यहां पहले पूजा फिर जलाया जाता है रावण

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कानपुर: आज पूरे देश में दशहरा मनाया जा रहा है। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरे वाले दिन वैसे तो रावण का पुतला दहन किया जाता है। लेकिन भारत में एक ऐसा शहर भी है जहां पहले रावण की पूजा होती और बाद में उसका दहन किया जाता है। यह अनूठा रिवाज उत्तरप्रदेश के कानपुर शहर में हर साल दशहरा वाले दिन देखने को मिलता है।

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शहर के शिवाला स्थिति इलाके में मौजूद दशानन मंदिर में हर साल दशहरा वाले दिन रावण की पूजा की जाती है। खास बात तो यह है कि इस मंदिर के पट साल में एक ही बार दशहरा वाले दिन कुछ ही देर के लिए खुलते हैं। पट खुलने पर मंदिर के पुजारी पूरी श्रृद्धा भक्ति से रावण की मूर्ति का श्रृंगार करते हैं। उसे नए वस्त्र और चंदन का लेप लगाते हैं। इसके बाद रावण की आरती गा कर उसकी पूजा की जाती है। रावण की पूजा जैसे ही समाप्त होती है पूरे शहर में रावण पुतला दहन किया जाता है। पुतला दहन के बाद मंदिर के पट फिर से एक साल के लिए बंद हो जाते हैं।

ऐसा क्यों किया जाता है इस सवाल पर मंदिर के संरक्षक केके तिवारी का कहना है कि रावण भगवान शिव का भक्त और विद्वान था इस लिए मारने के बाद तो श्री राम ने भी उससे माफी मांगी थी। रावण की पूजा करने का हमारा भी यही उद्देश्य होता है कि हम रावण से माफी मांग ले।

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