सच्चर की सिफारिशें लागू होंगी या दिल्ली की सरकार गिरेगी- मुलायम

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mulayamलखनऊ : राजनीतिक गलियारों में इसे लोकसभा चुनाव की बिसात पर चली गई चाल कहा जा रहा है। शनिवार को लखनऊ में मुलायम सिंह यादव ने दो टूक शब्दों में एलान कर दिया कि केंद्र सरकार को सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करना होगा वर्ना वह सरकार गिरा देंगे। इस एलान के बाद सपा के धुर विरोधी भी यह आकलन कर रहे हैं कि देर-सबेर सच्चर समिति की सिफारिशों को मुद्दा बनाकर मुलायम सिंह यादव केंद्र सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा का दांव चल सकते हैं। उनका यह दांव इसलिए भी जरूरी होगा कि कांग्रेस भी ‘मुस्लिम एजेंडे’ के साथ लोकसभा के चुनाव में मैदान में होगी और ऐसे में मुलायम को उसकी काट के लिए कहीं ज्यादा आक्रामक और मुस्लिम हितैषी दिखना होगा।– सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव का दो टूक एलान

– दी सफाई, भाजपा से नहीं हो सकती नजदीकियां

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– जिनके खिलाफ चार्जशीट नहीं, वह मुसलमान जेल में नहीं रहेगा

– अब मोअल्लिम उर्दू शिक्षकों की भर्ती करेगी सरकार

शायद यही वजह रही कि समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के तत्वावधान में आयोजित अल्पसंख्यक जागरुकता सम्मेलन में सपा प्रमुख ने मुसलमानों को रिझाने की कोई कसर नहीं छोड़ी और इस बात को भी साफ कर दिया कि भाजपा से कभी उनकी नजदीकियां नहीं हो सकतीं। मुसलमानों के लिए किये गये संघर्षो को गिनाते हुए उन्होंने भरोसा दिया कि वह उनकेहक के लिए लड़ते रहेंगे। आतंकवाद के नाम पर गिरफ्तार मुसलमानों की रिहाई के मुद्दे पर मुलायम ने कहा कि जिनके खिलाफ चार्जशीट नहीं लगी है, वह मुसलमान अब जेल में नहीं रहेगा। मुसलमानों की शिक्षा से लेकर रोजगार के मसलों पर भी सम्मेलन को आश्वस्त किया और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को गिनाना भी नहीं भूले। लगे हाथ यह घोषणा भी की कि प्रदेश सरकार अब मोअल्लिम उर्दू शिक्षकों की भर्ती करेगी और इसके लिए उन्होंने मंच पर मौजूद मंत्रियों को आगाह किया कि वे लोग प्रस्ताव पास कराकर भर्ती शुरू करा दें।

भाजपा से बढ़ती नजदीकियों के बाबत लग रहे कयासों को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हमने तो लोकसभा में ही साफ कर दिया था कि मुसलमान, कश्मीर और अयोध्या को लेकर भाजपा को अपनी राय बदलनी होगी। इसे सभी लोगों ने खामोशी से सुना, लेकिन कुछ लोगों ने गलत राय बना ली। मुलायम ने कहा कि न तो भाजपा अपने इरादों से हट सकती है और न ही मैं हट सकता हूं। उन्होंने एक वाकया भी सुनाया, जब प्रधानमंत्री रहते हुए अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें भोज पर बुलाया था। तब भी उन्होंने उनके सामने इन्हीं तीन मुद्दों को रखा और उनके जवाब में अटल ने कहा कि अगर हम आपकी बात मान लें तो हमारे पास बचेगा क्या। उन्होंने मुसलमान, सिख और इसाई समेत सभी अल्पसंख्यकों को भरोसा दिया कि उनके सम्मान के लिए जो भी वायदे किये गये हैं, सब लागू होगा।

सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए राज्यमंत्री और समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष हाजी रियाज अहमद ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला और मुसलमानों को सजग किया कि कांग्रेस नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री का दावेदार बताकर डरा रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अहमद हसन ने दावा किया कि आतंकवाद के नाम पर पकड़े गये बेकसूर मुसलमान रिहा होंगे और मुसलमानों के हित के लिए मुलायम सिंह यादव द्वारा किये गये कार्यो को तफसील से सुनाया। सम्मेलन को लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई, राष्ट्रीय सचिव कमाल फारुखी, जियाउल इस्लाम, पूर्व मंत्री अशोक वाजपेयी, फादर ए एंथोनी, अनीस मंसूरी, मौलाना मसूद, सरदार सुरेन्द्र सिंह, सरदार निर्मल सिंह, अब्बास अली रुश्दी आदि ने सम्बोधित किया। इस सम्मेलन में मुलायम सिंह यादव को अल्पसंख्यक संगठनों ने सम्मानित किया। ललित कुमार की लिखी पुस्तक सैफई से संसद तक का लोकार्पण मुलायम सिंह यादव, हाजी रियाज और अहमद हसन ने किया।

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