FARRUKHABAD : कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के ग्राम राजा नगला निवासी अरुण श्रीवास्तव पुत्र विश्वनाथ श्रीवास्तव की शनिवार दोपहर बाद अचानक तबियत खराब होने पर लोहिया अस्पताल विभाग के कर्मचारी लेकर
पहुंचे जहां मौके पर मौजूद आपातकालीन चिकित्साधिकारी ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक अरुण श्रीवास्तव के पुत्र राजन श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पिता फतेहगढ़ स्थित सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) के कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात थे। इस पद पर उनकी प्रोन्नति बीते 15 दिन पहले ही हुई थी। इससे पहले वह कन्डेक्टर के पद पर कार्यरत थे।
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शनिवार को दोपहर बाद उनके परिजनों को विभाग के कर्मचारियों द्वारा सूचना मिली कि अरुण श्रीवास्तव की तबियत खराब है और उन्हें फतेहगढ़ स्थित एक प्राइवेट नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया। इस पर परिजन फतेहगढ़ स्थित नर्सिंगहोम पहुंचे। लेकिन अरुण श्रीवास्तव वहां नहीं मिले। जानकारी करने पर पता चला कि अरुण को लेकर उनके विभाग के कन्डेक्टर शाकिर हुसैन पुत्र लतीफ हुसैन उसे लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे। मौके पर मौजूद डाक्टर बीके दुबे ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक ने बताया कि प्रथम दृष्टया में मामला ह्रदय गति रुकने से मौत होने का लग रहा है। बाकी स्थिति पोस्टमार्टम में साफ होगी।
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मृतक लिपिक के चार पुत्र व एक पुत्री है। पुत्री का विवाह पहले ही कर दिया गया है। सूचना पर पहुंचीं उनकी पत्नी शशी, पुत्र अभिषेक, अंकुर, अमोल व पुत्री शालू का रो रो कर बुरा हाल है। मामले की सूचना पुलिस को दी गयी है।
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