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बीएड अवैध फीस मामले की गेंद शासन के पाले में, प्रबन्धक खुश हुए

फर्रंखाबाद, 12 फरवरी, फीस के नाम पर कालेजों द्वारा की जारही अवैध वसूली और अपर्याप्त शिक्षण सुविधाओं के विरोध में बीएड छात्रों द्वारा कलक्ट्रेट में किये गये प्रदर्शन और उसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर हुई मजिस्ट्रेटी जांच में छात्रों के आरोपों की पुष्टि से अब इन विद्यालयों की मान्यता पर तलवार लटकती नजर आ रही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी ने इस संबंध में शासन और विश्वविद्यालय को को पत्र लिख दिया है। दूसरी ओर प्रबंधक भी अब गेंद जिलाधिकारी के पाले से बाहर चले जाने से खुश नजर आ रहे हैं।

विदित है कि नगर के सिटी पब्लिक स्कूल और महाराजा हरिश्चंद्र महाविद्यालय के छात्रों ने इसी सप्ताह कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर अवैध वसूली के अतिरिक्त महाविद्यालयों में पर्याप्त शैक्षिक संसाधन उपलब्ध न होने की शिकायत की थी। डीएम मिनिस्ती एस. ने इस मामले में नगर मजिस्ट्रेट व उपर उप जिलाधिकारी सदर के माध्यम से जांच कराई थी। मजिस्ट्रेटी जांच में छात्रों की शिकायतों की पुष्टि हुई थी। सिटी पब्लिक स्कूल के प्रबंधक ने तो छात्रों से की गयी अवैध वसूली का पैसा वापस करने का आश्वासन दिया और कुछ छात्रों का पैसा वापस भी किया। महाराजा हरिश्चंद्र महाविद्यालय की ओर से तो बाकायदा अतिरिक्त फीस की रसीद काट कर ही छात्रों को उपलब्ध करादी गयी।

जांच अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी मिनिस्ती एस. ने शासन को पत्र लिख दिया है।अपर जिलाधिकारी सुशील चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि शासन और विश्वविद्यालय को वास्तविक वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। अवैध फीस वसूली और अपर्याप्त शिक्षण सुविधाओं के विषय में अग्रिम कार्रवाई अब ऊपर से ही की जायेगी।

मजे की बात है कि इन बीएड विद्यालयों के प्रबंधक अब गेंद एक सख्त जिलाधिकारी के पाले से निकल जाने से काफी खुश नजर आ रहे हैं। एक प्रबंधक ने तो नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ऊपर सबको स्थिति की जानकारी है। पूरे प्रदेश में व्यवस्था इसी तरह चल रही है।

मेजर अब कमल खिलाने को कीचड़ में उतरेंगें

फर्रुखाबाद:12 february|| भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री मेजर सुनील दत्त द्विवेदी अब कमल खिलाने को कीचड़ में उतरेंगे| राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी एवं प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही की सभा में उमड़ी अपार भीड़ तथा बड़े नेताओं का आशीर्वाद मिल जाने से श्री द्विवेदी अति उत्साहित हो गए हैं|

मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, जिलाध्यक्ष डॉ भूदेव राजपूत एवं नगर अध्यक्ष अशोक वर्मा सभासद ने संकल्प सभा की सफलता के लिए सभी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है|

श्री द्विवेदी ने अपने पिता स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी के नाम पर बाहरी जिलों से भी आने वाले उनके शुभ चिंतकों के प्रति भी आभार व्यक्त किया है| उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को पार्टी के कार्यक्रमों में इसी तरह बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए| अब हम सभी का प्रयास है कि मेहनत करके पार्टी को उसी शीर्ष स्थान पर पहुंचाएं जिसकी अपेक्षा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की है|

अपने पिता के कार्यों का गुणगान करते हुए श्री मेजर ने कहा कि श्री द्विवेदी आज ज़िंदा होते तो फर्रुखाबाद का नाम प्रदेश व देश में होता| उन्होंने कई बार फर्रुखाबाद को नोएडा बनाने की बात कही थी, अब मेरी जिम्मेदारी है कि पार्टी एवं श्री द्विवेदी के समर्पित साथियों के साथ कंधा मिलाकर उनके सपनों को साकार करेंगें| पार्टी को मजबूत करने के लिए घर-घर जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगें|

उन्होंने बीते दिनों मसाल जुलूस में शामिल होने वाले एवं ब्रह्मकृतिसयोंजन समिति के पदाधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया है| आज ब्रह्मदत्त द्विवेदी की याद में मनाये जाने वाले सदभावना दिवस पर गरीबों को कंबल व फल वितरण किये|

इस दौरान भाजपा नेता प्रवाल त्रिपाठी मौजूद रहे|

नीलू की लापरवाही लील रही मासूमों के मुंह का निवाला

फर्रुखाबाद, 11 फरवरी, सरकारी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिये केंद्र सरकार की ओर से लागू मध्याह्न भोजन योजना यहां विभागीय जिला समंवयक नीलू मिश्रा की लापरवाही की भेंट चढ़ गयी है। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के लाख सर पटकने के बावजूद वर्तमान में निलंबित चल रहे तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी रामसागर पति त्रिपाठी की कृपा के चलते उनपर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। प्राधिकरण के अपर निदेशक के दौरे में मिली अनियमितताओं के बाद जब श्री त्रिपाठी पर ही बन आयी तो उनको भी मजबूरन एक चिटठी सुश्री मिश्रा के विरुद्ध लिखनी पड़ी।

तमाम लापरवाही के बाबजूद कारवाही नहीं?

स्कूलों में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था को चलाने के लिये जनपद में एक जिला समंवयक का पद है। इस पर नीलू मिश्रा की नियुक्ति विगत कई वर्षों से है। चर्चा है कि एक मंत्री के पीए से रिश्तेदारी की धौंस के चलते नीलू मिश्रा से जनपद में बोलने वाला कोई नहीं है। उनके कागजी दौरों और फर्जी रिपोर्टिंग के चलते अकसर मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को भी जपनपद की सूचनायें समय से नहीं मिल पाती हैं। सुश्री मिश्रा की लापरवाही से आजिज मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के आला अधिकारी कई बार उनके विरुद्ध वेतन काटने आदि की भी कार्रवाई कर चुके हैं। परंतु जनपद स्तर पर उन चिटठियों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

प्राधिकरण के आदेशो को भी मजाक बनाया

हाल ही में मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के अपर निदेशक के दौरे में मिली अनियमिततओं के सम्बंध में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध ही कार्रवाई की नौबत आ गयी तो मजबूरन श्री त्रिपाठी ने उनके विरुद्ध भी एक चिटठी लिख डाली। जिसकी प्रति उन्होंने एहतियातन मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक के अतिरिक्त जिलाधिकारी तक को देना मुनासिब नहीं समझा। जबकि अपर निदेशक ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भी भेजी थी। बीएसए कार्यालय के सूत्र तो यहां तक दावा करते हैं कि इस 23 नवंबर की तारीख की चिटठी को काफी बाद में बैक डेट में तैयार किया गया, और केवल फाइल की जीनत बनाकर छोड़ दिया गया।

छात्रा को मार खुद को गोली से उड़ाया

लखनऊ|| लखनऊ में एक युवक ने एक छात्रा की गोली मारकर हत्या कर दी. घटना आज सुबह की है.

शहर के कृष्णानगर इलाके में आशीष वर्मा नाम के युवक ने एक छात्रा को गोली मार दी. सोलह वर्षीय छात्रा का नाम साक्षी है. उसकी मौके पर ही मौत हो गई. साक्षी शहर के न्यू पब्लिक इंटर कॉलेज की 11वीं कक्षा में पढ़ती थी.

लड़की को गोली मारने के बाद आशीष नाम के इस युवक ने खुद को भी गोली मार कर खुदकुशी कर ली. लड़के ने जब खुद को गोली मारी उसके बाद वहां मौजूद लोग उसे ट्रॉमा सेंटर ले गए जहां उसकी मौत हो गई.

कुछ लोगों ने इसे प्रेम प्रसंग का मामला बताया है. ख़बरों के मुताबिक दोस्ती की पेशकश को लेकर हुई तीखी बहस के बाद लड़के ने साक्षी को गोली मार दी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आशीष चाहता था कि साक्षी उसकी मोटरसाइकिल पर बैठे लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार करना तो दूर उसने आशीष को इसके लिये फटकार भी लगाई. आशीष अपने नाना के साथ आशियाना इलाके में रहता था. पुलिस मामले में छानबीन कर रही है.

गम पत्नी की वेवफाई का- कूद गए चलती ट्रेन के आगे

फर्रुखाबाद: सायं लखनऊ जाने वाली पैसेंजर ट्रेन से कूदकर राजकुमार शाक्य ने जान दे दी| राजकुमार क्रिश्चियन कालेज कव्रिस्तान के निकट ट्रेन से कूद गया| ट्रेन गार्ड ने उसके शव को नेकपुर गुमटी के केविन मैन जितेन्द्र राठौर को सौंप दिया|

राजकुमार के पास एक डायरी मिली जिसमे उसने जल्दबाजी में अपनी आत्महत्या के लिए पत्नी राजेश्वरी देवी व सत्यप्रकाश नामक व्यक्ति को दोषी ठहराया है| उसने डीएम व एसओ से इन लोगों को दण्डित किये जाने की फ़रियाद की है| पत्र में उसने ग्राम सातनपुर निवासी ससुर नेकराम और उनके पुत्र देशराज, नाती पप्पू, सर्वेश कुमार के नाम का उल्लेख किया है|

उल्लेख करते हुए कहा है कि ” पत्नी अपने भतीजे पप्पू के साथ मेरे घर का दरबाजा तोड़कर २० हजार रुपये आदि जेवरात निकाल लाई है| ”’ सत्यप्रकाश का पता भट्टा सतगुरू श्री गंगा नगर लिखा है|
ग्राम सातनपुर के मूल निवासी भाजपा नेता सुशील शाक्य ने बताया कि नेकराम को घटना की जानकारी दे दी है| उधर राजा का रामपुर मेई निवासी सुरेश शाक्य ने बताया कि राजकुमार के पिता का नाम प्यारेलाल है उसका पत्नी से विवाद चल रहा था| परिजनों को जानकारी दे दी गयी है|

पुलिस ने गूंगा व कामरेड सहित 6 को दबोचा

फर्रुखाबाद:11 February|| शहर कोतवाली पुलिस ने पथराव करके हंगामा करने के आरोप में गूंगा कामरेड सहित ६ लोगों को शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया|

कादरीगेट तिराहे पर सुबह पान की ठिलिया लगाने के विवाद में कामरेड मदनलाल वर्मा व बिजेंद्र कुशवाह के बीच मारपीट व पथराव हुआ| पथराव से मदनलाल की मारूती कार क्षतिग्रस्त हो गई| उसके तख्त को उलट दिया गया बिजेंद्र की पान की ठिलिया पलट दी गई| कादरीगेट चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार पाण्डेय, मदनलाल वर्मा उनके बेटे किशन तथा साले ग्रीश तथा दूसरे पक्ष के बिजेंद्र उनके भाई पारस तथा पुत्र सभी को पकड़ ले गए|

मदनलाल की दुकान के सामने बीते कई दशकों से बिजेंद्र का पान का खोखा रखा था| मदनलाल ने प्रयास करके खोखे को हटवा दिया और उसके सामने अपनी मारूती को खड़ा कर दिया| तब बिजेंद्र ने ठेली पर दुकान लगा ली| बीते दिन मदनलाल ने ठेली खड़े होने के स्थान पर गड्डा कर दिया था|

बिजेंद्र व उसकी माँ आज सुबह ठेली खड़ी करने के लिए गड्डे बंद करने लगे तभी उनके ऊपर मदनलाल ने विरोध करते हुए हमला कर दिया दोनों तरफ से पथराव हुआ| मदनलाल की छत से भी पत्थर चलाये गए| पत्थर लगने से टैम्पो में जाने वाला एक छात्र भी घायल हो गया|

पत्नी ने आग लगाई, सिपाही रोने लगा

फर्रुखाबाद:11 february|| घरेलू कलह के कारण बंदी रक्षक की पत्नी तूलिका ने मिट्टी का तेल डालकर शरीर में आग लगा ली| पत्नी को शत प्रतिशत जला देख सिपाही रोने लगा|

तूलिका जिला कारागार फतेहगढ़ की कालोनी में रहने वाले सिपाही अजय सिंह कुशवाह की २४ वर्षीय पत्नी है| उसकी तीन वर्ष का पुत्र बौआ को ही लेकर सुबह तूलिका से विवाद हुआ|

अजय प्रातः १० बजे जेल की ड्यूटी पर चला गया तभी उसकी पत्नी ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली| अजय ने पत्नी को तुरंत लोहिया अस्पताल पहुंचाया| ९५ प्रतिशत जलने से तूलिका की हालत गंभीर बनी हुयी है|

जब अजय घायल तूलिका को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचा तब वह पत्नी को देखकर रोते हुए बोला कि तुमने यह क्या कर लिया ? कानपुर देहात के पुखराया निवासी अजय सिंह का ४ वर्ष पूर्व विवाह हुआ था उसके एक ही पुत्र है|

कमालगंज :गुडा टैक्स वसूली में एक और एक्सीडेंट

कमालगंज, 11 फरवरी, तहबाजारी के नाम पर कमालगंज में हो रही अवैध वसूली के चलते शुक्रवार को एक और ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वसूली से बचने के लिये भाग रहा ट्रक विदद्युत पोल से इस बुरी तरह टकराया कि उसकी बाडी के परखच्चे उड़ गये। घबराया ड्राइवर केवल ट्रक की चेसिस लेकर ही भाग गया। टक्कर के कारण विद्युत पोल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टेलीफोन एक्सचेंज कमालगंज के मोहल्ला शांतिनगर की विद्युत आपूर्ति ठप हो गयी है। जिला पंचायत ने फिलहाल अवैध वसूली से पल्ला झाड़ लिया है। पुलिस अभी तक किसी शिकायत के प्राप्त न होने का राग अलाप रही है।

विदित है कि जिला पंचायत की ओर से कमालगंज के महरूपुर रावी में तहबाजारी ठेका उठाया गया है। नियमानुसा केवल रोडपटरी पर बैठकर बिक्री करने वाले खोमचे वालों से ही तहबाजारी वसूली जा सकती है। परंतु जिलापंचायत के ठेके को गंडई का लाइसेंस मानकर ठेकेदार सड़क से निकलने वाले हर वाहन से वसूली करते हैं। यदि चालक वाहन रोकने में आनाकानी करे तो डंडे और पत्थरबाजी तक की नौबत आ जाती है। शुक्रवार प्रातरः भी कुछ इसी प्रकार की घटना हुई। प्रकाश रोडलाइन अमरोहा का एक ट्रक सुबह वसूली के लिये रोके जाने के इशारे पर जब नहीं रुका तो उस पर पथराव कर दिया गया। घबराये चालक ने ट्रक को भगाने का प्रयास किया और एक विद्युत पोल से टकरा गया। टक्कर इतनी खतरनाक थी कि ट्रक के परखच्चे उड़ गये। ट्रक की बाडी चेसिस से अलग हो गयी और सामान सड़क पर विखर गया। घबराया ट्रक चालक केवल चेसिस ले कर ही भाग गया। ट्रक की टक्कर से क्षतिग्रस्त विद्युत पोल के कारण निकट ही स्थित टेलीफोन एक्सचेंज और शांतिनगर मोहल्ले की विद्युत आपूर्ति ठप्प हो गयी।

जिला पंचायत ने पल्ला झाड़ा

फर्रुखाबाद, अपर मुख्य अधिकारी जेके दीक्षित ने बताया कि विभागीय कर निरीक्षक राकेश सिंह को मौके पर जांच के लिये भेजा गया है। तहबाजारी ठेके में गुजरने वाले वाहनों से वसूली का कोई प्राविधान नहीं है। यदि इस प्रकार की शिकायत मिलती है तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी। फिलहाल पुलिस अभी तक कोई शिकायत प्राप्त न होने की बात कह कर घटना से अनभिज्ञता प्रकट कर रही है।
ठेकेदार कुलदीप शुक्ला के स्वयं को पार्टनर बताने वाले बजरंगी गुप्ता ने बताया कि अवैध वसूली की शिकायत गलत है। वहां पर तीव्र मोड़ होने के कारण ट्रक की टक्कर पोल से हो गयी थी। गुजरने वाले ट्रकों से वसूली नहीं की जाती है।


दो सप्ताह पूर्व भी हो चुकी है घटना

फर्रुखाबाद, अवैध वसूली से बचने के चक्कर में दो सप्ताह पूर्व 28 फरवरी को भी इसी स्थान एक आलू भरा ट्रक और भी पलट चुका है। उस घटना के बाद भी प्रशासन नहीं चेता और अवैध वसूली अभी भी जारी है। स्थानीय लोग इसमें पुलिस की भी मिलीभगत की बात कर रहे हैं।

छात्रो की मदद को प्रशासन पहल करे

फर्रुखाबाद: समाजसेवा का लबादा ओढ़े जिले के शिक्षा माफिया पैसे कमाने के लिए छात्रो का उत्पीडन करने से बाज नहीं आ रहे है| जिले में बीएड की शिक्षा देने वाले कॉलेज अपने छात्रो का मानसिक उत्पीडन कर वसूली अभियान जारी रखे है| कॉलेज प्रबन्धन अवैध वसूली वापिस तो कर रहा है मगर सभी छात्रो ने फीस वापिस नहीं ली है| भय के कारण नाम न छापने की शर्त पर कुछ छात्रो ने जेएनआई को बताया कि प्रबन्धन से सभी छात्रो ने जबरन वसूली गयी रकम वापिस नहीं ली है| केवल कुछ छात्र ही अवैध वसूली वापिस ले रहे है| इसके पीछे जो कारण बताया वो काफी चौकाने वाला है| प्रबन्धन ने छात्रो को प्रायोगिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा में नक़ल कराने और अच्छे नंबर से पास कराने का लालीपॉप देकर एक और मानसिक दबाब छात्रो पर बना लिया है| केवल दो शिक्षको के सहारे 300 छात्रो को मिली शिक्षा के कारण बच्चे पूरा कोर्स भी विधिवत नहीं कर पाए| ऐसे में कम नंबर से पास होने का डर बीएड छात्रो को डरा है| और इसी के चलते वो अपना मुह (ग्रुप) समूह में तो खोल गए मगर एक एक कर प्रबन्धन से निपट पाने में लाचार हो गए है|

बीएड कॉलेज प्रबन्धन मानसिक दबाब बनाने में कामयाब

छात्रो ने जेएनआई से गुहार लगायी है कि यदि प्रशासन अपनी तरफ से पहल कर विश्विद्यालय से बीएड महाविद्यालयों से प्रायोगिक और मुख्य परीक्षा केंद्र हटा ले और परीक्षा केंद्र दूसरे कॉलेज में लगा दे तो इस अवैध वसूली से काफी हद तक निजाद पाई जा सकती है| छात्रो को डर है यदि उन्होंने आवाज उठाई और परीक्षा केंद्र वहीँ बने रहे तो कॉलेज कुछ भी कर सकते है और उनका भविष्य चौपट हो सकता है| छात्रो का यह भी कहना है कि उन्हें ये अवैध फीस मानसिक दबाब के चलते देनी पड़ी थी और ये दबाब अभी भी कम नहीं हुआ है|

शिक्षिका को महंगा प़डा मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देना

औरैया||  उत्तर प्रदेश में एक शिक्षिका को मुख्यमंत्री मायावती को अपनी पारिवारिक समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र देना महंगा प़ड गया। शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री का सुरक्षा घेरा तो़डने और शिक्षण कार्य में रूचि न लेने के आरोप में उसकी सेवा समाप्त कर दी।

औरैया जिले के नौनिकपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनात प्रीति पांडे ने रविवार को स्कूल का निरीक्षण करने आई मुख्यमंत्री मायावती को कथित रूप से अचानक एक प्रार्थना पत्र थमा दिया था।

सूत्रों के मुताबिक शिक्षामित्र के इस तरीके पर मुख्यमंत्री काफी नाराज हुई थीं और उन्होंने प्रार्थनापत्र कैबिनेट सचिव को थमाते हुए उन्हें क़डी फटकार लगाई थी।

मुख्यमंत्री का काफिला स्कूल से जाने के एक दिन बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने शिक्षामित्र को क़डी फटकार लगाते हुए बाद में उसे नौकरी से निकालने का फरमान सुना दिया।
जिले के उपबुनियादी शिक्षा अधिकारी जगदीश श्रीवास्तव ने गुरूवार को संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री का सुरक्षा घेरा तो़डने और शिक्षण कार्य में रूचि न लेने के आरोप में प्रीति की सेवा समाप्त कर दी गई है। उन्होंने इस मामले पर आगे कुछ भी कहने से इंकार किया।

उधर, शिक्षामित्र प्रीति ने गुरूवार को संवाददाताओं से कहा कि पति और ससुराल वालों से अपनी ननद सुलक्षणा की सुरक्षा की गुहार लगाने के लिए वह मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देने गई थीं। उन्होंने आगे कहा, “”मेरी ननद ने कहा था कि अगर मैंने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र नहीं दिया तो वह खुदखुशी कर लेगी…मेरे सामने कोई रास्ता नहीं था…मुझे मुख्यमंत्री का सुरक्षा घेरा और प्रोटोकॉल के बारे में पता नहीं था।””