संघ की शाखाओं से निकलते हैं पीएम : भागवत

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bhagwat_04_11_2014आगरा: राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि संघ की शाखाओं से प्रधानमंत्री बनते हैं। सरसंघचालक ने सुनहरे भविष्य की बुनियाद डालने के लिए युवाओं से हर दिन एक घंटा देश के लिए मांगा। उन्‍होंने सीधे कहा, संघ क्या काम करता है, यह जानने के लिए शाखाओं में जुड़िए।

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आगरा में चल रहे युवा संकल्प शिविर के समापन पर खुले सत्र के दौरान सोमवार को करीब 55 मिनट के संबोधन में भागवत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम को सराहा। उन्‍होंने मोदी के सबका साथ-सबका विकास मंत्र को भी बढ़ावा दिया। भागवत ने कहा‍ कि स्वयंसेवकों के बनने की प्रक्रिया का नाम आरएसएस है। दूसरों को उपदेश देने की जगह राष्ट्र निर्माण के लिए खुद जुटें।

सरसंघचालक ने कहा कि आपको रोजाना संघ की शाखा का सदस्‍य बनना होगा, तब आपको पता चलेगा कि हाफ पैंट पहनने वाला शाखा का एक सदस्‍य कैसे देश का प्रधानमंत्री बनता है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन्‍होंने कहा‍कि शाखा के एक घंटे ने देश को दो प्रधानमंत्री दिए हैं।

भागवत ने कहा कि लोगों के बीच यह भ्रम है कि संघ भारतीय जनता पार्टी को आदेश देता है। हम एक दूसरे के साथ मिलकर काम नहीं करते हैं। हमारे कार्यकर्ता भाजपा में हैं, जो यह संघ के एजेंडे पर विश्‍वास करते हैं। वे भाजपा पर इसे अपनाने का दबाव बनाते हैं। हम भाजपा को कई चीजों के बारे में सुझाव देते हैं, लेकिन यह पार्टी के ऊपर निर्भर करता है कि वह हमारे सुझावों को स्‍वीकार करती है या नहीं।

संघ प्रमुख ने अपने हिंदुत्‍व के दृष्‍िटकोण को दोहराते हुए कहा कि भारतीय और हिंदुत्‍व एक ही हैं। जो लोग इन दोनों बातों को अलग-अलग दृष्‍िटकोण से देखते हैं, वे हिंदुस्‍तान की खूबसूरती को नहीं समझते हैं। हम भारत को एक जमीन के टुकड़े के रूप में नहीं देखते हैं। जो भारतीय हैं वे भारत में रहते हैं।

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