6 दशक पुरानी सूरजमुखी कला को देख विदेशी महिलायें दंग

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FARRUKHABAD : विदेश से आये सैलानियों ने डा0 रामकृष्ण राजपूत के संग्रहालय में पहुंचकर जनपद व देश से जुड़ीं कई प्रमुख वस्तुओं को बारीकी से परखा। विदेशियों ने इस दौरान 60 दशक पुरानी सूरजमुखी कला को विशेष वरीयता देते हुए विशेष रुचि दिखायी।
ramkishan rajput- foregionerअमेरिका, इंग्लेंण्ड और आस्ट्रेलिया से आये विदेशी सैलानियों ने संग्रहालय पहुंचकर टैक्सटाइल डिजाइनें, ब्लाक पेंटिंग, ब्लाक मेकिंग और शिल्प प्रिंटिंग के इतिहास के विषय में जानकारी हासिल की। उन्होंने वूमैन ब्लाक (लड़कियों के छापे) के वृद्व शिल्पकार ओम कलक्टर का साक्षात्कार किया। संग्रहालय में सुरैया की साड़ी (सिने अभिनेत्रियों के विभिन्न अदाओं के चित्र), सन आफ फ्लावर (प्राकृतिक फूल पत्तियों की डिजाइनें), सूरजमुखी कला (ब्लाक पेंटिंग के द्वारा कारीगरों की कला) के विषय में भी बारीकी से जानकारी प्राप्त की। इस दौरान डा0 रामकृष्ण राजपूत के अलावा गौतमबुद्ध डिवलपमेंट सोसाइटी के सचिव हिमांशु शाक्य आदि मौजूद रहे।
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