फर्रुखाबाद: विधान सभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के गठबंधन के बाद दोनों ही पार्टी की करारी पराजय के बाद अब कांग्रेस अपने डीएम पर नगर निकाय और नगर पालिका के चुनाव लड़ने की तैयारी में है| इस बार कांग्रेस किसी भी प्रकार के गठबंधन के लिये तैयार नही है| वही कांग्रेस के कानपुर मंडल के प्रभारी व पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि कांग्रेस की हार केबल सपा से गठबंधन का नतीजा है| गठबंधन के पक्ष में अधिकतर कार्यकर्ता नही थे|
कांग्रेस के प्रदेश सचिव कौशलेन्द्र सिंह के आवास बढ़पुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में राय ने वर्तमान सरकार पर अपना आक्रोश व्यक्त किया| उन्होंने कहा कि तीन साल से केंद्र की बीजेपी सरकार ने जनता से केबल झूंठे वादे ही किये| जबसे प्रदेश में बीजेपी की योगी सरकार आयी है तब से कानून-व्यवस्था पटरी से उतर गयी है| जनता इसका जबाब देगी|
वही उन्होंने सपा- कांग्रेस गठबंधन पर सबाल खड़े किये| उन्होंने कहा कि सपा ने अपने पांच साल के शासन काल में जो कारनामे किये उसका खामियाजा कांग्रेस को चुनाव में भुगतना पड़ा | सपा से गठबंधन को लेकर पार्टी के अधिकतर कार्यकर्ता व पदाधिकारी राजी नही थे| वही राहुल गाँधी से उन्होंने खुद इस गठबंधन को लेकर आपत्ति जाहिर की थी| लेकिन उन्ही के साथ गठबंधन किया गया जिन्होंने मुझे 7 माह सेन्ट्रल जेल में रासुका में बंद किया| इस दौरान विधान सभा क्षेत्र में ना होने के कारण वह चुनाव हार गये|
अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पूरी दमदारी से निकाय चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारेगी| लुईस के पालिका अध्यक्ष के चुनाव लड़ने की बात पर उन्होंने कहा कि यदि वह आवेदन करेंगी तो पार्टी विचार करेगी| जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा, शुभम तिवारी आदि मौजूद रहे|
डॉ० दिनेश अग्निहोत्री के परिजनों को दी सांत्वना
बीते दिनों ह्रदयगति रुकने से कांग्रेस के जिलामहामंत्री डॉ० दिनेश अग्निहोत्री की मौत हो गयी थी| उनके परिजनों को सांत्वना देने के लिये पूर्व विधायक अजय राय पंहुचे| और उन्हें हर सम्भव मदद का भरोसा दिया| जिस समय अजय राय रासुका में सेन्ट्रल जेल में बंद थे तब डॉ० दिनेश अग्निहोत्री ने उनकी देखरेख पार्टी के एक बफादार सिपाही की तरह की थी |यह बात अजय राय ने स्वीकार की|
सपा से गठबंधन कांग्रेस को पड़ा भारी: अजय राय
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