अवैध क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग की सख्ती, तीन कथित फर्जी डॉक्टरों के विरुद्ध मुकदमा

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फर्रुखाबाद:(राजेपुर संवाददाता) जनपद में बिना अनुमति चिकित्सा सेवाएं संचालित करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में राजेपुर क्षेत्र के तीन कथित झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध राजेपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। विभाग का आरोप है कि संबंधित लोग आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता और वैध पंजीकरण के बिना मरीजों का उपचार कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 20 जून 2026 को विभिन्न क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। टीम ने संबंधित संचालकों को तीन दिन के भीतर अपनी शैक्षणिक योग्यता, पंजीकरण प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी कोई संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके बाद उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अनाचारी उन्मूलन अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. आर.सी. माथुर ने राजेपुर पुलिस को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा। पत्र के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इन पर हुई कार्रवाई दुर्गेश कुमार, संचालक – वैष्णो पॉली क्लीनिक, राजेपुर तिराहा। राजेश यादव, संचालक – नीलकंठ पैथोलॉजी/बीएसएसडी पॉली क्लीनिक, राजेपुर। गुड्डू यादव, अलीगढ़ चौराहा, राजेपुर क्षेत्र। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन क्लीनिकों का स्वास्थ्य विभाग में कोई वैध पंजीकरण नहीं मिला। ऐसे में बिना अधिकृत चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करना कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। तीनों आरोपितों के खिलाफ नेशनल मेडिकल कमीशन अधिनियम-2019 एवं अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना राजेपुर थाना पुलिस द्वारा की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि जनपद में अवैध चिकित्सा व्यवसाय पर अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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