गंगा का जलस्तर बढ़ने से राजेपुर क्षेत्र के 20 गांव बाढ़ की चपेट में, फसलें जलमग्न

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फर्रुखाबाद:(राजेपुर संवाददाता) गंगा नदी का जलस्तर लगातार तीसरे दिन बढ़ने से राजेपुर ब्लॉक के करीब 20 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। गांवों में पानी घुसने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जबकि खेतों में खड़ी मक्का, बाजरा और तिल की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ का पानी तीसराम की मड़ैया, ईमानपुर, सोमवंशी, गोटिया पश्चिमी, गोटिया पूर्वी, सबलपुर, आशा की मड़ैया, भूड़िया, भेड़ा, इमादपुर, सोमवंशी बलिपट्टी समेत कई गांवों तक पहुंच गया है। तटवर्ती इलाकों में पानी घरों तक पहुंचने लगा है, जिससे ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैंबाढ़ के तेज बहाव के कारण करीब आधा दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तीसराम की मड़ैया का संपर्क मार्ग टूट जाने से ग्रामीण खेतों के रास्ते पानी के बीच से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था नहीं की गई है और न ही राजस्व विभाग की टीम ने गांवों का दौरा किया है। बाढ़ का पानी खेतों में भर जाने से किसानों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है। फसलों के नुकसान के साथ-साथ पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नावों की तत्काल व्यवस्था कराने और स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर दवाओं का वितरण कराने की मांग की है। ग्रामीण अवधेश सिंह, शिवराज, जगतपाल और मुन्नालाल ने बताया कि लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण गांवों में पानी भरता जा रहा है। खेतों में खड़ी फसलें डूब चुकी हैं और पशुओं के चारे का संकट गहराता जा रहा है। उधर, गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर में भी पानी भर गया है। फार्मासिस्ट प्रभाकर ने स्वास्थ्य केंद्र से दवाओं को बैलगाड़ी के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गांव में ही अस्थायी स्वास्थ्य शिविर लगाने की तैयारी की जा रही है।

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