विधानसभा सदन स्थगित हो गया और विधायक धरने पर बैठे रहे

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। दोनों सदनों में बिजली दरों में वृद्धि को लेकर जबरदस्त तकरार हुई। विधानसभा में विपक्षी दलों ने कार्यवाही नहीं चलने दी। सपा-कांग्रेस का धरना दिया जबकि बसपा और रालोद ने वाकआउट किया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के तेवर काफी तीखे नजर आए। हंगामे के चलते विधानसभा सोमवार तक स्थगित कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर सदन बाधित करने का आरोप लगाया और कहा कि सपा हंगामा कर अपने कार्यकाल के काले कारनामे छिपाना चाहती है, इसीलिए सदन में चर्चा से भाग रही हैं।

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दरअसल, सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा-कांग्रेस सदस्य हंगामा करने लगे और नारेबाजी करते हुए वेल में सदन के कूपे (वेल) में आ गए। यहां सदस्यों ने धरना शुरू कर दिया। देर तक धरना जारी रहा। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही स्थगित कर दी।। नेता विरोधी दल रामगोविंद बोले-बढ़ी विधुत दर वापस की जाएं तो वह चर्चा में शामिल होंगे। इसी मसले को लेकर बसपा और रालोद ने वाकआउट किया।
विधान परिषद में भी हंगामा
बिजली की बढ़ी दरें वापस लेने की मांग को लेकर सपा सदस्यों ने विधान परिषद में भी हंगामा किया। सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्य सभापति के सामने वेल में आ गए और हंगामा करने लगे। शोर-शराबे के बीच विधान परिषद में विधायी कार्य निपटाए गए। इसके बाद सदन सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। ल्लेखनीय है कि शीतकालीन सत्र 22 दिसंबर तक चलेगा। इसमें अनुपूरक बजट के अलावा यूपीकोका जैसे विधेयक भी पारित होंगे।

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