ये आदतें बनाती हैं आईआईटी-जेईई में टॉपर

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आईआईटी जेईई में मोहाली के बिजॉय सिंह कोछड़ ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। टॉप-100 में ट्राईसिटी के पांच स्टूडेंट्स ने जगह बनाई है। इनमें से तीन स्टूडेंट ऐसे हैं जो कोचिंग के लिए ही चंडीगढ़ आए थे।

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इनमें राजपुरा के अनंत गुप्ता, मलेरकोटला के विप्लव जैन और जोधपुर के परमदीप सिंह शामिल हैं। सेक्टर-38 के शिवम गर्ग ने 66 रैंक के साथ ट्राईसिटी में चौथा स्थान हासिल किया है। लड़कियों में सेक्टर-40 की समीक्षा खिल्लन ट्राईसिटी की टॉपर हैं। उनका रैंक 731 है।

रटो नहीं, कंसेप्ट क्लीयर करो

रैंक- 2, बिजॉय सिंह कोछड़

रैंक 7, अनंत गुप्ता

कभी मिस नहीं करता– 10 मिनट पूजा करना, रोज 1 घंटा बैडमिंटन या क्रिकेट खेलना।

हर सब्जेक्ट को एन्जॉय करो

मैं हर विषय को एन्जॉय करते हुए पढ़ता हूं। बस इसी आदत से आज टॉप 10 में जगह बनाई है। मैथ्स, फिजिक्स के प्रॉब्लम सॉल्व करने में मजा आता है।
पापा कहते हैं- पिता राजीव गुप्ता कहते हैं, रेगुलर स्टडी और बिना बर्डन के पढ़ना ही बेटे की सफलता का राज है।

रैंक 26, विप्लव जैन

रूटीन न तोड़ो

विप्लव केमिस्ट्री ओलंपियाड के लिए मुंबई गए हुए हैं। मां सुनैना कहती हैं- वह 5-6 घंटे ही पढ़ता है, लेकिन उसका यह रूटीन कभी टूटता नहीं। इसी आदत ने उसे टॉपर बनाया है।
मिस नहीं करता- टीवी देखना और गाने सुनना। एग्जाम के दिनों में भी पढ़ाई के साथ-साथ मनोरंजन के लिए कम से कम एक घंटा जरूर निकालता है।

रैंक 66, शिवम गर्ग

आइडियाज शेयर करो

शिवम कहते हैं, सीरियस होकर पढ़ना और आइडियाज शेयर करना ही मेरी सफलता का राज है। जब पढ़ता हूं तो ध्यान सिर्फ पढ़ने में ही रहता है। क्लास में रेगुलैरिटी, जो टीचर पढ़ा रहा है उसे ध्यान से समझना और डाउट क्लीयर करना कभी नहीं भूलता।

मिस नहीं करता- रोजाना कम से कम 1 घंटा सुबह की सैर। पढ़ते हुए कुछ न कुछ खाते रहना, न्यूज पेपर पढ़ना।

रैंक 102, सौरभ शर्मा

नो डिस्टर्बेस

सौरभ जब पढ़ने बैठते हैं, तो घर में एक नियम का पालन जरूर होता है- कोई उन्हें डिस्टर्ब नहीं करता। सौरभ कहते हैं- मेहनत और पूरे ध्यान से पढ़ो तो अच्छी रैंक हासिल करना मुश्किल नहीं। आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस करना चाहता हूं।

मिस नहीं करता- पेरेंट्स से गप्पे मारना, फुटबॉल खेलना, मूवी देखना, नॉवल पढ़ना

रैंक 731, समीक्षा खिल्लन

क्लास में ध्यान न भटके

समीक्ष कहती हैं, क्लास में टीचर जो पढ़ाए उसे ध्यान से पढ़ो, इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं। यही मेरी सफलता का मंत्र है। आईआईटी दिल्ली से कंप्यूटर साइंस करूंगी।
मिस नहीं करती- बैडमिंटन, गाने सुनना
पापा कहते हैं- पिता रमन खिल्लन कहते हैं, बेटी को कंप्यूटर्स में शुरू से इंट्रेस्ट है। अब उसका सपना पूरा होगा।
रोल मॉडल- पिता रमन खिल्लन
10वीं में सीजीपीए 10, सेंट एनीज स्कूल से

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