रामगोपाल यादव ने कहा योगी आदित्यनाथ को ‘डकैत’!

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ramgopal yogi aditayलखनऊ: उत्तर प्रदेश में दो दिन बाद होने जा रहे उपचुनाव की गर्मी में सियासी मर्यादाएं तार-तार हो रही हैं। समाजवादी पार्टी नेता रामगोपाल यादव ने आज प्रचार के आखिरी दिन बीजेपी नेता योगी आदित्यनाथ को डकैत की छवि वाला नेता करार दिया, उधर बीजेपी ने योगी के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज करने को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है।

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गुरुवार को लोकसभा उपचुनाव प्रचार के आखिरी दिन मैनपुरी पहुंचे प्रोफेसर रामगोपाल यादव से पूछा गया कि योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यूपी में उन्हें सभा की अनुमति नहीं मिल रही है, इस पर रामगोपाल ने कहा कि डकैतों को डकैती की अनुमति कैसे दे देंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या योगी आदित्यनाथ डकैत हैं तो उन्होंने कहा कि छवि तो ऐसी ही है।

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जिला प्रशासन की रोक के बावजूद लखनऊ के मुंशी पुलिया पर सभा की और यूपी सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि प्रशासन में हिम्मत है तो उन्हें गिरफ्तार करके दिखाए। यूपी में एक वर्ग विशेष को खुश करने की कोशिश हो रही है। अगर बीजेपी उपचुनाव जीतती है तो सपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी।

योगी आदित्यनाथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन के बेटे और लखनऊ पूर्वी क्षेत्र से बीजेपी के प्रत्याशी गोपाल टंडन के लिए वोट मांगने पहुंचे थे। प्रशासन ने रोक के बावजूद रैली करने के आरोप में योगी आदित्यनाथ और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई सहित इस सभा की सीडी में दिखने वाले तमाम लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्जा करा दिया है। लेकिन बीजेपी का आरोप है कि जिला प्रशासन सपा सरकार के इशारे पर काम कर रहा है।

उधर, कांग्रेस का भी आरोप है कि बीजेपी यूपी में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश कर रही है। पार्टी नेता मनीष तिवारी ने कहा कि जिस रास्ते पर बीजेपी चल रही है उसके दूरगामी परिणाम भुगतने पड़ेंगे। सरकार को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है कि अपनी सियासत से क्या वो भारत को एक दूसरे पाकिस्तान में तब्दील करने की कोशिश तो नहीं कर रही।

गौरतलब है कि यूपी में 13 सितंबर को एक लोकसभा और 11 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव है। बीएसपी उपचुनाव में भाग नहीं ले रही है। बीजेपी का इरादा बीएसपी के जनाधार को अपने साथ लाने और समाजवादी पार्टी से सीधी लड़ाई साबित करने का है। विपक्षी दलों का आरोप है कि वोटों की फसल काटने के लिए बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों मिलकर सूबे में तनाव बढ़ा रही हैं।

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