मोहन अग्रवाल विजय के पाले में, दयमन्ती का करेंगे प्रचार

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फर्रुखाबाद: विधानसभा चुनाव में जन क्रांति पार्टी से किस्मत आजमा चुके व्यवसायी और नेता मोहन अग्रवाल ने दयमन्ती को चुनाव लड़ाने का फैसला किया है| सोमवार की सुबह सुबह मोहन ने बताया की बीतीरात विजय सिंह और लच्छू बाबु के साथ उनकी लम्बी वार्ता उनके आवास पर हुई| विजय सिंह मोहन को अपने पाले में लाने में कामयाब हो गए| मोहन अग्रवाल ने बताया की वे अपनी पूरी टीम के साथ विजय का चुनाव प्रचार करेंगे और बीती पालिका के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार से करोडो कमा कर सामूहिक विवाह के नाम पर दान का ढोंग रचने वालो को बेनकाब करेंगे|

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कहते है कि राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता| वर्ष 2006 की बात है जब मोहन के नजदीकी सपा सरकार के मंत्री नरेश अग्रवाल ने विजय सिंह के आवास पर जाकर लंच के साथ विजय सिंह को तरजीह दी थी| इसके बाद से ही मोहन और विजय में पाला खिचा हुआ था| गत विधान सभा चुनाव में मोहन के खिलाफ प्रचार करने वाले मनोज अग्रवाल को सबक सिखाने के लिए मोहन ने नया खेल खेला है|

मनोज अग्रवाल को सत्ता में रहने का नुसान तो झेलना ही है| इसमें उनकी बिरादरी में भी पाला खिचा हुआ है| चंद बनिया वर्ग को छोड़ (जिन्हें मनोज ने परोक्ष या अपरोक्ष रूप से लाभ पहुचाया) को छोड़ उनकी बिरादरी में ही मनोज के पार्टी आक्रोश है| रही बात ब्राह्मण वोटो की, तो ये वो जात है जिसकी कोई थाह नहीं ले सकता| वैसे भी विजय सिंह द्वारा ब्रह्मदत्त की हत्या को अब आम ब्राह्मण गंभीरता से नहीं लेता| उनके पुत्र मेजर सुनील दत्त फाइव स्टार राजनीति करते है| जनता के आम समस्या के समय कभी खड़े नहीं दिखाई देते| इसलिए ब्रह्मण उनके कहने पर वोट देगा बहुत मुश्किल दिखाई पड़ता है| मनोज के साथ मेजर के सौदे की चर्चा आम जनमानस में घर कर चुकी है| ये सब फैक्टर मनोज को दुबारा अखरोट की कुर्सी पर बैठने की राह में बड़े रोड़े है|

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