लोकतंत्र के नाम पर अमीर कर रहा गरीबों पर शासन

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फर्रुखाबाद: वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के वैनर तले एकत्रित हुए तकरीबन एक सैकड़ा लोगों ने तहसील परिसर पर बैठक कर संगठन की मांगों पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र के नाम पर वर्तमान में अमीर लोग गरीबों पर शासन कर रहे हैं। जाति, धर्म, क्षेत्र, भाषा, पार्टी और देश के नाम पर गरीबों को अलग अलग बांटकर उन्हें आदि काल से गुलाम बनाकर रखा जाता है। गरीबी और गुलामी के अंतर को अधिकांश लोग जानते तक नहीं।

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बैठक में मुद्दा उठाया गया कि कैश ट्रांसफर यानी नगद भुगतान की योजना यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गयी थी। किन्तु यह पूरी योजना संसद में 137 सांसदों द्वारा राजनीति सुधारक भरत गांधी की याचिका से तब चुराई गयी जब संगठन ने राहुलगांधी के अमेठी व सोनियागांधी के रायबरेली लोकसभा क्षेत्रों में सितम्बर 2009 से नवम्बर 2009 तक सभी वोटरों को वोटर पेंशन के रूप में नगद भुगतान करने हेतु आंदोलन किया था। जिसके परिणाम स्वरूप वहां के वोटरों ने अमेठी लोकसभा सीट की पाचों विधानसभा सीटों तथा रायबरेली लोकसभा सीट की तीन विधानसभा सीटों पर राहुल व सोनिया के प्रत्याशियों को हरा दिया।

भरतगांधी की याचिका में सभी वोटरों को वोटरशिप के नाम से आर्थिक अधिकार की संस्तुति की बात कही गयी है। याचिका के प्रस्ताव में नगद भुगतान योजना सिर्फ गरीबों को ही नहीं वल्कि सभी वोटरों को देश की साझा सम्पत्ति में से हिस्से के रूप में दिये जाने की बात कही गयी है। इस दौरान कहा गया कि इस योजना में सिर्फ चार लाख करोड़ रुपये से नहीं वल्कि देश की सकल घरेलू आमदनी से देश के सभी वोटरों को प्रति माह के हिसाब से नगद भुगतान न किया गया तो संगठन आंदोलन करेगा। इस दौरान सोवरन सिंह कुशवाह मण्डल अध्यक्ष औरैया, सादेश अली मसीह प्रदेश अध्यक्ष के अलावा लटूरी, राजीव, पण्डित, प्रमोद यादव, सोवरन सिंह आदि मौजूद रहे।

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