फर्रुखाबाद:(राजेपुर संवाददाता) बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगरानी तेज कर दी है। इटावा-बरेली हाईवे पर थाना राजेपुर क्षेत्र के गांधी गांव के पास सड़क किनारे करीब एक दर्जन पशु बंधे होने की सूचना पर पुलिस और राजस्व टीम
मौके पर पहुंची। लेखपाल श्रवण यादव, एसआई आशुतोष कुमार और हेड कांस्टेबल विनय कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और सड़क किनारे बंधे पशुओं को तत्काल हटवाया।अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पशुओं को मोहम्मदपुर गढ़िया के
निकट बनाए गए सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि हाईवे पर आवागमन के दौरान किसी हादसे की आशंका न रहे।इसी क्रम में उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने लेखपाल पवन कुमार के साथ चित्रकूट डिप पर बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को बाढ़ के पानी में न जाने और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर रहने की सलाह दी। एसडीएम ने कहा कि
गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने की स्थिति में ग्रामीण रामनिवास महाविद्यालय स्थित बाढ़ संरक्षण केंद्र में पहुंचें। यहां प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।इसके बाद उपजिलाधिकारी श्वेता साहू और तहसीलदार शशांक सिंह बदनपुर गांव के किनारे पहुंचे और ग्रामीणों से बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और बाढ़ के पानी से दूर रहने के निर्देश दिए।एसडीएम ने लेखपालों को राहत सामग्री वितरण के दिए निर्देशबाढ़ प्रभावित गांवों में राहत कार्यों को तेज करने के लिए उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने लेखपालों को जल्द राहत सामग्री वितरित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लेखपाल बाढ़ प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर राहत सामग्री पहुंचाएं, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर आवश्यक सहायता मिल सके।एसडीएम ने लेखपालों से गांवों में बाढ़ की स्थिति और प्रभावित परिवारों की जानकारी जुटाने को कहा। साथ ही राहत सामग्री वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाना है।उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने बताया कि अमृतपुर तहसील क्षेत्र में कुल 14 बाढ़ संरक्षण केंद्र बनाए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से प्रशासन का सहयोग करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की अपील की।
बाढ़ के बीच प्रशासन अलर्ट, पशु हटवाए, एसडीएम ने किया प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
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