मोदी सरकार : पहला साल – ऐसा है जनता का मूड

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Modi_Cabinet_JNI-NEWSनई दिल्ल्ली:केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार का एक साल पूरा हो गया है। ऐसे में कई सर्वे के जरिये लोगों का मूड भांपने की कोशिश हो रही है। इंडस्‍ट्री के क्षेत्र में किए गए एक सर्वे में 50 फीसद जवाब सर्वोत्‍तम और सबसे अच्‍छा का मिला। करीब 68 फीसद हाई नेट वर्थ इंडीविडुएल इन्‍वेस्‍टर्स (एचएनआई) का मानना है कि मोदी अपने वादों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

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अंग्रेजी अखबार टाइम्‍स ऑफ इंडिया-आईपीएसओएस ने देश के आठ राज्‍यों में सर्वे किया,‍ जिसमें कई रोचक जानकारियां सामने आईं। जैसे सर्वे में पूछा गया था कि मोदी सरकार से आप क्‍या चाहते? इसके जवाब में 53 फीसद लोगों ने कहा वे विकास और वृद्धि चाहते हैं। आठ फीसद लोग हिंदुत्‍व को बढ़ावा देने और 40 फीसद हिंदुत्‍व और विकास दोनों को बढ़ावा देने के पक्ष में दिखे।

मोदी सरकार के विकास के एजेंडे पर संघ परिवार प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है? इसके जवाब में 41 फीसद लोगों ने हां कहा, 37 फीसद ने न कहा और 22 फीसद ने कहा कि वे कह नहीं सकते। एनजीओ के बारे में मोदी सरकार के दृष्टिकोण पर 55 फीसद ने कहा कि वे सही कर रहे हैं, जबकि 13 फीसद ने माना कि अनावश्‍यक रूप से प्रतिरोध कर रहे हैं।

पाकिस्‍तान के प्रति नीति के बारे में पूछे जाने पर 43 फीसद ने माना कि मोदी सरकार की नीति साहसिक है, 41 फीसद ने माना कि वह वास्‍तविक रुख अपना रही है। पिछले एक साल में की गई सबसे बड़ी गलती क्‍या है। इस पर 22 फीसद ने कहा कि उन्‍होंने अपने नाम वाला सूट पहना था। 14 फीसद ने कहा कि संसद सही से नहीं चला पा रहे हैं, तो 25 फीसद भूमि अधिग्रहण बिल को, 32 फीसद बड़बोले नेताओं पर लगाम लगाने में नाकामी और सात फीसद अन्‍य गलतियों को बड़ा मान रहे हैं।

आर्थिक सुधार के बारे में 50 फीसद ने माना कि मोदी सरकार इसमें सफल रही है, जबकि 41 फीसद असफल मानते हैं। भ्रष्‍टाचार के मामले में 46 फीसद ने माना कोई सुधार नहीं हुआ है, 32 फीसद ने माना कि कम हुआ है, जबकि 13 फीसद ने माना कि भ्रष्‍टाचार में इजाफा हुआ है। समग्र विकास के मामले में 45 फीसद ने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल को कुछ हद तक अच्‍छा, 20 फीसद ने सबसे अच्‍छा, 25 फीसद ने न अच्‍छा न खराब, पांच प्रतिशत ने कुछ खराब और छह फीसद लोगों ने बहुत खराब करार दिया।

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