45 फ़ीसदी युवा मतदाताओ पर टिका है फर्रुखाबाद के प्रत्याशियों का भविष्य

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voteफर्रुखाबाद : दुआ करो सलामत रहे मेरी हिम्मत, यह इक चिराग कई आंधियों पे भारी है।’ कुछ इसी तरह का जोश इस बार मतदाताओं में नजर आ रहा है। जनपद के 7.16 लाख युवा मतदाता सियासत की नई इबारत लिखने को तैयार है। चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने को कोई कसर नहीं छोड़ी है। शहर के चार मतदान केंद्रों को तो माडल बूथ बनाकर लोकतंत्र का उत्सव मनाने की तैयारी की गयी है। इन्हे दुल्हन की तरह सजाया गया है| और बारातियो (वोटरो) के स्वागत को मतदान कर्मी पलक पलके बिछाए आपका इन्तजार कर रहे है|

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फर्रुखाबाद के चुनावी इतिहास में एक बार फिर से गुरुवार को सियासत की नई इबारत लिखी जायेगी। चुनाव में संसदीय क्षेत्र (अलीगंज विधानसभा क्षेत्र सहित) के 15.92 लाख मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। यूथ ब्रिगेड इस बार लोकतंत्र का उत्सव मनाने को बेताब है। 18 से 39 वर्ष की आयु के जनपद के 7.16 लाख युवाओं के अलावा समाज के दूसरे तबकों में भी मतदान के प्रति खासा उत्साह नजर आ रहा है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चलाये गये मतदाता जागरूकता अभियान का भी रंग दिख रहा है।

बूथ के 200 मीटर तक ले जा सकेंगे वाहन

मतदाता को बूथ के 200 मीटर तक अपने वाहन से पहुंचने की छूट दी गयी है। वृद्धों, महिलाओं व विकलांगों की सुविधा के लिए हर बूथ पर रैंप बनाये गये हैं। माडल बूथ के तौर पर चिह्नित शहर के चार मतदान केंद्रों पर तो प्रशासन ने लोकतंत्र के भाग्यविधाता के स्वागत के लिए पंडाल, कुर्सियां और संगीत के अलावा पहले सौ मतदाताओं को फूल मालाओं और वस्त्र भेंट करने की योजना है।

70 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग का लक्ष्य

अभी तक हुए लोकसभा चुनावों में सर्वाधिक 59.22 प्रतिशत मतदान 1984 के लोकसभा चुनाव में दर्ज किया गया था। 2009 के लोकसभा चुनाव में तो मात्र 46.78 प्रतिशत ही मतदान हुआ था। लेकिन इस बार डीएम पवन कुमार 70 प्रतिशत वोटिंग का लक्ष्य तय कर रखा है। इसे हासिल करने को आप अपना वोट डालने बूथ पर जरूर जाएं।

– मतदान का समय- सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक

– मतदान के दौरान वोटरों को बूथ से 200 मीटर तक अपने वाहन से पहुंचने की छूट

– मतदान से पूर्व सुबह छह से सवा छह बजे के बीच ईवीएम की जाच के लिए मॉक-वोटिंग

– बूथ पर मौजूद मतदान अभिकर्ताओं की मौजूदगी में हर प्रत्याशी को कम से कम तीन वोट डालकर रिजल्ट की जांच की जायेगी। ईवीएम से संतुष्ट होने के बाद इसे क्लियर कर दिया जायेगा। फिर रिजल्ट बटन दबाकर हर प्रत्याशी के शून्य मत बताने पर ईवीएम को मतदान के लिए ग्रीन पेपर से सील किया जायेगा। सील पर पोलिंग ऐजेंट और माइक्रो आब्जर्वर के भी हस्ताक्षर कराये जायेंगे।

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