फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) संभावित बाढ़ आपदा की स्थिति में प्रशासनिक तैयारियों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की क्षमता को परखने के उद्देश्य से गुरुवार को जनपद में राज्य स्तरीय मेगा बाढ़ मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस अभ्यास में तीनों तहसीलों के चिन्हित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न आपदा परिदृश्यों का सफल प्रदर्शन किया गया।सुबह नौ बजे शुरू हुई मॉक ड्रिल का समापन शाम साढ़े चार बजे हुआ। इस दौरान राहत एवं बचाव कार्यों, चिकित्सा सहायता, राहत शिविर संचालन तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं का अभ्यास कराया गया।तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम पंखियां की मड़ैया, मजरा कटरी धरमपुर में बाढ़ चौकी, राहत शिविर और फील्ड हॉस्पिटल स्थापित कर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा राहत सामग्री वितरण की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। वहीं तहसील अमृतपुर में नाव पलटने की काल्पनिक घटना का दृश्य तैयार कर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। बचाव दलों ने लोगों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने का अभ्यास किया। इस दौरान आपदा प्रतिक्रिया टीमों ने आधुनिक उपकरणों एवं संसाधनों के उपयोग का भी प्रदर्शन किया।तहसील कायमगंज के ग्राम गुटैटी दक्षिण में बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों में ठहराने, खाद्य सामग्री वितरण और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की कार्यवाही का सफल अभ्यास किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वित कार्य प्रणाली का प्रदर्शन भी किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान संबंधित उपजिलाधिकारियों ने नोडल अधिकारी एवं इंसिडेंट कमांडर के रूप में जिम्मेदारी संभालते हुए संपूर्ण गतिविधियों का संचालन किया। उनके निर्देशन में सभी विभागों ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कार्य करते हुए अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया। अभ्यास में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सेना, पुलिस, फ्लड पीएसी, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एम्बुलेंस सेवाएं, होमगार्ड, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग, आपदा मित्र, अग्नि सचेतक और ग्राम स्तरीय आपदा प्रबंधन समितियों सहित विभिन्न एजेंसियों ने सक्रिय सहभागिता की। जिला प्रशासन के अनुसार मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान उपलब्ध संसाधनों की प्रभावशीलता, विभागीय समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और राहत एवं बचाव तंत्र की तैयारियों का आकलन करना था। अभ्यास के दौरान आपात संचार व्यवस्था, सुरक्षित पुनर्वास, पेयजल एवं खाद्य सामग्री प्रबंधन सहित आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं का परीक्षण किया गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मॉक ड्रिल को सफल बताते हुए इसमें शामिल सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और आपदा मित्रों के योगदान की सराहना की। प्रशासन ने भविष्य में भी आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।
बाढ़ आपदा से निपटने को राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल
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