हर बड़े गांव में होगा ‘बैंक’

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अब आपको बैंक में काम के लिए घर से ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं होगी। बैंकिंग सुविधाएं हर व्यक्ति की आसान पहुंच तक करने के लिए योजना तैयार की गई है। विशेषकर ग्रामीणों को पांच-सात किलोमीटर के दायरे में ही यह सुविधा उपलब्ध होगी।

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दो हजार से ज्यादा जनसंख्या वाले गांव में या तो बैंक होगा, नहीं तो एटीएम या एक नई व्यवस्था के तहत बैंक के बिजनेस कोरसपोंडेंट और बिजनेस फेसीलीटेटर के जरिए बैंकिंग कर सकने की सुविधा होगी। ऐसे गांवों को चिन्हित किए जाने की प्रक्रिया हरियाणा में भी शुरू कर दी गई है। अलग-अलग बैंकों को गांवों का एरिया बांटा जाएगा।

अब इन गांवों का छोटा दुकानदार, पनवाड़ी और एसडीटी चलाने वाला बैंक के बिजनेस कोरसपोंडेंट और बिजनेस फेसीलीटेटर के रूप में आपके पैसे जमा करेगा और तुरंत भुगतान भी कर देगा। इसके लिए एनजीओज को साथ लिया जाएगा।

रिजर्व बैंक की है कवायद

देश के हर व्यक्ति को किसी न किसी रूप से बैंक से जोड़े जाने की हिदायत केंद्र सरकार ने दी है। रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने इसे अमलीजामा पहनाते हुए बैंकों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी व्यवस्था की जाए कि बैंकिंग के लिए दूर कस्बे में जाने का झंझट और लाइन में लगने की परेशानी का सामना अब लोगों को नहीं करना पड़े। बैंक का सर्विस एरिया सिकुड़ कर छोटा हो जाएगा। जीरो बैलेंस खाते की सुविधा हर आम व्यक्ति को होगी।

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