फर्रुखाबाद: नगर के मोहल्ला खड़ियाई में विगत 11 जून 1993 को दबंग पड़ोसी नीरज मिश्र दीवार फांदकर युवती सुनीता के घर जा घुसा। सुनीता ने शोर मचा दिया| शोर मचाने पर मोहले के लोग एकत्र हो गए। बदनामी के कलंक से आहात युवती सुनीता ने जान दे दी थी। पिता सुरेशचंद्र की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर नीरज के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
अदालत में सुनवाई के दौरान बहस सुनने के बाद दोषी पाये जाने पर अपर जिला जज हामिद उल्लाह ने अभियुक्त नीरज मिश्र को 7 साल कैद की सजा सुनायी। न्यायाधीश ने अभियुक्त पर 5 हजार रुपये जुर्माना लगाकर अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त कैद का आदेश दिया। नीरज मिश्र को आत्महत्या पर मजबूर करने के लियर धारा 306 के जुर्म में 7 वर्ष कैद व 3 हजार रुपये जुर्माना, छेड़छाड़ की धारा 354 के जुर्म में 1 वर्ष कैद व 1 हजार रुपये जुर्माना तथा घर में घुसने की धारा 452 के जुर्म में 2 वर्ष कैद व 1 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।
युवती को आत्महत्या पर मजबूर करने में 7 वर्ष कैद
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