मौसम के बदलते मूड में सेहत पर रहें अलर्ट

0
166

मौसम का तेजी से बदलता मिजाज सेहत के लिए कई खतरे पैदा कर रहा है। पिछले कुछ दिनों से दिन में तेज धूप और गर्मी होती है तो सुबह-शाम माहौल में ठंडक बढ़ती जा रही है। जल्दी-जल्दी हो रहे इस बदलाव के हिसाब से शरीर का तापमान मेंटेन नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि इन दिनों अस्पतालों में वायरल, कॉमन फ्लू और ब्रोंकाइटिस के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है।

[adrotate banner="3"]

हर रोज तापमान में आ रहे उतार-चढ़ाव के चलते ऐसी बीमारियां बढ़ रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी अस्थमा, डायबीटीज, हाई बीपी अथवा दिल के मरीजों को हो रही है। मैक्स हेल्थ केयर के सीनियर एक्सपर्ट डॉ. विवेक कुमार कहते हैं कि ठंडक होने पर शरीर को गर्मी देने के लिए नसें सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड सर्क्युलेशन कम हो जाता है और पर्याप्त मात्रा में ऑक्सिजन नहीं मिल पाने के कारण हृदय को आम दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में, अगर तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव आता है तो शरीर एडजस्ट नहीं कर पाता है और दिक्कतें बढ़ जाती हैं।

समस्या से बचाव के लिए डायबिटिक और 60 से ऊपर की उम्र के लोग कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) जरूर कराएं। अगर टहलते समय घबराहट महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं। जो लोग खून पतला करने वाली या ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने वाली दवाएं लेते हैं वे इसे नियमित रूप से लें। जिन्हें पहले से एंजाइना या स्ट्रोक हो अथवा बाईपास सर्जरी हुई हो वे खास ध्यान रखें। स्मोकिंग बिल्कुल बंद कर दें और संतुलित खान-पान लें। बाहर नहीं जा सकें तो घर के अंदर ही एक्सरसाइज जरूर करें।

रखें इन बातों का ध्यान-

– कपड़ों का ध्यान रखें , अगर घर से निकलते समय ठंडक महसूस न हो तो भी अपने साथ हल्के गर्म कपड़े लेकर निकलें ताकि जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकें

– अस्थमा या एलर्जी है तो दवाएं व इनहेलर का नियमित इस्तेमाल करें , खूब पानी पिएं , क्योंकि आमतौर पर इस मौसम में लोग पानी कम पीते हैं जिससे कई तरह की दिक्कतें आती हैं

– अस्थमा के मरीज , बुजुर्ग और छोटे बच्चे धूप खिलने के बाद ही बाहर निकलें , कफ हो तो गर्म पानी से भाप लें

[adrotate banner="2"]