फर्रुखाबाद:(अमृतपुर) जनता के पैसे को खाक में किस तरह मिलाया जाता है| इसका एक नमूना यंहा देखने को मिला| जिला प्रशासन ने शवों के अंतिम संस्कार के लिए लाखों की लागत से बने शवदाह गृह का निर्माण तो करा दिया| लेकिन आज तक उस तक जाने का रास्ता आम जनता को नही मिला है| जिससे लाखों के वजट से बना शवदाह गृह खंडहर में तब्दील हो रहा है|
विकास खंड राजेपुर व तहसील अमृतपुर से लगे गाँव बलीपट्टी रानीगाँव में लाखों की लागत से शवदाह गृह निर्माण इस उद्देश्य से कराया गया था कि उससे क्षेत्रीय ग्रामीणों को शवों के अंतिम संस्कार के लिए समस्या का सामना नही करना होगा| शवदाह गृह के निकट ही शौचालय और कमरे भी बनाये गये है| लेकिन उनके दरबाजे भले लोग गायब कर ले गये|
दीवारों से छुट रहा सीमेंट गबाही दे रहा है कि निर्माण कार्य में मानक का स्तर कितना बेहतर रहा होगा| शव दहा के लिए लगे टीनशेड ऊपर से टूटने लगे है| लेकिन उन्हें कोई देखने वाला नही| मजे की बात यह है कि निर्माण को कई वर्ष गुजर जाने के बाद भी उसमे शव का अंतिम संस्कार शुरू नही हो सका| शवदाह गृह को जाने वाले रास्ते पर दबंगों का कब्जा है| शवदाह गृह को जाने वाले मार्ग पर दबंग खेती करते है|
प्रधान पति वीरेंद्र उर्फ़ कब्बू पाण्डेय ने बताया कि उसको जाने वाले रास्ते पर कुछ लोग कब्जा किये है| जिससे शवदाह गृह शुरू नही हो सका है| एसडीएम अमृतपुर विजेंद्र सिंह नें बताया कि शवदाह गृह को जाने वाले रास्ते को कब्जा मुक्त कराकर रास्ता चालू किया जायेगा|
शवदाह गृह चालू करने का नही निकल पा रहा रास्ता
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