फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) दीपावली पर आतिशबाजी की बिक्री और भंडारण के दौरान आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को स्थायी व अस्थायी आतिशबाजी विक्रेताओं और निर्माताओं के साथ बैठक कर अग्निशमन तथा विद्युत सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक अस्थायी आतिशबाजी क्लस्टर में अधिकतम 50 दुकानें होंगी और हर क्लस्टर के लिए कम से कम दो फायर टेंडर उपलब्ध रखने होंगे।डीएम ने कहा कि आतिशबाजी की दुकानों और क्लस्टरों की संख्या उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों के आकलन के बाद ही निर्धारित की जाए। केवल पिछले वर्षों की व्यवस्था के आधार पर दुकानों को अनुमति न दी जाए। यदि संसाधनों की तुलना में दुकानों की संख्या अधिक हो तो क्लस्टरों और दुकानों की संख्या सीमित की जाए। दुकानों के लिए स्थल तय करते समय आबादी, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, विद्यालयों, बाजारों, रेलवे लाइन, हाईटेंशन विद्युत लाइनों और कारखानों से सुरक्षित दूरी के मानकों का ध्यान रखा जाए।उन्होंने निर्देश दिए कि आतिशबाजी की दुकानें केवल निर्धारित और स्वीकृत स्थलों पर ही लगाई जाएं। दुकानों के निर्माण में ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल न हो और उनके बीच निर्धारित दूरी रखी जाए। आमने-सामने दुकानें लगाने, रास्तों पर अस्थायी शेड या मंच बनाकर आवागमन बाधित करने तथा दुकानों के भीतर अनावश्यक भीड़ एकत्र करने पर रोक रहे। प्रत्येक क्लस्टर का निर्धारित नक्शा तैयार कर उसी के अनुसार दुकानों का आवंटन किया जाए।विद्युत सुरक्षा पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि दुकानों में खुले तार, लटकते तार और असुरक्षित विद्युत संयोजन नहीं होने चाहिए। अस्थायी दुकानों के संचालन से पहले विद्युत सुरक्षा विभाग के सक्षम अधिकारियों से निरीक्षण कराकर आवश्यक प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए। सुरक्षा मानकों और जरूरी प्रमाणपत्रों के बिना विद्युत संयोजन चालू न किया जाए, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने की आशंका को रोका जा सके।डीएम ने प्रत्येक विक्रय स्थल पर अग्निशमन यंत्र, रेत और पानी से भरी बाल्टियां सहित आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। दुकानदारों और कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी देने तथा आपातकालीन रास्ते खुले रखने को कहा गया, ताकि घटना होने पर राहत एवं अग्निशमन दल तत्काल पहुंच सकें।उन्होंने लाइसेंस की शर्तों का सत्यापन करने और निर्धारित स्थान से अलग आतिशबाजी का निर्माण, भंडारण या बिक्री करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश भी दिए। प्रतिबंधित आतिशबाजी की बिक्री पर रोक लगाने के साथ अधिकृत ग्रीन पटाखों को बढ़ावा देने तथा ध्वनि और समय संबंधी प्रतिबंधों का पालन कराने को कहा।जिलाधिकारी ने अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम से दुकानों व क्लस्टरों का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीपावली पर लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आतिशबाजी विक्रेताओं से सुरक्षित एवं दुर्घटनामुक्त दीपावली मनाने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार, क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुभाष कुमार, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार रहे।
आतिशबाजी के हर क्लस्टर में दो फायर टेंडर अनिवार्य
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