लखनऊ : उत्तर प्रदेश में गाड़ियों की छत पर लाल-नीली बत्ती लगा हूटर बजाने वाले रसूखदारों के विरुद्ध उच्च न्यायालय ने प्रान्त के अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए है। उच्च नयायालय की लखनऊ बेंच ने केंद्र सरकार के वकील को नोटिस जारी कर इन बत्तियों से संबंधित फ्लैग कोड कानून को आगामी 24 अप्रैल को बेंच के सामने पेश किए जाने का निर्देश दिया। जे एन आई ने फर्रुखाबाद ने मंत्री के आगमन पर अध दर्जन लालबत्तियो के काफिले की खबर को प्रमुखता से छापा था| उच्च न्यायालय ने लाल नीली बत्तियो के बेजा इस्तेमाल पर कड़ा रुख अख्तियार किया है|
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जज उमानाथ सिंह व वीके दीक्षित की बेंच ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया। याचिका में वाहनों में लाल-नीली बत्ती का अनधिकृत प्रयोग कर रसूख दिखाने वालों पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता जफरयाब जिलानी मौजूद रहे| कोर्ट ने जिलानी को अगली सुनवाई पर सम्बंधित जानकारी बेंच के सामने पेश करने को कहा| कोर्ट ने कहा कि अनधिकृत लाल-नीली बत्ती का प्रयोग करने वालों के विरुद्ध क्या कार्रवाई राज्य सरकार की तरफ से की जा सकती है। न्यायालय ने जिलानी से जानना चाहा कि प्रदेश सरकार के इसको रोकने के क्या नियम कानून है।
JNI की खबर का असर: वीआईपी लाइटों के बेजा इस्तेमाल पर कोर्ट ने सरकार से माँगा जबाब
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