आदमखोर कुत्तों का कहर:एंटी रेबीज ना मिलने से मासूम प्रिया ने दम तोड़ा

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फर्रुखाबाद:(जहानगंज) जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर तब सबाल खड़े होते है जब एक मासूम को मौके पर दवा ना मिले और वह दवा के आभाव में उसकी मौत हो जाये| एक माँ-बाप से उसकी बेटी हमेशा के लिये मौत ने छीन ली| अब योगी सरकार की व्यवस्था पर तो सबाल उठना लाजमी है| अब जिले में किसी को ना कैंडिल जलाने की फुर्सत है ना प्रशासनिक व्यवस्था पर सबाल खड़े करने की| सबाल तब खड़े होते जब यह घटना किसी दूसरे देश में होती|
थाना क्षेत्र के ग्राम रतनपुर निवासी श्रीनिवास की 12 वर्षीय पुत्री प्रिया बीते 24 अप्रैल के दिन घर से खेतों की तरफ जा रही थी| उसे यह पता नही था की मौत उसको अपने आगोश में लेने के लिये पीछे-पीछे आ रही है| अचानक पीछे से आये कई आबारा कुत्तों ने उसको काट कर लहुलुहान कर दिया| घटना के बाद परिजन उसे मौत से बचाने के लिये पीएचसी ले गये जंहा एंटी रेबीज उसे नही मिले| इसके बाद वह सीएचसी कमालगंज में अपनी मासूम बच्ची को लेकर गये| लेकिन वहां भी उसे एंटी रेबीज नही लगाया गया|
निराश होकर वह लोहिया अस्पताल पंहुचे| उन्हें पूरा विश्वास था की उन्हें एंटी रेबीज मिल जायेगे और उनकी बेटी की जान बच जायेगी| लेकिन यंहा की भी बदहाल व्यवस्था के आगे उसके हाथ मायूसी ही लगी| प्रिया के गरीब माँ-बाप के पास इतने रूपये नही थे की वह निजी अस्पताल मे उसको एंटी रेबीज लगवा पायें| जिसके बाद उन्होंने उसका तंत्र-मंत्र के सहारे इलाज कराना शुरू किया लेकिन कोई फायदा होने की जगह हालत बिगडती चली गयी| जिसके बाद परिजन जादा हालत खराब होने पर उसे पुन शनिवार को लोहिया अस्पताल लेकर आये| जंहा उसे देखकर चिकित्सक ने इलाज करने से मना कर दिया| मासूम प्रिया की मौत तडप-तड़पकर मौत हो गयी|
बडा सबाल यह खड़ा होता है जो सरकार मेट्रो व स्मार्ट सिटी बनाने जैसी बात करती है और उसी प्रदेश में मात्र एक दवा के लिये मासूम की मौत हो जाना पूरी व्यवस्था की ही पोल खोलता है| प्रिया के गाँव के ही लगभग दर्जन भर अन्य लोगों को भी कुत्तों ने काट लिया है|
कमालगंज सीएचसी के वरिष्ठ फार्मासिस्ट प्रेम चन्द्र वर्मा ने बताया की बीते लगभग एक माह से उनकी सीएससी पर एंटी रेबीज नही है| मांग भेजी गयी है| लेकिन अभी उपलब्ध ही नही हुये है|
लोहिया अस्पताल के सीएमएस डॉ० बीबी पुष्कर ने जेएनआई को बताया जिस समय जिस दौरान प्रिया को लोहिया अस्पताल लाया गया था उस दौरान एंटी रेबीज लोहिया अस्पताल में नही थे| अब पर्याप्त मात्रा में है| सम्बन्धित मरीजों के लगातार लगाये जा रहे है|

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