पाकिस्तानी हुकूमत की दरिंदगी से दो मई को दम तोड़ने वाले सरबजीत की बड़ी बेटी स्वपनदीप को शुक्रवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने नायब तहसीलदार का नियुक्ति पत्र सौंपा। बीती तीन मई को सरबजीत का अंतिम संस्कार हुआ था और तीन जून को स्वप्नदीप की नौकरी को लेकर तरनतारन के एसडीएम ने दस्तावेज लिए थे।
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स्वप्नदीप ने बताया कि जब नियुक्ति पत्र देते समय मुख्यमंत्री ने मुझसे यह कहा कि ‘तेरे पापा की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। तुम एक शहीद की बहादुर बेटी हो, ईमानदारी व पूरी निष्ठा से काम करते रहना। मुझे बहुत खुशी है कि मैं अपने हाथों से नियुक्ति पत्र दे रहा हूं।’ यह सुनकर आंखों में आंसू आ गए और मन पापा की याद में रो पड़ा। मुझे लगा कि पापा कहीं आसपास हैं।
स्वप्नदीप ने बताया कि नियुक्ति पत्र मिलने के बारे में उन्हें ठीक से बताया नहीं गया था। इसी कारण वहां मां, बहन व अन्य रिश्तेदार नहीं थे। स्वप्नदीप अपना नियुक्ति पत्र लेने पति संजय के साथ ही गई थी।
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सरबजीत की बेटी बनी नायब तहसीलदार
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