

लखनऊ|| मुख्यमंत्री मायावती और कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरियों ने राज्य से आने वाले केंद्र के मंत्रियों को साईकिल पर चलने के लिए मजबूर कर दिया.उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार और केंद्र की कांग्रेस सरकार में बढ़ रही राजनीतिक तल्ख़ी के फलस्वरूप अब केंद्र सरकार के मंत्रियों को प्रोटोकोल या शिष्टाचार सुविधाओं से वंचित होकर लालबत्ती वाली अम्बेस्डर कार की बजाए साइकिल रिक्शा पर चलना पड़ रहा है. क्योंकि प्रदेश की मायावती सरकार ने प्रोटोकॉल नियमावली बदल डाली है.

कांग्रेस पार्टी के लोग बीते दिन उस समय अचम्भे में पड गए जब , झांसी से लोक सभा सदस्य और केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन साइकिल रिक्शे पर बैठकर पार्टी कार्यालय पहुंचे.प्रदीप जैन ने साइकिल रिक्शे की सवारी पर्यावरण संरक्षण या पेट्रोल बचाने के लिए नही , बल्कि मजबूरी में की, क्योंकि राज्य सरकार ने उन्हें पहले की तरह राज्य अतिथि का दर्जा नही दिया.

प्रोटोकॉल के तहत राज्य अतिथि का दर्जा मिलने पर सरकारी कार के अलावा राज्य अतिथि गृह में कमरा और भोजन बिना भुगतान मिलता है.वी वी आई पी गेस्ट हाउस में प्रदीप जैन को कमरा देते समय मैनेजर ने यह भी कहा कि कमरे का किराया और भोजन का बिल भी उन्हें अपनी जेब से चुकाना पडेगा.इसी तरह पेट्रोलियम राज्य मंत्री जितिन प्रसाद को भी राज्य अतिथि दर्जा न मिलने से सरकारी गाड़ी उन्हें लेने एयरपोर्ट नहीं गई.

ये दोनों मंत्री मुख्यमंत्री मायावती और उनकी सरकार के कामकाज की आलोचना करते रहे हैं. समझा जाता है कि इसी कारण उन्हें राज्य अतिथि का दर्जा नही मिला.लेकिन इसकी शुरुआत राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग के अध्यक्ष और बाराबंकी से लोक सभा सदस्य पी एल पुनिया से हुई. पुनिया रिटायर्ड आई ए एस अफसर हैं और मायावती के प्रमुख रह चुके हैं.

लेकिन ताज कोरिडोर भ्रष्टाचार मामले में उन्होंने सी बी आई जांच में मायावती के ख़िलाफ़ बयान दिया और इसलिए उनसे खटपट हो गई थी.पिछले लोक सभा चुनाव में पुनिया कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने थे. केंद्र सरकार ने हाल ही में उन्हें राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग का अध्यक्ष बना दिया.केंद्र सरकार ने पुनिया को कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दे दिया.

लेकिन माया सरकार ने उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा देने से मना कर दिया.माया सरकार ने इसी 12 जनवरी को पचास साल पुराना प्रोटोकॉल नियम बदल कर केंद्र के कई पदाधिकारियों को राज्य अतिथि का दर्जा उनके सामान्य अधिकार के बजाए अपने विवेकाधीन कर लिया है.केन्द्रीय कोयला राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने पत्रकारों से बातचीत में माया सरकार के इस निर्णय को अनुचित और ग़लत परम्परा बताया.प्रदेश कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने गवर्नर बी एल जोशी से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन दिया हैं और माया सरकार की कार्यवाही को असंवैधानिक बताया है.

बेसिक शिक्षा: मुख्यालय पर ही बुरा हाल

फर्रुखाबाद: अगर उत्तर प्रदेश के नगरिको से पूछा जाये कि प्रदेश में सबसे बढ़िया सरकारी नौकरी कौन सी है जिसमे सबसे ज्यादा हरामखोरी हो सकती है तो 10 में से 8 का जबाब होगा बेसिक शिक्षा परिषद् के शिक्षक की नौकरी| स्कूल जाओ या न जाओ, जाओ भी तो पढ़ाओ या न पढ़ाओ कोई पूछने वाला नहीं|

स्कूल की पुताई में सफ़ेद सीमेंट की जगह चूना लगाओ और मिड डे मील, बजीफा और मुफ्त किताब और ड्रेस सबमे बच्चो का हिस्सा खा जाओ, इसे भी कोई पूछने वाला नहीं| ये तो एक बानगी है मगर शर्म है कि इन्हें आती नहीं और अधिकारी अपनी जेबे गरम करने के आलावा बच्चो की सुध लेते नहीं इसीलिए शायद उत्तर प्रदेश देश में पिछड़ेपन में पहला स्थान पाने वाला है क्यूंकि बिहार तरक्की कर रहा है|

समय दोपहर ११ बजे जूनियर पिथुपुर मेहेंदिया में 4 की जगह दो शिक्षक पहुचे और धूप सेक कर स्कूल बंद कर चले गए| बच्चे मैदान में खेलते रहे|

मुख्खालय से चंद किमी की दूरी पर स्थित धन्सुआ ग्रामसभा के तीन स्कूलों प्राइमरी जूनियर और कन्या प्राइमरी में स्कूल चूने से पुत गए और मिड डे मील का आलम ये कि पंचायत चुनाव के बाद से चूल्हा नहीं जला|

सत्र समाप्ति की ओर है और बच्चो के बस्ते में किताबे अभी भी अधूरी ही पहुची हैं| मास्टर साहब की डायरी का अता पता नहीं है| प्रधान मास्टरों की पोल खोल रहा है और मास्टर प्रधान की मगर जनता को दोनों ही चोर चोर मौसेरे भाई लगते है|

रेल से राजनीति चमकाते फर्रुखाबाद के नेता

दिसम्बर महीने के दूसरे सप्ताह से जनवरी की 25 तारीख तक फर्रुखाबाद में पिछले 10 साल से एक ही मुद्दे पर राजनीती होती है| कालिंदी एक्सप्रेस रेल को चालू करो| पहले व्यापार मंडल के पास ये ठेका था अब सामाजिक संगठन भी उतर आये है| पहले ज्ञापन फिर पुतला फूक कार्यक्रम और सड़क जाम से लेकर अनशन तक| इतना करते करते महीना बीत जाता है और रेल अपने समय से चलने लगती है| ऐसा नहीं कि आन्दोलन या धरने की वजह से चली हो ये रेलवे का कार्यर्कम होता है| केंद्र में मंत्री सलमान खुर्शीद को कोस कोस कर नेतागिरी चमकाने का बेहतरीन मौका इस साल भी लोग गवाना नहीं चाहते|

फर्रुखाबाद को दिल्ली तक जोड़ने वाली एक मात्र रेल सेवा कालिंदी एक्सप्रेस को कोहरे के कारण या फिर किसी मेला में अतिरिक्त सेवा की वजह से एक महीने के लिए बंद किया जाता है| इस ट्रेन के बंद होते ही फर्रुखाबाद नगर के नेताओ को एक महीने तक सुर्खियाँ बटोरने के लिए मुद्दा मिल जाता है| ज्ञापन, धरना, बाजार बंद, पुतला फूको आदि आदि तमाम तरीके से आन्दोलन होता है| कई बार तो रेल का ही पुतला फूका जाता रहा है| मीडिया में खबरे छपती है और मामला सुर्ख़ियों में आता है| कई साल पहले पुतला फूकते समय व्यापार माडल के नेताओ में आगे रहकर फोटो खिचाने को लेकर गली गलौच हो गया था एक युवा नेता का जूता एक कांग्रेसी सह व्यापारी नेता के जूते के ऊपर चढ़ गया था| ये कार्यक्रम चलते चलते एक महीना बीत जाता है और रेल टी समय से चलने लगती है|

कालिंदी पर ही नेतागिरी क्यूँ

सवाल इस बात का नहीं कि कालिंदी ट्रेन बंदी पर आन्दोलन होना चाहिए या नहीं? सवाल तो इस बात का है कि अन्य जनसमस्याओं को अनदेखा कर कालिंदी पर ही नेतागिरी क्यूँ| क्या नगर में बाकी सब ठीक है| क्या नगर में साफ़ पानी पीने को मिलता है? कई साल से नगरपालिका बिना क्लोरीन का पानी पिला रही है| सरकारी स्कूलों में नगर में भी बच्चो को समय से किताबे ड्रेस और मेनू के अनरूप मिड डे मील नहीं मिलता है| नगर के भीड़ भाड़ बाजार में लोग अपने वहां बेतरतीब खड़े कर जाम लगते है| चौराहे तिराहे पर पुलिस वाला वसूली कर टेम्पो चालको को मनमानी करने देता है| नगरपालिका कि बनायीं सड़के साल भर भी नहीं चलती| सफाई कर्मी सफाई नहीं कर रहा है| बरसात आते ही नगर तलब बन जाता है, जगह जगह जलभराव हो जाता है| अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से नहीं चल रही है| व्यापारी को हर दफ्तर में घूस देनी पड़ रही होगी| कोटेदार राशन सही नही बात रहा होगा| सरकारी दफ्तरों में प्रमाण पत्र बिना घूस के नहीं मिल रहे होंगे|

क्या ये मुद्दे नहीं हो सकते? आखिर इन पर नेतागिरी क्यूँ होती? क्यूँ नहीं पुतले फूके जाते? क्यूँ नहीं अभियान चलाये जाते?