फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) यह कोई जरूरी नहीं कि कोविड पॉजिटिव गर्भवती के शिशु को भी कोविड होगा। खासकर जब तक वह पेट में है। ज्यादा सुरक्षित है। हां, प्रसव के बाद प्रोटोकाल का पालन नहीं करने पर कोविड होने की पूरी आशंका रहती है। यह कहना हैडॉ राममनोहर लोहिया चिकित्सालय महिला में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ० नमिता दास का |
डॉ दास ने बताया कि कोविड संक्रमण आजकल बहुत तेजी बढ़ रहा है। यदि आप गर्भवती हैं और कोविड पॉजिटिव हैं या रह चुकी तो कोविड को लेकर कतई न घबराएं। कोविड जैसी संक्रामक बीमारी से बचने के लिए बस जागरूक, सचेत और सतर्क रहें। सदैव अपने चिकित्सक के संपर्क में रहें और उनके सुझाओं का पालन करें।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि गर्भवती माहिलाएं अनावश्यक अस्पताल में न आएं। कोशिश करें चिकित्सक से ऑनलाइन परामर्श लें। गर्भवती महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता अन्य के मुकाबले कम होती है। इसलिए गर्भवती महिलाएं अपने व बच्चे के भविष्य के लिए साफ-सफाई का खास ध्यान दें। कुछ भी छूने के बाद 40 सेकंड तक साबुन से हाथ धो लें और मास्क लगाए रखें। डॉ० दास ने बताया कि यदि मां कोविड पॉजिटिव है या रह चुकी है तब भी उसको स्तनपान कराना है। बस साफ-सफाई का ध्यान देते हुए मास्क लगाकर ही स्तनपान कराना है। यह भी ध्यान रखें कि बच्चे के ऊपर किसी प्रकार की छींक या खांसी की ड्रॉपलेट न जाए। हर जनपद में कोविड अस्पताल संचालित हैं। साथ ही सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देश है कि संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करें। कोविड पॉजिटिव महिलाओं को प्रसव के लिए कोविड अस्पताल ले जाने की व्यवस्था है। डॉ० मनोज शुक्ल, महाप्रबंधक, मातृत्व स्वास्थ्य, एनएचएम
क्या करें
• नियमित कोविड प्रोटोकाल अपनाएं
• आंगन या अकेले रोज धूप में बैठें
• बाजार का पका हुआ आहार न करें
• बाहर से आया समान सेनेटाइज करें
• बाहर के सामानों को 3 दिन बाद ही उपयोग में लाएं
• अतिआवश्यक स्थिति में ही घर से बाहर निकलें
क्या न करें
• नियमित जांच कराएं,संभव हो तो घर पर ही सेंपल दें
• नकारात्मक चर्चा में शामिल न हों
संक्रमित गर्भवती कोविड अस्पताल में ही कराएं प्रसव
[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]


