मोबाइल कंपनियों को देना होगा ‘प्रति पैसा-प्रति सैकंड’ का ऑफर

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भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने शुक्रवार को सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को काल रेट प्रति पैसा-प्रति सैकंड का ऑफर देने के निर्देश दिए हैं। कंपनियों को अपने अन्य टैरिफ प्लान के साथ ही यह ऑफर अपने प्री पेड और पोस्ट पेड ग्राहकों को विकल्प के तौर पर देना होगा।

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दूरसंचार नियामक ने टीवी व दूसरी प्रतियोगिताओं में भेजे जाने वाले एसएमएस की दर पर भी लगाम लगाने का फैसला किया है। अब इनकी दर आम प्लान के तहत भेजे जाने वाले एसएमएस से चार गुना से ज्यादा महंगी नहीं होगी।

 

ट्राई ने दर संशोधन नियम जारी करते हुए कहा है कि कोई भी ऑपरेटर अधिकतम 25 टैरिफ प्लान रख सकता है। इनके लिए वह अलग प्लस प्लान भी रख सकता है। लेकिन उनको एक ऐसा प्लान जरूर रखना होगा, जिसमें प्री-पेड और पोस्ट पेड ग्राहकों के लिए कॉल दर प्रति पैसा- प्रति सैकंड हो। प्रतियोगिताओं व टीवी कार्यक्रमों में भेजे जाने वाले एसएमएस पर अब कोई भी ऑपरेटर सामान्य के मुकाबले चार गुना से अधिक राशि नहीं वसूली पाएगा। अभी कंपनियां पांच से दस रुपए तक एक एसएमएस के वसूल करती हैं।

 

ट्राई ने कहा है कि अमूमन यह अधिक दर इसलिए वसूली जाती रही है कि क्योंकि इसमें कंटेंट या विषयवस्तु के भी शामिल होने की बात की जाती रही है। ट्राई ने आईएलडी के लाइफ टाइम ग्राहकों के लिए रियायत प्लान देने की सलाह भी ऑपरेटरों को दी है।

 

ट्राई ने पिछले साल अक्टूबर में टैरिफ प्लान को लेकर सभी अंशधारकों से सलाह आमंत्रित की थी। उस समय अधिकतर ऑपरेटरों ने कॉल दर बढ़ाने पर भी जोर दिया था।

 

गुरुवार को ट्राई ने 20 रुपए और उससे अधिक के प्री पेड रीचार्ज कूपन पर लगने वाली प्रोसेसिंग फीस की दर दो रुपए से बढ़ाकर तीन रुपए कर दी थी। इससे इस राशि से अधिक का रीचार्ज कराने वाले ग्राहकों को एक रुपए का कम टॉक टाइम मिलना तय हो गया है।

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