माया के एक और अधिकारी ने किया भ्रष्‍टाचार का खुलासा

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लखनऊ। अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार उजागर करने का सिलसिला जारी है। आईपीएस अधिकारी के बाद एक अधिकारी ने प्रदेश के सरकारी तंत्र पर भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप लगाये हैं। फायर विभाग के डीआईजी डीके मिश्रा ने पिछले माह सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर किया था। यह मामला अभी पूरी तरह से शान्त भी नहीं पड़ा है कि उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में जिला उद्यान अधिकारी चन्द्र भूषण पाण्डेय ने गुरुवार को विभागीय धांधली का खुलासा किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में किसानों को बांटी जाने वाली सब्सिडी में बडे पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। प्रदेश के किसान बदहाल है, जहां उन्हें फसलों का उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं वहीं उनका कहना है कि पिछले चार साल में विभाग में करीब दो सौ करोड़ रुपये की लूट की गयी। उन्होंने इस घोटाले का मुख्य जिम्मेदार विभाग के मंत्री नरायण सिंह को बताया है। पाण्डेय ने कहा कि उनके संज्ञान में भ्रष्टाचार के मामलों को लाया गया लेकिन आरोपियों के खिलाफ् कोई कार्रवाई नहीं हुई बल्कि ईमानदार अधिकारियों का उत्पीडऩ किया जा रहा है।

पाण्डेय वर्ष 2001 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सम्मिलित राज्य/अधीनस्थ सेवा परीक्षा द्वारा चयनित श्री पाण्डेय 14 जुलाई 2005 से विभाग में सेवारत हैं, उन्होंने सुलतानपुर में जिला उद्यान अधिकारी के पद पर तैनाती के दौरान ही भ्रष्टाचार से परेशान होकर 19 अगस्त 2008 को राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उद्यान मंत्री और जिलाधिकारी को अपने पद से त्याग पत्र भेजा था जो अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। उन्होंने अपने त्यागपत्र स्वीकार किये जाने की भी सरकार से मांग की है। त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि विभाग में बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते अपने पद पर बने रहकर अपने कर्तव्यों को पूरा नहीं कर पा रहा हूं।